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                <title>मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने ‘ईजी जमाबंदी’ पोर्टल के माध्यम से राजस्व सुधारों के लिए एक और क्रांतिकारी कदम उठाया</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gmail_quote" style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर, 12 जून</strong></div>
<div class="gmail_quote" style="text-align:justify;"><strong><br /></strong>पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान और दिल्ली के पूर्व मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज ‘ईजी जमाबंदी’ पोर्टल की शुरुआत की, जिसके साथ पंजाब ने अपने नागरिकों को भ्रष्टाचार मुक्त, सुचारू, परेशानी रहित और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने में सफलता का नया मुकाम हासिल किया है।  <br />दोनों नेताओं ने कहा कि इस पहल के साथ राजस्व विभाग की प्रमुख सेवाओं को प्रदान करने की प्रक्रिया से भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने के लिए एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इन सेवाओं से हर साल लाखों लोगों का सीधा संबंध होता है। उन्होंने कहा कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/chief-minister-bhagwant-singh-mann/article-2131"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/whatsapp-image-2025-06-12-at-17.20.33-(1).jpeg" alt=""></a><br /><div class="gmail_quote" style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर, 12 जून</strong></div>
<div class="gmail_quote" style="text-align:justify;"><strong><br /></strong>पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान और दिल्ली के पूर्व मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज ‘ईजी जमाबंदी’ पोर्टल की शुरुआत की, जिसके साथ पंजाब ने अपने नागरिकों को भ्रष्टाचार मुक्त, सुचारू, परेशानी रहित और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने में सफलता का नया मुकाम हासिल किया है।  <br />दोनों नेताओं ने कहा कि इस पहल के साथ राजस्व विभाग की प्रमुख सेवाओं को प्रदान करने की प्रक्रिया से भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने के लिए एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इन सेवाओं से हर साल लाखों लोगों का सीधा संबंध होता है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले पंजाब ने ‘ईजी रजिस्ट्री’ की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य संपत्ति रजिस्ट्री को सरल और पारदर्शी बनाना तथा भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त करना है। भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने मोहाली में ‘ईजी रजिस्ट्री’ का उपक्रम शुरू किया था और यह लोगों के लिए बड़ी सफलता साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले महीने पूरे जिले से भ्रष्टाचार की एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई, जो इस पहल की शानदार सफलता को दर्शाता है। दोनों नेताओं ने कहा कि इस ‘ईजी रजिस्ट्री’ को 15 जुलाई तक पूरे पंजाब में लागू कर दिया जाएगा।  <br />दोनों नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब के लोगों से भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वादा किया था और आज यहां से शुरू हुआ ‘ईजी जमाबंदी’ पोर्टल का क्रांतिकारी प्रयास हमारी सरकार की ईमानदारी, नेक नीयत, पारदर्शिता और जन-हितैषी उपक्रमों को दर्शाता है। भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह पोर्टल लोगों को पांच प्रमुख सेवाएं प्रदान करेगा, जिनमें व्हाट्सएप पर जमाबंदी प्राप्त करना, इंतकाल करवाना, रपट एंट्री और फर्द बदर (भूमि रिकॉर्ड में सुधार) के लिए ऑनलाइन सेवाएं शामिल हैं। इसका विस्तार से उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप के माध्यम से जमाबंदी प्राप्त करने का निर्णय लोगों को बड़े पैमाने पर सुविधा प्रदान करेगा, क्योंकि हर साल 40 लाख लोगों को भूमि रिकॉर्ड की फर्द (जमाबंदी) प्राप्त करने के लिए या तो अपने पटवारी के पास चक्कर काटने पड़ते थे या फर्द केंद्रों पर जाना पड़ता था।  <br />हालांकि, दोनों नेताओं ने कहा कि अब भूमि रिकॉर्ड के लिए पटवारी के पास जाने, कतारों में खड़े होने या रिश्वत देने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि लोगों को केवल ‘ईजी वेबसाइट’ पर जाकर अपने विवरण दर्ज करने हैं और उन्हें जमाबंदी की प्रति मुफ्त में मिल जाएगी। भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस जमाबंदी पर डिजिटल हस्ताक्षर होंगे और इसमें क्यूआर कोड भी होगा, जिसके माध्यम से कोई भी भूमि रिकॉर्ड की सत्यता की जांच के लिए क्यूआर कोड को स्कैन कर सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब के 99 प्रतिशत गांवों के भूमि रिकॉर्ड को डिजिटाइज कर दिया है, सभी भूमि रिकॉर्ड इस सेवा के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं और साथ ही बचे हुए गांवों को भी अगले दो महीनों में डिजिटाइज कर दिया जाएगा।  <br />ऑनलाइन इंतकाल सेवा के बारे में विवरण देते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि हर साल आठ लाख इंतकाल होते हैं, जिनमें 6 लाख भूमि रजिस्ट्री के बाद और 2 लाख वंशानुगत इंतकाल शामिल हैं। भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भूमि खरीदने या वंशानुगत संपत्ति की मालिकाना हक के लिए इंतकाल के लिए महीनों तक भागदौड़ करनी पड़ती थी और बड़ी बाधाएं आती थी। उन्होंने कहा कि अब पटवारी लोगों के रास्ते में रोड़ा नहीं बन सकते और न ही इस काम के लिए किसी को रिश्वत देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपनी भूमि की रजिस्ट्री करवाता है, तो इसका इंतकाल स्वतः 30 दिनों के भीतर हो जाएगा। वंशानुगत भूमि के मामले में आवेदक ‘ईजी जमाबंदी’ वेबसाइट पर इंतकाल के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं और 30 दिनों के निर्धारित समय के भीतर इंतकाल हो जाएगा। इस बारे में उन्हें पूरी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का व्हाट्सएप के माध्यम से अपडेट मिलेगा।  <br />रपट एंट्री के बारे में बात करते हुए भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हर साल लगभग 2 लाख रपट एंट्री (अदालती आदेशों या ऋणों के बारे में प्रविष्टियां) की जाती हैं। उन्होंने कहा कि अब मैनुअल प्रक्रिया या कार्यालयों के झंझट में पड़ने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केस मैनुअल कार्रवाई या लालफीताशाही के बिना सीधे पटवारी से डिजिटल रूप में परिवर्तित हो जाएगा। दोनों नेताओं ने कहा कि अदालती आदेशों के लिए एक दिन के भीतर और ऋणों के लिए सात दिनों के भीतर रपट एंट्री की जाएगी।  <br />फर्द बदर (भूमि रिकॉर्ड में संशोधन) के बारे में जानकारी देते हुए भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हर साल लगभग 60,000 फर्द बदर (रिकॉर्ड में संशोधन) के लिए अनुरोध प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि भूमि रिकॉर्ड (जैसे नाम में संशोधन) में त्रुटियों को ठीक करने के लिए लोगों को अब सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने या तहसीलदारों के रहमो-करम पर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दोनों नेताओं ने कहा कि इस संबंध में अब आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक साधारण फॉर्म ऑनलाइन जमा किया जा सकता है और आवेदन की प्रक्रिया 15 दिनों की समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी, साथ ही इन सेवाओं के लिए मामूली आवेदन शुल्क भी ऑनलाइन जमा किया जाएगा।  <br />जमाबंदी के लिए सब्सक्राइब करें (अपने भूमि रिकॉर्ड के लिए विवरण दर्ज करें) के बारे में जानकारी देते हुए भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भूमि मालिकाना हक की सुरक्षा के लिए, विशेष रूप से एनआरआई समुदाय के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने “अपने भूमि रिकॉर्ड के लिए सब्सक्राइब करें” पोर्टल की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि पहले कई भूमि रिकॉर्ड में मालिक की जानकारी के बिना ही बदलाव कर दिए जाते थे और अक्सर उन्हें कई सालों बाद पता चलता था, जिसके बाद उन्हें इस रिकॉर्ड को ठीक करवाने के लिए अदालतों में लंबे कानूनी संघर्ष का सामना करना पड़ता था। दोनों नेताओं ने कहा कि भूमि मालिक अब सरकार की वेबसाइट पर जाकर प्रति खेवट 500 रुपए की वार्षिक शुल्क देकर अपने भूमि रिकॉर्ड को सब्सक्राइब कर सकते हैं।  <br />दोनों नेताओं ने कहा कि इस कदम से वे दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर डिजिटल रूप में अपनी भूमि को सुरक्षित करने में सक्षम होंगे। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि सब्सक्राइब किए गए रिकॉर्ड के साथ कोई छेड़छाड़ की कोशिश की जाती है, तो भूमि मालिक को व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से तुरंत अलर्ट मिल जाएगा, जिसके बाद वे उसी समय ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकते हैं और यह आपत्ति सीधे संबंधित राजस्व अधिकारी के पास जाएगी। भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह कदम दुनिया भर के प्रवासी भारतीयों के लिए उनकी भूमि की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है।  <br />दोनों नेताओं ने कहा कि जमाबंदी (भूमि रिकॉर्ड की प्रति), इंतकाल, और फर्द बदर (रिकॉर्ड में संशोधन) जैसी सेवाओं के लिए पहले प्रत्येक व्यक्ति को पटवारियों या तहसीलदारों के पास खजल होना पड़ता था। उन्होंने कहा कि इन कार्यालयों में अक्सर भ्रष्टाचार का बोलबाला था, लेकिन अब लोगों को बार-बार पटवारियों या तहसीलदारों के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भगवंत सिंह मान और अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब कोई भी व्यक्ति अपने घर बैठे राजस्व विभाग की वेबसाइट <a href="http://easyjamabandi.punjab.gov.in/">easyjamabandi.punjab.gov.in</a> के माध्यम से केवल एक क्लिक पर ये सेवाएं प्राप्त कर सकता है। इसके साथ ही 1076 पर डायल करके या किसी भी सेवा केंद्र में आवेदन जमा करके भी इन सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 18:36:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>केजरीवाल और मुख्यमंत्री की ओर से औद्योगिक विकास में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए 12 नई पहल शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><br />एस.ए.एस. नगर (मोहाली), 10 जून<br /></strong><br />पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और मुख्य अतिथि अरविंद केजरीवाल ने आज राज्य में औद्योगिक विकास में क्रांति लाने के लिए 12 नई पहलों की शुरुआत की, जिसके साथ पंजाब में औद्योगिक क्रांति के तहत औद्योगिक विकास और समृद्धि का एक नया युग शुरू हुआ।  <br /><br />अधिक जानकारी देते हुए मुख्य अतिथि अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये 12 पहलें पंजाब में औद्योगिक संचालन के तौर-तरीकों, उद्योगों और सरकार के बीच संवाद, उद्योगों द्वारा अपनी जमीन की कीमत प्राप्त करने और राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनने के संबंध में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/kejriwal-and-chief-minister/article-2092"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/whatsapp-image-2025-06-10-at-6.10.44-pm-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><br />एस.ए.एस. नगर (मोहाली), 10 जून<br /></strong><br />पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और मुख्य अतिथि अरविंद केजरीवाल ने आज राज्य में औद्योगिक विकास में क्रांति लाने के लिए 12 नई पहलों की शुरुआत की, जिसके साथ पंजाब में औद्योगिक क्रांति के तहत औद्योगिक विकास और समृद्धि का एक नया युग शुरू हुआ।  <br /><br />अधिक जानकारी देते हुए मुख्य अतिथि अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये 12 पहलें पंजाब में औद्योगिक संचालन के तौर-तरीकों, उद्योगों और सरकार के बीच संवाद, उद्योगों द्वारा अपनी जमीन की कीमत प्राप्त करने और राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनने के संबंध में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले राज्य सरकार सभी आवेदनों के लिए 45 दिनों में डीम्ड अप्रूवल सिस्टम को सुनिश्चित करेगी, जिसके तहत यह शर्त होगी कि व्यवसाय स्थापित करने या मौजूदा व्यवसाय के विस्तार के लिए सभी मंजूरियां और स्वीकृतियां अधिकतम 45 कार्यदिवसों में जारी की जाएंगी, जिससे निवेशकों की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक - देरी और अनिश्चितता - का समाधान होगा। इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि कई मंजूरियां 60 से 120 कार्यदिवसों में प्रदान की जाती थीं और वास्तविक प्रक्रिया में अक्सर इससे भी अधिक समय लगता था, जिससे परियोजना लागू करने में अनिश्चितता पैदा होती थी।  <br /><br />मुख्य अतिथि ने कहा कि अब नए व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवेदन करने पर सरकार सात दिनों के भीतर आवेदन की ऑनलाइन समीक्षा करेगी और यदि कोई कमी है तो आवेदक को इसकी सूचना देगी। इन कमियों को दूर करने के बाद बाकी 45 दिनों के भीतर सभी मंजूरियां प्रदान की जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि एक डीम्ड अप्रूवल सिस्टम भी लागू किया गया है और यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सक्षम प्राधिकारी द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तो फास्ट-ट्रैक पंजाब पोर्टल अगले दिन स्वतः एक मंजूरी तैयार करेगा, जिसकी कानूनी वैधता नियमित मंजूरी के समान होगी। अरविंद केजरीवाल ने जोर देकर कहा कि यह जवाबदेही और सिस्टम-संचालित कदम पंजाब को निवेशक सुविधाओं के मामले में एक राष्ट्रीय मॉडल बनाता है, जो तेलंगाना, कर्नाटक (दोनों कांग्रेस शासित), गुजरात, महाराष्ट्र (दोनों भाजपा शासित) और तमिलनाडु जैसे उन्नत औद्योगिक राज्यों को भी पीछे छोड़ता है।  <br /><br />दूसरा, मुख्य अतिथि ने कहा कि फास्ट-ट्रैक पंजाब पोर्टल को सभी मंजूरियां प्रदान करने के लिए सिंगल-विंडो के रूप में शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि भले ही पंजाब में पिछली सरकारों ने सिंगल विंडो सिस्टम शुरू करने का दावा किया था, लेकिन वे सभी दावे झूठे साबित हुए हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारत में पहली बार, पंजाब ने निवेशकों के लिए सिंगल विंडो स्थापित की है, जहां वे आवेदन कर सकते हैं और राज्य सरकार सभी विभागों से उनके लिए मंजूरियां प्राप्त करेगी।  <br /><br />उन्होंने आगे कहा कि यह पोर्टल उद्योग, संस्थागत परियोजनाओं और सेवा क्षेत्रों के लिए एंड-टू-एंड रेगुलेटरी क्लीयरेंस प्रदान करता है, जिसका संचालन डिजिटल रूप से ट्रैक किए गए वर्कफ्लो, ऑटो-एस्केलेशन और रीयल-टाइम स्टेटस अपडेट के माध्यम से किया जाता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि निवेशकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। तीसरा, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने व्यवसाय के अधिकार संबंधी कानून के दायरे का काफी विस्तार किया है और अब यदि कोई उद्यमी 125 करोड़ रुपए तक के निवेश के साथ कोई परियोजना शुरू कर रहा है, तो उसे मंजूरियों के लिए 45 दिनों का इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उद्यमियों के स्व-घोषणा के आधार पर, सरकार उन्हें तीन दिनों के भीतर सैद्धांतिक मंजूरियां देगी, यदि परियोजना किसी औद्योगिक पार्क में स्थित है। लेकिन यदि परियोजना किसी औद्योगिक पार्क के बाहर है, तो सैद्धांतिक मंजूरियां 15 दिनों में दी जाएंगी।  <br /><br />मुख्य अतिथि ने कहा कि ये मंजूरियां 3.5 वर्षों के लिए वैध होंगी और इस अवधि में उद्योगों को आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करनी होंगी। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब में लगभग 95 प्रतिशत परियोजना प्रस्तावों को लाभ मिलेगा, जिसमें उद्योग, आईटी इकाइयां, अस्पताल, होटल और शैक्षणिक संस्थान (बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, रियल एस्टेट और आवासीय परियोजनाओं को छोड़कर) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन प्रावधानों को लागू करने के लिए अगले विधानसभा सत्र में व्यवसाय का अधिकार अधिनियम में संशोधन पेश करेगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि निवेशकों को एक और सुविधा देते हुए, पंजाब अब बिल्डिंग प्लान संबंधी मंजूरियां और स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रियाओं को आसान बना रहा है, क्योंकि ये प्रक्रियाएं पहले निवेशकों के लिए बहुत समय लेने वाली और महंगी थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में निवेशकों को सरकार द्वारा सूचीबद्ध कुछ विशेषज्ञों के पीछे भागना पड़ता था और अब सरकार द्वारा एक स्व-प्रमाणन प्रणाली पेश की जा रही है।  <br /><br />मुख्य अतिथि ने कहा कि उद्यमी अपने बिल्डिंग प्लान को किसी भी आर्किटेक्ट से मंजूरी दिला सकते हैं और राज्य सरकार इसे स्वीकार करेगी। उन्होंने आगे कहा कि उद्यमी किसी भी योग्य सिविल/स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जारी अपना स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं और राज्य सरकार द्वारा इसे स्वीकार किया जाएगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब अनावश्यक जांच और मंजूरियों के लिए सरकार के पीछे भागने की कोई जरूरत नहीं रहेगी।  <br /><br />उद्यमियों को एक और राहत देते हुए मुख्य अतिथि ने पंजाब में फायर सेफ्टी संबंधी एन.ओ.सी. जारी करने के नियमों को आसान बनाने की घोषणा भी की, जिसके साथ पंजाब इस संबंध में देश का सबसे प्रगतिशील राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि एक स्व-प्रमाणन प्रणाली शुरू की जा रही है और पैनल में शामिल आर्किटेक्टों द्वारा तैयार की गई फायर ड्राइंग/योजनाओं को सरकार द्वारा स्वीकार किया जाएगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के लिए फायर एन.ओ.सी. की वैधता को जोखिम वर्गीकरण के आधार पर एक वर्ष से बढ़ाकर तीन से पांच वर्ष तक कर दिया गया है और केवल जोखिम वाले उद्योगों को वार्षिक एन.ओ.सी. की आवश्यकता होगी।  <br /><br />अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 12 पहलों में से चार पहलें जमीन की मालकियत में पारदर्शिता प्रदान करने और निवेशकों के लिए औद्योगिक जमीन की कीमत को अनलॉक करने से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि यह इस बात को मान्यता देता है कि पंजाब में जमीन महत्वपूर्ण और मूल्यवान है और यदि जमीन की कीमत को अनलॉक किया जा सकता है, तो यह पंजाब में व्यवसायों की प्रतिस्पर्धात्मकता को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करता है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारत में पहली बार, पंजाब एक डिजिटल रूप से डिलीवर किया गया लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट शुरू कर रहा है, जो सर्कल रेवेन्यू ऑफिसर (सी.आर.ओ.)/तहसीलदार द्वारा 15 कार्यदिवसों की निर्धारित समय-सीमा के भीतर जारी किया जाता है।  <br /><br />मुख्य अतिथि ने कहा कि यह सेवा जमीन की मालकियत की पुष्टि करती है, साथ ही जमीन जोनिंग और साइटिंग के साथ निवेशक को उसकी जमीन की मालकियत के बारे में भरोसा मिलता है। उन्होंने कहा कि यह एक बुनियादी मंजूरी भी बन जाएगी, जिससे पर्यावरण और निर्माण परमिट जैसी बाद की मंजूरियों के लिए आवेदन करने में आसानी होगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब की नई प्लॉट सब-डिवीजन नीति परिवार के सदस्यों, सह-डेवलपर्स, या संयुक्त उद्यमों में औद्योगिक प्लॉटों की आसानी से वितरण की अनुमति देती है, जिससे व्यवसायों की उभरती जरूरतों के मुताबिक जमीन का मुद्रीकरण या पुनर्विकास करने की सुविधा मिलती है।  <br /><br />उन्होंने कहा कि यह भूमि के सुचारू उपयोग के साथ-साथ ब्राउनफील्ड निवेश को प्रोत्साहित करेगा और निवेशकों के लिए संपत्ति प्रबंधन को आसान बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया स्पष्ट समय-सीमाओं, योग्यता नियमों और दुरुपयोग के खिलाफ सुरक्षा के साथ पूरी तरह डिजिटाइज की गई है, जो एक निष्पक्ष और पारदर्शी दृष्टिकोण को सुनिश्चित करती है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक अन्य महत्वपूर्ण पहल लंबे समय से चली आ रही औद्योगिक मांग को संबोधित करती है, जो लीजहोल्ड प्लॉटों को फ्रीहोल्ड प्लॉटों में बदलने की सहमति देती है।  <br /><br />मुख्य अतिथि ने कहा कि यह स्पष्ट और पारदर्शी ढंग से किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार एक नीति लाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम जमीन की बाजार कीमत को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा, बैंक ऋण और वित्त तक पहुंच को आसान बनाएगा और मालकियत-आधारित विस्तार या हस्तांतरण को सक्षम बनाएगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक अन्य महत्वपूर्ण पहल में वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में उद्योग प्रोत्साहन के लिए 250 करोड़ रुपए से अधिक राशि वितरित की जाएगी, जो कि पिछली कांग्रेस सरकार (5 वर्षों में 53 करोड़ रुपए) या अकाली-भाजपा सरकार (कोई प्रोत्साहन नहीं वितरित) के दौरान वितरित राशि से बहुत अधिक है।  <br /><br />अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को दिए जाने वाले सभी प्रोत्साहनों के बैकलॉग को पूरा कर रही है और उन्होंने कहा कि अप्रैल 2025 से अब तक 150 करोड़ रुपए पहले ही वितरित किए जा चुके हैं और इस महीने के अंत तक कुल 250 करोड़ रुपए वितरित किए जाएंगे, जो पंजाब के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड होगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि जमीन लेना नए निवेशकों के लिए रुकावट न बने, पंजाब सरकार ने सभी पी.एस.आई.ई.सी. फोकल पॉइंट्स में 260 औद्योगिक प्लॉटों की नीलामी खोली है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण कदम औद्योगिक प्लॉटों के लिए लंबे समय से चली आ रही उद्योग की मांग को पूरा करता है और राज्य भर में परियोजना ग्राउंडिंग और नए निवेश को प्रोत्साहित करेगा।  <br /><br />अंत में, अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राज्य सरकार नवंबर 2025 तक फोकल पॉइंट्स के बुनियादी ढांचे के अपग्रेड में 300 करोड़ रुपए का निवेश करेगी और उन्होंने कहा कि इमारत संबंधी कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और अगले छह महीनों में उच्च गुणवत्ता वाले मानकों के तहत सड़कें, संकेतक बोर्ड, स्ट्रीट लाइट्स, हरित पट्टियां, चारदीवारी, सफाई और स्वच्छता की सुविधा दी जाएगी।  <br /><br />मुख्य अतिथि ने कहा कि इसी तरह बड़े सीवरेज और एस.टी.पी. से संबंधित कार्य जून 2026 तक पूरा हो जाएगा और राज्य सरकार एक औद्योगिक पार्क रखरखाव मॉडल भी विकसित और लागू करेगी, जो सरकार और उद्योग के मिलकर रखरखाव को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर लागू करने और क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों या अन्य हितधारकों द्वारा उद्योग को कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक पंजाब पोर्टल के साथ-साथ एक कॉल सेंटर के माध्यम से एक मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली लागू की जा रही है।  <br /><br />अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब में उद्योगों को सुगम और राष्ट्रीय/वैश्विक प्रतिस्पर्धा के साथ कार्यशील होने को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे पंजाब की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ‘पंजाब उद्योग क्रांति’ राज्य और इसके उद्योगों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी और रंगला पंजाब के विजन को साकार करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शुरू किया गया फास्ट-ट्रैक पोर्टल राज्य में भ्रष्टाचार-मुक्त औद्योगीकरण की शुरुआत को दर्शाता है।  <br /><br />अरविंद केजरीवाल ने कहा कि औद्योगिक क्रांति के तहत राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई 12 पहलें भ्रष्ट शासन और संरक्षण के युग को समाप्त कर देंगी। उन्होंने कहा कि यह देश के इतिहास में एक साहसिक कदम है और देश के किसी भी हिस्से में ऐसा कदम नहीं उठाया गया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन बड़े सुधारों का उद्देश्य औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने आगे कहा कि जो उद्यमी पंजाब छोड़ गए हैं, उन्हें भी वापस आना चाहिए और अपने उद्यम फिर से शुरू करने चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन उद्यमियों को सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे अपने कार्य में सफलता प्राप्त कर सकें और राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 10 Jun 2025 19:40:03 +0530</pubDate>
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