<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.nirpakhpost.in/cisf/tag-1424" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Nirpakh Post RSS Feed Generator</generator>
                <title>CISF - Nirpakh Post</title>
                <link>https://www.nirpakhpost.in/tag/1424/rss</link>
                <description>CISF RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान दिसंबर, 2021 को केंद्र को सी.आई.एस.एफ. लगाने की सहमति दी गई: बरिन्दर कुमार गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 11 जुलाईः</strong><br /><br />पंजाब के जल स्रोत मंत्री श्री बरिन्दर कुमार गोयल द्वारा आज पंजाब विधान सभा की कार्यवाही के दौरान राज्य में केंद्र द्वारा बी.बी.एम.बी. को सी.आई.एस.एफ. सुरक्षा मुहैया करवाने के विरोध में सरकारी प्रस्ताव पेश किया गया।<br /><br />प्रस्ताव पेश करते हुये श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने कहा कि पिछले सालों के दौरान भारत सरकार के बिजली मंत्रालय ने बी.बी.एम.बी. के अहम संस्थानों की एक सूची भेजी थी, जो अभी तक सी.आई.एस.एफ. की सुरक्षा अधीन नहीं थे और बी.बी.एम.बी को समूह सी.आई.एस.एफ. सुरक्षा कवर की ज़रूरत संबंधी ज़ोर देकर कहा था कि सभी अहम बी.बी.एम.बी. संस्थानों की पूरी सुरक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/during-the-congress-tenure--the-centre/article-2553"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/pic-(2)2.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 11 जुलाईः</strong><br /><br />पंजाब के जल स्रोत मंत्री श्री बरिन्दर कुमार गोयल द्वारा आज पंजाब विधान सभा की कार्यवाही के दौरान राज्य में केंद्र द्वारा बी.बी.एम.बी. को सी.आई.एस.एफ. सुरक्षा मुहैया करवाने के विरोध में सरकारी प्रस्ताव पेश किया गया।<br /><br />प्रस्ताव पेश करते हुये श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने कहा कि पिछले सालों के दौरान भारत सरकार के बिजली मंत्रालय ने बी.बी.एम.बी. के अहम संस्थानों की एक सूची भेजी थी, जो अभी तक सी.आई.एस.एफ. की सुरक्षा अधीन नहीं थे और बी.बी.एम.बी को समूह सी.आई.एस.एफ. सुरक्षा कवर की ज़रूरत संबंधी ज़ोर देकर कहा था कि सभी अहम बी.बी.एम.बी. संस्थानों की पूरी सुरक्षा की जाये।<br /><br />उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य ने सी.आई.एस.एफ. की तैनाती के मसले पर फिर से विचार किया है और 27 मई, 2025 और 4 जुलाई, 2025 को बी.बी.एम.बी. को भेजे पत्रों के द्वारा सी.आई.एस.एफ की तैनाती के खि़लाफ़ अपनी सख़्त आपत्तियां दर्ज करवाई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य के सख़्त ऐतराज़ों के बावजूद केंद्र सरकार सी.आई.एस.एफ. की तैनाती आगे बढ़ाने की सोच रही है। बी.बी.एम.बी की 4 जुलाई, 2025 को हुई मीटिंग में भी पंजाब द्वारा बहुत ज़ोरदार ढंग से विरोध किया गया।<br /><br />उन्होंने कहा कि बी.बी.एम.बी के संस्थानों को पिछले लगभग 70 सालों से पंजाब पुलिस द्वारा पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। बहुत ही नाजुक समय के दौरान भी ऐसी कोई असुखद घटना कभी सामने नहीं आई।<br /><br />जल स्रोत मंत्री ने कहा कि बी.बी.एम.बी. पर तैनात राज्य की पुलिस स्थानीय स्थितियों से अच्छी तरह अवगत है और पिछले कई सालों से प्रोजेक्टों की सेवा कर रही है। जहाँ तक तकनीक का सवाल है, पंजाब पुलिस नयी से नयी तकनीक का प्रयोग करने में निपुण है। इसके इलावा पंजाब पुलिस को सरहदी इलाकों में ऐसी स्थितियों का सामना करने का लम्बा अनुभव भी है। यह फोर्स देश की किसी भी अन्य फोर्स की तरह पेशेवर है।<br /><br />श्री बरिन्दर कुमार गोयल ने कहा कि सी.आई.एस.एफ. की तैनाती पंजाब राज्य और अन्य हिस्सेदार राज्यों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ को बढ़ाएगी। पंजाब राज्य बी.बी.एम.बी के खर्चे में मुख्य योगदान डालने वाला राज्य है और इसलिए पंजाब राज्य को यह अतिरिक्त ख़र्च भी सहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संस्थान पंजाब व हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय अधिकार के अंदर हैं। कानून अनुसार अपनी-अपनी हदबंदी में कानून-व्यवस्था बनाई रखने और इन संस्थानों की सुरक्षा यकीनी बनाने की ज़िम्मेदारी सम्बन्धित राज्य सरकारों की होती है।<br /><br />उन्होंने कहा कि हालिया प्रस्तावों के अनुसार सी.आई.एस.एफ. की तैनाती के कारण अतिरिक्त वित्तीय प्रभाव 49.32 करोड़ रुपए प्रति साल हो जायेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य के अन्य डैमों की भी देखभाल कर रहा है, जिनमें रणजीत सागर डैम और शाहपुरकंडी डैम शामिल हैं। इन डैमों की सुरक्षा बी.बी.एम.बी. संस्थानों की अपेक्षा और ज्यादा गंभीर है क्योंकि यह डैम अंतरराष्ट्रीय सीमा के बहुत नज़दीक हैं। इन डैमों की सुरक्षा पंजाब पुलिस और राज्य सरकार के द्वारा की जा रही है।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सी.आई.एस.एफ. की हाइब्रिड माडल तैनाती में लगने वाली लागत मौजूदा राज्य पुलिस की तैनाती की अपेक्षा 49.32 करोड़ रुपए अधिक है, जो पंजाब राज्य के लिए स्वीकार्य नहीं है। पंजाब, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड ( बी.बी.एम.बी.) में एक बड़ा हिस्सेदार है और इसकी फंडिंग में महत्वपूर्ण योगदान डालता है। इसलिए भाखड़ा नंगल और अन्य हाईड्रो प्रोजेक्टों पर सी.आई.एस.एफ कर्मचारियों की तैनाती पंजाब सरकार पर एक अनावश्यक और टालने योग्य वित्तीय बोझ डालेगी।<br /><br />उन्होंने कहा कि यदि बी.बी.एम.बी. अभी भी सी.आई.एस.एफ कर्मचारियों की तैनाती करने का इरादा रखता है तो पंजाब ऐसी तैनाती और इससे पैदा होने वाला कोई वित्तीय बोझ नहीं बर्दाश्त करेगा।<br /><br />प्रस्ताव पर करवाई गई बहस में बोलते हुये श्री गोयल ने बताया कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान 6 दिसंबर, 2021 को केंद्र को चिट्ठी लिख कर सी.आई.एस.एफ. की तैनाती सम्बन्धी सहमति दी गई थी।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब पंजाब पुलिस डैमों की सुरक्षा करने के समर्थ है तो फिर केंद्र सरकार द्वारा सी.आई.एस.एफ. की ज़रूरत क्यों दर्शायी जा रही है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह कहानी केंद्र सरकार द्वारा सी.आई.एस.एफ. तैनात करने की आड़ में डैमों पर कब्ज़ा करने की है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार की मिलीभुगत से पंजाब के पानी लूटने की कोशिश की जिसका मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की सरकार ने डटकर विरोध किया। जब राज्य के साथ धक्का करने की कोशिश की गई तो हम वहाँ जाकर बैठे, वहाँ धरने लगाऐ और अपने पानियों की रक्षा की।<br /><br />उन्होंने कहा कि इसके चलते आज केंद्र सरकार अप्रत्यक्ष तौर पर सी.आई.एस.एफ. की तैनाती करके हमारे डैमों पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने अपना सब कुछ देश के लिए कुर्बान किया परन्तु राज्य के साथ हमेशा धोखा किया जाता रहा। 1981 में रावी-ब्यास पानी की विभाजन के समय भी 17 एम.ए.एफ पानी में से पंजाब को सिर्फ़ 4 एम.ए.एफ पानी दिया गया। उसके बाद 24 जुलाई, 1985 को राजीव-लौंगवाल समझौते के 13 पैराग्राफों, जिनमें एक पैराग्राफ में कहा गया था कि 26 जनवरी, 1986 को चंडीगढ़ को पंजाब को दे दिया जायेगा, लागू नहीं किया गया और अन्य किसी नुक्ते पर अमल नहीं किया गया परन्तु राज्य का पानी छीनने वाली एकमात्र बात पर अमल कर लिया गया।<br /><br />उन्होंने कहा कि पंजाब में हमें 30 एमएएफ पानी की ज़रूरत है परन्तु हमारे लिए पानी है ही नहीं। उन्होंने कहा कि बी.बी.एम.बी के चेयरमैन केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार के मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री के इशारों पर सारा काम हो रहा है जबकि उनके लिए पूरा देश एक होना चाहिए।<br /><br />इन पक्षों को ध्यान में रखते हुये सदन ने बी.बी.एम.बी. द्वारा अपने सभी संस्थानों पर सी.आई.एस.एफ. कर्मचारियों की तैनाती करने का प्रस्ताव ख़ारिज कर दिया। सदन ने ज़ोरदार ढंग से कहा कि मौजूदा समय में तैनात राज्य पुलिस इन प्रोजेक्टों की स्थिति/क्षेत्र और सुरक्षा से अच्छी तरह अवगत है, जो कई सालों से इन क्षेत्रों में सेवा निभा रहे हैं। मौजूदा प्रबंध कुशल और लागत-प्रभावशाली साबित हुआ है, सुरक्षा में कोई महत्वपूर्ण कमियों की रिपोर्ट नहीं की गई। इसलिए पंजाब राज्य भाखड़ा नंगल प्रोजैक्ट पर सी.आई.एस.एफ. की तैनाती से सहमत नहीं है।<br /><br />सदन ने सर्वसम्मति से पंजाब सरकार को सिफारिश की कि यह मामला भारत सरकार के सम्बन्धित मंत्रालयों के समक्ष उठाया जाये और भारत सरकार और बी.बी.एम.बी. को कहा जाये कि भाखड़ा डैम प्रोजेक्टों और बी.बी.एम.बी. के अन्य हाईड्रो प्रोजेक्टों पर सी.आई.एस.एफ. कर्मचारी तैनात न किये जाएँ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/during-the-congress-tenure--the-centre/article-2553</link>
                <guid>https://www.nirpakhpost.in/punjab/during-the-congress-tenure--the-centre/article-2553</guid>
                <pubDate>Fri, 11 Jul 2025 20:10:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-07/pic-%282%292.jpeg"                         length="126226"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्य मंत्री के नेतृत्व में पंजाब विधान सभा की ओर से बांधों पर सी.आई.एस.एफ. तैनात करने के विरोध में ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 11 जुलाई<br /></strong><br />पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछले कुछ दशकों से कांग्रेस और भाजपा की फूट डालने वाली नीतियों के लिए दोनों पार्टियों पर आज जमकर हमला बोलते हुए कहा कि यदि ये पार्टियां देश के प्रति ईमानदारी से काम करें तो हमारा देश हर क्षेत्र में बेमिसाल तरक्की का गवाह बन सकता है।<br />बांधों पर सी.आई.एस.एफ. की तैनाती के विरोध में पंजाब विधान सभा में पेश किए गए प्रस्ताव पर बहस में हिस्सा लेते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि इन राजनीतिक पार्टियों ने लोगों को संकीर्ण, क्षेत्रीय, भाषाई, सांप्रदायिक और अन्य आधारों पर बांटा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/led-by-cm--punjab-vidhan-sabha-passes/article-2549"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/whatsapp-image-2025-07-11-at-5.30.51-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 11 जुलाई<br /></strong><br />पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछले कुछ दशकों से कांग्रेस और भाजपा की फूट डालने वाली नीतियों के लिए दोनों पार्टियों पर आज जमकर हमला बोलते हुए कहा कि यदि ये पार्टियां देश के प्रति ईमानदारी से काम करें तो हमारा देश हर क्षेत्र में बेमिसाल तरक्की का गवाह बन सकता है।<br />बांधों पर सी.आई.एस.एफ. की तैनाती के विरोध में पंजाब विधान सभा में पेश किए गए प्रस्ताव पर बहस में हिस्सा लेते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि इन राजनीतिक पार्टियों ने लोगों को संकीर्ण, क्षेत्रीय, भाषाई, सांप्रदायिक और अन्य आधारों पर बांटा, जिसके कारण राज्य एक-दूसरे के साथ टकराव की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों का एकमात्र उद्देश्य ऐसे गलत कार्यों के माध्यम से राजनीतिक सत्ता हासिल करना है, जिसने देश और राज्यों को अपूरणीय नुकसान पहुंचाया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि ये पार्टियां देश के लोगों को आपस में लड़ाने का काम बंद कर दें तो हमारा देश किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू सकता है।<br /><br />दोनों पार्टियों के गलत इरादों का उदाहरण देते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि यदि मोदी यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को खत्म कर सकते हैं, जैसा कि उनके मीडिया द्वारा प्रचारित किया जा रहा है, तो फिर उन्हें पंजाब और हरियाणा के बीच सौहार्दपूर्ण स्थिति सुनिश्चित करने से कौन रोक रहा है? उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों का रिश्ता भाइयों जैसा है और ये केंद्रीय अनाज पूल में 70 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं, लेकिन पिछले वर्षों में पंजाब और हरियाणा में सत्ता संभालने वाली इन दोनों पार्टियों ने दोनों राज्यों के बीच मतभेद पैदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, जिसके आड़ में वे सत्ता का आनंद ले रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि दोनों राज्यों में कई चीजें समान होने के बावजूद ऐसी ताकतें हमेशा यह सुनिश्चित करने के लिए उत्सुक रहती हैं कि दोनों राज्य पानी जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे से लड़ते रहें।<br /><br />मुख्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विश्व गुरु बनने के इच्छुक तो हैं, लेकिन राज्य के मामलों के बारे में उन्हें कोई चिंता-फिक्र नहीं है और इस रवैये के चलते नागरिकों के बुनियादी मुद्दों को पूरी तरह से दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में हालात बहुत खराब हैं क्योंकि पहलगाम हमले से पहले बनी फिल्म भारत में रिलीज नहीं होने दी जा रही, लेकिन प्रधानमंत्री किसी भी समय पाकिस्तान जाकर ‘बिरयानी’ खा सकते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री विदेशों के दौरों पर रहते हैं, दूसरी तरफ अपने ही देश में वे 140 करोड़ भारतीयों की चिंताओं को दूर करने में हमेशा नाकाम रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पास 10,000 से भी कम आबादी वाले देशों से विदेशी सम्मान हासिल करने का समय तो है, लेकिन देश के महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर ध्यान देने के लिए उनके पास कोई समय नहीं है।<br /><br />मुख्य मंत्री ने दोहराया कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य के साथ साझा करने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि पानी का मुद्दा राज्य और इसके लोगों के लिए भावनात्मक मुद्दा है और राज्य सरकार पानी की हर कीमती बूंद को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य के पानी की गाथा साल 1955 से शुरू होती है, लेकिन दुर्भाग्य से पानी के बारे में कोई मूल्यांकन नहीं हुआ, जो कि हर 25 साल बाद होना चाहिए था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारत सरकार द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के हाल के फैसले ने पश्चिमी नदियों (सिंधु, जेहलम, चनाब, उज्ज, कश्मीर नदी) के पानी के अन्य राज्यों को अधिक उपयोग का अधिकार तो दे दिया है, जबकि पंजाब को अतिरिक्त पानी देने के लिए विचार नहीं किया गया है, जो कि राज्य का हक बनता है।<br /><br />मुख्य मंत्री ने कहा कि इससे पंजाब के लिए 23 एम.ए.एफ. अतिरिक्त पानी सुनिश्चित किया जा सकता है, जो कि राज्य और इसके किसानों की पानी की जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी नदियों के पानी को प्राथमिकता के आधार पर पंजाब को आवंटित किया जाना चाहिए और हिमाचल प्रदेश में मौजूदा भाखड़ा और पौंग बांधों के ऊपर नए स्टोरेज बांध बनाए जाने चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे पश्चिमी नदी के पानी को स्टोर और नियंत्रित करने में काफी वृद्धि होगी। उन्होंने आगे कहा कि यह समय की जरूरत है कि पंजाब को उचित मुआवजा दिया जाए, जिसने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पानी और उपजाऊ जमीन जैसे बेशकीमती प्राकृतिक संसाधनों को दांव पर लगा दिया।<br /><br />मुख्य मंत्री ने कहा कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बी.बी.एम.बी.) राज्य के लिए एक श्वेत हाथी बन चुका है, जिसका पुनर्गठन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बी.बी.एम.बी. में पंजाब का 60 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन यह हमेशा राज्य के हितों के खिलाफ काम करता आया है। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड राज्य सरकार से फंड लेकर इसके खिलाफ ही केस दायर करता रहता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पूरी तरह से अनुचित और अस्वीकार्य है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्योंकि किसी को भी राज्य के हितों को खतरे में डालने की इजाजत नहीं दी जा सकती।<br /><br />केंद्र सरकार द्वारा राज्य के बांधों पर सी.आई.एस.एफ. तैनात करने के कदम का कड़ा विरोध करते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि यह कभी लागू न हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के फैसले के अनुसार सी.आई.एस.एफ. के जवान भाखड़ा बांध पर तैनात किए जाएंगे, जिस पर राज्य को बिना किसी उद्देश्य के लगभग 9 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब पंजाब पुलिस पहले ही बांध की सुरक्षा मुफ्त में सुनिश्चित कर रही है, तो हम यह पैसा बी.बी.एम.बी. को क्यों दें। उन्होंने कहा कि यदि हम सीमाओं की रक्षा कर सकते हैं, तो हम बांधों की भी रक्षा कर सकते हैं।<br /><br />मुख्य मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा होने के कारण पंजाब आतंकवाद और नशे के खिलाफ हमेशा अग्रणी रहकर देश के लिए जंग लड़ता आया है, लेकिन यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य में जबरन अर्धसैनिक बल लगाकर इसका भारी खर्च वहन करने के लिए कहा जाता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि दीनानगर (पठानकोट) में आतंकी हमले के बाद, भारत सरकार ने हमले के दौरान अर्धसैनिक बल भेजने के लिए राज्य से 7.5 करोड़ रुपए की मांग की थी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण और तर्कहीन है क्योंकि जिस राज्य के सबसे ज्यादा सपूत सशस्त्र सेनाओं में देश की सेवा करते हुए शहीद होते हैं, उसे यह अतिरिक्त खर्च वहन करने के लिए मजबूर किया जाता है।<br /><br />मुख्य मंत्री ने केंद्र सरकार पर पंजाब और पंजाबियों को निशाना बनाने और पंजाबियों की राष्ट्रीयता पर सवाल उठाने के लिए कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि सीमाओं की रक्षा और देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में पंजाब ने अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि या तो हमें ‘गद्दार’ कहा जाता है या ‘सरदार’, जो कि बहुत ही अपमानजनक और असहनीय है। उन्होंने कहा कि किसी को भी पंजाबियों की राष्ट्रवादी भावना और देशभक्ति पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमें देश के प्रति अपने प्यार के लिए इन ताकतों के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है क्योंकि वतन के प्रति हमारा प्यार हमारे शानदार योगदान से स्पष्ट रूप से झलकता है।<br /><br />मुख्य मंत्री ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य के अधिकारों को सरेआम अनदेखा किया जा रहा है और विपक्षी दलों द्वारा सत्ता वाले राज्यों, खासकर पंजाब की शांति भंग करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। मुख्य मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें केंद्र सरकार द्वारा सी.बी.आई. और ई.डी. के दुरुपयोग से कोई डर नहीं है और वे बिना किसी भय के लोगों की सेवा करते रहेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोकतंत्र की आवाज को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को पंजाबियों द्वारा कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।<br /><br />मुख्य मंत्री ने पंजाब की विपक्षी पार्टियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन पार्टियों ने नदी के पानी के मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई क्योंकि वे हमारे पानी को लूटने के मुख्य दोषी हैं। उन्होंने कहा कि अपने आप को ‘पानी के रक्षक’ कहने वालों ने राज्य को अपूरणीय नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा पारित किया गया कानून अभी भी कानूनी जांच के अधीन है। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि अमीर घरों के सत्ताधारी या सत्ता के दौरान नहरों का पानी सीधे जिनके खेतों तक पहुंचता था, उन्हें पानी की महत्वता के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं है, जिसके कारण राज्य को नुकसान सहना पड़ा है।<br /><br />मुख्य मंत्री ने कहा कि इन लोगों ने पिछले छह दशकों से अधिक समय से इस गंभीर और भावनात्मक मुद्दे पर लोगों को गुमराह किया है और पंजाब विरोधी ताकतों के साथ मिलकर राज्य के पानी को लूटा है। उन्होंने कहा कि लोग अच्छी तरह जानते हैं कि एस.वाई.एल. का सर्वेक्षण किसने करवाया था या चांदी की कही नाल नहर का नींव पत्थर किसने रखा था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके विपरीत उनकी सरकार ने दूसरे राज्यों को पानी की एक बूंद भी न देकर पंजाब के हितों की रक्षा की है।<br /><br />विपक्षी नेताओं को कड़े हाथों लेते हुए मुख्य मंत्री ने उनकी पंजाबी भाषा के कम ज्ञान पर सवाल उठाया और कहा कि शायद वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के कॉन्वेंट स्कूल ने उन्हें पंजाबी के बारे में नहीं सिखाया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता केवल सदन की कार्यवाही से भागने का बेतुका बहाना ढूंढ रहे हैं ताकि वे लोगों के सामने बेनकाब होने से बच सकें। भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्षी नेता मुख्य मंत्री की कुर्सी पर कब्जा करने के लिए अवसरवादी हैं, जिसके लिए वे कई तरह की संकीर्ण चालें चल रहे हैं।<br /><br />मुख्य मंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह सदन पंजाब के 3.5 करोड़ लोगों का घर है और केवल उनके द्वारा चुने गए व्यक्ति को ही उनकी सेवा करने और इस सदन में रहने का सम्मान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि वास्तव में लोग ऐसे संदिग्ध चरित्र वाले सत्ता के भूखे नेताओं को नहीं चुनते, जिन्होंने कभी भी लोगों की परवाह नहीं की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे इन पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों की घटिया कार्यप्रणाली के कारण ही राजनीति में आए हैं।<br /><br />मुख्य मंत्री ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय राजधानी की तीन विधान सभा चुनावों में एक भी सीट नहीं जीती, जो आम जनता में उनके प्रति मोहभंग होने का प्रत्यक्ष सबूत है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं की कोई विश्वसनीयता नहीं है, जिसके कारण लोगों में उनके प्रति बहुत ज्यादा नफरत पैदा हो गई है। उन्होंने कांग्रेसी नेताओं को याद दिलाया कि राज्य में सामाजिक सौहार्द इतना मजबूत है कि पंजाब की उपजाऊ धरती पर कोई भी बीज उग सकता है, लेकिन यहां नफरत का बीज कभी भी किसी भी कीमत पर नहीं उगेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, संतों-महापुरुषों और पीरों-पैगंबरों की पवित्र धरती है, जिन्होंने हमें आपसी प्यार और संयम-संतोष का रास्ता दिखाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/led-by-cm--punjab-vidhan-sabha-passes/article-2549</link>
                <guid>https://www.nirpakhpost.in/punjab/led-by-cm--punjab-vidhan-sabha-passes/article-2549</guid>
                <pubDate>Fri, 11 Jul 2025 18:56:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-07/whatsapp-image-2025-07-11-at-5.30.51-pm.jpeg"                         length="152004"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने भाखड़ा डैम पर सीआईएसएफ तैनात करने के कांग्रेस सरकार के फैसले को वापस लिया</title>
                                    <description><![CDATA[<div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />चंडीगढ़, 7 जुलाई: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब मंत्रिमंडल ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कांग्रेस सरकार द्वारा भाखड़ा डैम पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) तैनात करने के फैसले को वापिस लेने का फैसला लिया।<br />इस संबंधी फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पंजाब सिविल सचिवालय-1 स्थित उनके कार्यालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।<br /><br />आज यहां इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 23 जुलाई, 2021 को अपने फैसले के माध्यम से भाखड़ा डैम पर सीआईएसएफ</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/the-cabinet-led-by-the-chief-minister-withdrew/article-2492"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/whatsapp-image-2025-07-07-at-8.17.55-pm.jpeg" alt=""></a><br /><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />चंडीगढ़, 7 जुलाई: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब मंत्रिमंडल ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कांग्रेस सरकार द्वारा भाखड़ा डैम पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) तैनात करने के फैसले को वापिस लेने का फैसला लिया।<br />इस संबंधी फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पंजाब सिविल सचिवालय-1 स्थित उनके कार्यालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।<br /><br />आज यहां इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिमंडल ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 23 जुलाई, 2021 को अपने फैसले के माध्यम से भाखड़ा डैम पर सीआईएसएफ तैनात करने की स्वीकृति मनमाने तरीके से दी थी। यह पंजाब विरोधी कदम राज्य के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण था क्योंकि पंजाब पुलिस डैमों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम थी।<br />मंत्रिमंडल ने राज्यहित में इस फैसले को वापिस ले लिया है।<br />बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भाखड़ा डैम पर सीआईएसएफ तैनाती के निर्णय का कड़ा विरोध करने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।<br /><br />मंत्रिमंडल ने डैम की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ तैनात करने के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस फोर्स की तैनाती के लिए एक भी पैसा नहीं देगी। बैठक में यह भी विचार किया गया कि कांग्रेस सरकार ने फोर्स तैनात करने की सहमति देकर राज्य के हितों को खतरे में डाला, जबकि पंजाब पुलिस के पास सीमा राज्य की रक्षा करने की गौरवशाली परंपरा है।<br />मंत्रिमंडल ने हैरानी जताई कि जब पंजाब पुलिस राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूती से सुनिश्चित कर सकती है, तो डैमों की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की जरूरत क्यों पड़ी?<br />पंजाब में<br />पशु क्रूरता रोकथाम (पंजाब संशोधन) अधिनियम-2025 और पंजाब में पशु क्रूरता की रोकथाम( बैलगाड़ी दौड़ का संचालन)नियम-2025 को हरी झंडी<br /><br />मंत्रिमंडल ने पंजाब पशु क्रूरता रोकथाम (पंजाब संशोधन) अधिनियम-2025 और पंजाब पशु क्रूरता रोकथाम (बैलगाड़ी दौड़ का संचालन) नियम-2025 को भी हरी झंडी दे दी है।<br />गौरतलब है कि किला रायपुर में बैलगाड़ी दौड़ ग्रामीण खेलों का अभिन्न हिस्सा थी, लेकिन कई कारणों से इसे कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। पंजाब में पशु संबंधित खेल गतिविधियों को नियमित करने के लिए "पंजाब पशु क्रूरता रोकथाम (किला रायपुर ग्रामीण खेल समारोह और मेला) नियम-2025" को भी स्वीकृति दी गई है।<br />इन नियमों का मुख्य उद्देश्य खेलों में भाग लेने वाले पशुओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिसमें पशु चिकित्सा निगरानी, सुरक्षा मानक, पंजीकरण/दस्तावेज और उल्लंघन पर जुर्माना शामिल है।<br />यह फैसला ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पंजाब की देशी पशु नस्लों के संरक्षण में भी सहायक होगा।<br /><br />प्राइमरी व माध्यमिक स्तर पर 3600 स्पेशल एजुकेटर शिक्षकों के पदों  को मंजूरी<br /><br />मंत्रिमंडल ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर 3600 स्पेशल एजुकेटर शिक्षकों के पद सृजित करने को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के अनुसार स्पेशल एजुकेटर (मास्टर कैडर) के 1650 पद और स्पेशल एजुकेटर (प्राथमिक कैडर) के 1950 पद स्वीकृत किए गए हैं।<br />इससे पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विशेष आवश्यकता वाले 47,979 बच्चों को लाभ होगा।<br />इन पदों को व्यवसायमुखी अध्यापक, आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर और ईटीटी पदों से बदला जा रहा है और इन्हें तीन साल में चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।<br /><br />22 कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मंजूरी<br /><br />मंत्रिमंडल ने 5 दिसंबर, 2016 को तत्कालीन मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णय की समीक्षा करते हुए ग्रामीण व्यवसायमुखी प्रशिक्षण संस्था, बादल के लिए सृजित 37 स्थायी पदों के विरुद्ध काम कर रहे 22 व्यक्तियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने को मंजूरी दी है।<br />वित्त विभाग और पर्सनल विभाग की सलाह अनुसार यह कदम विभाग/सरकार को लंबे समय से चली आ रही कानूनी जटिलताओं से राहत दिलाएगा और संस्था में काम कर रहे इन 22 कर्मचारियों का भविष्य भी सुरक्षित करेगा।<br />पंजाब राज्य विकास कर अधिनियम-2018 में संशोधन कर ओ.टी.एस. योजना शुरू करने की मंजूरी<br /><br />मंत्रिमंडल ने पंजाब राज्य विकास कर अधिनियम-2018 में संशोधन करने और पंजाब जीएसटी अधिनियम में ‘वेतन’ शब्द को पुनर्परिभाषित करके कर के आधार को व्यापक बनाकर वन टाइम सेटलमेंट (ओ.टी.एस.) योजना शुरू करने को भी मंजूरी दी।<br /><br />करदाता एकमुश्त भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं, जिससे अनुपालन सरल होगा और वसूली प्रक्रिया में सुधार किया जा सकेगा। धारा-11ए, नई धारा 11बी, 11सी और 11डी जोड़कर बकाया निपटाने के लिए ओ.टी.एस. को भी मंजूरी दी गई है ताकि मृत्यु, कंपनी के विघटन या परिसमापन और अन्य मामलों में कर देनदारी का समाधान हो सके।<br />"सीजीसी यूनिवर्सिटी मोहाली" और "रियात बहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी" होशियारपुर नामक स्वयं वित्तीय निजी यूनिवर्सिटी की स्थापना को मंजूरी<br />राज्य के विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु महत्वपूर्ण फैसले में<br />मंत्रिमंडल ने "पंजाब प्राइवेट यूनिवर्सिटी नीति-2010" के तहत झंझेरी (एस.ए.एस. नगर, मोहाली) में "सीजीसी यूनिवर्सिटी मोहाली" और जिला होशियारपुर में "रियात बहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी" नामक स्ववित्तपोषित निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी दे दी।<br /><br />ये निजी शैक्षणिक संस्थान मोहाली और होशियारपुर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास में भी योगदान देंगी।<span style="font-size:large;"><br /></span></div>
<div dir="ltr">-------- </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/the-cabinet-led-by-the-chief-minister-withdrew/article-2492</link>
                <guid>https://www.nirpakhpost.in/punjab/the-cabinet-led-by-the-chief-minister-withdrew/article-2492</guid>
                <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 21:21:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-07/whatsapp-image-2025-07-07-at-8.17.55-pm.jpeg"                         length="85680"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब अपनी लूट होने के बदले किसी तरह का भुगतान नहीं करेगा-भाखड़ा बांध पर सीआईएसएफ की तैनाती करने के फैसले के लिए केंद्र पर बरसे मुख्यमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर, 22 मई:</strong><br /><br />पंजाब को उजाड़ने के रास्ते पर चल रही भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नापाक साजिशों की कड़ी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार भाखड़ा बांध पर सीआईएसएफ  तैनात करने के केंद्र सरकार के फैसले का डटकर विरोध करेगी और केंद्रीय बलों की तैनाती के खर्च के तौर पर राज्य एक धेला भी नहीं देगा।<br /><br />आज यहां पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को एक बात गांठ बांध लेनी चाहिए कि न तो हमारे पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए एक बूंद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-will-not-pay-any-compensation-f/article-1816"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-05/whatsapp-image-2025-05-22-at-3.49.36-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर, 22 मई:</strong><br /><br />पंजाब को उजाड़ने के रास्ते पर चल रही भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नापाक साजिशों की कड़ी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार भाखड़ा बांध पर सीआईएसएफ  तैनात करने के केंद्र सरकार के फैसले का डटकर विरोध करेगी और केंद्रीय बलों की तैनाती के खर्च के तौर पर राज्य एक धेला भी नहीं देगा।<br /><br />आज यहां पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को एक बात गांठ बांध लेनी चाहिए कि न तो हमारे पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए एक बूंद अतिरिक्त पानी है और न ही जबरन तैनात की जा रही सीआईएसएफ के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को देने के लिए कोई पैसा है।<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह रकम कभी भी अदा नहीं करेगी क्योंकि केंद्र सरकार बांध पर केंद्रीय बलों को तैनात करके राज्य के पानी को चुराने की नीयत से यह घटिया चाल चल रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें अनाज और अन्य वस्तुओं के लिए तो पंजाब की जरूरत है लेकिन दूसरी ओर वे इस घिनौनी कार्रवाई के जरिए राज्य के पानी को छीनने की कोशिश कर रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को देश के प्रति उसके बड़े योगदान के लिए कोई विशेष पैकेज देने के बजाय भाजपा राज्य के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि वे आने वाले शनिवार को होने वाली नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री के सामने इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाएंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा ऐसी घटिया चालों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य के सख्त खिलाफ है क्योंकि पंजाब के लोगों ने उन्हें कभी वोट नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह बड़ी हैरानी की बात है कि भले ही पंजाब भारतीय सेना में देश सेवा करने के साथ-साथ राष्ट्रीय अनाज पूल में बड़ा योगदान डालने में देश का नेतृत्व करता है, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हमेशा राज्य को नजरअंदाज किया है।<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार पंजाब विरोधी सोच की धारी हो चुकी है, जिसके कारण वह राज्य को बर्बाद करने पर तुली हुई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अगर भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए  सरकार का वश चले तो वह राष्ट्रगान में से पंजाब का नाम भी हटा देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा बने पंजाब के 'कांग्रेसी नेताओं' को इस मुद्दे पर चुप नहीं रहना चाहिए और भगवा पार्टी की इस पंजाब विरोधी सोच पर उन्हें अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए।<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार संघीय ढांचे या संविधान का सम्मान नहीं करती। उन्होंने कहा कि बदकिस्मती की बात है कि केंद्र ने हर संवैधानिक संस्था को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारों के कामकाज को रोकने के लिए राज्यपालों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कि लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि भगवा पार्टी के ऐसे दमनकारी और तानाशाही कदमों का सख्त विरोध किया जाएगा ताकि राज्य के हितों की हर तरह से रक्षा की जा सके।<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) केंद्र के हाथों की कठपुतली है, जो राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ता और गृह मंत्रालय का नया प्रबंधन भी इसी साजिश का ही हिस्सा है। उन्होंने विस्तार से बताया कि भाखड़ा बांध पर सीआईएसएफ के 296 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे जिस पर राज्य को 8.58 करोड़ रुपये का खर्च देना पड़ेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब पंजाब पुलिस पहले ही बांध की सुरक्षा को मुफ्त में सुनिश्चित कर रही है तो हम यह पैसा बीबीएमबी को क्यों दें।<br />मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी हरगिज इजाजत नहीं दी जाएगी क्योंकि यह कदम बीबीएमबी और भाजपा द्वारा सीआईएसएफ तैनात करके राज्य के पानी पर डाका डालने का नापाक मनसूबा है। उन्होंने कहा कि खुद को पानी के रक्षक बताने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़, मनप्रीत सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू जैसे भाजपा बने 'कांग्रेसी नेताओं' को इस बारे में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने साफ शब्दों में कहा कि यह भाजपा और बीबीएमबी द्वारा पानी पर पंजाब के हिस्से को घटाने की संकीर्ण चाल है।<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य की कर्ज सीमा घटा दी है, आरडीएफ के फंड रोके हुए हैं और अब एक और पंजाब विरोधी कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ की तैनाती तर्कहीन और मनमानी वाला कदम है क्योंकि इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। पंजाब के फंडों को रोकने के लिए केंद्र पर बरसते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा वाले राज्यों के साथ पक्षपात और भेदभाव कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पंजाब जैसे राज्यों को अपने हकदार फंड प्राप्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।<br /><br />बीबीएमबी को सफेद हाथी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मौजूदा रूप में पूरी तरह से बेबुनियाद और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि पंजाब अब इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बीबीएमबी ने भाजपा के दबाव में जल्दबाजी में बैठकें बुलाकर अपने ही संविधान का उल्लंघन किया है।<br />मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य के लोग भाजपा सरकार और बीबीएमबी द्वारा राज्य के पानी पर डाका डालने की साजिश के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं, जिसके कारण पानी की चोरी रोकी गई है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि मौजूदा गंभीर हालातों में जब पानी का स्तर तेजी से घट रहा है और पानी के स्रोत सूख रहे हैं, इसलिए पानी के हर समझौते की प्रत्येक 25 सालों के बाद समीक्षा की जानी चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हरियाणा के कोटे के मुताबिक पानी की अलॉटमेंट कल से शुरू कर दी गई है, लेकिन अलॉटमेंट से ज्यादा पानी की एक भी बूंद नहीं दी जाएगी।<br /><br />मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य होने के कारण आतंकवाद और नशों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है लेकिन दुर्भाग्य से हमें इसके लिए भारी फीस अदा करने के लिए कहा जाता है। इसकी मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि दीनानगर (पठानकोट) में हुए आतंकवादी हमले के उपरांत भारत सरकार ने हमले के दौरान अर्धसैनिक बल भेजने के लिए राज्य से 7.5 करोड़ रुपये की मांग की थी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और तर्कहीन है क्योंकि जिस राज्य के सबसे ज्यादा जवान सशस्त्र सेनाओं में देश की सेवा करते हुए शहीद होते हैं, उसे यह फीसें अदा करनी पड़ती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-will-not-pay-any-compensation-f/article-1816</link>
                <guid>https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-will-not-pay-any-compensation-f/article-1816</guid>
                <pubDate>Thu, 22 May 2025 19:06:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-05/whatsapp-image-2025-05-22-at-3.49.36-pm.jpeg"                         length="151298"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        