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                <title>Finance Minister - Nirpakh Post</title>
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                <description>Finance Minister RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वित्त मंत्री चीमा ने 1986 की घटनाओं संबंधी ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ की गुमशुदगी का मामला उठाया; विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कमेटी के गठन की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 15 जुलाई:</strong><br /><br />पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज पंजाब विधानसभा का ध्यान वर्ष 1986 की पीड़ादायक घटनाओं की ओर आकर्षित करते हुए जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन की रिपोर्ट का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट की एक प्रति विधानसभा में मौजूद है, किंतु ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ रहस्यमय ढंग से लापता हो गई है। उन्होंने विधानसभा स्पीकर स<br />  कुलतार सिंह संधवां से इस महत्वपूर्ण दस्तावेज़ को खोजने हेतु एक कमेटी गठित करने की अपील की, जिस पर विधानसभा स्पीकर ने उक्त रिपोर्ट का पता लगाने के लिए कमेटी के गठन की घोषणा की।<br /><br />‘पंजाब धार्मिक ग्रंथों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/finance-minister-cheema-raises-issue/article-2609"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/pic6.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 15 जुलाई:</strong><br /><br />पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज पंजाब विधानसभा का ध्यान वर्ष 1986 की पीड़ादायक घटनाओं की ओर आकर्षित करते हुए जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन की रिपोर्ट का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट की एक प्रति विधानसभा में मौजूद है, किंतु ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ रहस्यमय ढंग से लापता हो गई है। उन्होंने विधानसभा स्पीकर स<br /> कुलतार सिंह संधवां से इस महत्वपूर्ण दस्तावेज़ को खोजने हेतु एक कमेटी गठित करने की अपील की, जिस पर विधानसभा स्पीकर ने उक्त रिपोर्ट का पता लगाने के लिए कमेटी के गठन की घोषणा की।<br /><br />‘पंजाब धार्मिक ग्रंथों के विरुद्ध अपराध की रोकथाम विधेयक, 2025’ पर चर्चा के दौरान विधानसभा को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री स हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन की लापता कार्रवाई रिपोर्ट को खोजने से पंजाब के लोगों को वर्ष 1986 की घटनाओं की सच्चाई को जानने, उस समय जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका को समझने तथा उनके उत्तराधिकारियों की वर्तमान कार्यशैली को परखने में सहायता मिलेगी।<br /><br />स चीमा ने प्रस्तावित विधेयक की महत्ता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करने के लिए इतिहास की घटनाओं का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से जब-जब पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व वाली या धार्मिक विचारधारा से जुड़ी सरकार सत्ता में आई, तब राज्य को अस्थिर करने की नीयत से प्रत्यक्ष रूप से या साजिश के माध्यम से गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के प्रयास किए गए।<br /><br />वित्त मंत्री ने विशेष रूप से 2 फरवरी 1986 की दुखद घटना का उल्लेख किया, जब शिरोमणि अकाली दल के शासनकाल के दौरान गुरुद्वारा साहिब गुरु अर्जुन देव जी, नकोदर में पांच पवित्र बीड़ें जला दी गईं। उन्होंने इसके पश्चात 4 फरवरी 1986 की घटनाओं का भी उल्लेख किया, जब चार युवक – रविंदर सिंह लित्तड़ां, बलधीर सिंह रामगढ़, झिरमल सिंह गुरसियाणा, और हरमिंदर सिंह – शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान गोलियों का शिकार हो गए, जैसे कि   में बरगाड़ी में देखे गए  भांति।<br /><br />वित्त मंत्री ने कहा कि इन घटनाओं के समय राज्य में शिरोमणि अकाली दल की सरकार थी, जिसमें सुरजीत सिंह बरनाला मुख्यमंत्री, कैप्टन कंवलजीत सिंह गृह मंत्री, और वर्तमान कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के पिता सुखजिंदर सिंह खैहरा शिक्षा मंत्री थे। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि उस समय की सरकार द्वारा न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही कोई एफ.आई.आर. दर्ज नहीं की गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/finance-minister-cheema-raises-issue/article-2609</link>
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                <pubDate>Tue, 15 Jul 2025 20:02:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वित्त मंत्री और स्थानीय निकाय मंत्री द्वारा कर्मचारी यूनियनों के साथ मीटिंगें</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 8 जुलाई</strong><br /><br />पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा, जो कर्मचारियों के मुद्दों के समाधान के लिए बनाई गई कैबिनेट सब कमेटी के चेयरमैन हैं, ने आज स्थानीय निकाय विभाग की विभिन्न यूनियनों के साथ कई मीटिंगें की। तीन घंटों से अधिक समय तक चले विचार-विमर्श के दौरान स्थानीय निकाय मंत्री डा. रवजोत सिंह उनके साथ मौजूद थे।<br /><br />इन मीटिंगों के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सफ़ाई मज़दूर फेडरेशन सीवरमैन यूनियन, पंजाब जल स्पलाई और सिवरेज बोर्ड आऊटसोर्सड वर्कर यूनियन, म्यूंसीपल कर्मचारी एक्शन कमेटी, पंजाब जल सप्लाई और सिवरेज कर्मचारी कंट्रैक्टर वर्करज़ यूनियन, पंजाब सफ़ाई मज़दूर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/finance-minister-and-local-government/article-2508"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/pic-(4)1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 8 जुलाई</strong><br /><br />पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा, जो कर्मचारियों के मुद्दों के समाधान के लिए बनाई गई कैबिनेट सब कमेटी के चेयरमैन हैं, ने आज स्थानीय निकाय विभाग की विभिन्न यूनियनों के साथ कई मीटिंगें की। तीन घंटों से अधिक समय तक चले विचार-विमर्श के दौरान स्थानीय निकाय मंत्री डा. रवजोत सिंह उनके साथ मौजूद थे।<br /><br />इन मीटिंगों के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सफ़ाई मज़दूर फेडरेशन सीवरमैन यूनियन, पंजाब जल स्पलाई और सिवरेज बोर्ड आऊटसोर्सड वर्कर यूनियन, म्यूंसीपल कर्मचारी एक्शन कमेटी, पंजाब जल सप्लाई और सिवरेज कर्मचारी कंट्रैक्टर वर्करज़ यूनियन, पंजाब सफ़ाई मज़दूर फेडरेशन, पंजाब फायर सीवरमैन कच्चे कर्मचारी यूनियन (कंट्रैक्ट), और फायर सीवरमैन कच्चे कर्मचारी यूनियन (आउटसोर्स) के नुमायंदों द्वारा सांझे किये गए मुद्दों को गंभीरता से सुना। इस बातचीत के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त आलोक शेखर, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्थानीय निकाय तेजवीर सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.एम.आई.डी.सी दीप्ति उप्पल और अतिरिक्त सचिव परसोनल नवजोत कौर सहित सीनियर अधिकारी मौजूद थे।<br /><br />इस मौके पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्थानीय निकाय विभाग को निर्देश दिए कि वह इन कर्मचारी यूनियनों द्वारा उठाई गई मुख्य समस्याओं और जायज़ माँगों का जल्दी समाधान करने के लिए एक व्यापक प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने विभाग को इन कर्मचारियों को ग्रुप बीमा कवरेज मुहैया करवाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए। यूनियन के नुमायंदों को भरोसा दिलाते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की कर्मचारियों की सभी जायज़ माँगों के लिए उचित समाधान ढूँढने की अटल वचनबद्धता को दोहराया।<br /><br />इस चर्चा के दौरान सफ़ाई मज़दूर फेडरेशन सीवरमैन यूनियन से राजा हंस, नरेश कुमार और जुगिन्दरपाल; पंजाब जल स्पलाई और सिवरेज बोर्ड आऊटसोर्सड वर्कर यूनियन से गुरदेव सिंह, बलदेव सिंह और अमित कुमार; म्यूंसीपल कर्मचारी एक्शन कमेटी से गोपाल थापर और कुलवंत सिंह सैनी; पंजाब जल स्पलाई और सिवरेज कर्मचारी ठेकेदार वर्करज़ यूनियन से शेर सिंह खन्ना और गगनदीप सिंह; पंजाब सफ़ाई मज़दूर फेडरेशन से विनोद बिट्टा, सुरिन्दर टोना और पवन गोदियाल; पंजाब फायर सीवरमैन कच्चे कर्मचारी यूनियन (कंट्रैक्ट) से सोभा सिंह और साहिब सिंह; और फायर सीवरमैन कच्चे कर्मचारी यूनियन (आउटसोर्स) से अमनजोत सिंह ने कैबिनेट सब-कमेटी के सामने अपनी माँगें पेश की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/finance-minister-and-local-government/article-2508</link>
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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 18:22:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्यों को लाभ पहुंचाने के लिए जीएसटी प्रणाली में सुधार की आवश्यकता: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़, 4 जुलाई:</strong><br /><br />नई दिल्ली में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से राजस्व विश्लेषण के संबंध में मंत्रियों के समूह  की पहली बैठक के दौरान, 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब के राजस्व की व्यापक जानकारी प्रस्तुत करते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने जीएसटी प्रणाली में ढांचागत सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया और राजस्व बढ़ाने के लिए नीतिगत सिफारिशें प्रस्तुत कीं। इन सिफारिशों में जीएसटी ढांचे के तहत अनाज को शामिल करना, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को घटाना या रद्द करना और ई-वे बिल जनरेशन और ई-इनवॉइसिंग को अनिवार्य बनाना शामिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/need-to-reform-gst-system-to-benefit/article-2459"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/pic-(1)-(4).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>चंडीगढ़, 4 जुलाई:</strong><br /><br />नई दिल्ली में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से राजस्व विश्लेषण के संबंध में मंत्रियों के समूह  की पहली बैठक के दौरान, 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब के राजस्व की व्यापक जानकारी प्रस्तुत करते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने जीएसटी प्रणाली में ढांचागत सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया और राजस्व बढ़ाने के लिए नीतिगत सिफारिशें प्रस्तुत कीं। इन सिफारिशों में जीएसटी ढांचे के तहत अनाज को शामिल करना, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को घटाना या रद्द करना और ई-वे बिल जनरेशन और ई-इनवॉइसिंग को अनिवार्य बनाना शामिल हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि डेटा विश्लेषण, कर चोरी और अनुपालन के मामलों का पता लगाने के लिए ऐसा एकीकृत प्लेटफार्म विकसित किया जाए जो सभी राज्यों और केंद्रीय कर प्राधिकरणों के लिए सुलभ हो।<br /><br />जीएसटी लागू होने के बाद विभिन्न करों के इसमें समाहित हो जाने से पंजाब को हुए महत्वपूर्ण वित्तीय घाटे का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि एक कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के रूप में पंजाब अनाज (गेहूं और चावल) की बिक्री पर खरीद कर और बुनियादी ढांचा विकास शुल्क (आईडी शुल्क) पर अत्यधिक निर्भर था। वर्ष 2015-16 में इन करों से 3,094 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 16.55% थे। इन करों के जीएसटी में शामिल हो जाने के परिणामस्वरूप राज्य को स्थायी राजस्व हानि हुई। उन्होंने केंद्रीय बिक्री कर (सीएसटी) के समाप्त हो जाने से हुए नुकसान की भी ओर ध्यान दिलाया, जिसने वर्ष 2015-16 में पंजाब के राजस्व में 568 करोड़ रुपये का योगदान दिया था।<br /><br />इसके अलावा, वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि वैट प्रणाली के दौरान पंजाब की कर प्राप्तियां जीएसटी प्रणाली की तुलना में कहीं अधिक थीं। उन्होंने जुलाई 2017 से पंजाब के जीएसटी राजस्व की वृद्धि दर, अनुमानित 14% वार्षिक वृद्धि दर से लगातार कम रहने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि जीएसटी लागू नहीं होता, तो पंजाब की राजस्व स्थिति 10% सीएजीआर वृद्धि दर के साथ और बेहतर होती। उन्होंने बताया कि जीएसटी प्रणाली लागू होने के कारण 1 जुलाई 2022 से अब तक पंजाब को 47,037 करोड़ रुपये के वित्तीय घाटे का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित राज्यों जैसे पंजाब को अनाज पर खरीद कर के समाप्त होने से हुए स्थायी वित्तीय नुकसान की भरपाई मुआवजे के माध्यम से की जानी चाहिए।<br /><br />वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र, जैसे कृषि उपकरण, साइकिल और साइकिल पार्ट्स, और हौजरी उत्पाद, उच्च कुल कारोबार दिखाते हैं लेकिन जीएसटी राजस्व में अनुपातिक वृद्धि नहीं दिखाते। इसका मुख्य कारण यह है कि जीएसटी एक गंतव्य आधारित उपभोग कर है, जिसके कारण आईजीएसटी देनदारी के मुकाबले एसजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था के माध्यम से पंजाब से राजस्व बाहर चला जाता है।<br /><br />इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को कम करने या समाप्त करने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप की मांग करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इसके कारण राज्य को भारी रिफंड देना पड़ता है जबकि नकद कर प्राप्तियां कम हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर और निर्यात के कारण पंजाब हर साल लगभग 1,200 करोड़ रुपये का रिफंड करता है, जिससे राजस्व प्रभावित होता है। अन्य सिफारिशों में बिना थ्रेशहोल्ड की परवाह किए कर चोरी से प्रभावित वस्तुओं के लिए ई-वे बिलों को अनिवार्य करना, निर्माताओं के लिए बी2बी आपूर्ति और बी 2 सी आपूर्ति के लिए अनिवार्य ई-इनवॉइसिंग, धोखाधड़ी करने वाले करदाताओं को ट्रैक करने के लिए जी एस टी एन और ई-वे बिलों में आई पी  एड्रेस की अनिवार्य मैपिंग और जियो-फेंसिंग की शुरुआत करना शामिल हैं।<br /><br />उन्होंने  जी एस टी आर 3बी फॉर्म में आई टी सी दावों को स्वचालित करने और जी एस टी आर -2बी में उपलब्ध राशि तक दावों को सीमित करने का भी प्रस्ताव रखा ताकि धोखाधड़ी वाले दावों को रोका जा सके।<br /><br />वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय और राज्य कर प्राधिकरणों दोनों के लिए विभिन्न सरकारी पोर्टलों से डेटा एकत्र करने के लिए एक एकीकृत ए आई  आधारित प्लेटफॉर्म के विकास और पंजीकरण से पहले जोखिम प्रोफाइलिंग के आधार पर अनिवार्य बायोमेट्रिक सत्यापन की भी सिफारिश की।<br /><br />उन्होंने अपने वक्तव्य का समापन यह कहते हुए किया कि पंजाब, वित्तीय प्राप्तियों को बढ़ाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है, लेकिन लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य की भूमि से घिरे होने और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के कारण बने हुए वित्तीय घाटे की पूर्ति के लिए अनाज को जीएसटी ढांचे में शामिल करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/need-to-reform-gst-system-to-benefit/article-2459</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 21:39:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रगतिशील नीतियों के कारण ऐतिहासिक औद्योगिक क्रांति का साक्षी बन रहा है पंजाब: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 23 जून</strong><br /><br />पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की प्रगतिशील औद्योगिक विकास नीतियों के परिणामस्वरूप प्रदेश आज एक ऐतिहासिक औद्योगिक क्रांति का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए इस समय कई नई पहलकदमियां प्रक्रिया में हैं।<br /><br />एच.एम.टी. इंडस्ट्रियल पार्क और माया गार्डन ग्रुप द्वारा गत सायं संयुक्त रूप से आयोजित व्यापार मेले को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाल ही में लागू किए गए फास्ट ट्रैक सिंगल विंडो सिस्टम पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-is-witnessing-a-historic-industrial/article-2293"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/pic-(2)-(4).jpeg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 23 जून</strong><br /><br />पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की प्रगतिशील औद्योगिक विकास नीतियों के परिणामस्वरूप प्रदेश आज एक ऐतिहासिक औद्योगिक क्रांति का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए इस समय कई नई पहलकदमियां प्रक्रिया में हैं।<br /><br />एच.एम.टी. इंडस्ट्रियल पार्क और माया गार्डन ग्रुप द्वारा गत सायं संयुक्त रूप से आयोजित व्यापार मेले को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाल ही में लागू किए गए फास्ट ट्रैक सिंगल विंडो सिस्टम पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह नवाचारी प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि आवश्यक परियोजनाओं की स्वीकृतियां 45 दिनों के भीतर प्रदान कर दी जाएं। यदि इस समय सीमा के भीतर स्वीकृतियां नहीं दी जातीं तो इसे स्वयं स्वीकृत मान लिया जाएगा और इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी।<br /><br />राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने रजिस्टर्ड सेल डीड जारी करने के लिए रंगीन कोडेड स्टाम्प पेपर भी लागू किया है, जिसमें अब पहले से ही चेंज ऑफ लैंड यूज (सी.एल.यू.) स्वीकृति शामिल होती है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत छह मुख्य विभाग - राजस्व, आवास एवं शहरी विकास, स्थानीय सरकारें, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन एवं वन्य जीव, तथा श्रम एवं फैक्ट्रियां द्वारा निर्धारित समय-सीमाओं के भीतर सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से पूर्व-स्वीकृतियों की प्रक्रिया कुशलतापूर्वक पूरी की जाती है।<br /><br />वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार ने पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम के माध्यम से प्लॉटों के क्लबिंग और डी-क्लबिंग के लिए एक व्यापक नीति को स्वीकृति दी है, जो भूमि उपयोग दक्षता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों द्वारा लंबे समय से की जा रही मांगों को पूरा करेगा, जिसमें परियोजनाओं के विस्तार के लिए साथ लगते प्लॉटों को मिलाने या बांटने की सहूलियत शामिल है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार लीजहोल्ड प्लॉटों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए एक नीति लाने की योजना बना रही है।<br /><br />सी.एल.यू. प्रक्रिया को सरल बनाने के राज्य सरकार के प्रयासों पर बल देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि स्टैंडअलोन उद्योगों के लिए अनुमत क्षेत्रों में सी.एल.यू. स्वीकृतियां प्राप्त करने की शर्त हटा दी गई है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण बदलाव ने राज्यभर में नए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में हो रही देरी और जटिलता को काफी हद तक कम कर दिया है।<br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की औद्योगिक विकास को अधिकतम प्रोत्साहन देने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले दो महीनों के दौरान ही औद्योगिक क्षेत्र को 180 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न केवल मौजूदा उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि राज्य के औद्योगिक वातावरण को मजबूत बनाते हुए नए उद्यमों को आकर्षित करने के लिए भी लगातार प्रयासरत है।<br /><br />राज्य सरकार की इन पहलकदमियों के लिए धन्यवाद करते हुए एच.एम.टी. समूह के सी.एम.डी. श्री मेघराज गर्ग ने कहा कि "रेड ज़ोन" में स्थित एच.एम.टी. इंडस्ट्रियल पार्क हर प्रकार के उद्योगों की स्थापना की अनुमति देता है। उन्होंने औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने और समय पर परियोजना स्वीकृतियों को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार की सराहना की।<br /><br />उल्लेखनीय है कि लालड़ू स्थित एच.एम.टी. इंडस्ट्रियल पार्क उभरते उद्योगों के लिए एक हब के रूप में कार्य कर रहा है और एनएच 22, एनएच 72 और एनएच 73 से बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करता है।<br /><br />इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में एच.एम.टी. के निदेशक सुदर्शन सिंगला और माया गार्डन समूह के सी.एम.डी. सतीश जिंदल भी शामिल थे।</div>
<div style="text-align:justify;">----------</div>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 18:16:28 +0530</pubDate>
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                <title>'वन इंडिया वन इलेक्शन' प्रस्ताव पर पंजाब सरकार और 'आप' ने जताया कड़ा विरोध: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़, 14 जून:</strong><br /><br />भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए 'एक राष्ट्र एक चुनाव' प्रस्ताव पर पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (आप) का कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शनिवार को इसे बाबासाहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर द्वारा बनाए गए भारत के संविधान की मौलिक संरचना और भावना पर सीधा हमला बताया।<br /><br />पी.पी. चौधरी की अध्यक्षता में संयुक्त संसदीय कमेटी द्वारा बुलाई गई बैठक में भाग लेने के बाद पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-government-and-aap-have/article-2166"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/pic-(2)-(52)1.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>चंडीगढ़, 14 जून:</strong><br /><br />भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए 'एक राष्ट्र एक चुनाव' प्रस्ताव पर पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (आप) का कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शनिवार को इसे बाबासाहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर द्वारा बनाए गए भारत के संविधान की मौलिक संरचना और भावना पर सीधा हमला बताया।<br /><br />पी.पी. चौधरी की अध्यक्षता में संयुक्त संसदीय कमेटी द्वारा बुलाई गई बैठक में भाग लेने के बाद पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि उन्होंने, 'आप' के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा के साथ मिलकर इस कदम को पूरी तरह से खारिज कर दिया। वित्त मंत्री चीमा ने कहा, "भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का यह प्रस्ताव एक छिपा हुआ एजेंडा है, जिसे बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर द्वारा सावधानीपूर्वक तैयार किए गए भारत के संविधान में निहित राष्ट्र के संघीय ढांचे को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।"<br /><br />प्रस्तावित विधेयक में संशोधनों का जिक्र करते हुए, वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि सुझाए गए संशोधन प्रभावी रूप से राज्य विधानसभाओं के कार्यकाल को केंद्र सरकार के विवेक के अधीन कर देंगे, जो संविधान में निहित संघीय ढांचे के साथ असंगत एक खतरनाक अतिक्रमण है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 356 और 360 के दुरुपयोग को और बढ़ावा देगा।<br /><br />भाग 2 की धारा 5 के अनुसार, यदि चुनाव आयोग की राय है कि किसी विधान सभा के चुनाव लोक सभा के आम चुनाव के साथ नहीं कराए जा सकते हैं, तो वह राष्ट्रपति को सिफारिश कर सकता है कि एक आदेश द्वारा घोषित किया जाए कि उस विधान सभा के चुनाव बाद की तारीख में कराए जा सकते हैं। इस संशोधन का हवाला देते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा की एक राष्ट्र एक चुनाव की अवधारणा अंततः उल्टी पड़ेगी, क्योंकि यह केंद्र सरकार को अपनी सुविधानुसार आम चुनावों के एक या दो साल बाद राज्य चुनाव कराने में सक्षम बनाएगी, बजाय इसके कि जिस उद्देश्य से इस प्रस्ताव का प्रचार किया जा रहा है, उसकी पूर्ति हो।<br /><br />संघीय लोकाचार और राज्यों की संस्थागत स्वायत्तता को बनाए रखने के लिए एकजुट रुख अपनाने का आह्वान करते हुए, चीमा ने जोर दिया कि ऐसे एकतरफा प्रस्ताव भारत के लोकतांत्रिक ताने-बाने के लिए आवश्यक शक्ति संतुलन को अस्थिर करने का जोखिम उठाते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा प्रस्तावित एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक क्षेत्रीय दलों को खत्म करने का एक सोची-समझी चाल है जो विविध संस्कृतियों, भाषाओं और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं और भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ हैं।<br /><br />संविधान को बनाए रखने के लिए पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और 'आप' केंद्रीकृत अतिक्रमण के खिलाफ राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए लिखित रूप में भी इस विधेयक का विरोध करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Jun 2025 21:33:28 +0530</pubDate>
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