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                <title>Barinder Kumar Goyal - Nirpakh Post</title>
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                <description>Barinder Kumar Goyal RSS Feed</description>
                
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                <title>कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान दिसंबर, 2021 को केंद्र को सी.आई.एस.एफ. लगाने की सहमति दी गई: बरिन्दर कुमार गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 11 जुलाईः</strong><br /><br />पंजाब के जल स्रोत मंत्री श्री बरिन्दर कुमार गोयल द्वारा आज पंजाब विधान सभा की कार्यवाही के दौरान राज्य में केंद्र द्वारा बी.बी.एम.बी. को सी.आई.एस.एफ. सुरक्षा मुहैया करवाने के विरोध में सरकारी प्रस्ताव पेश किया गया।<br /><br />प्रस्ताव पेश करते हुये श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने कहा कि पिछले सालों के दौरान भारत सरकार के बिजली मंत्रालय ने बी.बी.एम.बी. के अहम संस्थानों की एक सूची भेजी थी, जो अभी तक सी.आई.एस.एफ. की सुरक्षा अधीन नहीं थे और बी.बी.एम.बी को समूह सी.आई.एस.एफ. सुरक्षा कवर की ज़रूरत संबंधी ज़ोर देकर कहा था कि सभी अहम बी.बी.एम.बी. संस्थानों की पूरी सुरक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/during-the-congress-tenure--the-centre/article-2553"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/pic-(2)2.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 11 जुलाईः</strong><br /><br />पंजाब के जल स्रोत मंत्री श्री बरिन्दर कुमार गोयल द्वारा आज पंजाब विधान सभा की कार्यवाही के दौरान राज्य में केंद्र द्वारा बी.बी.एम.बी. को सी.आई.एस.एफ. सुरक्षा मुहैया करवाने के विरोध में सरकारी प्रस्ताव पेश किया गया।<br /><br />प्रस्ताव पेश करते हुये श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने कहा कि पिछले सालों के दौरान भारत सरकार के बिजली मंत्रालय ने बी.बी.एम.बी. के अहम संस्थानों की एक सूची भेजी थी, जो अभी तक सी.आई.एस.एफ. की सुरक्षा अधीन नहीं थे और बी.बी.एम.बी को समूह सी.आई.एस.एफ. सुरक्षा कवर की ज़रूरत संबंधी ज़ोर देकर कहा था कि सभी अहम बी.बी.एम.बी. संस्थानों की पूरी सुरक्षा की जाये।<br /><br />उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य ने सी.आई.एस.एफ. की तैनाती के मसले पर फिर से विचार किया है और 27 मई, 2025 और 4 जुलाई, 2025 को बी.बी.एम.बी. को भेजे पत्रों के द्वारा सी.आई.एस.एफ की तैनाती के खि़लाफ़ अपनी सख़्त आपत्तियां दर्ज करवाई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य के सख़्त ऐतराज़ों के बावजूद केंद्र सरकार सी.आई.एस.एफ. की तैनाती आगे बढ़ाने की सोच रही है। बी.बी.एम.बी की 4 जुलाई, 2025 को हुई मीटिंग में भी पंजाब द्वारा बहुत ज़ोरदार ढंग से विरोध किया गया।<br /><br />उन्होंने कहा कि बी.बी.एम.बी के संस्थानों को पिछले लगभग 70 सालों से पंजाब पुलिस द्वारा पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। बहुत ही नाजुक समय के दौरान भी ऐसी कोई असुखद घटना कभी सामने नहीं आई।<br /><br />जल स्रोत मंत्री ने कहा कि बी.बी.एम.बी. पर तैनात राज्य की पुलिस स्थानीय स्थितियों से अच्छी तरह अवगत है और पिछले कई सालों से प्रोजेक्टों की सेवा कर रही है। जहाँ तक तकनीक का सवाल है, पंजाब पुलिस नयी से नयी तकनीक का प्रयोग करने में निपुण है। इसके इलावा पंजाब पुलिस को सरहदी इलाकों में ऐसी स्थितियों का सामना करने का लम्बा अनुभव भी है। यह फोर्स देश की किसी भी अन्य फोर्स की तरह पेशेवर है।<br /><br />श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने कहा कि सी.आई.एस.एफ. की तैनाती पंजाब राज्य और अन्य हिस्सेदार राज्यों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ को बढ़ाएगी। पंजाब राज्य बी.बी.एम.बी के खर्चे में मुख्य योगदान डालने वाला राज्य है और इसलिए पंजाब राज्य को यह अतिरिक्त ख़र्च भी सहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संस्थान पंजाब व हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय अधिकार के अंदर हैं। कानून अनुसार अपनी-अपनी हदबंदी में कानून-व्यवस्था बनाई रखने और इन संस्थानों की सुरक्षा यकीनी बनाने की ज़िम्मेदारी सम्बन्धित राज्य सरकारों की होती है।<br /><br />उन्होंने कहा कि हालिया प्रस्तावों के अनुसार सी.आई.एस.एफ. की तैनाती के कारण अतिरिक्त वित्तीय प्रभाव 49.32 करोड़ रुपए प्रति साल हो जायेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य के अन्य डैमों की भी देखभाल कर रहा है, जिनमें रणजीत सागर डैम और शाहपुरकंडी डैम शामिल हैं। इन डैमों की सुरक्षा बी.बी.एम.बी. संस्थानों की अपेक्षा और ज्यादा गंभीर है क्योंकि यह डैम अंतरराष्ट्रीय सीमा के बहुत नज़दीक हैं। इन डैमों की सुरक्षा पंजाब पुलिस और राज्य सरकार के द्वारा की जा रही है।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सी.आई.एस.एफ. की हाइब्रिड माडल तैनाती में लगने वाली लागत मौजूदा राज्य पुलिस की तैनाती की अपेक्षा 49.32 करोड़ रुपए अधिक है, जो पंजाब राज्य के लिए स्वीकार्य नहीं है। पंजाब, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड ( बी.बी.एम.बी.) में एक बड़ा हिस्सेदार है और इसकी फंडिंग में महत्वपूर्ण योगदान डालता है। इसलिए भाखड़ा नंगल और अन्य हाईड्रो प्रोजेक्टों पर सी.आई.एस.एफ कर्मचारियों की तैनाती पंजाब सरकार पर एक अनावश्यक और टालने योग्य वित्तीय बोझ डालेगी।<br /><br />उन्होंने कहा कि यदि बी.बी.एम.बी. अभी भी सी.आई.एस.एफ कर्मचारियों की तैनाती करने का इरादा रखता है तो पंजाब ऐसी तैनाती और इससे पैदा होने वाला कोई वित्तीय बोझ नहीं बर्दाश्त करेगा।<br /><br />प्रस्ताव पर करवाई गई बहस में बोलते हुये श्री गोयल ने बताया कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान 6 दिसंबर, 2021 को केंद्र को चिट्ठी लिख कर सी.आई.एस.एफ. की तैनाती सम्बन्धी सहमति दी गई थी।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब पंजाब पुलिस डैमों की सुरक्षा करने के समर्थ है तो फिर केंद्र सरकार द्वारा सी.आई.एस.एफ. की ज़रूरत क्यों दर्शायी जा रही है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह कहानी केंद्र सरकार द्वारा सी.आई.एस.एफ. तैनात करने की आड़ में डैमों पर कब्ज़ा करने की है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार की मिलीभुगत से पंजाब के पानी लूटने की कोशिश की जिसका मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की सरकार ने डटकर विरोध किया। जब राज्य के साथ धक्का करने की कोशिश की गई तो हम वहाँ जाकर बैठे, वहाँ धरने लगाऐ और अपने पानियों की रक्षा की।<br /><br />उन्होंने कहा कि इसके चलते आज केंद्र सरकार अप्रत्यक्ष तौर पर सी.आई.एस.एफ. की तैनाती करके हमारे डैमों पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने अपना सब कुछ देश के लिए कुर्बान किया परन्तु राज्य के साथ हमेशा धोखा किया जाता रहा। 1981 में रावी-ब्यास पानी की विभाजन के समय भी 17 एम.ए.एफ पानी में से पंजाब को सिर्फ़ 4 एम.ए.एफ पानी दिया गया। उसके बाद 24 जुलाई, 1985 को राजीव-लौंगवाल समझौते के 13 पैराग्राफों, जिनमें एक पैराग्राफ में कहा गया था कि 26 जनवरी, 1986 को चंडीगढ़ को पंजाब को दे दिया जायेगा, लागू नहीं किया गया और अन्य किसी नुक्ते पर अमल नहीं किया गया परन्तु राज्य का पानी छीनने वाली एकमात्र बात पर अमल कर लिया गया।<br /><br />उन्होंने कहा कि पंजाब में हमें 30 एमएएफ पानी की ज़रूरत है परन्तु हमारे लिए पानी है ही नहीं। उन्होंने कहा कि बी.बी.एम.बी के चेयरमैन केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार के मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री के इशारों पर सारा काम हो रहा है जबकि उनके लिए पूरा देश एक होना चाहिए।<br /><br />इन पक्षों को ध्यान में रखते हुये सदन ने बी.बी.एम.बी. द्वारा अपने सभी संस्थानों पर सी.आई.एस.एफ. कर्मचारियों की तैनाती करने का प्रस्ताव ख़ारिज कर दिया। सदन ने ज़ोरदार ढंग से कहा कि मौजूदा समय में तैनात राज्य पुलिस इन प्रोजेक्टों की स्थिति/क्षेत्र और सुरक्षा से अच्छी तरह अवगत है, जो कई सालों से इन क्षेत्रों में सेवा निभा रहे हैं। मौजूदा प्रबंध कुशल और लागत-प्रभावशाली साबित हुआ है, सुरक्षा में कोई महत्वपूर्ण कमियों की रिपोर्ट नहीं की गई। इसलिए पंजाब राज्य भाखड़ा नंगल प्रोजैक्ट पर सी.आई.एस.एफ. की तैनाती से सहमत नहीं है।<br /><br />सदन ने सर्वसम्मति से पंजाब सरकार को सिफारिश की कि यह मामला भारत सरकार के सम्बन्धित मंत्रालयों के समक्ष उठाया जाये और भारत सरकार और बी.बी.एम.बी. को कहा जाये कि भाखड़ा डैम प्रोजेक्टों और बी.बी.एम.बी. के अन्य हाईड्रो प्रोजेक्टों पर सी.आई.एस.एफ. कर्मचारी तैनात न किये जाएँ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Jul 2025 20:10:40 +0530</pubDate>
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                <title>पंजाब सरकार द्वारा बाढ़ जैसी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पुख़ता प्रबंध: बरिन्दर कुमार गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 7 जुलाईः</strong><br />पंजाब के जल संसाधन मंत्री श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने आज यहाँ कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पंजाब भर में बाढ़ जैसी किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पुख़ता प्रबंध किये हुए हैं।<br /><br />यहाँ उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये कैबिनेट मंत्री ने बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए राज्य भर में चल रहे यत्नों की समीक्षा करने के साथ-साथ मौजूदा बाढ़ नियंत्रण उपायों की स्थिति और संभावित आपात हालातों से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग की तैयारियों का जायज़ा लिया।<br /><br />कैबिनेट मंत्री को बाढ़</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/proper-management-by-punjab-government/article-2494"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/pic-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 7 जुलाईः</strong><br />पंजाब के जल संसाधन मंत्री श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने आज यहाँ कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पंजाब भर में बाढ़ जैसी किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पुख़ता प्रबंध किये हुए हैं।<br /><br />यहाँ उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये कैबिनेट मंत्री ने बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए राज्य भर में चल रहे यत्नों की समीक्षा करने के साथ-साथ मौजूदा बाढ़ नियंत्रण उपायों की स्थिति और संभावित आपात हालातों से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग की तैयारियों का जायज़ा लिया।<br /><br />कैबिनेट मंत्री को बाढ़ सुरक्षा उपायों और संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विस्तृत तैयारी योजनाओं के बारे जानकारी दी गई। उनको अवगत करवाया गया कि सरकार ने अलग- अलग बाढ़ प्रबंधन पहलों के लिए लगभग 230 करोड़ रुपए ख़र्च किये हैं। यह भी बताया गया कि ऐसडीऐमऐफ, मनरेगा और विभागीय अमले के द्वारा कुल 599 प्रोजैक्ट मुकम्मल किये गए हैं। इनमें विभागीय मशीनरी और ठेकेदारों के द्वारा 4766 किलोमीटर लम्बी ड्रेनों, नदियों और चोओं की सफ़ाई के साथ-साथ नदियों के बाँधों को मज़बूत करने जैसी गतिविधियां शामिल हैं।<br /><br />अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि इसके इलावा कुल 1044 चैक डैम और 3957 सोक पिट भी बनाऐ जा रहे हैं। इसके साथ ही 53,400 बाँस के पौधे लगाने के साथ-साथ 294 किलोमीटर हिस्से पर वैटीवर घास भी लगाया गया है।<br /><br />कैबिनेट मंत्री को बताया गया कि विभाग ने 7.79 लाख सैंड बैग ख़रीदे हैं, जिनमें से लगभग 4 लाख बोरियाँ पहले ही भरी जा चुकी हैं, जो बाढ़ जैसे आपात और संभावित हालातों के साथ तत्काल निपटने के लिए रणनीतिक तौर पर सभी जिलों में रखी गई हैं। इसके इलावा विभाग ने पहली बार जम्बो बैग भी ख़रीदे हैं जो टीमों को बाँध लगाने या बाढ़ जैसे हालातों से निपटने के दौरान किसी भी संभावित दरार को जल्द भरने में मदद करेंगे।<br /><br />फील्ड अधिकारियों और इंजीनियरों के साथ बातचीत के दौरान कैबिनेट मंत्री ने बड़ी नदियों, ड्रेनों और चोओं में पानी के मौजूदा स्तर की समीक्षा की जानकारी हासिल करने के साथ-साथ ड्रेनों में गाद निकालने और इसकी सफ़ाई, बाँधों को मज़बूत करने और विभागीय अमले के कामों समेत बाढ़ सुरक्षा उपायों की प्रगति का जायज़ा भी लिया।<br /><br />उन्होंने किसी भी संभावित स्थिति के साथ समय पर निपटने के लिए ख़ास कर निचले और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सख़्त चौकसी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। इसके साथ ही श्री गोयल द्वारा कंट्रोल रूमों को पूरी तरह कार्यशील रखने और अति- संवेदनशील क्षेत्रों में अपेक्षित मशीनरी और सामग्री के साथ एमरजैंसी टीमों को तैनात करने के निर्देश भी जारी किये गए।<br /><br />बड़े दरियाओं और ड्रेनों में पानी के स्तर का जायज़ा लेते हुये कैबिनेट मंत्री ने भरोसा दिया कि मान सरकार स्थिति पर पैनी नज़र रख रही है और मॉनसून सीजन के दौरान किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि 2023 के नाजुक हालातों से लिए गए तजुर्बे को मौजूदा योजनाबंदी में शामिल किया गया है।<br /><br />प्रमुख सचिव श्री कृष्ण कुमार ने बताया कि मुकम्मल हुए और चल रहे कामों की प्रगति की निगरानी के लिए ज़िला और सर्किल अधिकारियों के साथ नियमित तौर पर साप्ताहिक मीटिंगें की जा रही हैं।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे स्टाफ के समर्पण की भी सराहना की और उनको मॉनसून सीजन के दौरान अपनी सेवा लगन के साथ जारी रखने की अपील की।<br /><br />मीटिंग में अन्यों के इलावा चीफ़ इंजीनियर (ड्रेनेज- कम- माइनिंग) श्री हरदीप सिंह महिन्दीरत्ता और जल संसाधन विभाग के सीनियर अधिकारी शामिल हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 21:29:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बरिन्दर कुमार गोयल द्वारा अधिकारियों को जन शिकायतों के तुरंत निपटारे और ग़ैर-कानूनी माइनिंग रोकने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 7 जुलाई:</strong><br /><br />पंजाब के खनन और भू-विज्ञान मंत्री श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने आज राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन अथॉरिटी (एस.ई.आई.ए.ए) के अधिकारियों को कहा कि वह राज्य सरकार की नयी माइनिंग नीति के अंतर्गत माइनिंग क्षेत्र के लिए सुगम की गई प्रक्रिया के मुताबिक पर्यावरण मंजूरी देने का अमल तेज़ करें।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि ज़मीन मालिक अब पर्यावरण सम्बन्धी मंजूरियों के लिए सीधे एस.ई.आई.ए.ए को आवेदन दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के अधीन यह आवश्यक है कि कम से कम समय में सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर विचार करना यकीनी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/barinder-kumar-goyal-directs-officials-to-be-active-24-hours/article-2491"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/pic-(2).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 7 जुलाई:</strong><br /><br />पंजाब के खनन और भू-विज्ञान मंत्री श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने आज राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन अथॉरिटी (एस.ई.आई.ए.ए) के अधिकारियों को कहा कि वह राज्य सरकार की नयी माइनिंग नीति के अंतर्गत माइनिंग क्षेत्र के लिए सुगम की गई प्रक्रिया के मुताबिक पर्यावरण मंजूरी देने का अमल तेज़ करें।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि ज़मीन मालिक अब पर्यावरण सम्बन्धी मंजूरियों के लिए सीधे एस.ई.आई.ए.ए को आवेदन दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के अधीन यह आवश्यक है कि कम से कम समय में सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर विचार करना यकीनी बनाया जाये।<br /><br />कैबिनेट मंत्री श्री बरिन्दर कुमार गोयल मैगसीपा में एक अहम वर्कशॉप की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें पर्यावरण सम्बन्धी मंज़ूरियां प्राप्त करने में विभाग द्वारा पेश अलग-अलग प्रक्रियात्मक रुकावटों के बारे व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान एस.ई.आई.ए.ए मैंबरों को पर्यावरण सम्बन्धी मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया में रुकावट डालने वाले अलग-अलग महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे जानकारी दी गई। अथॉरिटी ने इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुये मंज़ूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने में पूरे सहयोग और इसके जल्द समाधान का भरोसा दिया।<br /><br />वर्कशॉप में मुख्य भाईवालों ने हिस्सा लिया, जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव खनन और भू-विज्ञान श्रीमती जसप्रीत तलवार, डायरैक्टर श्री अभिजीत कपलिश सहित ज़िला माइनिंग अधिकारी, राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन अथॉरिटी (एस.ई.आई.ए.ए), पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, कॉर्डिनेटर सैंटर आफ एक्सीलेंस आई.आई.टी रोपड़ और अन्य सम्बन्धित अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पर्यावरण क्लीयरेंस और ज़िला सर्वेक्षण रिपोर्टों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण मुद्दों को समाधान करने के बारे विचार-विमर्श किया गया। इस मौके पर कार्य-कुशलता को बढ़ाने के लिए कई व्यावहारिक समाधानों की पहचान की गई। एस.ई.आई.ए.ए मैंबरों ने वर्कशॉप के दौरान उठाए गए सभी मुद्दों को बारीकी के साथ नोट किया और आवेदनों की निर्विघ्न प्रक्रिया को यकीनी बनाने के लिए जल्द से जल्द सुधारात्मक उपाय लागू करने का भरोसा दिया।<br /><br />ग़ैर-कानूनी माइनिंग गतिविधियों के विरुद्ध 24 घंटे चौकसी यकीनी बनाने के सख़्त निर्देश देते हुये श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने सभी ज़िला माइनिंग अधिकारियों और क्षेत्रीय अधिकारियों को सचेत किया कि वे ग़ैर-कानूनी माइनिंग गतिविधियों के विरुद्ध तुरंत कार्यवाही अमल में लाएं। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के 24 घंटे निपटारे को यकीनी बनाने के लिए सभी अधिकारियों के मोबाइल फ़ोन दिन-रात चलते रहने चाहिएं।<br /><br />ड्यूटी में कोताही के लिए राज्य सरकार की ज़ीरो सहनशीलता की नीति संबंधी दोहराते हुये कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यदि किसी भी अधिकारी का मोबाइल फ़ोन बंद पाया गया तो उस पर सख़्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ग़ैर-कानूनी माइनिंग के विरुद्ध लड़ाई के लिए निरंतर चौकसी की ज़रूरत है और इस उद्देश्य के लिए जन शिकायतों का समय पर निपटारा करना ज़रूरी है।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि माइनिंग सैक्टर में पारदर्शी और जवाबदेह शासन को यकीनी बनाते हुये सभी जन शिकायतों का बिना किसी देरी के स्थापित नियमों के अनुसार तुरंत समाधान किया जाये।<br /><br />इस मौके पर चीफ़ इंजीनियर (ड्रेनेज और माइनिंग) स. हरदीप सिंह महिन्दीरत्ता और अन्य अधिकारी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 20:26:08 +0530</pubDate>
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                <title>मुख्यमंत्री की ओर से पवित्र नगरी के निवासियों को लगभग 350 करोड़ रुपये का तोहफा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर, 5 जुलाई:</strong><br />पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अमृतसर के निवासियों को लगभग 350 करोड़ रुपये के तोहफे के रूप में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।<br /><br />पवित्र नगरी को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतसर के निवासियों को कुल 346.57 करोड़ रुपये की परियोजनाएं समर्पित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि नई सड़कों के निर्माण पर 56.36 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि सड़क नेटवर्क को अपग्रेड करने पर 287.01 करोड़ रुपये और छह नई लाइब्रेरी बनाने पर 3.20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।<br /><br />भगवंत सिंह मान ने बताया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-government-has-made-complete-arrangements-to/article-2474"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/whatsapp-image-2025-07-05-at-6.07.47-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर, 5 जुलाई:</strong><br />पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अमृतसर के निवासियों को लगभग 350 करोड़ रुपये के तोहफे के रूप में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।<br /><br />पवित्र नगरी को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतसर के निवासियों को कुल 346.57 करोड़ रुपये की परियोजनाएं समर्पित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि नई सड़कों के निर्माण पर 56.36 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि सड़क नेटवर्क को अपग्रेड करने पर 287.01 करोड़ रुपये और छह नई लाइब्रेरी बनाने पर 3.20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।<br /><br />भगवंत सिंह मान ने बताया कि अमृतसर जिले में पंजाब मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग द्वारा 56.36 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कों का निर्माण किया गया है और 287.01 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का उन्नयन किया गया है।<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार पूरे राज्य में ग्रामीण संपर्क सड़कों की मरम्मत और उन्नयन करवा रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब में कुल 64,878 किलोमीटर संपर्क सड़कें हैं, जिन्हें अब तक हर छह साल में मरम्मत किया जाता रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब इन लिंक सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ अगले पांच वर्षों के लिए इनके रखरखाव को भी इस योजना में शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।<br /><br />मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि अमृतसर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में छह नई लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। उन्होंने बताया कि इन लाइब्रेरीयों का निर्माण नगर निगम द्वारा 3.20 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अमृतसर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में दो मौजूदा लाइब्रेरी, जिनमें छेहर्टा लाइब्रेरी और पुरानी डीसी कार्यालय लाइब्रेरी शामिल हैं, का क्रमशः 32.58 लाख रुपये और 31.41 लाख रुपये की लागत से नवीनीकरण किया गया है।<br /><br />मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृतसर के उत्तरी, केंद्रीय, पूर्वी और दक्षिणी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक नई लाइब्रेरी स्थापित की गई है, प्रत्येक लाइब्रेरी की लागत 64 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि ये आधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी कंप्यूटर, इंटरनेट, उच्च गुणवत्ता वाला साहित्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की अध्ययन सामग्री से सुसज्जित हैं। भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि ये लाइब्रेरी विद्यार्थियों के लिए अपने सपनों को साकार आई करने की नई आशा की किरण बनेंगी क्योंकि अब विद्यार्थी इन पुस्तकों के माध्यम से विश्वस्तरीय ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये लाइब्रेरी विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर को ऊँचा उठाने और उनके लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-government-has-made-complete-arrangements-to/article-2474</link>
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                <pubDate>Sat, 05 Jul 2025 20:03:04 +0530</pubDate>
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