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                <title>health news - Nirpakh Post</title>
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                <description>health news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सिगरेट जितने खतरनाक हैं जलेबी, समोसा और लड्डू... हेल्थ मिनिस्ट्री ने जारी की डराने वाली एडवाइजरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>समोसा-जलेबी और लड्डू खाने के शौकीनों को अब अलर्ट मोड में आने की जरूरत है. दरअसल, अब खाने-पीने के हर आइटम पर एक वॉर्निंग स्लिप लगी होगी, जिस पर उस आइटम में मौजूद शुगर और ऑयल की जानकारी दी जाएगी. दरअसल, हेल्थ मिनिस्ट्री ने देशभर के सभी केंद्रीय संस्थानों को अहम निर्देश दिया है. इसमें कहा गया है कि वे फूड आइटम्स पर ऑयल और शुगर बोर्ड लगाएं, जिससे आपको नाश्ते में छिपे फैट और शुगर की सही जानकारी मिल सके. </p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>क्यों लिया गया यह फैसला?</strong></span></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक इंटरनल रिपोर्ट तैयार की है. इसमें सामने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%AC%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A5%82-%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A5-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-2584"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/jalebi-samosa-breakfast-on-choti-diwali-v0-cbz27yvraiv91.webp" alt=""></a><br /><p>समोसा-जलेबी और लड्डू खाने के शौकीनों को अब अलर्ट मोड में आने की जरूरत है. दरअसल, अब खाने-पीने के हर आइटम पर एक वॉर्निंग स्लिप लगी होगी, जिस पर उस आइटम में मौजूद शुगर और ऑयल की जानकारी दी जाएगी. दरअसल, हेल्थ मिनिस्ट्री ने देशभर के सभी केंद्रीय संस्थानों को अहम निर्देश दिया है. इसमें कहा गया है कि वे फूड आइटम्स पर ऑयल और शुगर बोर्ड लगाएं, जिससे आपको नाश्ते में छिपे फैट और शुगर की सही जानकारी मिल सके. </p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>क्यों लिया गया यह फैसला?</strong></span></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक इंटरनल रिपोर्ट तैयार की है. इसमें सामने आया है कि साल 2050 तक देश में 44.9 करोड़ लोग मोटापे या ज्यादा वजन की दिक्कत से पीड़ित होंगे. ऐसे में भारत अमेरिका के बाद दूसरा ऐसा देश बन जाएगा, जो मोटापे की समस्या से जूझ रहा है. वर्तमान हालात की बात करें तो भारत में इस वक्त हर पांच में से एक शख्स ओवरवेट की दिक्कत से जूझ रहा है. ऐसे में लोगों को जंक फूड के प्रति जागरूक करने के मकसद से यह कदम उठाने का फैसला लिया गया है, जिसे शुरुआत में सरकारी संस्थानों में लागू किया गया है. फूड आइटम्स पर ऑयल और शुगर के इन बोर्ड्स से लोगों को चेतावनी मिलेगी कि वह कितना अनहेल्दी फूड खा रहे हैं.</p>
<p><img src="https://i.pinimg.com/736x/26/ee/d4/26eed4c6f388b50cb27ac919a0955669.jpg" alt="Veg Samosa with Jalebi snack combination also called imarti and Sambusa  samusa | Premium Photo"></img></p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>भारत में कितने लोग मोटापे के शिकार?</strong></span></p>
<p>World Health Organization (WHO) की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 60 पर्सेंट से ज्यादा लोग मोटापे या अधिक वजन से प्रभावित हैं. वहीं, डायबिटीज के मामले 2030 तक 10 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकते हैं. यही वजह है कि हेल्थ मिनिस्ट्री ने खाद्य और औषधि प्रशासन (FSSAI) के साथ मिलकर नई नीति तैयार की है, जिसके तहत इन फूड आइटम्स की पैकेजिंग पर वॉर्निंग लेबल लगाना अनिवार्य किया गया है. </p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>सिगरेट जितने खतरनाक हैं लड्डू-जलेबी और समोसा?</strong></span></p>
<p>एम्स नागपुर के अधिकारियों ने बताया है कि हेल्थ मिनिस्ट्री से इस संबंध में आदेश मिला है. इसके बाद कैफेटेरिया और पब्लिश प्लेसेज पर वॉर्निंग बोर्ड्स लगाए जाएंगे. इसके अलावा जांच के दायरे में सिर्फ समोसा-जलेबी और लड्डू ही नहीं रहेंगे, बल्कि वड़ा पाव और पकौड़ों को भी इस लिस्ट में जोड़ा जाएगा. वहीं, कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया की नागपुर ब्रांच के चीफ डॉ. अमर आमले ने इस मसले पर चीजें क्लियर कीं. उन्होंने कहा कि शुगर और ट्रांस फैट नए जमाने की सिगरेट और तंबाकू हैं. शुगर और ऑयल की वजह से ये फूड आइटम्स स्मोकिंग और टोबैको जितने ही खतरनाक साबित हो रहे हैं. अब जो फूड आइटम्स जितना नुकसानदायक होगा, उस पर उतनी ही खतरनाक लेबलिंग की जाएगी. लोगों को यह पता होना चाहिए कि वे क्या खा रहे हैं.</p>
<p>Read also : <span style="text-decoration:underline;"><span style="color:rgb(224,62,45);text-decoration:underline;"><strong><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);text-decoration:underline;" href="https://www.nirpakhpost.in/sports/ind-vs-eng-3rd-test-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%87-70/article-2582">IND vs ENG 3rd Test: 'इंग्लैंड की जीत के 70% चांस', इस पूर्व इंडियन क्रिकेटर का बयान वायरल</a></strong></span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%AC%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A5%82-%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A5-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-2584</link>
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                <pubDate>Mon, 14 Jul 2025 15:31:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खून देते ही क्यों आने लगते हैं चक्कर? जानिए वजह और बचाव के तरीके</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रक्तदान एक महान कार्य है, जो कई लोगों की जान बचाता है. लेकिन, कुछ लोग खून देते समय या उसके तुरंत बाद चक्कर आने, हल्कापन महसूस होने या बेहोशी जैसी शिकायत करते हैं. यह एक आम समस्या है और आमतौर पर चिंता का कोई बड़ा कारण नहीं होती. शरीर की कुछ सामान्य प्रतिक्रियाओं के कारण ऐसा हो सकता है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजहें और इससे बचने के उपाय.</p>
<p>चक्कर आने के मुख्य कारण</p>
<p>रक्तदान के दौरान चक्कर आने के पीछे कई शारीरिक और मानसिक कारण हो सकते हैं:</p>
<p>ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट: यह सबसे आम वजहों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/draft-add-your-t/article-2504"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/blood-donor-day-2022.webp" alt=""></a><br /><p>रक्तदान एक महान कार्य है, जो कई लोगों की जान बचाता है. लेकिन, कुछ लोग खून देते समय या उसके तुरंत बाद चक्कर आने, हल्कापन महसूस होने या बेहोशी जैसी शिकायत करते हैं. यह एक आम समस्या है और आमतौर पर चिंता का कोई बड़ा कारण नहीं होती. शरीर की कुछ सामान्य प्रतिक्रियाओं के कारण ऐसा हो सकता है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजहें और इससे बचने के उपाय.</p>
<p>चक्कर आने के मुख्य कारण</p>
<p>रक्तदान के दौरान चक्कर आने के पीछे कई शारीरिक और मानसिक कारण हो सकते हैं:</p>
<p>ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट: यह सबसे आम वजहों में से एक है. जब आपके शरीर से लगभग आधा लीटर खून निकाला जाता है, तो शरीर में खून की कुल मात्रा कुछ समय के लिए कम हो जाती है. इससे ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) अचानक गिर सकता है. दिमाग को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन न मिलने के कारण आपको चक्कर आ सकते हैं या हल्कापन महसूस हो सकता है.<br />घबराहट या तनाव की प्रतिक्रिया (वेसो-वैगल रिएक्शन): यह एक सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है जो तनाव, घबराहट या दर्द के कारण हो सकती है. खून या सुई देखकर कुछ लोगों को डर या चिंता महसूस होती है. इस मानसिक प्रतिक्रिया के कारण आपकी वेगस नस उत्तेजित हो जाती है, जिससे दिल की धड़कन धीमी हो जाती है और खून की नसें चौड़ी हो जाती हैं. इसके परिणामस्वरूप ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन दोनों गिर जाते हैं, जिससे दिमाग तक खून का बहाव कम हो जाता है और आपको चक्कर आ सकते हैं या आप बेहोश भी हो सकते हैं.<br />शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन): अगर आपने रक्तदान से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी या अन्य तरल पदार्थ नहीं पिए हैं, तो आपका शरीर पहले से ही कम पानी वाला हो सकता है. खून का एक बड़ा हिस्सा पानी ही होता है. ऐसे में, जब आप खून देते हैं, तो शरीर में तरल पदार्थ की और कमी हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर और भी नीचे गिर सकता है.<br />तेजी से उठना: रक्तदान के बाद तुरंत खड़े होने या तेज़ी से हिलने-डुलने से भी ब्लड प्रेशर में अचानक बदलाव आ सकता है, जिससे चक्कर आ सकते हैं. शरीर को नए खून की मात्रा के साथ तालमेल बिठाने के लिए कुछ समय चाहिए होता है.<br />चक्कर आने से कैसे बचें और क्या करें?</p>
<p>चक्कर आने की संभावना को कम करने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं:</p>
<p>रक्तदान से पहले खूब पानी पिएं: रक्तदान से 24 घंटे पहले से ही खूब पानी और अन्य तरल पदार्थ (जैसे जूस) का सेवन करें. रक्तदान के दिन भी अच्छी मात्रा में पानी पिएं.<br />पौष्टिक खाना खाएं: रक्तदान से पहले एक स्वस्थ और संतुलित भोजन करें. खाली पेट बिल्कुल न जाएं. अपने भोजन में आयरन से भरपूर चीजें (जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, सूखे मेवे) शामिल करें.<br />शांत रहें: अगर आपको सुई या खून से डर लगता है, तो रक्तदान के दौरान अपनी आंखें बंद कर लें, गहरी सांसें लें, या किसी और चीज़ पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें. रक्तदाता केंद्र का स्टाफ भी आपकी मदद कर सकता है.<br />रक्तदान के बाद आराम करें: खून देने के बाद कम से कम 10-15 मिनट तक कुर्सी पर लेटे या बैठे रहें. तुरंत उठने की कोशिश न करें.<br />हल्का नाश्ता लें: रक्तदान के बाद केंद्र पर मिलने वाला जूस और बिस्कुट या कोई हल्का स्नैक ज़रूर लें. यह आपके ब्लड शुगर और तरल पदार्थ के स्तर को सामान्य करने में मदद करेगा.<br />धीरे-धीरे उठें: जब आपको उठने के लिए कहा जाए, तो धीरे-धीरे उठें और कुछ देर के लिए कुर्सी के पास ही खड़े रहें, फिर चलना शुरू करें.</p>
<p>Read also :<strong> <span style="color:rgb(224,62,45);"><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.nirpakhpost.in/%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-4-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%98%E0%A4%9F%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%86%E0%A4%9C/article-2503">सोने का 4 दिनों तक रेट घटने के बाद आज फिर हुआ महंगा, जानें 8 जुलाई 2025 को आपके शहर का भाव</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/draft-add-your-t/article-2504</link>
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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 14:04:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए पंजाब सरकार ने भी जारी की एडवाइजरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पंजाब में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बीते कुछ दिनों से आई तेजी को देखते हुए पंजाब सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की है। सेहत विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य में एक सप्ताह पहले जहां केवल 12 एक्टिव केस थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 35 से ज्यादा हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसके चलते पंजाब सरकार ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। वृद्ध, गर्भवती महिलाओं, बीमार और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को भीड़भाड़ वाले और बाजारी स्थानों पर मास्क पहनना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य में सबसे अधिक मामले लुधियाना में हैं। यहां 23 नए मामले आ चुके हैं। लुधियाना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/punjab-goverbmenent-crona-advisory/article-2158"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/images.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पंजाब में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बीते कुछ दिनों से आई तेजी को देखते हुए पंजाब सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की है। सेहत विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य में एक सप्ताह पहले जहां केवल 12 एक्टिव केस थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 35 से ज्यादा हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिसके चलते पंजाब सरकार ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। वृद्ध, गर्भवती महिलाओं, बीमार और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को भीड़भाड़ वाले और बाजारी स्थानों पर मास्क पहनना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य में सबसे अधिक मामले लुधियाना में हैं। यहां 23 नए मामले आ चुके हैं। लुधियाना में ये इजाफा ऐसे समय में हुआ है जब यहां चुनावों के चलते राजनीतिक गतिविधियां, भीड़भाड़ वाले चुनाव प्रचार और गर्मी की छुट्टियों के कारण पर्यटन स्थलों पर आवाजाही तेज हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">लुधियाना से दो कोविड मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें से एक 69 वर्षीय महिला, जिनका इलाज PGIMER चंडीगढ़ में चल रहा था और दूसरा 39 वर्षीय पुरुष, जिनकी मौत गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, सेक्टर 32, चंडीगढ़ में हुई। सेहत अधिकारियों ने बताया कि दोनों मृतकों को पहले से गंभीर बीमारियां थीं, जिससे संक्रमण घातक साबित हुआ। वहीं, इनकी ट्रैवल हिस्ट्री भी थी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-06/images.jpeg" alt="images" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/barnala-drug-smugglers-illegal-house-demolished/article-2157">बरनाला में पुलिस और नगर सुधार ट्रस्ट ने नशा तस्कर के घर पर की कार्रवाई</a></p>
<p style="text-align:justify;">वृद्ध, गर्भवती महिलाओं, बीमार और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को भीड़भाड़ वाले और बाजारी स्थानों पर मास्क पहनना चाहिए।<br />स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी मास्क पहनने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की सलाह दी जाती है।<br />खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को रूमाल, टिश्यू से ढकें।<br />यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो तो मास्क पहनें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।<br />बिना हाथ धोए अपने चेहरे, मुंह या आंखों को न छुएं।<br />सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें।<br />स्वयं दवा न लें, विशेषकर श्वसन संबंधी लक्षणों के लिए, हमेशा चिकित्सकीय सलाह लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/punjab-goverbmenent-crona-advisory/article-2158</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Jun 2025 14:43:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चंडीगढ़ में कोरोना से हुई पहली मौत , अलर्ट जारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">चंडीगढ़ में बुधवार को कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हो गई। उसका सेक्टर 32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। 3 दिन से उसे सांस लेने में तकलीफ थी। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के रहने वाले राजकुमार (40) के रूप में हुई है। सेक्टर 32 अस्पताल के डॉक्टर धरनी ने बताया कि राजकुमार लुधियाना से रेफर होकर चंडीगढ़ आया था। वह कुछ समय पहले ही लुधियाना में आया था। यहां आकर उसे बुखार हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, हरियाणा में कोरोना के 16 केस आ चुके हैं। एक्टिव केसों की संख्या 13 है। प्रदेश में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/haryana-corona-new-case/article-1908"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-05/download-(5)2.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चंडीगढ़ में बुधवार को कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हो गई। उसका सेक्टर 32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। 3 दिन से उसे सांस लेने में तकलीफ थी। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के रहने वाले राजकुमार (40) के रूप में हुई है। सेक्टर 32 अस्पताल के डॉक्टर धरनी ने बताया कि राजकुमार लुधियाना से रेफर होकर चंडीगढ़ आया था। वह कुछ समय पहले ही लुधियाना में आया था। यहां आकर उसे बुखार हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, हरियाणा में कोरोना के 16 केस आ चुके हैं। एक्टिव केसों की संख्या 13 है। प्रदेश में मंगलवार को कोरोना के 3 नए केस मिले हैं, जिनमें एक फरीदाबाद और 2 गुरुग्राम में मिले हैं। बढ़ते केसों को देख मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज दोपहर बाद चंडीगढ़ स्थित सचिवालय में हेल्थ डिपार्टमेंट की मीटिंग बुला ली है। मीटिंग में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और हेल्थ डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) सुधीर राजपाल भी मौजूद रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-05/download-(5)2.jpeg" alt="download (5)" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/fazilka-ssp-corruption-charges-suspend-order/article-1907">भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्यवाही , SSP फाजिल्का सस्पेंड</a></p>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा सरकार एडवाइजरी जारी कर चुकी है कि सभी अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर, बेड, आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स व अन्य दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए। पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE), एन-95 मास्क, रिएजेंट किट, वीटीएम आदि मौजूद हों। आइसोलेट मामलों में खासकर हाई रिस्क वाले लोगों (बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, बच्चे, इम्यूनिटी कमजोर या अन्य बीमारियों वाले) की निगरानी हो।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, पंजाब के फिरोजपुर में पिता से मिलने गया अंबाला का युवक भी कोरोना पॉजिटिव मिला है। तबीयत बिगड़ने पर उसने टेस्ट कराया था।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Haryana</category>
                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 May 2025 14:36:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना जैसे चीनी वायरस का भारत में तीसरा केस ,कर्नाटक में 8 महीने, 3 महीने के दो बच्चे संक्रमित</title>
                                    <description><![CDATA[India China HMPV Virus Cases चीन में फैले कोरोना जैसे वायरस HMPV का भारत में तीसरा केस मिल गया है। अहमदाबाद में 2 महीने का बच्चा ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) से संक्रमित पाया गया। इससे पहले, सोमवार को ही कर्नाटक में 3 महीने की बच्ची और 8 महीने के बच्चे में यही वायरस मिला था। कर्नाटक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A4%BE/article-203"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-01/images-1.jpeg" alt=""></a><br />
<p><strong>India China HMPV Virus Cases</strong></p>



<p>चीन में फैले कोरोना जैसे वायरस HMPV का भारत में तीसरा केस मिल गया है। अहमदाबाद में 2 महीने का बच्चा ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) से संक्रमित पाया गया। इससे पहले, सोमवार को ही कर्नाटक में 3 महीने की बच्ची और 8 महीने के बच्चे में यही वायरस मिला था।</p>



<p>कर्नाटक के दोनों केस के बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि बच्चे रुटीन जांच के लिए अस्पताल पहुंचे थे। टेस्ट कराने पर उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हालांकि कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया कि बच्चों के सैंपल निजी अस्पताल में जांचे गए और उन्होंने सरकारी लैब में जांच नहीं कराई।</p>



<p>वहीं गुजरात के ऑरेंज हॉस्पिटल के डॉ. नीरव पटेल ने कहा कि, अहमदाबाद में दो महीने के बच्चे की तबीयत खराब होने पर 15 दिन पहले उसे हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था।</p>



<p>बच्चे को सर्दी और तेज बुखार था। शुरुआत में उसे पांच दिनों तक वेंटिलेटर पर भी रखा गया था। इसके बाद हुई कई जांचों में बच्चे के वायरस से संक्रमित होने की बात सामने आई।</p>



<p><strong>Read Also ;</strong> <a href="https://nirpakhpost.in/2025/01/06/%E0%A4%86%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B2%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%B8/">आंदोलनकारी किसान कमेटी से बातचीत को हुए राजी , कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से मांगा टाइम</a></p>



<p>कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, दो बच्चों में वायरस की पुष्टि हुई है। ये देखकर मैंने तुरंत कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव से बात की। सरकार इस वायरस को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।<br />कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा, यह कोई वायरस नहीं है। HMPV एक फ्लू वायरस है। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। हम अपने पैनल के साथ बैठक कर रहे हैं। इस पर भारत सरकार और ICMR से चर्चा करेंगे।</p>



<p>HMPV वायरस क्या है?<br />HMPV एक RNA वायरस है, जो आमतौर पर सर्दी जैसे लक्षण पैदा करता है। इससे खांसी या गले में घरघराहट हो सकती है। नाक बह सकती है या गले में खराश हो सकती है। इसका जोखिम ठंड के मौसम में ज्यादा होता है।</p>



<p><strong>India China HMPV Virus Cases</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jan 2025 09:09:10 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>AIIMS में रेफरल मरीजों को दिखाना होगा आसान, पेशेंट्स के लिए बढ़ रहीं इतनी सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[Referral Patients to visit AIIMS मरीजों की सहूलियत के लिए एम्स दिल्ली लगातार काम कर रहा है. इसी कड़ी में अब यहां रेफरल मरीजों को दिखाना आसान होगा, जिसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है. वहीं, 200 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक जल्द खोलने की तैयारी भी चल रही है. साथ ही, अस्पताल में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/aiims-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AB%E0%A4%B0%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-183"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-01/download-9.jpeg" alt=""></a><br />
<p><strong>Referral Patients to visit AIIMS</strong></p>



<p>मरीजों की सहूलियत के लिए एम्स दिल्ली लगातार काम कर रहा है. इसी कड़ी में अब यहां रेफरल मरीजों को दिखाना आसान होगा, जिसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है. वहीं, 200 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक जल्द खोलने की तैयारी भी चल रही है. साथ ही, अस्पताल में बच्चों के लिए हवाई अड्डे जैसे लाउंज, प्ले एरिया और लाइब्रेरी का इंतजाम भी किया जा रहा है. इस बारे में डायरेक्टर एम श्रीनिवास ने एम्स दिल्ली की आगे की रणनीति पर अहम जानकारियां दीं.</p>



<p>डॉ. श्रीनिवास के मुताबिक, एम्स दिल्ली में जल्द 200 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक खुलेगा, जो एम्स के ट्रॉमा सेंटर कैंपस के अंदर होगा. इसमें गंभीर हालत वाले मरीजों का इलाज आसानी से होगा. इस सीसीयू में एडवांस मेडिकल इक्विपमेंट होंगे. हालांकि, इस यूनिट को खुलने में करीब दो साल लग सकते हैं.</p>



<p>AI से मिलेगी मेडिकल सेक्टर को मदद<br />एम्स के डायरेक्टर डॉ. एम श्रीनिवास ने बताया कि बढ़ती टेक्नोलॉजी के हिसाब से एम्स भी मेडिकल फील्ड में आगे बढ़ रहा है. इसके तहत मेडिकल सेक्टर में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं, कई कार्यों को एआई की मदद से अंजाम दिया जा रहा है.</p>



<p>एम्स के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. कारण सिंह ने बताया कि एम्स में सेफ्टी और सिक्योरिटी बढ़ाने के मकसद से 200 फेस रिकॉग्निशन कैमरे भी इंस्टॉल किए गए हैं. बता दें कि पूरे एम्स में करीब 2800 कैमरे लगे हैं, लेकिन दो महीने तक फेस रिकॉग्निशन वाले 200 कैमरों को मॉनिटर किया जाएगा. इसके बाद इन कैमरों की संख्या बढ़ाने पर विचार होगा. कोई भी संदिग्ध व्यक्ति इन कैमरों की जद में आएगा तो उसकी पहचान आसानी से हो सकेगी.</p>



<p>Read Also : <a href="https://nirpakhpost.in/2025/01/01/%E0%A4%96%E0%A4%A8%E0%A5%8C%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%89%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88-%E0%A4%AE/">खनौरी बॉर्डर पर खत्म हुई मीटिंग: किसान बोले – 6 जनवरी को शंभू बॉर्डर पर जुटेंगे</a></p>



<p><strong>Referral Patients to visit AIIMS</strong></p>



<p>ऑपरेशन थिएटर समेत आईसीयू में बढ़ेंगे बेड्स<br />एम्स डायरेक्टर ने बताया कि दिल्ली एम्स में ऑपरेशन थिएटर की संख्या 50 फीसदी तक बढ़ चुकी है, जबकि आईसीयू में बेड्स की संख्या 40 फीसदी बढ़ाई गई है. इसके अलावा 34% इमपेशेंट बेड, 20 पर्सेंट रेडियोलॉजिकल सर्विसेज और 15 फीसदी तक लेबोरेटरी सर्विसेज में इजाफा हुआ है. दिल्ली एम्स में सर्विस बेहतर करने के लिए लगातार प्लानिंग की जा रही है, जिससे यहां आने वाले मरीजों को इलाज कराने में कोई दिक्कत न हो.</p>



<p>2025 में बनेंगे एयरपोर्ट जैसे वेटिंग लाउंज<br />जानकारी के मुताबिक, दिल्ली एम्स में फिलहाल वेटिंग एरिया बने हैं. इनमें बच्चों के लिए हवाई अड्डे जैसे लाउंज, प्ले एरिया और लाइब्रेरी आदि को जोड़ा जाएगा. एम्स डायरेक्टर ने बताया कि यह देश का पहला मेडिकल इंस्टिट्यूट है, जो 100 पर्सेंट पेपरलेस है. यह डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन है, जो आज के वक्त में बेहद जरूरी है.</p>



<p>गौरतलब है कि दिल्ली एम्स में पूरे देश से मरीज आते हैं, लेकिन यह भी हकीकत है कि एम्स में लोगों को अपॉइंटमेंट मिलने में काफी ज्यादा वक्त लगता है. वहीं, टेस्ट के लिए भी लंबी-लंबी लाइनें लगती हैं. एम्स दिल्ली इसके लिए स्ट्रैटजी बना रहा है. इसके तहत रेफरल सिस्टम बनाया जा रहा है. ऐसे में बिहार से आने वाले मरीजों को पहले पटना एम्स में रेफर किया जाएगा. अगर वहां प्रॉपर इलाज नहीं मिलता है तो उसे दिल्ली भेजा जाएगा. इससे किसी भी एक अस्पताल पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा और मरीज को सही इलाज मिलने में आसानी होगी. इस सिस्टम के लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है, जिस पर काम लगातार जारी है.</p>



<p>एम्स में हर साल आते हैं करीब 50 लाख मरीज<br />बता दें कि एम्स में हर साल करीब 50 लाख मरीज आते हैं. इस वक्त एम्स में 3600 बेड मौजूद हैं. साल 2024 के दौरान ही एम्स दिल्ली में करीब तीन लाख एडमिशन हुए. वहीं, इमरजेंसी में रोजाना 700-800 मरीज आते हैं. मौजूदा वक्त में यहां 843 फैकल्टी हैं, लेकिन 20-30% फैकल्टी की शॉर्टेज है, जिसे पूरा करने के लिए वैकेंसी पर काम किया जा रहा है. कॉन्ट्रैक्ट वाले स्टाफ के लिए इंटरव्यू हो चुके हैं. इसके अलावा बाकी चीजों पर काम चल रहा है.</p>



<p><strong>Referral Patients to visit AIIMS</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jan 2025 10:39:46 +0530</pubDate>
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