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                <title>'चीन का मेगा डैम भारत के लिए वॉटर बम', अरुणाचल के सीएम पेमा खांडू की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अरुणाचल के CM पेमा खांडू ने चेतावनी दी है कि चीन सीमा पर एक विशाल जलाशय का निर्माण कर रहा है, जिसे 'वाटर बम' के रूप में देखा जा सकता है। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है, बल्कि इससे अरुणाचल, असम और बांग्लादेश में बाढ़ की आशंका बढ़ जाएगी।</p>
<p>नई दिल्लीः अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि राज्य की सीमा के समीप चीन द्वारा बनाया जा रहा विशाल बांध एक 'वाटर बम' होगा। इससे सिर्फ सैन्य खतरा ही नहीं खड़ा होगा बल्कि यह किसी भी अन्य समस्या से कहीं ज्यादा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%A1%E0%A5%88%E0%A4%AE-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B5%E0%A5%89%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%AE-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B2/article-2531"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/122346526.webp" alt=""></a><br /><p>अरुणाचल के CM पेमा खांडू ने चेतावनी दी है कि चीन सीमा पर एक विशाल जलाशय का निर्माण कर रहा है, जिसे 'वाटर बम' के रूप में देखा जा सकता है। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है, बल्कि इससे अरुणाचल, असम और बांग्लादेश में बाढ़ की आशंका बढ़ जाएगी।</p>
<p>नई दिल्लीः अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि राज्य की सीमा के समीप चीन द्वारा बनाया जा रहा विशाल बांध एक 'वाटर बम' होगा। इससे सिर्फ सैन्य खतरा ही नहीं खड़ा होगा बल्कि यह किसी भी अन्य समस्या से कहीं ज्यादा बड़ा मुद्दा है। खांडू ने कहा कि यारलुंग सांगपो नदी पर दुनिया की सबसे बड़ी बांध परियोजना गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि चीन ने अंतरराष्ट्रीय जल संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जो उसे अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का पालन करने के लिए मजबूर कर सकती थी।</p>
<p><img src="https://cdn.britannica.com/20/119620-050-AC901996/Yichang-Three-Gorges-Dam-Yangtze-River-China.jpg" alt="Three Gorges Dam | Facts, Construction, Benefits, &amp; Problems | Britannica"></img><br />चीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता<br />ब्रह्मपुत्र नदी को तिब्बत में यारलुंग सांगपो नाम से जाना जाता है। खांडू ने कहा, 'मुद्दा यह है कि चीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। कोई नहीं जानता कि वे कब क्या करेंगे।' उन्होंने कहा, 'चीन से सैन्य खतरे के अलावा, मुझे लगता है कि यह किसी भी अन्य समस्या से कहीं ज्यादा बड़ा मुद्दा है। यह हमारी जनजातियों और हमारी आजीविका के लिए अस्तित्व का खतरा पैदा करने वाला है। यह काफी गंभीर मुद्दा है क्योंकि चीन इसका इस्तेमाल एक तरह के 'वॉटर बम' के रूप में भी कर सकता है।'</p>
<p>137 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत का प्रोजेक्ट<br />यारलुंग सांगपो बांध के नाम से जानी जाने वाली इस बांध परियोजना की घोषणा चीन के तत्कालीन प्रधानमंत्री ली केकियांग द्वारा 2021 में सीमा क्षेत्र का दौरा करने के बाद की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने 137 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत वाली इस पंचवर्षीय परियोजना के निर्माण को 2024 में मंजूरी दी। इससे 60,000 मेगावाट बिजली उत्पादन होने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा जलविद्युत बांध बन जाएगा।</p>
<p>कैसे बेलागम है चीन, सीएम ने बताया<br />खांडू ने कहा कि अगर चीन ने अंतरराष्ट्रीय जल संधि पर हस्ताक्षर किए होते, तो कोई समस्या नहीं होती क्योंकि जलीय जीवन के लिए बेसिन के निचले हिस्से में एक निश्चित मात्रा में पानी छोड़ना अनिवार्य होता। उन्होंने कहा कि असल में, अगर चीन अंतरराष्ट्रीय जल-बंटवारे समझौतों पर हस्ताक्षर करता, तो यह परियोजना भारत के लिए वरदान साबित हो सकती थी।</p>
<p>सीएम से समझिए...किस तरह खतरनाक है ये प्रोजेक्ट<br />इससे अरुणाचल प्रदेश, असम और बांग्लादेश में, जहां ब्रह्मपुत्र नदी बहती है, मॉनसून के दौरान आने वाली बाढ़ को रोका जा सकता था। खांडू ने कहा, 'लेकिन चीन ने इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, और यही समस्या है... मान लीजिए कि बांध बन गया और उन्होंने अचानक पानी छोड़ दिया, तो हमारा पूरा सियांग क्षेत्र नष्ट हो जाएगा। खास तौर पर, आदि जनजाति और उनके जैसे अन्य समूहों को... अपनी सारी संपत्ति, जमीन और विशेष रूप से मानव जीवन को विनाशकारी प्रभावों का सामना करते देखना पड़ेगा।'</p>
<p><br />भारत कैसे निपट सकता है?<br />मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वजह से भारत सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद अरुणाचल प्रदेश सरकार ने सियांग ऊपरी बहुउद्देशीय परियोजना नामक एक परियोजना की परिकल्पना की है, जो रक्षा तंत्र के रूप में काम करेगी और जल सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना ​​है कि चीन या तो अपनी तरफ काम शुरू करने वाला है या शुरू कर चुका है। लेकिन वे कोई जानकारी साझा नहीं करते। अगर बांध का निर्माण पूरा हो जाता है, तो आगे चलकर हमारी सियांग और ब्रह्मपुत्र नदियों में जल प्रवाह में काफी कमी आ सकती है।'</p>
<p>खांडू ने कहा कि भारत की जल सुरक्षा के लिए, अगर सरकार अपनी परियोजना को योजना के अनुसार पूरा कर पाती है, तो वह अपने बांध से पानी की जरूरतें पूरी कर सकेगी।उन्होंने कहा कि भविष्य में अगर चीन पानी छोड़ता है, तो निश्चित रूप से बाढ़ आएगी, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है। खांडू ने कहा कि इसी वजह से राज्य सरकार स्थानीय आदि जनजातियों और इलाके के अन्य लोगों के साथ बातचीत कर रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं इस मुद्दे पर और जागरूकता बढ़ाने के लिए जल्द ही एक बैठक आयोजित करने जा रहा हूं।' यह पूछे जाने पर कि सरकार चीन के इस कदम के खिलाफ क्या कर सकती है, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल विरोध दर्ज करा कर हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकती। उन्होंने कहा, 'चीन को कौन समझाएगा? चूंकि हम चीन को वजह नहीं समझा सकते, इसलिए बेहतर है कि हम अपने रक्षा तंत्र और तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करें। इस समय हम इसी में पूरी तरह लगे हुए हैं।' चीन का बांध हिमालय पर्वतमाला के एक विशाल खड्ड पर बनाया जाएगा, जहां से नदी अरुणाचल प्रदेश में प्रवाहित होने के लिए एक 'यूटर्न' लेती है।</p>
<p>Read also : <span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%87-5-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%AA/article-2530">भारत बना रहा ये 5 खतरनाक हाइपरसोनिक मिसाइलें, सुनकर कांप गया पाकिस्तान, टेंशन में महाशक्तियां</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%A1%E0%A5%88%E0%A4%AE-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%B5%E0%A5%89%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%AE-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%A3%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%B2/article-2531</link>
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                <pubDate>Thu, 10 Jul 2025 13:59:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्राजील ने पीएम मोदी को स्पेशल डिनर के लिए भेजा निमंत्रण, जल भुन गया चीन, जिनपिंग ने कैंसिल किया अपना प्लान। </title>
                                    <description><![CDATA[<p>  ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन होने वाला है. इस बीच खबर आई है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सम्मेलन के लिए ब्राजील नहीं जाएंगे. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी जाने का प्लान कैसिंल कर सकते हैं. हालांकि अभी तक इसको लेकर ऑफीशियल जानकारी नहीं मिली है. ब्राजील ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्पेशल डिनर के लिए आमंत्रित किया है. कहा जा रहा है कि चीन को इसी बात से मिर्ची लग गई है.</p>
<p>एक रिपोर्ट के मुताबिक जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेने का प्लान रहे हैं.</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/national/%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B2-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%8F%E0%A4%AE-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%B2-%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AD%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BE/article-2330"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/pm-modi-on-lex-fridman-podcast-india-china-ties-must-focus-on-dialogue-not-discord.webp" alt=""></a><br /><p> ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन होने वाला है. इस बीच खबर आई है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सम्मेलन के लिए ब्राजील नहीं जाएंगे. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी जाने का प्लान कैसिंल कर सकते हैं. हालांकि अभी तक इसको लेकर ऑफीशियल जानकारी नहीं मिली है. ब्राजील ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्पेशल डिनर के लिए आमंत्रित किया है. कहा जा रहा है कि चीन को इसी बात से मिर्ची लग गई है.</p>
<p>एक रिपोर्ट के मुताबिक जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेने का प्लान रहे हैं. अगर ऐसा हुआ तो यह एक दशक से अधिक समय में पहला मौका होगा जब वह इस बैठक में भाग नहीं लेंगे. हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने बुधवार को अपनी खबर में कहा कि इसके बजाय, चीनी प्रधानमंत्री और शी के विश्वासपात्र ली क्विंग शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. खबर है कि ब्राजील ने प्रधानमंत्री मोदी को राजकीय रात्रि भोज के लिए निमंत्रण भेजा है.</p>
<p>पुतिन भी नहीं जाएंगे ब्राजील</p>
<p>मॉस्को में क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बुधवार को घोषणा की, ‘‘रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ब्राजील में आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस का प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वीडियो लिंक के माध्यम से इस कार्यक्रम में भाग लेंगे.’’</p>
<p>ब्रिक्स की मेजबानी करेगा ब्राजील</p>
<p>ब्रिक्स के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में ब्राजील 6-7 जुलाई को रियो डी जेनेरियो में उसके नियमित 17वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं. इस समूह का विस्तार पांच अतिरिक्त सदस्य देशों मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ किया गया है.</p>
<p>यूक्रेन के अनुरोध पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत (आईसीसी) द्वारा पुतिन के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट के कारण पुतिन वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे.</p>
<p>Read also : <span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.nirpakhpost.in/entertainment/%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E2%80%99-%E0%A4%AE%E0%A4%9A%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A4%BE-6-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%9C%E0%A4%9F/article-2329">सितारे जमीन पर’ मचा रही तहलका, 6 दिन में बजट का 91% वसूल चुकी है फिल्म, जाने- कलेक्शन।</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Jun 2025 12:21:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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                <title>करीबी दोस्त ने पाकिस्तान को छोड़ दिया? दुनिया का सबसे बड़ा देश करवा रहा भारत और चीन की दोस्ती, बोला- अब दोनों के साथ मिलकर...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार (9 जून, 2025) को भारत और चीन के रिश्ते पर बड़ी बात कही है. उनको लगता है कि दोनों देशों के बीच तनाव काफी कम हो गया है इसलिए RIC यानी रूस-इंडिया-चाइना के बीच त्रिकोणीय सहयोग बनाने का अच्छा मौका है. सर्गेई लावरोव ने कहा कि आरआईसी त्रिकोणीय सहयोग का रुका हुआ काम फिर से शुरू हो सकता है. </p>
<p>साल 2020 के गलवन घाटी हमले के बाद भारत और चीन के रिश्तों में काफी तनाव आ गया था, जो इस साल की शुरुआत में कम होने लगा था, लेकिन भारत और पाकिस्तान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AC%E0%A5%80-%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%9B%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87/article-2083"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/1717486016_1709470337_new-project-1.jpg" alt=""></a><br /><p>रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार (9 जून, 2025) को भारत और चीन के रिश्ते पर बड़ी बात कही है. उनको लगता है कि दोनों देशों के बीच तनाव काफी कम हो गया है इसलिए RIC यानी रूस-इंडिया-चाइना के बीच त्रिकोणीय सहयोग बनाने का अच्छा मौका है. सर्गेई लावरोव ने कहा कि आरआईसी त्रिकोणीय सहयोग का रुका हुआ काम फिर से शुरू हो सकता है. </p>
<p>साल 2020 के गलवन घाटी हमले के बाद भारत और चीन के रिश्तों में काफी तनाव आ गया था, जो इस साल की शुरुआत में कम होने लगा था, लेकिन भारत और पाकिस्तान की लड़ाई में चीन ने जो रुख अपनाया है, उसकी वजह से एक बार फिर दूरियां बढ़ गई हैं. पिछले महीने पाकिस्तान और भारत के बीच चली 3-4 दिन की लड़ाई के दौरान भले ही चीन ने सामने आकर पाकिस्तान का सहयोग न किया हो, लेकिन 10 मई को जैसे ही दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ तो चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के सपोर्ट में बयान दिया. </p>
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<p>उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और राष्ट्रीय स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए हमेशा पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा. इसके अलावा, चीन पाकिस्तान को हथियारों का सबसे बड़ा सप्लायर है, जिनका इस्तेमाल लड़ाई के दौरान भारत के खिलाफ किया गया. हालांकि, भारत की ताकत के सामने ये हथियार कुछ कर नहीं सके. अब रूसी विदेश मंत्री को लगता है कि भारत और चीन के बीच तनाव कम हो रहा है. </p>
<p>मॉस्को में 'भविष्य-2050 के फोरम’ को संबोधित करते हुए सर्गेई लावरोव ने कहा कि आरआईसी प्रारूप में संयुक्त कार्य की बहाली बहुध्रुवीय वास्तुशिल्प के निर्माण समेत यूरेशियाई प्रक्रियाओं की दिशा में पहला कदम हो सकता है.</p>
<p>रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार लावरोव ने कहा, 'मुझे वाकई उम्मीद है कि हम रूस-भारत-चीन त्रिकोण के काम को फिर से शुरू कर पाएंगे. पिछले कुछ सालों से हमारी विदेश मंत्रियों के स्तर पर बैठक नहीं हुई है लेकिन हम अपने चीनी सहयोगी और विदेश विभाग के भारतीय प्रमुख के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं.'</p>
<p>उन्होंने कहा, 'मैं वास्तव में आशा करता हूं कि अब जब तनाव कम हो गया है, मेरी राय में, भारत और चीन के बीच सीमा पर काफी हद तक कम हो गया है और स्थिति स्थिर हो रही है तो ऐसे में नई दिल्ली और बीजिंग के बीच बातचीत हो रही है, तो हम इस रूस-भारत-चीन त्रिकोण के काम को फिर से शुरू करने में सक्षम होंगे.'</p>
<p>पिछले सप्ताह, एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने मॉस्को में लावरोव से मुलाकात की थी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक पत्र सौंपा. रूसी विदेश मंत्रालय के हवाले से समाचार एजेंसी ने बताया कि लावरोव ने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास बनाने के लिए पाकिस्तान और भारत के बीच सीधी बातचीत की आवश्यकता है.</p>
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                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Politics</category>
                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Jun 2025 13:10:40 +0530</pubDate>
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