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                <title>Punjabi - Nirpakh Post</title>
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                <description>Punjabi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कांग्रेस लाशों पर राजनीति करना बंद करे, पंजाब 1984 में कांग्रेस की भूमिका को नहीं भूला: हरभजन सिंह ईटीओ   </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चंडीगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">12 सितंबर</span></p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के नेता और कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने गुरुवार को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और कांग्रेस पार्टी द्वारा स्वर्गीय गुलज़ार सिंह की दर्दनाक मौत पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश करने के लिए आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कांग्रेस को लाशों पर राजनीति करना बंद करना चाहिए और कानून को अपना काम करने देना चाहिए।</span></p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एक बयान में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि गुलज़ार सिंह की मौत एक बेहद दुखद घटना है और पंजाब सरकार इस मामले में पहले ही ठोस कार्रवाई</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/congress-should-stop/article-7178"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/press-note-image-1-(64)1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">चंडीगढ़</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">12 सितंबर</span></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के नेता और कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने गुरुवार को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और कांग्रेस पार्टी द्वारा स्वर्गीय गुलज़ार सिंह की दर्दनाक मौत पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश करने के लिए आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कांग्रेस को लाशों पर राजनीति करना बंद करना चाहिए और कानून को अपना काम करने देना चाहिए।</span></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एक बयान में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि गुलज़ार सिंह की मौत एक बेहद दुखद घटना है और पंजाब सरकार इस मामले में पहले ही ठोस कार्रवाई कर चुकी है। उन्होंने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">निष्पक्ष जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है और आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति व जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।"</span></p>
<p> </p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार को इस अपूरणीय क्षति से उबरने के लिए समय और स्थान देने की बजाय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेसी नेता इस त्रासदी को राजनीतिक अवसर में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।</span></p>
<p> </p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं को मृतकों के प्रति संवेदनशीलता के बारे में पंजाब को भाषण देने का कोई हक नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि उनकी अपनी पार्टी का इतिहास देश के इतिहास के सबसे काले पन्नों से भरा हुआ है। उन्होंने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">पंजाब 1984 को नहीं भूला है। पंजाब बेगुनाह पंजाबियों की हत्याओं को नहीं भूला है। पंजाब उस राजनीतिक संरक्षण और सुरक्षा को नहीं भूला है जो सिख विरोधी हिंसा से जुड़े कांग्रेसी नेताओं को दी गई थी। पूर्व कांग्रेसी सांसद सज्जन कुमार को 1984 के दंगों के मामलों में दोषी ठहराया गया था और वह अभी भी उस काले अध्याय का प्रतीक है।"</span></p>
<p> </p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">मंत्री ने कहा कि जब इसके मौजूदा पंजाब अध्यक्ष के आचरण की जांच की जाती है तो कांग्रेस का रिकॉर्ड और भी सवालों के घेरे में आ जाता है। उन्होंने आगे कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">राजा वड़िंग को पंजाब के लोगों को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने पंजाब से उठकर केंद्रीय गृह मंत्री बने प्रमुख दलित नेता स्वर्गीय सरदार बूटा सिंह के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां क्यों की थीं।"</span></p>
<p> </p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">बूटा सिंह जी एक महान दलित नेता थे जिन्होंने अपनी मेहनत और जनसेवा के माध्यम से बाधाओं को तोड़ा। फिर भी राजा वड़िंग ने उनके खिलाफ अपमानजनक और नस्लभेदी टिप्पणियां करने का रास्ता चुना। उन टिप्पणियों पर एक एफआईआर दर्ज की गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने बाद में पंजाब पुलिस को इस मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। वही राजा वड़िंग अब पंजाब को दलित सम्मान के बारे में भाषण दे रहे हैं।"</span></p>
<p> </p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">हरभजन सिंह ईटीओ ने तीखा सवाल करते हुए पूछा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">जब राजा वड़िंग सरदार बूटा सिंह के खिलाफ टिप्पणियां कर रहे थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब दलितों के प्रति यह हमदर्दी कहां थी</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">जब 1984 का नरसंहार हुआ था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब पंजाब के लिए कांग्रेस की चिंता कहां थी</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">और यह नैतिक गुस्सा तब कहां था जब उस काले दौर से जुड़े कांग्रेसी नेता राजनीतिक रसूख का आनंद ले रहे थे</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">पंजाब को सब कुछ याद है।"</span></p>
<p> </p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल गांधी दिल्ली से ट्वीट करते हैं और राजा वड़िंग पंजाब पहुंच जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन दोनों ही लाश पर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित परिवार को इस अपूरणीय क्षति से उबरने के लिए समय देने की बजाय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस उनके दर्द को राजनीतिक अवसर में बदल रही है। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है।"</span></p>
<p> </p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि पंजाब के लोगों ने डर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सांप्रदायिक विभाजन और मानवीय त्रासदियों के शोषण की राजनीति को बार-बार खारिज किया है। उन्होंने आगे कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस को एक बात स्पष्ट रूप से याद रखनी चाहिए: पंजाब किसी को भी एक गरीब दलित कार्यकर्ता की मौत को अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा की सीढ़ी नहीं बनाने देगा।"</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/congress-should-stop/article-7178</link>
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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 21:19:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रोपड़ के विधायक दिनेश चड्ढा ने हिमाचल के औद्योगिक प्रदूषण से पंजाब की जीवनरेखा सतलुज को खतरे का किया खुलासा   </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">चंडीगढ़, 12 सितंबर</p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">रोपड़ से आम आदमी पार्टी (आप) विधायक दिनेश चड्ढा ने हिमाचल प्रदेश के बीबीएन औद्योगिक इलाके से बिना ट्रीट किया हुआ औद्योगिक कचरा और सीवेज का पानी सरसा नदी में डाले जाने पर गंभीर चिंता जताई है। चिंता जताई गई है, जो बाद में सतलुज नदी में मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोपड़ के विधायक दिनेश चड्ढा ने कहा, "बद्दी इलाके के दौरे के दौरान, हमारी टीम ने देखा कि कई लोकल नालों और गड्ढों से औद्योगिक वेस्ट सरसा नदी में जा रहा है। फार्मास्यूटिकल वेस्ट, एसिड और दूसरे औद्योगिक केमिकल्स अलग-अलग जगहों पर नालों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/ropar-mla-dinesh-chadha-exposed-th/article-7177"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/press-note-image-1-(68).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चंडीगढ़, 12 सितंबर</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">रोपड़ से आम आदमी पार्टी (आप) विधायक दिनेश चड्ढा ने हिमाचल प्रदेश के बीबीएन औद्योगिक इलाके से बिना ट्रीट किया हुआ औद्योगिक कचरा और सीवेज का पानी सरसा नदी में डाले जाने पर गंभीर चिंता जताई है। चिंता जताई गई है, जो बाद में सतलुज नदी में मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोपड़ के विधायक दिनेश चड्ढा ने कहा, "बद्दी इलाके के दौरे के दौरान, हमारी टीम ने देखा कि कई लोकल नालों और गड्ढों से औद्योगिक वेस्ट सरसा नदी में जा रहा है। फार्मास्यूटिकल वेस्ट, एसिड और दूसरे औद्योगिक केमिकल्स अलग-अलग जगहों पर नालों के ज़रिए बहाए जा रहे हैं। यह औद्योगिक वेस्ट आखिर में सरसा और फिर सतलुज नदी में पहुँचता है, जो सीधे पंजाब के पानी के सोर्स पर असर डाल रहा है और कैंसर फैला रहा है।"</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">आप विधायक ने कहा, “बीबीएन औद्योगिक एरिया में करीब 2,200 इंडस्ट्री हैं। इनमें से 1,000 इंडस्ट्री लिक्विड वेस्ट पैदा करती हैं, जबकि सिर्फ़ करीब 377 यूनिट ही अपना वेस्ट कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) में भेज रही हैं। 600 से ज़्यादा इंडस्ट्री अपना वेस्ट ठीक से ट्रीट करने के बजाय नालों में बहा रही हैं।” उन्होंने बद्दी में सीवेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी पर भी चिंता जताई।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">रोपड़ के विधायक ने कहा, “सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, बद्दी की आबादी करीब 2.2 लाख है, जबकि बड़ी संख्या में प्रवासी और औद्योगिक मजदूरों के कारण असल आबादी करीब चार लाख होने का अनुमान है। सरकार द्वारा दर्ज आबादी के लिए सीवेज ट्रीटमेंट की ज़रूरत करीब 32 एमएलडी है, जबकि अभी सिर्फ़ 5 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ही चालू है।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इलाके में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी चिंता जताई और कहा, "स्थानीय निवासी माजरा में शिवालिक सॉलिड वेस्ट प्लांट पर भी विरोध कर रहे हैं और वहां कचरे का ठीक से डिस्पोज़ल नहीं किया जा रहा है।"</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">दिनेश चड्ढा ने आगे कहा, "यह मामला मेरी पिटीशन के ज़रिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंच गया है, और ट्रिब्यूनल ने हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सरकारों से जवाब मांगा है। सतलुज का पानी पंजाब के लोग पीने और सिंचाई के लिए इस्तेमाल करते हैं, जिससे ऊपरी इलाकों से नदी में पहुंचने वाला पॉल्यूशन गंभीर चिंता का विषय है।"</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और केंद्र सरकारों से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए, आप विधायक ने कहा, "बिना ट्रीट किया हुआ औद्योगिक वेस्ट और सीवेज का पानी छोड़ने के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए, और बीबीएन इलाके से निकलने वाले औद्योगिक वेस्ट को फेंकने से पहले ठीक से ट्रीट किया जाना चाहिए।" उन्होंने बद्दी में सही सीवेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की भी मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “जब तक ऊपर के इलाकों से बिना ट्रीट किया हुआ औद्योगिक वेस्ट सतलुज में गिरता रहेगा, तब तक पंजाब से अपने पानी के सोर्स की सुरक्षा की उम्मीद नहीं की जा सकती।” उन्होंने संबंधित पॉल्यूशन कंट्रोल, एनवायरनमेंट और एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाया और उनसे पंजाब के पानी और पब्लिक हेल्थ की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की अपील की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 21:10:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नशे के खिलाफ पंजाब सरकार का युद्ध जारी: ब्रम शंकर ज़िम्पा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><a href="https://www.google.com/maps/search/%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0,+12?entry=gmail&amp;source=g">होशियारपुर, 12</a>  सितंबर:<br />विधायक ब्रम शंकर ज़िम्पा ने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। नशे के खिलाफ शुरू किए गए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान को जन लहर में बदलते हुए सरकार नशे की रोकथाम के साथ-साथ नशा पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दे रही है।<br /><br />वे आज सिविल अस्पताल में<br />जिला नशा छुड़ाओ व पुनर्वासडी सोसायटी की ओर से ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत स्थापित मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी क्लीनिक के उद्घाटन के दौरान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-government-s-war-a/article-7176"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/1-(13).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><a href="https://www.google.com/maps/search/%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0,+12?entry=gmail&amp;source=g">होशियारपुर, 12</a> सितंबर:<br />विधायक ब्रम शंकर ज़िम्पा ने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। नशे के खिलाफ शुरू किए गए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान को जन लहर में बदलते हुए सरकार नशे की रोकथाम के साथ-साथ नशा पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दे रही है।<br /><br />वे आज सिविल अस्पताल में<br />जिला नशा छुड़ाओ व पुनर्वासडी सोसायटी की ओर से ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत स्थापित मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी क्लीनिक के उद्घाटन के दौरान पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा यह क्लीनिक नशा मुक्ति उपचार सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।<br /><br />विधायक ज़िम्पा ने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिससे निपटने के लिए उपचार, पुनर्वास और जागरूकता को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस अभियान में सहयोग करें और नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें।<br /><br />उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशा मुक्त पंजाब के निर्माण के लिए पूरी गंभीरता से प्रयासरत है और इस दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं तथा पुनर्वास सुविधाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है।<br /><br />विधायक ब्रम शंकर ज़िम्पा ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। पंजाब सरकार का उद्देश्य नशे की गिरफ्त में आए लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाकर उन्हें सामान्य जीवन की ओर वापस लाना और उनके परिवारों को मजबूत बनाना है।<br /><br />इस अवसर पर मेयर प्रवीण सैनी, सीनियर डिप्टी मेयर सुरिंदर कुमार, सतवंत सिंह सियाण, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. स्वाति शीमार, एसएमओ सिविल अस्पताल डॉ. नवजोत सिंह, एसएमओ डॉ. नेहा पॉल, साइकेट्रिस्ट डॉ. राज कुमार, डॉ. हरप्रीत सोढ़ी, साइकोलॉजिस्ट तजिंदर कौर, काउंसलर प्रशांत आदिया, परवेश, रामदेई,<br />किरण बाला भी मौजूद थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 20:57:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गैंगस्टरां ते वार का 235वां दिन: पंजाब पुलिस ने 603 ठिकानों पर छापेमारी कर 325 लोगों को किया काबू</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 12 सितंबर:</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong><br /></strong>राज्य में चलाए जा रहे अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ के 235वें दिन पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के रूप में चिन्हित और मैप किए गए 603 ठिकानों पर छापेमारी की।<br /><br />उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’— पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक जंग अभियान की शुरुआत 20 जनवरी, 2026 को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा की गई थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष अभियान चला रही हैं।<br /><br />अभियान के 235वें दिन पुलिस टीमों ने दो</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/day-235-of-the-crackdown-on-gang/article-7175"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/xpunjab-police.jpg.pagespeed.ic_.wzafs8tzi22.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 12 सितंबर:</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong><br /></strong>राज्य में चलाए जा रहे अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ के 235वें दिन पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के रूप में चिन्हित और मैप किए गए 603 ठिकानों पर छापेमारी की।<br /><br />उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’— पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक जंग अभियान की शुरुआत 20 जनवरी, 2026 को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा की गई थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष अभियान चला रही हैं।<br /><br />अभियान के 235वें दिन पुलिस टीमों ने दो हथियारों सहित 325 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस अभियान की शुरुआत से अब तक गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या 70,028 हो गई है।<br /><br />इसके अलावा, पुलिस टीमों ने 207 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की। अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने 10 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया।<br /><br />पंजाब पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गुप्त रूप से सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा अपराध तथा आपराधिक गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी इस हेल्पलाइन के माध्यम से पुलिस के साथ साझा की जा सकती है।<br /><br />इस बीच, पंजाब पुलिस ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम ‘युद्ध नशों विरूद्ध ’ को 560वें दिन भी जारी रखते हुए आज 177 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 7.4 किलोग्राम हेरोइन, 101 किलोग्राम भुक्की, 1,192 नशीली गोलियां तथा 5,550 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई।<br />इसके साथ ही, पिछले 560 दिनों के दौरान गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या 77,836 तक पहुंच गई है।<br />नशामुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस द्वारा नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार और पुनर्वास के लिए प्रेरित करने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। इसी कड़ी में आज पुलिस ने 19 व्यक्तियों को नशामुक्ति एवं पुनर्वास उपचार करवाने के लिए राजी किया। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 20:42:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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                <title>यूरोप से गैंगस्टर की पहली हवालगी भगवंत मान सरकार के गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त रुख का प्रमाण: अमन अरोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 12 सितंबर:<br /></strong><br />अकाली और कांग्रेस नेताओं के उस दौर से पंजाब की मौजूदा स्थिति की तुलना करते हुए, जब विधानसभा के भीतर गैंगस्टरों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाते थे, आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज कहा कि यूरोप से किसी गैंगस्टर का यह पहला हवालगी मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के गैंगस्टरवाद के खिलाफ सख्त रुख का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पिछली अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के दौरान गैंगस्टरवाद इस हद तक बढ़ गया था कि वर्ष 2021 के बजट सत्र में नेता खुले तौर पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/first-extradition-of-a/article-7174"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/pic-(1)-(57).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 12 सितंबर:<br /></strong><br />अकाली और कांग्रेस नेताओं के उस दौर से पंजाब की मौजूदा स्थिति की तुलना करते हुए, जब विधानसभा के भीतर गैंगस्टरों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाते थे, आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज कहा कि यूरोप से किसी गैंगस्टर का यह पहला हवालगी मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के गैंगस्टरवाद के खिलाफ सख्त रुख का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पिछली अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के दौरान गैंगस्टरवाद इस हद तक बढ़ गया था कि वर्ष 2021 के बजट सत्र में नेता खुले तौर पर इस बात पर बहस कर रहे थे कि जग्गू भगवानपुरिया ‘किसका आदमी’ है। इसके विपरीत ‘आप’ सरकार ने सीमाओं के पार जाकर ऐसे भगोड़ों का पीछा किया है और उन्हें कानून के कटघरे में लाना सुनिश्चित किया है।<br /><br />‘आप’ पंजाब प्रधान ने कहा कि मान सरकार ने पंजाब से नशे और गैंगस्टरवाद के खात्मे के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। सरकार ऐसे तत्वों को न तो पंजाब की धरती से और न ही विदेशों में बैठकर अपना अवैध कारोबार चलाने की अनुमति देगी। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी 2026 को स्थापित किए गए ‘ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल’ (ओएफटीईसी) ने महज सात महीनों में 10 वांछित भगोड़ों को डिपोर्टेशन अथवा हवालगी के माध्यम से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है, जबकि 21 अन्य प्रत्यर्पण प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित हैं।<br /><br />पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही भगवंत मान सरकार ने नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार के कार्यकाल के दौरान हमारा संकल्प रहा है कि पंजाब से नशे और गैंगस्टरों के खात्मे के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। हमारा मानना है कि ये वही तत्व हैं जिन्हें पिछली सरकारों ने बढ़ने-फूलने दिया, चाहे वह अकाली दल-भाजपा का एक दशक का शासन रहा हो या कांग्रेस का पांच वर्ष का कार्यकाल।”<br />अमृन अरोड़ा ने कहा कि पिछली सरकारों के शासन के दौरान स्थिति इस हद तक पहुंच गई थी कि पंजाब विधानसभा के भीतर भी गैंगस्टरवाद एक बड़ा मुद्दा बन गया था। उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2021 के बजट सत्र के विधानसभा रिकॉर्ड को देखा जाए, तो स्पष्ट होता है कि गैंगस्टरों के हौसले इतने बुलंद थे कि सदन के भीतर भी उनके संबंध में चर्चा हो रही थी।<br /><br />2021 के बजट सत्र के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने राजनीतिक नेताओं के गैंगस्टरों के साथ कथित संबंधों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि एक तरफ सुखजिंदर सिंह रंधावा और दूसरी तरफ बिक्रम सिंह मजीठिया रिकॉर्ड पर यह बहस कर रहे थे कि “जग्गू भगवानपुरिया आपका प्रोडक्ट है” और “नहीं, यह गैंगस्टर आपका प्रोडक्ट है।” उन्होंने कहा कि इस तरह की बहस पंजाब विधानसभा के सदन के भीतर हो रही थी, जिसने पंजाब की राजनीति के पतन को उजागर किया।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने उस घटना को भी याद किया जिसमें अपनी बेटी की रक्षा करते हुए एक पुलिस कर्मचारी ने अपनी जान गंवा दी थी। उन्होंने कहा कि वह भी एक ऐसा दौर था जब एक पुलिस कर्मचारी अपनी बेटी की इज्जत बचाने का प्रयास कर रहा था और उसके सीने में गोलियां मारी गई थीं। उन्होंने कहा कि पंजाब अब उन परिस्थितियों से बाहर निकल चुका है और आज लोगों का मनोबल तथा सरकार एवं पुलिस पर विश्वास पूरी तरह कायम है।<br />उन्होंने कहा कि जिस दिन से मौजूदा सरकार सत्ता में आई है, उसी दिन से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि ऐसे तत्वों को पंजाब की धरती पर अवैध गतिविधियां संचालित करने की अनुमति न मिले।<br /><br />‘आप’ पंजाब प्रधान ने कहा कि जब पंजाब पुलिस ने ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई तेज की तो कई भगोड़े, खतरनाक अपराधी और गैंगस्टर विदेश भाग गए। उन्होंने कहा कि जब भी कोई घटना होती है, वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया जाता है अथवा फिरौती की कॉल आती है, तो ऐसी गतिविधियों के तार अक्सर विदेशी धरती या दूसरे राज्यों से जुड़े पाए जाते हैं।<br /><br />उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशों में बैठे अपराधी पंजाब की शांति, सुरक्षा और सद्भावना को भंग न कर सकें। इसी उद्देश्य से पंजाब पुलिस ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर 20 जनवरी 2026 को विशेष ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) का गठन किया।<br />अमन अरोड़ा ने कहा कि गठन के समय से ही इस सेल का विशेष उद्देश्य ऐसे तत्वों की पहचान करना, उनके पदचिह्न तलाशना, उनका पता लगाना और अंततः उन्हें जेल तक पहुंचाकर उनके अपराधों की सजा दिलाना सुनिश्चित करना रहा है।<br />उन्होंने बताया कि इस सेल ने विभिन्न स्तरों पर संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल करते हुए महज सात महीनों में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि ओएफटीईसी स्टेट इन्वेस्टिगेशन, ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, सीबीआई, इंटरपोल, गृह मंत्रालय, स्थानीय पुलिस, विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सहित विभिन्न एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।<br /><br />अमन अरोड़ा ने कहा कि यह तालमेल विशेष रूप से उन मामलों में महत्वपूर्ण है, जहां पंजाब में किसी अपराध या अपराध के प्रयास की शुरुआत विदेश से हुई हो। यदि कोई शिकायत मिलती है कि पंजाब में अपराध करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इसकी शुरुआत किसी विदेशी देश से हुई है, तो यह सेल विभिन्न कड़ियों को जोड़ते हुए इसके पीछे मौजूद व्यक्ति तक पहुंचने के लिए काम करता है।<br /><br />ओएफटीईसी की सफलता के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब पुलिस को बधाई देते हुए मंत्री ने बताया कि अब तक 10 वांछित अपराधियों को डिपोर्टेशन या प्रत्यर्पण के माध्यम से भारत वापस लाया जा चुका है, जबकि प्रत्यर्पण के 21 प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया के तहत राज्य पुलिस द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे जाते हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर विदेशों में मौजूद भगोड़ों को वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है।<br /><br />इन वापस लाए गए अपराधियों में कुख्यात गैंगस्टर अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दालम भी शामिल है, जिसके खिलाफ तीन गंभीर मामले दर्ज हैं। उसे शनिवार को मोल्दोवा से भारत वापस लाया गया।<br /><br />‘आप’ पंजाब अध्यक्ष ने बताया कि मलेशिया, इंडोनेशिया, यूएई और अमेरिका से भी कई अन्य वांछित गैंगस्टरों को वापस लाया गया है। उन्होंने बताया कि अजय सिंह उर्फ अजय और पवनदीप सिंह, जो थाना जोधेवाल, लुधियाना में बीएनएस और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 150, दिनांक 27.10.2025 में वांछित थे, को 19 अगस्त 2026 को मलेशिया से वापस लाया गया।<br /><br />अमन अरोड़ा ने बताया कि जसप्रीत सिंह उर्फ जस बहिबल, जो थाना सिटी कोटकपूरा, फरीदकोट और थाना तपा, बरनाला में दर्ज तीन एफआईआर में वांछित था, को भी 19 अगस्त 2026 को मलेशिया से वापस लाया गया। मनजीत सिंह और गुरविंदर सिंह, जो थाना कोतवाली, पटियाला में एफआईआर नंबर 76 में वांछित थे, को 18 जून 2026 को मलेशिया से वापस लाया गया। इसी प्रकार जोबनजीत बिल्ला, जो थाना ब्यास, अमृतसर में आईपीसी और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 94, दिनांक 24.05.2023 में वांछित था, को 24 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया से वापस लाया गया।<br /><br />उन्होंने बताया कि यूएई से अमृतपाल सिंह मेहरों, जो अमृतसर और बरनाला में दर्ज दो एफआईआर में वांछित था, को 10 अप्रैल 2026 को वापस लाया गया। भुवनेश चोपड़ा, जो फिरोजपुर, खरड़, फाजिल्का और पटियाला में दर्ज सात एफआईआर में वांछित था, को 12 मार्च 2026 को यूएई से वापस लाया गया। कमल उर्फ कमल अठवाल उर्फ कमलप्रीत सिंह बिल्ला, जो थाना माछीवाड़ा, खन्ना में एफआईआर नंबर 132 में वांछित था, को 24 मार्च 2026 को अमेरिका से वापस लाया गया।<br /><br />अमन अरोड़ा ने कहा कि भगवंत मान सरकार और पंजाब पुलिस विभिन्न देशों में छिपे भगोड़ों का प्रभावी ढंग से पीछा कर रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि विदेशों से पंजाब का माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों को कानून के कटघरे में पेश करने के लिए वापस लाया जाए।<br />उन्होंने कहा कि पंजाब में अपराध रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन राज्य से बाहर बैठकर अथवा विदेशों से गतिविधियां संचालित करने वाले गैंगस्टरों से निपटने में केंद्र सरकार की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।<br /><br />उन्होंने केंद्र सरकार, भाजपा शासित राज्यों तथा अकाली दल से अपील करते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों की जेलों में बैठे अथवा सुरक्षित ठिकानों से आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहे गैंगस्टरों पर भी प्रभावी रूप से नकेल कसी जानी चाहिए।<br /><br />‘आप’ पंजाब प्रधान ने कहा कि ये गैंगस्टर केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे गैंगस्टरों के अधीन सैकड़ों और हजारों अपराधी काम कर रहे हैं और वे अपनी गतिविधियों के जरिए विभिन्न राज्यों तथा देशों को निशाना बनाने की क्षमता रखते हैं।<br /><br />उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी यदि केंद्र सरकार अथवा विभिन्न राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में हैं, तो उन पर प्रभावी निगरानी रखना और उनकी आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी है।<br /><br />अमन अरोड़ा ने दोहराया कि पंजाब बिना किसी समझौते के गैंगस्टरों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।<br /> उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार और पंजाब पुलिस ऐसे तत्वों को पंजाब में पैर पसारने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने आतंकवाद के काले दौर से पंजाब को बाहर निकालने के लिए अपने अनेक जवानों की कुर्बानी दी है और वर्तमान चुनौती उसके सामने कुछ भी नहीं है।<br /><br />उन्होंने कहा कि तकनीक के कारण संगठित अपराध का स्वरूप भी बदल गया है। आज अपराधी एन्क्रिप्टेड मैसेज और एन्क्रिप्टेड वॉयस कॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे मामलों को ट्रैक करना केवल राज्य पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयास की आवश्यकता है।<br /><br />अमन अरोड़ा ने मोल्दोवा स्थित गैंगस्टर को पंजाब वापस लाने के लिए पंजाब पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों और ओएफटीईसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सफलता को दर्शाती है।<br /><br />पंजाब के लोगों को भरोसा दिलाते हुए अमन अरोड़ा ने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें किसी आपराधिक घटना, वारदात के प्रयास अथवा फिरौती की कॉल के संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें, ताकि सरकार और पुलिस समय रहते कड़ी कार्रवाई कर सके।<br /><br />‘आप’ पंजाब अध्यक्ष ने पंजाब के लोगों को आश्वासन दिया कि भगवंत मान सरकार आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी रखेगी तथा राज्य की शांति, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव की रक्षा सुनिश्चित करेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 20:37:56 +0530</pubDate>
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                <title>केंद्रीय पूल में से पंजाब को उसके हिस्से से 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है: तरुनप्रीत सिंह सौंद</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 12 सितंबर 2026:<br /></strong><br />पंजाब के बिजली एवं लोक निर्माण मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आज राज्य के लोगों को बिजली की मौजूदा स्थिति से अवगत करवाते हुए बताया कि पंजाब को इस समय केंद्रीय विद्युत पूल में से अपने हिस्से की तुलना में 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है।<br /><br />पंजाब के कृषि क्षेत्र के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति के महत्व पर जोर देते हुए बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, “पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और हमारे किसानों तथा राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। इसलिए केंद्र को केंद्रीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-is-receiving-1-051-mw-less/article-7173"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/pic-(1)-(56)1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 12 सितंबर 2026:<br /></strong><br />पंजाब के बिजली एवं लोक निर्माण मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आज राज्य के लोगों को बिजली की मौजूदा स्थिति से अवगत करवाते हुए बताया कि पंजाब को इस समय केंद्रीय विद्युत पूल में से अपने हिस्से की तुलना में 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है।<br /><br />पंजाब के कृषि क्षेत्र के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति के महत्व पर जोर देते हुए बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, “पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और हमारे किसानों तथा राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। इसलिए केंद्र को केंद्रीय विद्युत पूल में से पंजाब को उसका बनता हिस्सा तत्काल जारी करना चाहिए।”<br /><br />बिजली मंत्री ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय बिजली मंत्री को लिखित पत्र के माध्यम से भी अपील की है कि पंजाब को केंद्रीय विद्युत पूल में से उसका बनता पूरा हिस्सा तत्काल मिलना सुनिश्चित किया जाए।<br /><br />कोयले की कमी संबंधी झूठी अफवाहों को पूरी तरह खारिज करते हुए कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार के थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के गंभीर प्रयासों के चलते पंजाब ने पछवाड़ा कोयला खदान को पहले ही चालू कर लिया था, जिससे सरकारी बिजली उत्पादन संयंत्रों के लिए कोयले की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।”<br /><br />उन्होंने कहा, “पंजाब ने अपनी पछवाड़ा कोयला खदान से आपूर्ति शुरू की हुई है और अब हमारे पास आवश्यक मात्रा में कोयला उपलब्ध है। असल मुद्दा निजी थर्मल पावर प्लांटों को कोयले की आपूर्ति का है, जिसके लिए कोल इंडिया जिम्मेदार है।”<br /><br />कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आगे बताया कि तलवंडी साबो और राजपुरा के निजी थर्मल पावर प्लांट कोयले की आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जो कोल इंडिया के जिम्मे है।<br /><br />बिजली मंत्री ने आगे बताया कि पंजाब में 10 थर्मल बिजली उत्पादन यूनिट हैं, जिनमें लहरा मोहब्बत और रोपड़ में चार-चार यूनिट तथा गोइंदवाल साहिब में दो यूनिट शामिल हैं। इनके अतिरिक्त तलवंडी साबो और राजपुरा थर्मल पावर प्लांट निजी कंपनियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।<br /><br />उन्होंने कहा, “हमारे पीएसपीसीएल के अधिकारियों द्वारा एक यूनिट में आई तकनीकी खराबी को ठीक कर लिया गया है। हमारी सरकार और पीएसपीसीएल बिजली की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। निजी थर्मल पावर प्लांटों के बाकी यूनिटों को भी जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं।”<br /><br />कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने दोहराया कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने तथा विशेष रूप से अधिक मांग वाले समय के दौरान पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।<br /><br />इस अवसर पर पीएसपीसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) डॉ. बसंत गर्ग और डायरेक्टर (उत्पादन) इंजीनियर पुनरदीप सिंह बराड़ भी उपस्थित थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 20:32:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान पंजाब में 6,54,612 मामलों की सुनवाई, 5,99,283 मामलों का निपटारा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 12 सितंबर:</strong><br /><br />पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण द्वारा माननीय न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा, मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के संरक्षण तथा कार्यकारी चेयरमैन माननीय न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल के नेतृत्व में पूरे राज्य में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।<br /><br />इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण की सदस्य सचिव श्रीमती जगदीप कौर विर्क ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल का उद्देश्य विवादों का शीघ्र, कम खर्च में और सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटारा करना है, ताकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39-ए के अनुरूप न्याय तक लोगों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/during-the-national-lok-adalat-in-punjab/article-7172"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/pic-(98)1.jpeg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 12 सितंबर:</strong><br /><br />पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण द्वारा माननीय न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा, मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के संरक्षण तथा कार्यकारी चेयरमैन माननीय न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल के नेतृत्व में पूरे राज्य में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।<br /><br />इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण की सदस्य सचिव श्रीमती जगदीप कौर विर्क ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल का उद्देश्य विवादों का शीघ्र, कम खर्च में और सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटारा करना है, ताकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39-ए के अनुरूप न्याय तक लोगों की पहुंच को बढ़ाया जा सके।<br /><br />लोक अदालत में वादकारी, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता तथा अन्य सहयोगी भागीदार शामिल हुए। इस दौरान दीवानी, वैवाहिक, संपत्ति, मोटर दुर्घटना दावों, बैंकिंग, बीमा तथा अन्य मामलों सहित विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति के माध्यम से निपटारा किया गया। लोक अदालत ने जहां वादकारियों को राहत प्रदान की, वहीं अदालतों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।<br /><br />इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान राज्य के सभी जिलों और उप-मंडलों में कुल 404 लोक अदालत पीठों का गठन किया गया। इन पीठों के समक्ष कुल 6,54,612 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 5,99,283 मामलों का सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल ₹1,116,10,96,635 की राशि के अवार्ड पारित किए गए।<br /><br />इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लंबे समय से लंबित अनेक मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया, जिससे अदालतों में लंबित मामलों का बोझ काफी हद तक कम हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में विशेष रूप से पारिवारिक विवादों का भी आपसी सहमति से समाधान किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"><br />परिवारिक विवाद से जुड़े मोहाली जिले के एक मामले में अदालत के प्रयासों से एक युवा दंपती के बीच चल रहे विवाद का समाधान कराया गया। यह मामला “करमजीत कौर बनाम रविंदर सिंह” के नाम से था। मामले का संक्षिप्त विवरण यह था कि याचिकाकर्ता करमजीत कौर ने अपने पति रविंदर सिंह के विरुद्ध धारा 125 सीआरपीसी के तहत याचिका दायर की थी। अदालत के लंबे प्रयासों के फलस्वरूप दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हुआ और पति-पत्नी दोनों ने पुनः साथ रहने के लिए अपनी सहमति व्यक्त की। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से इस मामले का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।<br /><br />इस अवसर पर पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी चेयरमैन माननीय न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल ने राज्यभर के न्यायिक अधिकारियों, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरणों तथा स्वयंसेवकों के समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन सभी की सामूहिक प्रतिबद्धता के कारण यह मेगा कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हो सका।<br /><br />पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण ने माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, सभी जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरणों, राज्य न्यायपालिका, बार के सदस्यों, पुलिस अधिकारियों तथा सिविल प्रशासन का उनके सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 20:25:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अकाली दल-भाजपा का गठबंधन बेनकाब, सुखबीर बादल बेअदबी के केसों से बचने के लिए पंजाब के हितों से समझौता कर रहे हैं: रणबीर सिंह ढींडसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चंडीगढ़ 11 सितंबर</p>
<p>  </p>
<p>आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रवक्ता रणबीर सिंह ढींडसा ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि एसआईटी द्वारा बुलाए जाने के बावजूद वह आज फिर गैरहाजिर रहना यह स्पष्ट करता है कि वह बेअदबी, बहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड जैसे गंभीर मुद्दों पर कितने गंभीर हैं।</p>
<p>  </p>
<p>  </p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को मोड़ा सिंह अंजान और प्रो. रिपनदीप सिंह के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ढींडसा ने सुखबीर बादल और शिरोमणि अकाली दल की पूरी लीडरशिप से दो सीधे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि आपके लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/akali-dal-bjp-alliance-exposed/article-7170"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/press-note-image-1-(9).jpg" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़ 11 सितंबर</p>
<p> </p>
<p>आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रवक्ता रणबीर सिंह ढींडसा ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि एसआईटी द्वारा बुलाए जाने के बावजूद वह आज फिर गैरहाजिर रहना यह स्पष्ट करता है कि वह बेअदबी, बहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड जैसे गंभीर मुद्दों पर कितने गंभीर हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को मोड़ा सिंह अंजान और प्रो. रिपनदीप सिंह के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ढींडसा ने सुखबीर बादल और शिरोमणि अकाली दल की पूरी लीडरशिप से दो सीधे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि आपके लिए दुनियावी अदालतें ज़्यादा ज़रूरी हैं या हमारे सुप्रीम श्री अकाल तख्त साहिब? हमारे गुरु साहिब द्वारा स्थापित श्री अकाल तख्त साहिब दुनियावी अदालतों से कहीं ज़्यादा पवित्र और सुप्रीम है, जहां हर सिख और पंजाबी के मन में बहुत श्रद्धा और सम्मान है। जब जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ने सुखबीर बादल को बुलाया था, तो उन्होंने कबूल किया था कि शांति से जाप कर रही संगत पर बेअदबी और गोलीकांड के लिए वह ज़िम्मेदार थे। उनकी पूरी कैबिनेट को गुरु मर्यादा के अनुसार सज़ा दी गई थी। अगर आप गुरु के उस सबसे बड़े दरबार में अपना गुनाह कबूल करके आए हैं, तो आज एसआईटी के सामने सच बताने से कैसे मना कर सकते हैं? गुरु और पंथक स्टैंड के प्रति आपकी श्रद्धा कहां चली गई?</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">दूसरा बड़ा सवाल उठाते हुए आप नेता ने कहा कि पूर्व गृह मंत्री के तौर पर सुखबीर बादल ने दावा किया था कि गोलीकांड वाले दिन वह विदेश में थे। जबकि फरीदकोट कोर्ट के रिकॉर्ड और उनकी अपनी रिट पिटीशन के मुताबिक, वह उस रात एक फाइव स्टार होटल में बैठकर सीनियर पुलिस अधिकारियों के लगातार संपर्क में थे। गृह मंत्री के तौर पर जब पूरी रात बातचीत चल रही थी, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? यह अकाली दल और भाजपा की आपसी मिलीभगत है, जिससे उनका पंजाब विरोधी, पंथ विरोधी और सिख विरोधी चेहरा पूरी तरह से सामने आ गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">ढींडसा ने आगे खुलासा किया कि सुखबीर बादल के आज एसआईटी के सामने पेश न होने का मुख्य कारण दिल्ली (भाजपा) के बड़े नेताओं के साथ हो रहा समझौता है। उन्हें दिल्ली से अर्जी मिली है कि उन्हें पेश होने की जरूरत नहीं है, हम उन्हें बेअदबी के मामलों से बचाएंगे। इस सुरक्षा के बदले सुखबीर बादल ने पंजाब के हितों के लिए डील की है और काले कानूनों पर भाजपा का साथ देने के लिए तैयार हो गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि 2020 में दिखावे के लिए तोड़ा गया समझौता असल में कभी नहीं टूटा। चाहे राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को वोट देना हो या संसद में बिल पास करवाने के लिए अपने इकलौते सांसद को वोट देना हो, अकाली दल हमेशा भाजपा के साथ खड़ा रहा। एमएसपी, काले कानून या सिख मुद्दों पर उनकी शर्तें आज कहां चली गईं? आज उनके लिए बस यही मायने रखता है कि बेअदबी के इल्ज़ाम और सज़ा से कैसे बचा जाए।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">रणबीर सिंह ढींडसा ने सभी पंजाबियों से इस साज़िश से सावधान रहने की अपील की। खुद को और अपने परिवारों को बचाने के लिए अकाली दल लीडरशिप ने पहले पूरी पार्टी को खत्म कर दिया और अब पंजाब के हितों को भाजपा के हाथों बेच दिया है। पंजाब के हर नागरिक को यह सवाल बादलों से पूछना चाहिए और दुनिया के सामने उनका पंजाब विरोधी चेहरा बेनकाब करना चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/akali-dal-bjp-alliance-exposed/article-7170</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 20:18:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा-अकाली सरकार पंजाब की सुरक्षा में नाकाम रही</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">चंडीगढ़, 11 सितंबर</p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने भाजपा-अकाली सरकार पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा करने में नाकाम रहने का तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार की देखरेख में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की चोरी और बार-बार बेअदबी की घटनाएं हुईं, जिसके बाद पुलिस ने कोटकपूरा और बहबल कलां में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। उन्होंने कहा कि 2015 की घटनाएं आज भी पंजाबियों के दिलों में एक गहरा घाव हैं, क्योंकि अकाली दल बादल ने भाजपा के साथ मिलकर सत्ता में रहते हुए अपने राजनीतिक फायदे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/the-bjp-akali-government-failed-to-ensure-punjab-s-security/article-7169"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/press-note-image-2-(4).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चंडीगढ़, 11 सितंबर</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने भाजपा-अकाली सरकार पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा करने में नाकाम रहने का तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार की देखरेख में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की चोरी और बार-बार बेअदबी की घटनाएं हुईं, जिसके बाद पुलिस ने कोटकपूरा और बहबल कलां में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। उन्होंने कहा कि 2015 की घटनाएं आज भी पंजाबियों के दिलों में एक गहरा घाव हैं, क्योंकि अकाली दल बादल ने भाजपा के साथ मिलकर सत्ता में रहते हुए अपने राजनीतिक फायदे के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब और पंथ का इस्तेमाल किया। अब इस काले अध्याय के बावजूद, बेअदबी और गोलीकांड के मामलों में राजनीतिक रूप से बने रहने और पंजाब में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा-अकाली गठबंधन को फिर से खड़ा करने की कोशिशें की जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">आप विधायक ने दावा किया कि पंजाब के लोग 2015 की बेअदबी और गोलीकांड के दोषियों को कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने मांग की कि एसआईटी यह साफ करे कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया था और कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की मौत के लिए जवाबदेही तय करे। उन्होंने सवाल किया कि उस समय के गृह मंत्री सुखबीर सिंह बादल चोरी की घटना से अनजान होने का दावा कैसे कर सकते हैं, जबकि यह जानकारी उनके अपने ऑफिस तक पहुंच गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सीनियर पुलिस अधिकारियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए जा रहे थे, तब सुखबीर सिंह बादल एक फाइव स्टार होटल में बैठे थे।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा, “1 जून 2015 को अकाली-भाजपा सरकार के समय श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी चोरी हो गए थे, लेकिन सरकार ने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया। उस समय के गृह मंत्री सुखबीर सिंह बादल ने पूछताछ में एसआईटी को बताया था कि उन्हें इस चोरी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि, इंटेलिजेंस विंग ने एक रिपोर्ट भेजी थी और सुखबीर बादल के पर्सनल सेक्रेटरी ने भी एसआईटी को बताया था कि इस घटना के बारे में जानकारी है। जब गृह मंत्रीके अपने ऑफिस को जानकारी मिल गई थी, तो वह अनजान कैसे रह सकते हैं?”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">आप विधायक ने कहा कि चोरी के बाद भी, जब सितंबर 2015 में सिखों को उनके चोरी हुए गुरु को ढूंढने के लिए पोस्टर लगाए गए थे, तब भी सरकार कार्रवाई करने में नाकाम रही। उन्होंने आगे कहा, “समय पर कार्रवाई न करने से अक्टूबर में अगली बेअदबी करने वालों की हिम्मत बढ़ी, जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अवशेष सड़कों पर बिखरे मिले। इस घटना ने दुनिया भर के सिखों का दिल तोड़ दिया है।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि कोटकपूरा में शांति से लोग जमा हुए थे, जहाँ अरदास और कीर्तन हो रहा था, लेकिन प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। विधायक ने कहा कि वह खुद उस विरोध प्रदर्शन में मौजूद थे। उन्होंने कहा, “एसआईटी ने कोटकपूरा गोलीकांड केस में पहले ही चार्जशीट फाइल कर दी है, जिसमें सुखबीर बादल, चरणजीत शर्मा, परमराज सिंह उमरानंगल और सुमेध सिंह सैनी पर कानूनी कार्रवाई चल रही है और वे अभी बेल पर बाहर हैं। एसआईटी के सामने मुख्य सवाल यह है कि गोलीकांड का ऑर्डर किसने दिया और शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के निर्देश किसने दिए।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">आप विधायक ने ध्यान दिलवाया कि 14 अक्टूबर को बहबल कलां में हुई घटनाएं और भी दुखद थीं, जहाँ दो नौजवान, कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह, शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस गोलीकांड में मारे गए थे। सुखबीर बादल ने बार-बार दावा किया है कि वह उस समय पंजाब में नहीं थे। लेकिन उनकी ज़मानत से जुड़े कोर्ट के कागज़ात बताते हैं कि सुखबीर बादल पंजाब में मौजूद थे और एक फाइव-स्टार होटल में रुके हुए थे। वहीं से चरणजीत शर्मा, परमराज सिंह उमरानंगल और सुमेध सिंह सैनी समेत सीनियर पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे थे। पंजाब के लोग जानना चाहते हैं कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया और प्रदर्शनकारियों को हटाने के निर्देश किसने दिए। सुखबीर बादल ने खुद श्री अकाल तख्त साहिब के सामने इन घटनाओं में अपनी भूमिका को रोल कबूल किया था।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">ज्ञानी रघबीर सिंह के एसआईटी को दिए बयान का ज़िक्र करते हुए विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल के श्री अकाल तख्त साहिब के सामने दिए गए कबूलनामे की डिटेल्स रिकॉर्ड का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “अगर यह एग्रीमेंट और दूसरे सबूत पहले से ही रिकॉर्ड का हिस्सा हैं, तो उन्हें कोर्ट और एसआईटी के सामने क्यों नहीं पेश किया जाना चाहिए? ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा क्यों नहीं मिलनी चाहिए? पंजाब को यह जानने का हक़ है कि किसने ऑर्डर दिए और कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की मौत के लिए कौन ज़िम्मेदार था।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">आप विधायक ने यह भी नोट किया कि अकाली दल और भाजपा के बीच प्रस्तावित नया गठबंधन दिखाता है कि दोनों पार्टियों ने अतीत से कोई सबक नहीं सीखा है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि एक बार फिर केंद्र में भाजपा की सरकार है और सुखबीर बादल बेअदबी और कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की मौत से जुड़े मामलों में राजनीतिक बचाव की उम्मीद कर रहे हैं। प्रस्तावित अकाली-भाजपा गठबंधन पंजाब या पंथ के हित में नहीं है। यह इसलिए किया जा रहा है क्योंकि केंद्र में भाजपा सरकार है और सुखबीर बादल इन मामलों में राजनीतिक बचाव चाहते हैं। सुखबीर बादल एक बार फिर राजनीतिक फ़ायदे के लिए पंजाब और पंथ के हितों से समझौता कर रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने आगे कहा कि यह प्रस्तावित समझौता पंजाब में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की कोशिशों से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा, “किसान आंदोलन के दौरान, कृषि कानूनों के कारण 750 से ज़्यादा किसानों की जान चली गई, और सुखबीर सिंह बादल एक बार फिर अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए पंजाब के हितों से समझौता कर रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">आप विधायक ने कहा कि पंजाब के लोग एसआईटी की कार्रवाई पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और बेअदबी और दो युवा प्रदर्शनकारियों की मौत के लिए ज़िम्मेदार लोगों को कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है और गोलीबारी के लिए ज़िम्मेदार लोगों को आख़िरकार न्याय मिलेगा। न्याय का पहिया धीरे-धीरे चल सकता है, लेकिन न्याय ज़रूर मिलेगा।”</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जिक्र किया कि भगवंत मान सरकार ने बेअदबी के लिए सख़्त कानून लाकर सख़्त सज़ा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं, जिसके तहत ज़मानत नहीं मिलेगी और सज़ा उम्रकैद हो सकती है। मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा, “जो लोग इस कानून से डरते हैं, वे इसके खिलाफ एतराज़ और रुकावटें खड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी तरफ, पंजाब के हक के लिए लड़ने वाले सीनियर वकीलों और बुद्धिजीवियों ने इस कानून का सपोर्ट किया है और इसे सही माना है। भगवंत मान सरकार बेअदबी के लिए सख्त सज़ा दिलाने और दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 20:11:18 +0530</pubDate>
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                <title>मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय कमेटी की बैठक में तैयारियों की समीक्षा की</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 11 सितंबर:</strong><br /><br />पंजाब के मुख्य सचिव श्री के.ए.पी. सिन्हा की अध्यक्षता में आज यहां जनगणना-2027 के लिए राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय कमेटी (एस.एल.सी.सी.सी.) की चौथी बैठक आयोजित की गई।<br /><br />बैठक में राज्य के नोडल अधिकारी श्री घनश्याम थोरी तथा एस.एल.सी.सी.सी. के सभी सदस्य शामिल हुए। इसके अलावा सभी उपायुक्त/नगर निगमों के आयुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी (पी.सी.ओज़.) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।<br /><br />श्री के.ए.पी. सिन्हा ने निर्धारित कार्यों को पूरी लगन और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए पी.सी.ओज़ की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि फील्ड ट्रेनरों की सूची को अंतिम रूप देने का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/the--khedan-watan-punjab-diyan--blo/article-7168"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/pic-(1)-(56).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 11 सितंबर:</strong><br /><br />पंजाब के मुख्य सचिव श्री के.ए.पी. सिन्हा की अध्यक्षता में आज यहां जनगणना-2027 के लिए राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय कमेटी (एस.एल.सी.सी.सी.) की चौथी बैठक आयोजित की गई।<br /><br />बैठक में राज्य के नोडल अधिकारी श्री घनश्याम थोरी तथा एस.एल.सी.सी.सी. के सभी सदस्य शामिल हुए। इसके अलावा सभी उपायुक्त/नगर निगमों के आयुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी (पी.सी.ओज़.) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।<br /><br />श्री के.ए.पी. सिन्हा ने निर्धारित कार्यों को पूरी लगन और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए पी.सी.ओज़ की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि फील्ड ट्रेनरों की सूची को अंतिम रूप देने का कार्य 15 सितंबर, 2026 तक तथा इन्यूमरेशन ब्लॉकों और सुपरवाइजरों/इन्यूमरेटरों की सूची को अंतिम रूप देने का कार्य 30 सितंबर, 2026 तक पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि दूसरे चरण से संबंधित सभी तैयारियां 10 नवंबर, 2026 से पहले पूरी कर ली जाएं।<br /><br />कमेटी द्वारा इन्यूमरेशन ब्लॉकों के गठन, बेघर लोगों, संस्थागत परिवारों की गणना तथा सभी दूर-दराज के क्षेत्रों को कवर करने संबंधी दिशा-निर्देशों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रत्येक स्तर पर पी.सी.ओज़, एस.डी.एमज़ और चार्ज अधिकारियों की भूमिकाओं को स्पष्ट जवाबदेही के साथ दोहराया गया। चेयरमैन ने निर्देश दिया कि जनगणना ड्यूटी से छूट एस.डी.एम. स्तर से नीचे किसी भी अधिकारी द्वारा मंजूर नहीं की जाएगी।<br /><br />पी.सी.ओज़ को सभी क्षेत्रों की पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने तथा बिना किसी कमी के पूरी शुद्धता के साथ जनगणना करवाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बेघर आबादी की गणना के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने, सभी संस्थागत घरों, झुग्गी-झोपड़ियों, दूर-दराज के क्षेत्रों और नए विकसित क्षेत्रों की कवरेज सुनिश्चित करने, नियमित निरीक्षण और साप्ताहिक समीक्षा करने तथा जनगणना कार्य को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए गए।<br /><br />मुख्य सचिव ने प्रशासनिक सचिव-सह-नोडल अधिकारी, स्थानीय निकाय विभाग को निर्देश दिया कि पहले चरण में कार्य करने वाले सभी जनगणना कर्मचारियों को मानदेय का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पहले चरण के कार्य के उपयोगिता प्रमाण-पत्र जल्द से जल्द भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त को प्रस्तुत किए जाएं।<br /><br />उन्होंने आगे निर्देश दिया कि जनसंख्या गणना के दूसरे चरण के लिए बजट की आवश्यकता का आकलन कर समय पर धनराशि जारी करने के लिए भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त को भेजा जाए। इसके साथ ही स्व-गणना और जनगणना कार्य के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।<br /><br />चेयरमैन ने जोर देकर कहा कि एस.एल.सी.सी.सी. के सभी सदस्यों के बीच निकट अंतर-विभागीय समन्वय ही दूसरे चरण की सफलता की कुंजी है। उन्होंने सभी विभागों को जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग देने के निर्देश दिए।<br /><br />इससे पहले निदेशक, जनगणना संचालन, पंजाब-सह-कन्वीनर, एस.एल.सी.सी.सी. डॉ. नवजोत खोसा ने कमेटी को बताया कि राज्य में पहला चरण अर्थात मकानों का सूचीकरण एवं आवासीय जनगणना (एच.एल.ओ.) सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।<br /><br />कन्वीनर ने आगे जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या एस.ओ. 4919(ई), दिनांक 5 सितंबर, 2026 के माध्यम से दूसरे चरण के लिए समय-सारणी जारी कर दी गई है।<br /><br />अधिसूचना के अनुसार स्व-गणना 16 से 30 नवंबर, 2026 तक, जनसंख्या की गणना 1 दिसंबर, 2026 से 4 जनवरी, 2027 तक तथा संशोधन दौर (रिवीजन राउंड) 5 से 9 जनवरी, 2027 तक आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में संदर्भ तिथि 5 जनवरी, 2027 को रात्रि 12 बजे अर्थात 00:00 बजे होगी। चेयरमैन ने निर्देश दिया कि इस अधिसूचना को जल्द से जल्द राज्य के राजपत्र में पुनः प्रकाशित किया जाए।<br /><br />दूसरे चरण के लिए प्रशिक्षण योजना को भी मंजूरी दी गई। मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण 9 से 12 सितंबर, 2026 तक एन.आई.टी.टी.टी.आर., चंडीगढ़ में आयोजित किया जा रहा है। चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण 15 से 18 सितंबर, 2026 तक निर्धारित किया गया है। जिला मुख्यालयों पर मास्टर ट्रेनरों द्वारा फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण 21 से 30 सितंबर, 2026 तक पूरा किया जाएगा, जबकि चार्ज स्तर पर इन्यूमरेटरों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण 5 अक्टूबर से 10 नवंबर, 2026 तक आयोजित किया जाएगा।<br /><br />बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जनगणना-2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। यह बी.वाई.ओ.डी. मॉडल पर मोबाइल ऐप के माध्यम से तथा 16 भाषाओं में उपलब्ध स्व-गणना पोर्टल और सी.एम.एम.एस. पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। पी.सी.ओज को जिला-वार स्व-गणना संबंधी योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।<br /><br />स्थानीय निकाय विभाग के सचिव-सह-नोडल अधिकारी श्री घनश्याम थोरी को यह भी निर्देश दिया गया कि वे सभी पी.सी.ओज़ को निर्देश दें कि चार्ज अधिकारियों के माध्यम से अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह तक डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक (डी.सी.एच.बी.), विलेज डायरेक्टरी और टाउन डायरेक्टरी से संबंधित आंकड़ों को समय पर पूरा करने तथा उनकी सही तरीके से पुष्टि सुनिश्चित करें। इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए।<br /><br />इस संबंध में पंजाब के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 21 सितंबर, 2026 को मुख्य गणना अधिकारियों के साथ एक सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 19:59:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य ने सफाई कर्मचारियों की भलाई संबंधी योजनाओं और उपायों की समीक्षा की</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">जालंधर, 11 सितंबर : राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य हरदीप सिंह गिल ने आज जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों की भलाई संबंधी योजनाओं और उपायों की समीक्षा की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) अमरजीत बैंस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सदस्य, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग हरदीप सिंह गिल ने कहा कि आयोग सफाई कर्मचारियों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने नगर निगम और नगर परिषदों के अधिकारियों को निर्देश दिया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/review-of-schemes-and-initiatives-for-the/article-7167"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/img-20260911-wa0021.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">जालंधर, 11 सितंबर : राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य हरदीप सिंह गिल ने आज जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों की भलाई संबंधी योजनाओं और उपायों की समीक्षा की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) अमरजीत बैंस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सदस्य, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग हरदीप सिंह गिल ने कहा कि आयोग सफाई कर्मचारियों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने नगर निगम और नगर परिषदों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई कर्मचारियों की ‘नमस्ते’ पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें मुफ्त सफाई किटें और अन्य देय सुविधाएं दी जा सकें। इस उद्देश्य के लिए उन्होंने विशेष कैम्प लगाने का भी निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्री गिल ने नगर निगम के अधिकारियों को एन.एस.के.एफ.डी.सी. के साथ समन्वय करके सफाई कर्मियों के लिए विशेष कैम्प लगाने के निर्देश दिए ताकि उन्हें एन.एस.के.एफ.डी.सी. की योजनाओं के बारे में जागरूक किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने एम.एस. एक्ट-2013 के बारे में जागरूकता के लिए कैम्प और कार्यशालाएं करवाने का भी निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सदस्य आयोग ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की बेहतरी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग के निर्देशों के अनुसार जिला और उप-मंडल स्तर पर गठित समितियों की नियमित बैठकें की जाएं। उन्होंने इस अवसर पर नगर निगम/परिषदों को सफाई कर्मचारियों के लिए उपयुक्त चेंजिंग रूम की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी सफाई व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं, जिनकी भलाई संबंधी योजनाओं और कानूनों को लागू किया जाना सुनिश्चित किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सहायक कमिश्नर वरुण कुमार, जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी रणबीर सिंह, नगर निगम और नगर परिषदों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/review-of-schemes-and-initiatives-for-the/article-7167</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 19:35:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>डॉ. बलजीत कौर द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों हेतु पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लंबित मामलों के लिए 17 सितंबर तक अंतिम अवसर देने की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 11 सितंबर:</strong><br /><br />अनुसूचित जाति (एस.सी.) के विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज घोषणा की कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए डॉ. अंबेडकर छात्रवृत्ति पोर्टल को 17 सितंबर, 2026 तक दोबारा खोल दिया गया है। यह विभिन्न स्तरों पर लंबित नए और रिन्यूअल (नवीनीकरण) छात्रवृत्ति मामलों का सत्यापन पूरा करने का अंतिम अवसर है।<br /><br />डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है कि पैसों की कमी अथवा सरकारी प्रक्रिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/dr--baljit-kaur-announces-a-final-opport/article-7166"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-09/whatsapp-image-2026-09-11-at-12.56.07-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 11 सितंबर:</strong><br /><br />अनुसूचित जाति (एस.सी.) के विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज घोषणा की कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए डॉ. अंबेडकर छात्रवृत्ति पोर्टल को 17 सितंबर, 2026 तक दोबारा खोल दिया गया है। यह विभिन्न स्तरों पर लंबित नए और रिन्यूअल (नवीनीकरण) छात्रवृत्ति मामलों का सत्यापन पूरा करने का अंतिम अवसर है।<br /><br />डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है कि पैसों की कमी अथवा सरकारी प्रक्रिया में देरी के कारण कोई भी जरूरतमंद विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार की एस.सी. विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने और एक ऐसा ‘रंगला पंजाब’ बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां प्रत्येक युवा को अपने सपने पूरे करने के लिए समान अवसर मिले।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने विद्यार्थियों, शैक्षणिक संस्थानों, अनुमोदन करने वाली अथॉरिटीज तथा संबंधित विभागों से अपील की कि वे इस नई समय-सीमा को पूरी गंभीरता से लें और निर्धारित समय के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करें, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए।<br /><br />नए शेड्यूल की जानकारी साझा करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि संस्थान सभी त्रुटियों को दूर करके पूरे मामलों को 14 सितंबर, 2026 तक अनुमोदन करने वाली अथॉरिटीज को भेजें। अनुमोदन करने वाली अथॉरिटीज को 16 सितंबर, 2026 तक संबंधित विभागों को ऑनलाइन प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि संबंधित विभाग 17 सितंबर, 2026 तक इन सत्यापित प्रस्तावों को सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग को भेजेंगे।<br /><br />इस योजना के तहत हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 2.70 लाख विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर 2,45,154 मामलों का सत्यापन पहले ही हो चुका है और राज्य सरकार ने 2,41,970 विद्यार्थियों को अपने 40 प्रतिशत हिस्से की राशि जारी भी कर दी है।<br /><br />सरकार की विद्यार्थी-हितैषी सोच को दोहराते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार एस.सी. विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे नए शेड्यूल के अनुसार सत्यापन का कार्य समय पर पूरा करें, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद विद्यार्थी को छात्रवृत्ति मिल सके और वह मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के प्रगतिशील, शिक्षित और ‘रंगले पंजाब’ के सपने को साकार करने में अपना योगदान दे सके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 19:26:07 +0530</pubDate>
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