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                <title>Cabinet - Nirpakh Post</title>
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                <description>Cabinet RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने भाखड़ा डैम पर सीआईएसएफ तैनात करने के कांग्रेस सरकार के फैसले को वापस लिया</title>
                                    <description><![CDATA[<div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />चंडीगढ़, 7 जुलाई: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब मंत्रिमंडल ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कांग्रेस सरकार द्वारा भाखड़ा डैम पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) तैनात करने के फैसले को वापिस लेने का फैसला लिया।<br />इस संबंधी फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पंजाब सिविल सचिवालय-1 स्थित उनके कार्यालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।<br /><br />आज यहां इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 23 जुलाई, 2021 को अपने फैसले के माध्यम से भाखड़ा डैम पर सीआईएसएफ</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/the-cabinet-led-by-the-chief-minister-withdrew/article-2492"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/whatsapp-image-2025-07-07-at-8.17.55-pm.jpeg" alt=""></a><br /><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />चंडीगढ़, 7 जुलाई: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब मंत्रिमंडल ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कांग्रेस सरकार द्वारा भाखड़ा डैम पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) तैनात करने के फैसले को वापिस लेने का फैसला लिया।<br />इस संबंधी फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पंजाब सिविल सचिवालय-1 स्थित उनके कार्यालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।<br /><br />आज यहां इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 23 जुलाई, 2021 को अपने फैसले के माध्यम से भाखड़ा डैम पर सीआईएसएफ तैनात करने की स्वीकृति मनमाने तरीके से दी थी। यह पंजाब विरोधी कदम राज्य के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण था क्योंकि पंजाब पुलिस डैमों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम थी।<br />मंत्रिमंडल ने राज्यहित में इस फैसले को वापिस ले लिया है।<br />बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भाखड़ा डैम पर सीआईएसएफ तैनाती के निर्णय का कड़ा विरोध करने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।<br /><br />मंत्रिमंडल ने डैम की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ तैनात करने के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस फोर्स की तैनाती के लिए एक भी पैसा नहीं देगी। बैठक में यह भी विचार किया गया कि कांग्रेस सरकार ने फोर्स तैनात करने की सहमति देकर राज्य के हितों को खतरे में डाला, जबकि पंजाब पुलिस के पास सीमा राज्य की रक्षा करने की गौरवशाली परंपरा है।<br />मंत्रिमंडल ने हैरानी जताई कि जब पंजाब पुलिस राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूती से सुनिश्चित कर सकती है, तो डैमों की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की जरूरत क्यों पड़ी?<br />पंजाब में<br />पशु क्रूरता रोकथाम (पंजाब संशोधन) अधिनियम-2025 और पंजाब में पशु क्रूरता की रोकथाम( बैलगाड़ी दौड़ का संचालन)नियम-2025 को हरी झंडी<br /><br />मंत्रिमंडल ने पंजाब पशु क्रूरता रोकथाम (पंजाब संशोधन) अधिनियम-2025 और पंजाब पशु क्रूरता रोकथाम (बैलगाड़ी दौड़ का संचालन) नियम-2025 को भी हरी झंडी दे दी है।<br />गौरतलब है कि किला रायपुर में बैलगाड़ी दौड़ ग्रामीण खेलों का अभिन्न हिस्सा थी, लेकिन कई कारणों से इसे कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। पंजाब में पशु संबंधित खेल गतिविधियों को नियमित करने के लिए "पंजाब पशु क्रूरता रोकथाम (किला रायपुर ग्रामीण खेल समारोह और मेला) नियम-2025" को भी स्वीकृति दी गई है।<br />इन नियमों का मुख्य उद्देश्य खेलों में भाग लेने वाले पशुओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिसमें पशु चिकित्सा निगरानी, सुरक्षा मानक, पंजीकरण/दस्तावेज और उल्लंघन पर जुर्माना शामिल है।<br />यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पंजाब की देशी पशु नस्लों के संरक्षण में भी सहायक होगा।<br /><br />प्राइमरी व माध्यमिक स्तर पर 3600 स्पेशल एजुकेटर शिक्षकों के पदों  को मंजूरी<br /><br />मंत्रिमंडल ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर 3600 स्पेशल एजुकेटर शिक्षकों के पद सृजित करने को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के अनुसार स्पेशल एजुकेटर (मास्टर कैडर) के 1650 पद और स्पेशल एजुकेटर (प्राथमिक कैडर) के 1950 पद स्वीकृत किए गए हैं।<br />इससे पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विशेष आवश्यकता वाले 47,979 बच्चों को लाभ होगा।<br />इन पदों को व्यवसायमुखी अध्यापक, आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर और ईटीटी पदों से बदला जा रहा है और इन्हें तीन साल में चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।<br /><br />22 कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मंजूरी<br /><br />मंत्रिमंडल ने 5 दिसंबर, 2016 को तत्कालीन मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णय की समीक्षा करते हुए ग्रामीण व्यवसायमुखी प्रशिक्षण संस्था, बादल के लिए सृजित 37 स्थायी पदों के विरुद्ध काम कर रहे 22 व्यक्तियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने को मंजूरी दी है।<br />वित्त विभाग और पर्सनल विभाग की सलाह अनुसार यह कदम विभाग/सरकार को लंबे समय से चली आ रही कानूनी जटिलताओं से राहत दिलाएगा और संस्था में काम कर रहे इन 22 कर्मचारियों का भविष्य भी सुरक्षित करेगा।<br />पंजाब राज्य विकास कर अधिनियम-2018 में संशोधन कर ओ.टी.एस. योजना शुरू करने की मंजूरी<br /><br />मंत्रिमंडल ने पंजाब राज्य विकास कर अधिनियम-2018 में संशोधन करने और पंजाब जीएसटी अधिनियम में ‘वेतन’ शब्द को पुनर्परिभाषित करके कर के आधार को व्यापक बनाकर वन टाइम सेटलमेंट (ओ.टी.एस.) योजना शुरू करने को भी मंजूरी दी।<br /><br />करदाता एकमुश्त भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं, जिससे अनुपालन सरल होगा और वसूली प्रक्रिया में सुधार किया जा सकेगा। धारा-11ए, नई धारा 11बी, 11सी और 11डी जोड़कर बकाया निपटाने के लिए ओ.टी.एस. को भी मंजूरी दी गई है ताकि मृत्यु, कंपनी के विघटन या परिसमापन और अन्य मामलों में कर देनदारी का समाधान हो सके।<br />"सीजीसी यूनिवर्सिटी मोहाली" और "रियात बहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी" होशियारपुर नामक स्वयं वित्तीय निजी यूनिवर्सिटी की स्थापना को मंजूरी<br />राज्य के विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु महत्वपूर्ण फैसले में<br />मंत्रिमंडल ने "पंजाब प्राइवेट यूनिवर्सिटी नीति-2010" के तहत झंझेरी (एस.ए.एस. नगर, मोहाली) में "सीजीसी यूनिवर्सिटी मोहाली" और जिला होशियारपुर में "रियात बहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी" नामक स्ववित्तपोषित निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी दे दी।<br /><br />ये निजी शैक्षणिक संस्थान मोहाली और होशियारपुर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास में भी योगदान देंगी।<span style="font-size:large;"><br /></span></div>
<div dir="ltr">-------- </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/the-cabinet-led-by-the-chief-minister-withdrew/article-2492</link>
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                <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 21:21:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली कैबिनेट की ओर से जेल विभाग में 500 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">चंडीगढ़, 21 जून-<br /><br />जेलों में सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के  नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने आज जेल स्टाफ में विभिन्न कैडरों के 500 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दी है।<br /><br />इस संबंध में निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पंजाब सिविल सचिवालय में उनके कार्यालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।<br /><br />मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने जेल विभाग, पंजाब में सीधी भर्ती कोटे के तहत सहायक सुपरिडेंट, वार्डर और मैट्रन के 500 रिक्त पदों की भर्ती को सहमति दे दी है। इस भर्ती में 29 सहायक सुपरिडेंट, 451 वार्डर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/cabinet-led-by-chief-minister-approves/article-2280"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/whatsapp-image-2025-06-21-at-5.55.16-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चंडीगढ़, 21 जून-<br /><br />जेलों में सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के  नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने आज जेल स्टाफ में विभिन्न कैडरों के 500 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दी है।<br /><br />इस संबंध में निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पंजाब सिविल सचिवालय में उनके कार्यालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।<br /><br />मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने जेल विभाग, पंजाब में सीधी भर्ती कोटे के तहत सहायक सुपरिडेंट, वार्डर और मैट्रन के 500 रिक्त पदों की भर्ती को सहमति दे दी है। इस भर्ती में 29 सहायक सुपरिडेंट, 451 वार्डर और 20 मैट्रन शामिल होंगे, जिनका चयन पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा किया जाएगा, जिससे जेलों में सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह कदम जेलों के कामकाज को और सुचारू बनाने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित बनाने में सहायक होगा।<br /><br />औद्योगिक प्लांटों के आवंटन और उप-विभाजन के लिए व्यापक नीति को मंजूरी<br /><br />मंत्रिमंडल ने पी.एस.आई.ई.सी. की ओर से प्रबंधित औद्योगिक<br />अस्टेटों में औद्योगिक प्लांटों के आवंटन और उप-विभाजन के लिए एक व्यापक नीति को भी मंजूरी दी ताकि भूमि का उपयोग अधिक कुशलता से किया जा सके। यह नीति उद्यमियों और प्लांट मालिकों के साथ-साथ प्रमुख औद्योगिक संगठनों, जिनमें कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई), मोहाली चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड आईटी और मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन शामिल हैं, की मांगों को पूरा करती है। यह छोटे औद्योगिक प्लांटों, विशेष रूप से आईटी और सेवा क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करती है, ताकि भूमि के कुशल उपयोग को प्रोत्साहित किया जा सके, निवेश आकर्षित किया जा सके और प्लांट आवंटन और उप-विभाजन के लिए एक संरचित, पारदर्शी तंत्र स्थापित किया जा सके।<br /><br />यह नीति भूमि के कुशल उपयोग की सुविधा देती है, संचालन दक्षता को बढ़ाती है और औद्योगिक भागीदारों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करके परियोजना विस्तार का समर्थन करती है। यह नीति 1000 वर्ग गज या उससे बड़े फ्रीहोल्ड प्लांटों पर लागू होती है, जिसमें उप-विभाजन प्लांट न्यूनतम 400 वर्ग गज आकार के होंगे। इसके लिए असल प्लांट की मौजूदा आरक्षित कीमत का 5 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा, जिसे मृतक आवंटी के परिवार के सदस्यों या कानूनी वारिसों के लिए 50 प्रतिशत तक कम कर दिया जाएगा।<br /><br />इस नीति में इसके कार्यान्वयन को सुचारू बनाने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) शामिल है। यह ऐतिहासिक निर्णय एक व्यवसाय-अनुकूल वातावरण को प्रोत्साहित करने और पंजाब के औद्योगिक माहौल को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह नीति नियामक मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए भागीदारों को अधिक लचीलापन प्रदान करके आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है।<br /><br />उच्च-स्तरीय कैबिनेट उप-कमेटी के गठन को कार्योत्तर मंजूरी<br /><br />मंत्रिमंडल ने पंजाब राज्य के 'नशा विरोधी युद्ध' कार्यक्रम को और तेज करने के लिए उच्च-स्तरीय कैबिनेट उप-कमेटी के गठन को कार्योत्तर मंजूरी दे दी। यह कदम नशे के खिलाफ चल रही जंग की रोजाना जांच में और मदद करेगा, जिससे पंजाब नशे के खतरे से मुक्त होगा और राज्य के युवाओं को इस अभिशाप से दूर रखेगा।<br /><br />पंजाब फायर और इमरजेंसी सर्विसेज (फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता) नियम, 2025 बनाने की मंजूरी<br /><br />मंत्रिमंडल ने पंजाब फायर और इमरजेंसी सर्विसेज (फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता) नियम, 2025 बनाने की भी मंजूरी दे दी। इससे राज्य सरकार एक अधिसूचना के माध्यम से उन इमारतों या परिसरों, जिनमें निर्दिष्ट जोखिम श्रेणियां शामिल हैं, के मामले में अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रमाणपत्र की अवधि निर्धारित कर सकेगी।<br /><br />व्यवसाय को सुगम बनाने के लिए पंजाब फैक्ट्री नियम, 1952 में संशोधन<br /><br />मंत्रिमंडल ने व्यवसाय करने में सुगमता की सुविधा के लिए पंजाब फैक्ट्री नियम, 1952 के नियम 2ए, नियम 3ए, नियम 4 और नियम 102 में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। यह किसी भी सिविल/संरचनात्मक/मैकेनिकल इंजीनियर द्वारा 5 साल के अनुभव या 2 साल के अनुभव वाली मास्टर डिग्री के साथ फैक्ट्रियों की स्व-प्रमाणन योजनाओं को विभाग द्वारा सत्यापन के अधीन योग्य बनाएगा। इसी तरह, 5 साल के अनुभव वाले किसी भी सिविल/संरचनात्मक इंजीनियर या 2 साल के अनुभव वाली मास्टर डिग्री के साथ संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणपत्र को भी विभाग द्वारा सत्यापन के अधीन अनुमति दी जाएगी। साथ ही, महिला कर्मचारियों को मिट्टी के बर्तनों और सिरेमिक्स के निर्माण तथा वनस्पति तेल निकालने की प्रक्रिया में काम करने की अनुमति होगी, जिस पर वर्तमान में प्रतिबंध है।<br /><br />पंजाब श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1965 में संशोधन के लिए सहमति<br /><br />मंत्रिमंडल ने पंजाब श्रम कल्याण निधि अधिनियम, 1965 में संशोधन करने के लिए भी सहमति दे दी। अधिनियम के कई प्रावधान अब मौजूदा समय की जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए निधि को अधिक उचित और प्रगतिशील बनाकर श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों में संशोधन किया गया है। यह निधि श्रमिकों के हितों की रक्षा करेगी, जिससे वे सम्मान और गर्व के साथ जीवन जी सकेंगे।<br /><br />पंजाब वित्तीय नियमों के भाग I और भाग-II को अपडेट करने के लिए हरी झंडी<br /><br />मंत्रिमंडल ने पंजाब वित्तीय नियमों के भाग I और भाग-II को अपडेट करने के लिए भी हरी झंडी दे दी क्योंकि ये नियम 1984 में बनाए गए थे और तब से वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशों के माध्यम से कई बदलाव किए गए हैं। इसलिए मुकदमेबाजी और उलझन से बचने के लिए उन्हें नियमों में शामिल करने की जरूरत थी।<br /><br />पी.आर.टी.पी.डी. अधिनियम की धारा 29 (3) में संशोधन की मंजूरी<br /><br />मंत्रिमंडल ने पी.आर.टी.पी.डी. अधिनियम की धारा 29 (3) में संशोधन की भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत मुख्य सचिव पंजाब को अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण (ए.यू.डी.ए.), नई ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा), मेरठ, कानपुर, लखनऊ और अन्य की तर्ज पर प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पहले मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष थे, लेकिन उनके व्यस्तताओं के कारण कई बार प्राधिकरणों का काम प्रभावित होता था। इस दौरान विकास प्राधिकरणों में राजस्व, उद्योग, जल आपूर्ति और स्वच्छता और अन्य विभागों को शामिल करने का भी निर्णय लिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 21:00:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री की अगुवाई में कैबिनेट द्वारा मिसाली श्रम सुधार को मंज़ूरी: 95 फीसदी छोटे व्यापारियों को शर्तों की जटिलता से मिलेगी मुक्ति</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 4 जून</strong><br /><br />पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में आज हुई कैबिनेट बैठक में 95 फीसदी छोटे कारोबारों पर लगने वाली शर्तों को कम करते हुए और कारोबार को सरल बनाने के उद्देश्य से पंजाब दुकान एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1958 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई।<br /><br />इस संबंध में फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उनके सरकारी निवास पर हुई मंत्री परिषद की बैठक में लिया गया।<br /><br />मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस प्रगतिशील संशोधन के अनुसार, 20 तक कर्मचारियों वाले सभी संस्थान अब इस अधिनियम के सभी प्रावधानों से मुक्त होंगे। इस कदम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/cabinet-approves-exemplary-tax-r/article-1986"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/whatsapp-image-2025-06-04-at-4.24.59-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 4 जून</strong><br /><br />पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में आज हुई कैबिनेट बैठक में 95 फीसदी छोटे कारोबारों पर लगने वाली शर्तों को कम करते हुए और कारोबार को सरल बनाने के उद्देश्य से पंजाब दुकान एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1958 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई।<br /><br />इस संबंध में फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उनके सरकारी निवास पर हुई मंत्री परिषद की बैठक में लिया गया।<br /><br />मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस प्रगतिशील संशोधन के अनुसार, 20 तक कर्मचारियों वाले सभी संस्थान अब इस अधिनियम के सभी प्रावधानों से मुक्त होंगे। इस कदम से पंजाब भर के लाखों दुकान मालिकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, ऐसे संस्थानों को अपना कारोबार शुरू करने या इस अधिनियम के लागू होने के छह महीने के भीतर श्रम विभाग के पास संबंधित जानकारी जमा करवानी होगी।<br /><br />कर्मचारियों की तनख्वाह में वृद्धि के लिए एक तिमाही में ओवरटाइम की स्वीकृत घंटों की सीमा 50 से बढ़ाकर 144 कर दी गई है। इसके अलावा, प्रतिदिन कामकाज का समय 10 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया गया है, जिसमें आराम का समय भी शामिल है। साथ ही, कर्मचारियों को प्रतिदिन 9 घंटे या सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने पर नियमित दर से दुगुनी दर पर भुगतान अनिवार्य होगा।<br /><br />रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को भी सरल कर दिया गया है और अब 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों को आवेदन जमा करने के 24 घंटे के भीतर पंजीकरण की स्वीकृति स्वतः मानी जाएगी। इस संशोधन के तहत 20 कर्मचारियों तक वाले संस्थानों को केवल प्रारंभिक जानकारी देने की आवश्यकता होगी और उन्हें रजिस्टर रखने की ज़रूरत नहीं होगी।<br />इसके साथ ही, धारा 21 और 26 के अंतर्गत दंडों को भी तर्कसंगत बनाते हुए न्यूनतम जुर्माना 25 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये और अधिकतम जुर्माना 100 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया गया है।<br /><br />परेशानियों को कम करने और कारोबारियों को शर्तों का पालन करने के लिए समय देने हेतु पहली और दूसरी उल्लंघना तथा उसके बाद की उल्लंघना के बीच सुधार के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा। उल्लंघना की कंपाउंडिंग की अनुमति देने हेतु धारा 26ए जोड़ी गई है ताकि इस अधिनियम को आपराधिक श्रेणी से बाहर रखा जा सके और दुकानदारों को अदालतों के चक्कर से मुक्ति मिल सके। इसके अतिरिक्त, श्रमिकों के हितों की सुरक्षा हेतु विभिन्न श्रम कानूनों के माध्यम से उपलब्ध सभी अधिकारों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Jun 2025 19:30:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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                <title>कैबिनेट उप-कमेटी ने 8 कर्मचारी यूनियनों से की मीटिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 26 मई:</strong><br /><br />  वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में कैबिनेट सब-कमेटी ने आज 8 विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य उनके जायज मुद्दों पर चर्चा करना और उनका जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करना था।<br /><br />बैठक में 'बेरोजगार सांझा मोर्चा पंजाब', '3704 अध्यापक यूनियन', 'मेरिटोरियस टीचर्स यूनियन', 'ए.आई.ई कच्चे अध्यापक यूनियन सेशन 2012-14', '10 साल सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापक यूनियन', 'बेरोजगार 646, पीटीआई (2011) अध्यापक यूनियन', 'पीडब्ल्यूडी फील्ड एंड वर्कशॉप वर्कर्स यूनियन', और 'ऑल पंजाब डीएसटी/सीटीएस कॉन्ट्रैक्ट/गेस्ट फैकल्टी इंस्ट्रक्टर यूनियन' के प्रतिनिधि शामिल हुए। पंजाब सचिवालय स्थित वित्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/politics/cabinet-sub-committee-holds/article-1883"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-05/pic-(4)-(8).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 26 मई:</strong><br /><br /> वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में कैबिनेट सब-कमेटी ने आज 8 विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य उनके जायज मुद्दों पर चर्चा करना और उनका जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करना था।<br /><br />बैठक में 'बेरोजगार सांझा मोर्चा पंजाब', '3704 अध्यापक यूनियन', 'मेरिटोरियस टीचर्स यूनियन', 'ए.आई.ई कच्चे अध्यापक यूनियन सेशन 2012-14', '10 साल सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापक यूनियन', 'बेरोजगार 646, पीटीआई (2011) अध्यापक यूनियन', 'पीडब्ल्यूडी फील्ड एंड वर्कशॉप वर्कर्स यूनियन', और 'ऑल पंजाब डीएसटी/सीटीएस कॉन्ट्रैक्ट/गेस्ट फैकल्टी इंस्ट्रक्टर यूनियन' के प्रतिनिधि शामिल हुए। पंजाब सचिवालय स्थित वित्त मंत्री के कार्यालय में आयोजित इन बैठकों ने कर्मचारी यूनियनों को अपनी मांगों और मुद्दों को रखने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।<br /><br />लगभग 3 घंटे तक चली इन बैठकों के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यूनियन नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से यूनियनों के मुद्दों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली और उन्हें जायज मांगों को जल्द से जल्द हल करने का निर्देश दिया। यूनियन नेताओं ने 'आप' के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा उनके मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने के लिए वित्त मंत्री का धन्यवाद किया और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बैठकों की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके लंबित मुद्दों का जल्द समाधान होगा और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक राहत मिलेगी।<br /><br />वित्त मंत्री ने कर्मचारी संगठनों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा और उन्हें निष्पक्ष और समय पर हल करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। बैठकें सकारात्मक माहौल में समाप्त हुईं और कर्मचारी संगठनों में आशा की भावना थी कि उनके मुद्दों का जल्द समाधान किया जाएगा।<br /><br />बैठक में विभिन्न यूनियनों के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिनमें 'बेरोजगार सांझा मोर्चा पंजाब' से संयोजक जसवंत सिंह घुबाया, रमन कुमार मलोट और हरजिंदर सिंह झुनीर; '3704 अध्यापक यूनियन' से प्रदेश अध्यक्ष हरजिंदर सिंह, यादविंदर सिंह और जगजीवनजोत सिंह; 'मेरिटोरियस टीचर्स यूनियन' से सीनियर उपाध्यक्ष डॉ. टीना, डॉ. अजय शर्मा और दविंदर सिंह; 'ए.आई.ई कच्चे अध्यापक यूनियन सेशन 2012-14' से प्रदेश अध्यक्ष तजिंदर कौर और मंजू शर्मा; '10 साल सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापक यूनियन' से प्रदेश अध्यक्ष जसपाल सिंह और महासचिव बलजिंदर मुक्तसर; 'बेरोजगार 646, पीटीआई (2011) अध्यापक यूनियन' से गुरलाभ सिंह, सी.पी. शर्मा और वकील राम; 'पीडब्ल्यूडी फील्ड एंड वर्कशॉप वर्कर्स यूनियन' से मक्खन सिंह वाहिदपुरी और बलजिंदर सिंह; और 'ऑल पंजाब डीएसटी/सीटीएस कॉन्ट्रैक्ट/गेस्ट फैकल्टी इंस्ट्रक्टर यूनियन' से संदीप सिंह, किरणदीप सिंह और नीना रानी शामिल थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Politics</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 May 2025 19:02:02 +0530</pubDate>
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