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                            <item>
                <title>नंगल को मिलेगा 500 सीटों वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/नंगल, 21 सितंबर:</strong><br /><br />नंगल शहर के निवासियों की पुरानी मांग को पूरा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज डॉ. भीम राव अंबेडकर स्कूल ऑफ एमिनेंस, नंगल में 11 करोड़ रुपये की लागत से 500 सीटों वाले अत्याधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण 'भूमि पूजन' कराकर शुरू करवाया।<br /><br />इसके साथ ही, स. बैंस ने इस स्कूल में 8 करोड़ रुपये की लागत से एक नए अकादमिक ब्लॉक के निर्माण की शुरुआत भी की। इस ब्लॉक में सात अत्याधुनिक लैब और सात नए कमरे बनाए जाएंगे।<br /><br />इस अवसर पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि नंगल में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/nangal-to-get-a-state-of-the-art-a/article-7263"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/whatsapp-image-2026-09-21-at-5.14.07-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/नंगल, 21 सितंबर:</strong><br /><br />नंगल शहर के निवासियों की पुरानी मांग को पूरा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज डॉ. भीम राव अंबेडकर स्कूल ऑफ एमिनेंस, नंगल में 11 करोड़ रुपये की लागत से 500 सीटों वाले अत्याधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण 'भूमि पूजन' कराकर शुरू करवाया।<br /><br />इसके साथ ही, स. बैंस ने इस स्कूल में 8 करोड़ रुपये की लागत से एक नए अकादमिक ब्लॉक के निर्माण की शुरुआत भी की। इस ब्लॉक में सात अत्याधुनिक लैब और सात नए कमरे बनाए जाएंगे।<br /><br />इस अवसर पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि नंगल में अब तक किसी ऐसे आधुनिक ऑडिटोरियम की कमी थी जहां स्थानीय लोग, शैक्षणिक संस्थान और अन्य संस्थाएं अपने समारोह या अन्य कार्यक्रम कर सकें। उन्होंने कहा कि डॉ. भीम राव अंबेडकर के नाम पर बनने वाला यह अत्याधुनिक ऑडिटोरियम न केवल स्कूल के लिए एक बड़ा उपहार होगा, बल्कि नंगल के निवासियों की पुरानी मांग को भी पूरा करेगा।<br /><br />स. बैंस ने कहा, "500 सीटों वाला यह ऑडिटोरियम, जहां कई तरह के सांस्कृतिक समारोह, सेमिनार और अन्य कार्यक्रम करवाए जा सकेंगे। इसके अलावा ऑडिटोरियम विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बहुत बड़ा मंच प्रदान करेगा।"<br /><br />शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह नया ब्लॉक आधुनिक शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सात अत्याधुनिक लैब और सात नए कमरों से स्कूल के बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलेगी और विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक शिक्षा (प्रैक्टिकल लर्निंग) के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जाएगा।<br /><br />स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए लगातार प्रयत्नशील है। 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' इसी सोच का हिस्सा हैं, जहां विद्यार्थियों को मानक शिक्षा के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, लैब और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।<br /><br />उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही के दौरान नंगल के विकास के लिए कई बड़ी परियोजनाएं शुरू की गई हैं और आने वाले दिनों में शहर की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए विकास कार्यों की रफ्तार और तेज की जाएगी। स. बैंस ने कहा, "नंगल को आधुनिक सुविधाओं वाला बेहतरीन और  अधिक सुंदर शहर बनाना मेरी मुख्य प्राथमिकता है।" </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 18:57:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने एम.जी.एन. कॉलेज का किया दौरा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">जालंधर, 28 अगस्त</div>
<div style="text-align:justify;">पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने आज स्थानीय एम.जी.एन. कॉलेज, जालंधर का दौरा किया गया, जहां से उन्होंने साल 1989-1990 में बी.एड. की थी। इस अवसर पर कॉलेज प्रिंसिपल डा. नीलू झांगी और समस्त स्टाफ द्वारा कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर एम.जी.एन. के स्टाफ से रू-ब-रू होते हुए उन्होंने बताया कि आज कॉलेज आकर उन्हें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज के पुरस्कार विजेता सूची में अपना नाम देखकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने कॉलेज स्टाफ से बातचीत करते</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/cabinet-minister-harbhajan/article-7019"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-08/img-20260828-wa0035.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">जालंधर, 28 अगस्त</div>
<div style="text-align:justify;">पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने आज स्थानीय एम.जी.एन. कॉलेज, जालंधर का दौरा किया गया, जहां से उन्होंने साल 1989-1990 में बी.एड. की थी। इस अवसर पर कॉलेज प्रिंसिपल डा. नीलू झांगी और समस्त स्टाफ द्वारा कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मौके पर एम.जी.एन. के स्टाफ से रू-ब-रू होते हुए उन्होंने बताया कि आज कॉलेज आकर उन्हें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज के पुरस्कार विजेता सूची में अपना नाम देखकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने कॉलेज स्टाफ से बातचीत करते हुए बताया कि एम.जी.एन. कॉलेज को प्रदेश में विद्या के मंदिर के रूप में देखा जाता है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि पूरी लगन और मेहनत से छात्रों को पढ़ाया जाए ताकि वह खुशहाल और विकसित प्रदेश के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने बताया कि मुख्यमंत्री पंजाब सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के अथक प्रयासों के फलस्वरूप आज प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़कर देश का अग्रणी राज्य बन गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा प्रदेश में पंजाब स्कूल शिक्षा क्रांति अभियान चलाकर सरकारी स्कूलों का स्वरूप ही बदल दिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 118 स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस में बदला जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के योग्य बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा सरकारी स्कूलों में बस सेवा शुरू की गई है, जिसका छात्रों द्वारा लाभ उठाया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैबिनेट मंत्री ने आगे बताया कि इसके अलावा पंजाब सरकार द्वारा प्रदेशवासियों को बेहतर सड़क संपर्क मुहैया कराने के लिए भी कई पहल शुरू की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की लिंक सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ नई सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जो प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर एम.जी.एन. कॉलेज की प्रिंसिपल डा. नीलू झांगी द्वारा कॉलेज द्वारा करवाई जा रही विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से अवगत करवाया गया।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/cabinet-minister-harbhajan/article-7019</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 20:25:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवंत मान सरकार की ओर से बिजली के अधिक आए बिलों से प्रभावित उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">चंडीगढ़, 25 अगस्त 2026:<br /><br />बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने विशेष राहत का ऐलान किया है, ताकि कोई भी पात्र उपभोक्ता अस्थायी, गलत या अधिक आए बिलों के कारण 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लाभ से वंचित न रहे। इस संबंध में ऐलान करते हुए पंजाब के बिजली मंत्री स. तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि मीटर रीडरों की हड़ताल के दौरान अस्थायी बिलिंग से प्रभावित 63,702 उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त बिजली का लाभ जारी रहेगा, जबकि अधिक आए बिलों से संबंधित हर जायज मामले का दो सप्ताह के भीतर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/bhagwant-mann-governmen/article-6988"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-08/pic-(2)-(45).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चंडीगढ़, 25 अगस्त 2026:<br /><br />बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने विशेष राहत का ऐलान किया है, ताकि कोई भी पात्र उपभोक्ता अस्थायी, गलत या अधिक आए बिलों के कारण 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लाभ से वंचित न रहे। इस संबंध में ऐलान करते हुए पंजाब के बिजली मंत्री स. तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि मीटर रीडरों की हड़ताल के दौरान अस्थायी बिलिंग से प्रभावित 63,702 उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त बिजली का लाभ जारी रहेगा, जबकि अधिक आए बिलों से संबंधित हर जायज मामले का दो सप्ताह के भीतर समाधान कर दिया जाएगा। इस संबंध में एक समर्पित हेल्पलाइन भी जल्द जारी की जाएगी। बिलिंग से संबंधित शिकायतों के निपटारे के लिए पीएसपीसीएल के 20 कर्मचारियों की एक विशेष टीम पहले ही मुख्यालय में तैनात की जा चुकी है।<br /><br />प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बिजली मंत्री स. सौंद ने कहा, "पंजाब सरकार प्रत्येक बिजली उपभोक्ता के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी पात्र परिवार को तकनीकी, अस्थायी या बिलिंग से संबंधित गलती के कारण अपने 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक जायज मामले का तत्काल, पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से निपटारा किया जाए।"<br /><br />बिजली मंत्री ने कहा कि अप्रैल और जुलाई 2026 के बीच कुछ मामलों में अस्थायी बिलिंग की स्थिति पैदा हो गई थी, क्योंकि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मीटर की नियमित रीडिंग समय पर नहीं की जा सकी। उन्होंने आगे कहा, "ऐसे मामलों में बिल पिछली औसत खपत के आधार पर तैयार किए गए थे और वास्तविक मीटर रीडिंग उपलब्ध होने के बाद इनका मिलान किया जाना था।"<br /><br />उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी अस्थायी बिलिंग से प्रभावित पात्र घरेलू उपभोक्ताओं के लिए लागू पात्रता शर्तों के तहत प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ जारी रहेगा।<br /><br />बिजली मंत्री ने कहा कि अस्थायी बिलिंग से प्रभावित पात्र उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए विशेष कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा, "कुल 78 लाख उपभोक्ताओं में से केवल 63,702 को ही तीन महीनों के प्रोविजनल बिल दिए गए थे।"<br /><br />मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, "सामान्य बिलिंग प्रक्रिया के तहत प्रोविजनल बिल की गणना उपभोक्ता की पिछली औसत खपत के आधार पर की जाती है। जब बाद में मीटर की रीडिंग ली जाती है तो बीच की अवधि के लिए वास्तविक खपत का बिलिंग प्रणाली के माध्यम से मिलान किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि तीन बिलिंग चक्रों में किसी उपभोक्ता की वास्तविक खपत 250 यूनिट, 250 यूनिट और 410 यूनिट थी, लेकिन पहले दो बिल 250-250 यूनिट के आधार पर प्रोविजनल रूप से जारी किए गए थे, तो बाद में मीटर रीडिंग में 910 यूनिट की कुल वास्तविक खपत दिखाई देगी। इसके बाद बिलिंग प्रणाली इस खपत को तीन बिलिंग अवधियों में बांट देगी, जिसके परिणामस्वरूप प्रत्येक बिलिंग अवधि में लगभग 303 यूनिट खपत दिखाई देगी।"<br /><br />बिजली मंत्री ने कहा, "ऐसा मिलान अपने आप में बिलिंग संबंधी गलती नहीं है। वास्तविक खपत 910 यूनिट ही रहती है, प्रणाली केवल उस खपत को संबंधित बिलिंग अवधि में विभाजित करती है। हालांकि, क्योंकि मुफ्त बिजली का लाभ 300 यूनिट तक उपलब्ध है, इस तरह के मिलान के परिणामस्वरूप उपभोक्ता को अपेक्षा से काफी अधिक बिल आ सकता है।"<br /><br />उन्होंने बताया, "इस प्रक्रिया के दौरान कुछ डेटा-माइग्रेशन और सॉफ्टवेयर से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ा और कुछ मामलों में पिछले मीटर-रीडिंग का डेटा नए सिस्टम में सही ढंग से उपलब्ध नहीं था, जिसके परिणामस्वरूप खपत की गई यूनिटों की गणना में कुछ गलतियां हुईं।"<br /><br />उन्होंने कहा, "दूसरा मुद्दा अप्रैल-जुलाई 2026 के मीटर रीडरों की हड़ताल से संबंधित था, जिसके दौरान बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को उनकी पिछली औसत खपत के आधार पर अस्थायी बिल प्राप्त हुए। एक बार वास्तविक मीटर रीडिंग उपलब्ध होने के बाद इन बिलों का बिलिंग प्रणाली के माध्यम से मिलान किया जाना था।"<br /><br />मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, "नए बिलिंग सिस्टम में बदलाव और उसके बाद अस्थायी बिलों के मिलान के परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आईं। इनमें ऐसे मामले भी शामिल हैं, जहां बिल उपभोक्ता के सामान्य मासिक बिल की तुलना में काफी अधिक आए।"<br /><br />बिजली मंत्री ने बताया कि पीएसपीसीएल ने बिलिंग प्रणाली को मजबूत करने और ऐसी समस्याओं को दोबारा होने से रोकने के लिए कई सुधारात्मक और रोकथाम संबंधी कदम उठाए हैं। पीएसपीसीएल की तकनीकी टीम ने सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं की जांच की है और सही बिल भेजना सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही इस अंतर का पता लगाने और गलत बिलों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय भी अपनाए जा रहे हैं।<br /><br />बिजली मंत्री ने कहा कि बिजली बिलों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जल्द ही जारी किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी शिकायतों के समाधान के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस उद्देश्य के लिए 20 पीएसपीसीएल कर्मचारियों वाली एक विशेष टीम पहले ही मुख्यालय में तैनात की जा चुकी है। पीएसपीसीएल ने बिलिंग संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे उपभोक्ताओं के लिए अपनी शिकायत निवारण व्यवस्था को भी मजबूत किया है। शिकायतों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाती है और जहां भी कोई गलती पाई जाती है, वहां मिलान करके निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जाता है। जहां किसी गलती के कारण बिल अधिक पाया जाता है, वहां उपभोक्ता के बाद के बिल में इसे ठीक किया जाएगा।<br /><br />मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील की कि जिन लोगों को अधिक या अस्थायी बिजली बिल प्राप्त हुए हैं, वे घबराएं नहीं और हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से पीएसपीसीएल से संपर्क करें। उन्होंने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया कि जायज शिकायतों को स्वतः ठीक किया जाएगा और तकनीकी या सिस्टम संबंधी गलतियों के कारण उन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े, यह सुनिश्चित किया जाएगा।<br /><br />मंत्री ने कहा कि संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है और नियमों एवं कानूनों के अनुसार उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। पीएसपीसीएल ने मीटर रीडिंग और बिलिंग से संबंधित मुद्दों की सटीक निगरानी के लिए भी कदम उठाए हैं। ऐसे मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां वास्तविक खपत और बिल में दर्ज खपत के बीच अंतर के कारण बिल अधिक आए हैं। इन मामलों की तत्काल जांच और निपटारे के लिए ऑनलाइन सिस्टम में भी बदलाव किया जा रहा है।<br /><br />उपभोक्ताओं को केवल वास्तविक खपत के लिए भुगतान करना होगा: सीएमडी<br /><br />इस दौरान पीएसपीसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि पीएसपीसीएल पहले ही प्रभावित मामलों की पहचान कर चुका है और वास्तविक खपत के साथ अस्थायी बिलों का आवश्यक मिलान कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा वास्तव में खपत की गई बिजली का ही बिल वसूला जाएगा और पहले किए गए भुगतान उपभोक्ताओं के खातों में जमा कर दिए जाएंगे।<br /><br />मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने दोहराया कि पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल सही, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बिजली बिलिंग सेवाएं उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी को राज्य सरकार की 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का पूरा लाभ मिलना सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आगे कहा, "सरकार का हस्तक्षेप यह सुनिश्चित करेगा कि वास्तविक उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल निपटारा किया जाए, गलत बिलों को सही सत्यापन के माध्यम से ठीक किया जाए और प्रणालीगत सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को भविष्य के बिलिंग चक्रों में ऐसी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।" </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/bhagwant-mann-governmen/article-6988</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 20:13:29 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पैसा सही हाथों तक पहुँचा’: पंजाब की महिलाओं ने ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत डीबीटी की सराहना की</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 28 जुलाई 2026:<br /></strong><br />भगवंत मान सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं के बैंक ख़ातों में वित्तीय सहायता सीधे भेजने के निर्णय को राज्यभर की लाभार्थियों से भरपूर सराहना मिली है। महिलाओं का कहना है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली ने पारदर्शिता, सुविधा और आर्थिक सशक्तीकरण को सुनिश्चित किया है, क्योंकि सहायता राशि सीधे उनके ख़ातों में पहुँच रही है।<br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार अब तक इस योजना के तहत डीबीटी प्रणाली के माध्यम से लगभग 33 लाख महिलाओं के बैंक ख़ातों में ₹1,149 करोड़ सीधे भेज चुकी है। अनुसूचित जाति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/-money-reached-the-right-hands---wome/article-6706"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-07/pic-(52).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 28 जुलाई 2026:<br /></strong><br />भगवंत मान सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं के बैंक ख़ातों में वित्तीय सहायता सीधे भेजने के निर्णय को राज्यभर की लाभार्थियों से भरपूर सराहना मिली है। महिलाओं का कहना है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली ने पारदर्शिता, सुविधा और आर्थिक सशक्तीकरण को सुनिश्चित किया है, क्योंकि सहायता राशि सीधे उनके ख़ातों में पहुँच रही है।<br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार अब तक इस योजना के तहत डीबीटी प्रणाली के माध्यम से लगभग 33 लाख महिलाओं के बैंक ख़ातों में ₹1,149 करोड़ सीधे भेज चुकी है। अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की पात्र लाभार्थियों को ₹1,500 की तीन मासिक किस्तों के रूप में कुल ₹4,500 दिए गए हैं, जबकि अन्य वर्गों की लाभार्थियों को ₹1,000 की तीन मासिक किस्तों के रूप में कुल ₹3,000 प्रदान किए गए हैं। ‘मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना’ के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं की रजिस्ट्रेशन के साथ यह योजना पंजाब की सबसे बड़ी महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बन गई है।<br /><br />राज्यभर की महिलाओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह राशि बिना किसी बिचौलिये और बिना किसी देरी के सीधे वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँची है तथा वे आवश्यकता पड़ने पर यह राशि कभी भी निकाल सकती हैं।<br /><br />गुरदासपुर की 32 वर्षीय सरबजीत कौर ने कहा कि डीबीटी प्रणाली ने यह सुनिश्चित किया है कि वित्तीय सहायता अपने वास्तविक उद्देश्य के लिए ही उपयोग हो। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने पैसा सीधे हमारे बैंक ख़ातों में भेजा है, जिससे मैं बहुत ख़ुश हूँ। अगर यह राशि नकद दी जाती तो शायद इसका सही उपयोग नहीं होता। कैश देंदे ता आदमी लोग पेग-शेग ते ख़र्च कर देंदे हैं, पर ख़ाते विच ता साडा पैसा सेफ़ है (अगर नकद देते तो आदमी लोग इसे दारू-वगैरह पर ख़र्च कर देते, लेकिन ख़ाते में हमारा पैसा सुरक्षित है।) अब पैसा हमारे अपने ख़ाते में है और जब भी ज़रूरत होगी, हम उसे निकाल सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि यह राशि केवल घर की ज़रूरतों और अन्य आवश्यक ख़र्चों पर ही ख़र्च हो।”<br /><br />हरचोवाल गाँव की 35 वर्षीय गगनदीप कौर ने इस योजना को अपने अनुभव की सबसे पारदर्शी जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा, “मैंने अभी तक यह राशि नहीं निकाली है क्योंकि जब ज़रूरत होगी तभी इसका उपयोग करूँगी। आर्थिक सहायता देने का यह सबसे अच्छा तरीका है। अगर सरकार नकद राशि बाँटती तो लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता। आवेदन करने के पाँच से छह दिनों के भीतर ही पैसा मेरे ख़ाते में आ गया। पूरी प्रक्रिया तेज़, पारदर्शी और बिना किसी परेशानी के है।”<br /><br />श्री हरगोबिंदपुर की 49 वर्षीय सुमन कुमारी ने कहा कि इस आर्थिक सहायता से उनके परिवार को घरेलू तथा शिक्षा संबंधी महत्त्वपूर्ण ख़र्च पूरे करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, “इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि पैसा सीधे महिलाओं के ख़ातों में आता है। मैंने इस राशि का उपयोग सार्थक कार्यों में किया है। मेरी दोनों बेटियाँ, जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिला है। इसके साथ-साथ हमारे परिवार को मुफ़्त राशन, मुफ़्त बिजली और मुफ़्त बस यात्रा की सुविधा भी मिल रही है, जिससे काफ़ी राहत मिली है।”<br /><br />मंडी अहमदगढ़ की हरपाल कौर ने कहा कि इस आर्थिक सहायता ने महिलाओं को अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार ख़र्च करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा, “मैंने यह राशि घर की ज़रूरतों पर ख़र्च की है। मेरी दोनों बेटियों को भी यह राशि मिली है और वे इसका उपयोग अपनी ज़रूरतों के अनुसार कर रही हैं। बेटियों की अपनी आवश्यकताएँ होती हैं और यह अच्छी बात है कि सरकार इस समय उनका सहयोग कर रही है। सबसे अच्छी बात यह है कि डीबीटी के माध्यम से पैसा सीधे हमारे बैंक ख़ातों में आया है, जिसे हम ज़रूरत पड़ने पर कभी भी निकाल सकते हैं। सरकार ने एह पैसा चंगी नीयत नाल दित्ता है, एह चंगी जगह ही ख़र्च करना चाहीदा है (सरकार ने यह पैसा अच्छे इरादे से दिया है, इसलिए इसे अच्छे कामों पर ही ख़र्च  करना चाहिए।)”<br /><br />लाभार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि डीबीटी मॉडल ने न केवल कल्याणकारी योजनाओं के लाभों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से पहुँचाना सुनिश्चित किया है, बल्कि महिलाओं को सरकारी वित्तीय सहायता पर सीधा अधिकार देकर उनकी आर्थिक स्वतंत्रता भी मज़बूत की है।<br /><br />इस बीच, पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सहायता मिले। कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगी।”<br /><br />डीबीटी प्रणाली का सफल क्रियान्वयन योजना के नोडल बैंकिंग साझेदार एक्सिस बैंक के सहयोग से भी संभव हुआ है, जिसने पूरे पंजाब में बड़े स्तर पर लाभ राशि के हस्तांतरण को सुगम बनाया है।<br /><br />एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड (ब्रांच बैंकिंग, नॉर्थ एवं टैस्क बिज़नेस) रेनॉल्ड डी’सूज़ा ने कहा, “पंजाब सरकार के साथ मिलकर मुख्यमंत्री माँवां धीयां सत्कार योजना के क्रियान्वयन में भागीदार बनना एक्सिस बैंक के लिए गर्व की बात है। यह पहल राज्य की लाखों महिलाओं के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। हम लाभार्थियों तक सहायता राशि का समय पर, पारदर्शी और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम जब प्रभावी ढंग से और बड़े स्तर पर लागू किए जाते हैं, तो वे आर्थिक सुरक्षा को मज़बूत करने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं।”<br /><br />लाभार्थियों के बैंक ख़ातों में सीधे राशि भेज कर डीबीटी प्रणाली न केवल समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित कर रही है, बल्कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता तथा परिवार में निर्णय लेने की उनकी क्षमता को भी सशक्त बना रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 19:03:30 +0530</pubDate>
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