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                <title>Mann government - Nirpakh Post</title>
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                <description>Mann government RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब को सिंधु नदी के जल में से न्यायोचित हिस्सा देने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gmail_quote" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, 9 जुलाई</strong></div>
<div class="gmail_quote" style="text-align:justify;"><strong><br /></strong>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फिर स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने सिंधु नदी के पानी में हिस्सा मांगने के साथ-साथ सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर के बजाय यमुना सतलुज लिंक (वाई.एस.एल.) नहर का विचार भी प्रस्तुत किया।  <br />आज यहां श्रम शक्ति भवन में एक बैठक में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है, इसलिए एक बूंद भी साझा करने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/cm-seeks-legitimate-share-in-indus-waters/article-2526"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/whatsapp-image-2025-07-09-at-8.35.48-pm(2).jpeg" alt=""></a><br /><div class="gmail_quote" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, 9 जुलाई</strong></div>
<div class="gmail_quote" style="text-align:justify;"><strong><br /></strong>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फिर स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने सिंधु नदी के पानी में हिस्सा मांगने के साथ-साथ सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर के बजाय यमुना सतलुज लिंक (वाई.एस.एल.) नहर का विचार भी प्रस्तुत किया।  <br />आज यहां श्रम शक्ति भवन में एक बैठक में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है, इसलिए एक बूंद भी साझा करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने फिर कहा कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार राज्य में पानी की उपलब्धता का पुनर्मूल्यांकन कराने की आवश्यकता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के अधिकांश ब्लॉक पहले ही खतरे की कगार पर पहुंच चुके हैं और राज्य में भूजल की स्थिति गंभीर हालत में है।  <br />इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई नदी स्रोत सूख चुके हैं, जिसके कारण सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए और पानी की आवश्यकता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि पंजाब के पास बहुत कम पानी है, जो किसानों को फसल उगाने के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब पंजाब खुद ऐसी स्थिति का सामना कर रहा हो, तो किसी अन्य राज्य को एक बूंद भी अतिरिक्त देने का सवाल ही पैदा नहीं होता। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए और पश्चिमी नदियों से पानी लाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए ताकि पानी की मांग को पूरा किया जा सके।  <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंधु जल संधि को स्थगित करने के अवसर का उचित उपयोग किया जाना चाहिए ताकि राज्य की पानी की जरूरतों को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के हालिया फैसले ने भारत से सटी पश्चिमी नदियों (सिंधु, जेहलम और चिनाब) से पानी का अधिकतम उपयोग करने की बड़ी संभावनाएं पैदा की हैं। इस दौरान भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब इस समय भूजल के गिरते स्तर की समस्या से जूझ रहा है, इसलिए राज्य को नदी जल के उपयोग, प्रवाह और वितरण के लिए भविष्य की रणनीतियों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।  <br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी नदियों का पानी प्राथमिकता के आधार पर पंजाब को दिया जाना चाहिए और हिमाचल प्रदेश में मौजूदा भाखड़ा और पौंग बांधों के ऊपर नए जलाशय बांध बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पश्चिमी नदी जल के भंडारण और नियमन में काफी वृद्धि होगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह समय की मांग है कि पंजाब को उचित मुआवजा दिया जाए, जिसने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पानी और उपजाऊ भूमि जैसे अनमोल प्राकृतिक संसाधनों को भी दांव पर लगा दिया।  <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से चल रहे शारदा-यमुना लिंक प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए और अतिरिक्त पानी को उचित स्थान पर यमुना नदी में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे उपलब्ध अतिरिक्त पानी हरियाणा की रावी-ब्यास व्यवस्था से पानी के संतुलन की जरूरत को पूरा कर सकता है, साथ ही दिल्ली की लगातार बढ़ती पेयजल जरूरत और राजस्थान को यमुना के पानी की उपलब्धता को पूरा कर सकता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उपरोक्त परिस्थितियों के अनुसार एस.वाई.एल नहर के निर्माण के मुद्दे को टाला जा सकता है और इसे हमेशा के लिए त्याग दिया जाए।  <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की मांगों को पूरा करने के लिए शारदा-यमुना लिंक का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि शारदा के अतिरिक्त पानी को यमुना नदी में स्थानांतरित किया जा सके और चिनाब के पानी को रोहतांग सुरंग के माध्यम से ब्यास नदी में मोड़ा जा सके, ताकि एस.वाई.एल नहर की आवश्यकता को समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि एस.वाई.एल मामले (ओ.एस नंबर-6 ऑफ 1996) के संबंध में कार्यवाही को तब तक स्थगित रखा जा सकता है जब तक रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल का फैसला नहीं आ जाता। भगवंत सिंह मान ने कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के बीच यमुना के पानी के वितरण के 12 मई, 1994 के समझौते की समीक्षा 2025 के बाद की जा रही है।  <br />मुख्यमंत्री ने मांग की कि पंजाब को यमुना के पानी के वितरण में हिस्सेदार राज्य के रूप में शामिल किया जाए और यमुना के पानी का वितरण करते समय शारदा-यमुना के 60 प्रतिशत पानी को पंजाब के लिए विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल) नहर के बजाय इस प्रोजेक्ट को अब यमुना सतलुज लिंक (वाई.एस.एल) के रूप में पुनर्विचार किया जाना चाहिए, क्योंकि सतलुज नदी पहले ही सूख चुकी है और इसमें से एक बूंद भी पानी साझा करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। भगवंत सिंह मान ने कहा कि गंगा और यमुना का पानी सतलुज नदी के माध्यम से पंजाब को आपूर्ति किया जाना चाहिए।  <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि एस.वाई.एल नहर एक 'भावनात्मक मुद्दा' है। पंजाब की कानून व्यवस्था के लिए यह गंभीर मुद्दा होगा और यह राष्ट्रीय समस्या बन जाएगा, जिसका खामियाजा हरियाणा और राजस्थान को भी भुगतना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एस.वाई.एल नहर के लिए आज तक जमीन भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन नदियों के 34.34 एमएएफ पानी में से पंजाब को केवल 14.22 एमएएफ पानी आवंटित किया गया था, जो 40 प्रतिशत है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बाकी 60 प्रतिशत हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान को आवंटित किया गया था, हालांकि इनमें से कोई भी नदी वास्तव में इन राज्यों से होकर नहीं बहती।  <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को पहले ही पंजाब की रावी, ब्यास और सतलुज नदियों से कुल 5.95 एमएएफ (रावी-ब्यास से 1.62 एमएएफ और सतलुज से 4.33 एमएएफ) पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रावी, ब्यास और सतलुज के अलावा हरियाणा को यमुना से 4.65 एमएएफ और शारदा यमुना लिंक के माध्यम से शारदा से 1.62 एमएएफ पानी मिल रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नहरी पानी की कमी के कारण पंजाब में भूजल पर निर्भरता बढ़ी है, जिसके कारण पंजाब के कुल 153 में से 115 जोन (75 प्रतिशत) को अत्यधिक पानी निकालने वाला घोषित किया गया है, जबकि हरियाणा के केवल 61 प्रतिशत (143 में से 88) जोन में ही अत्यधिक पानी निकाला जा रहा है।  <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में ट्यूबवेलों की संख्या 1980 के छह लाख से बढ़कर 2018 में 14.76 लाख (केवल कृषि ट्यूबवेल) हो गई और पिछले 35 वर्षों में इसमें 200 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब में देश की तुलना में 157 प्रतिशत अधिक पानी भूजल से निकाला जाता है, जो राजस्थान (150 प्रतिशत) से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने अपनी जरूरतों को भी नजरअंदाज किया और 60 प्रतिशत पानी गैर-रिपेरियन राज्यों को दे दिया, जहां से रावी-ब्यास और सतलुज नदियां गुजरती भी नहीं हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने 2024 के दौरान देश के अनाज भंडार में 124.26 लाख मीट्रिक टन का योगदान दिया, जो भारत भर में 47 प्रतिशत है, जबकि पंजाब केंद्रीय पूल में 24 प्रतिशत चावल भी देता है।  <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पानी की कुल आवश्यकता 52 एमएएफ है और राज्य को सभी स्रोतों से केवल 26.75 एमएएफ पानी मिलता है, जिसमें 12.46 एमएएफ नहरी पानी और 14.29 एमएएफ भूजल है। उन्होंने कहा कि पंजाब की नदियों का पानी पड़ोसी राज्यों के साथ बांटा गया है, जबकि बाढ़ के समय नुकसान केवल पंजाब में होता है, जिससे हर साल पंजाब पर भारी वित्तीय बोझ पड़ता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब पड़ोसी राज्यों के साथ तय सीमा के अनुसार पानी बांटा जाता है, तो बाढ़ के कारण होने वाली तबाही के लिए भी पड़ोसी राज्यों को सालाना आधार पर पंजाब को उचित मुआवजा देना चाहिए।  <br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समझौतों और ट्रिब्यूनलों के फैसलों की बदलते हालात और पर्यावरणीय बदलावों के संदर्भ में समीक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मानक भी हर 25 साल बाद समीक्षा के लिए बाध्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे हरियाणा रावी-ब्यास के पानी पर अपना हक समझता है, वैसे ही पंजाब यमुना के पानी पर अपना हक समझता है, क्योंकि भारत सरकार के सिंचाई आयोग की 1972 की रिपोर्ट में पंजाब को यमुना नदी का रिपेरियन राज्य बताया गया है। भगवंत सिंह मान ने अफसोस जताया कि भारत सरकार का तर्क है कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम-1966 यमुना नदी के बारे में चुप है, क्योंकि इन पानी को पंजाब और हरियाणा के बीच बांटने योग्य नहीं माना गया।  <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह यह अधिनियम रावी के पानी के बारे में भी चुप है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने पहले ही रावी-ब्यास के अतिरिक्त पानी के संबंध में 1981 में बने समझौते को रद्द कर ‘पंजाब समझौता रद्द अधिनियम, 2004’ के तहत निरस्त कर चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य ने ‘पंजाब समझौता रद्द अधिनियम, 2004’ की धारा-5 के तहत रावी-ब्यास के पानी के हरियाणा द्वारा उपयोग को बरकरार किया। भगवंत सिंह मान ने बताया कि पंजाब से पाकिस्तान की ओर कोई पानी नहीं छोड़ा जा रहा और पाकिस्तान में जो पानी पहुंच रहा है, वह जम्मू-कश्मीर से निकलने और बहने वाली उज्ज नदी के माध्यम से पहुंचता है।  <br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी कारणों की रोशनी में यह जरूरी है कि यमुना-सतलुज लिंक नहर का निर्माण किया जाए ताकि पंजाब की पानी की जरूरत पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पास अतिरिक्त पानी है, क्योंकि हरियाणा को घग्गर, टांगरी नदी, मारकंडा नदी, सरस्वती नदी, चौतांग-राकशी, नई नाला, साहबी नदी, कृष्णा धौन और लंडोहा नाला से 2.703 एमएएफ पानी मिल रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्यों के बीच पानी के वितरण का फैसला करते समय इस पानी को ध्यान में नहीं रखा गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 21:57:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मान सरकार द्वारा औद्योगिक क्रांति के तहत किए गए 12 वादों में से 2 वादे एक महीने से भी कम समय में पूरे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 9 जुलाई:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रदेश में निवेश और उद्योगों के अनुकूल वातावरण बनाने के उद्देश्य से 12 जून को शुरू की गई औद्योगिक क्रांति के अवसर पर किए गए 12 वादों में से 2 वादे एक महीने से भी कम समय में पूरे कर दिए गए हैं।<br /><br />मान सरकार ने उद्योगपतियों को बड़ी राहत देते हुए आज औद्योगिक और भवन निर्माण विभाग से संबंधित दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं।<br /><br />आज यहां पंजाब भवन में इस उपलब्धि के संबंध में जानकारी साझा करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री संजीव अरोड़ा और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/mann-govt-fulfills-two-out-of-12/article-2524"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/pic-(5)2.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 9 जुलाई:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रदेश में निवेश और उद्योगों के अनुकूल वातावरण बनाने के उद्देश्य से 12 जून को शुरू की गई औद्योगिक क्रांति के अवसर पर किए गए 12 वादों में से 2 वादे एक महीने से भी कम समय में पूरे कर दिए गए हैं।<br /><br />मान सरकार ने उद्योगपतियों को बड़ी राहत देते हुए आज औद्योगिक और भवन निर्माण विभाग से संबंधित दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं।<br /><br />आज यहां पंजाब भवन में इस उपलब्धि के संबंध में जानकारी साझा करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री संजीव अरोड़ा और आवास निर्माण मंत्री स हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि आप संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान द्वारा औद्योगिक क्रांति के तहत कराए गए सम्मेलनों के दौरान उद्योगपतियों से किए गए सभी वादे शीघ्र पूरे किए जाएंगे, ताकि राज्य में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हो सकें और युवाओं के लिए रोजगार के असीमित अवसर पैदा हो सकें।<br /><br />उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की अधिसूचना के बारे में जानकारी देते हुए श्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि हमारा उद्देश्य पीएसआईईसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों/शेडों का फ्रीहोल्ड में तबादला करने के लिए एक प्रगतिशील और सुव्यवस्थित प्रणाली स्थापित करना है, जो राज्य के राजस्व में वृद्धि करने के साथ-साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगी और राज्य में व्यापार करना आसान बनाएगी।<br /><br />कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड प्लॉटों में तबादले के लिए शर्तें यह हैं कि प्लॉट की मूल कीमत सहित लागू ब्याज का पूरा भुगतान किया गया हो, अन्य सभी बकाया जैसे एक्सटेंशन फीस, भूमि मूल्य में वृद्धि (लागू ब्याज सहित) आदि का अद्यतन भुगतान किया गया हो, और प्लॉट किसी भी गिरवी, अधिकार, या कानूनी देनदारियों से मुक्त हो।<br /><br />श्री संजीव अरोड़ा ने आगे बताया कि लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड प्लॉट में तबादले के लिए शुल्क वर्तमान सर्किल रेट (सी.आर.पी.) या कलेक्टर रेट (जो भी अधिक हो) का 20% होगा। इसके अंतर्गत निम्नलिखित छूट दी जाएंगी:<br /><br />1. किसी भी टाइटल दस्तावेज़ में जहाँ 'अनर्जित लाभ' संबंधी धारा मौजूद हो, वहां मूल आवंटी/पट्टेदार को 50% छूट (लागू दर का 10%) दी जाएगी।<br /><br /><br />2. जहाँ ‘अनर्जित लाभ’ या संबंधित धारा का टाइटल दस्तावेज़ में कोई उल्लेख नहीं है, वहां आवंटियों/पट्टेदारों को 75% छूट (लागू दर का 5%) मिलेगी। इस स्थिति में कुल स्थानांतरण शुल्क का 90% राज्य के कोष में और शेष 10% पीएसआईईसी को जाएगा।<br /><br /><br />3. 'अनर्जित लाभ' को अलग से नहीं वसूला जाएगा, बल्कि इसे स्थानांतरण शुल्क में ही समाहित कर दिया जाएगा।<br /><br /><br />4. इस नीति के तहत जो आवेदक लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में तबादला करवाना चाहते हैं, उन पर कोई अतिरिक्त तबादला शुल्क लागू नहीं होगा।<br /><br /><br />5. औद्योगिक प्लॉटों का लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में तबादला स्थानांतरण शुल्क के भुगतान और सक्षम प्राधिकरण की मंज़ूरी के बाद ही किया जाएगा।<br /><br />आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग से संबंधित अधिसूचना के बारे में जानकारी देते हुए स हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि कैबिनेट ने हाल ही में औद्योगिक प्लॉटों को अस्पताल, होटल, औद्योगिक पार्क तथा अन्य अनुमोदित मदों के लिए उपयोग की अनुमति देते हुए पंजाब की स्थानांतरण नीति में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंज़ूरी दी है। पहले स्थानांतरण नीति 2008, 2016 और 2021 में लाई गई थी, लेकिन औद्योगिक संगठनों ने 2021 की नीति की कुछ पाबंदियों वाली शर्तों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि ज़मीनी हकीकत को समझने के लिए मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान द्वारा उद्योगपतियों से मुलाकातें की गईं और उनसे फीडबैक लिया गया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा गठित एक समिति ने उद्योगपतियों की अपीलों की समीक्षा की और फ्रीहोल्ड प्लॉटों पर लागू होने वाले बदलावों की सिफारिश की।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने बताया कि संशोधित नीति के अनुसार औद्योगिक प्लॉट की सर्किल रेट का 12.5% स्थानांतरण शुल्क लागू होगा। इसी तरह पीएसआईईसी के अधीन लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों और शेडों को फ्रीहोल्ड में तब्दील करने हेतु नीति को भी मंज़ूरी दी गई है।<br /><br />उन्होंने बताया कि ये प्लॉट और शेड मूलतः लीजहोल्ड आधार पर आवंटित किए गए थे, जिनमें जटिल धाराएं शामिल थीं, जिससे संपत्ति के लेन-देन में कठिनाइयाँ आ रही थीं। उन्होंने कहा कि इस नई नीति का उद्देश्य औद्योगिक प्लॉटों के प्रबंधन को सरल बनाना, व्यापार में सुगमता लाना और आवंटियों के बीच मुकदमेबाज़ी तथा अनिश्चितता को कम करना है।<br /><br />उन्होंने बताया कि संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार अब प्लॉटों को वाणिज्यिक, होटल, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, ई.डब्ल्यू.एस./औद्योगिक श्रमिक आवास, हॉस्टल/किराए का आवास, कार्यालय और संस्थागत जैसे विशेष उपयोग के लिए मंज़ूरी दी जाएगी, बशर्ते सड़क की चौड़ाई, न्यूनतम प्लॉट आकार और संबंधित स्थानांतरण खर्च पूरे किए जाएं।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने बताया कि भूमि उपयोग की प्रकृति के आधार पर स्थानांतरण शुल्क औद्योगिक सर्किल रेट का 10% से 50% तक होगा। उदाहरण के लिए, वाणिज्यिक स्थानांतरण के लिए 100 फुट चौड़ी सड़क और न्यूनतम 4000 वर्ग गज आकार के प्लॉट की आवश्यकता होती है, जिस पर 50% शुल्क लागू होता है। उन्होंने बताया कि ज़मीनी कवरेज, एफ.ए.आर., ऊंचाई और पार्किंग सहित भवन प्रबंधन पंजाब शहरी योजना एवं विकास भवन नियम, 2021 अथवा समय-समय पर संशोधित नियमों के अनुसार किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 20:14:17 +0530</pubDate>
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                <title>पंजाब को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने हेतु मान सरकार की तेज़ कार्रवाई — 119 मामलों को रोका गया: डॉ. बलजीत कौर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 9 जुलाई:</strong><br /><br />सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मान सरकार लगातार तेज़ और ईमानदार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक कुल 119 बाल विवाह के मामलों को त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलतापूर्वक रोका गया है।<br /><br />इस संबंध में और जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2022 में 31, वर्ष 2023 में 20, वर्ष 2024 में 42 और वर्ष 2025 में अब तक 26 बाल विवाह के मामले रोके जा चुके हैं। यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/mann-government-takes-swift-action-to-make/article-2523"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/pic-(3).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 9 जुलाई:</strong><br /><br />सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने की दिशा में मान सरकार लगातार तेज़ और ईमानदार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक कुल 119 बाल विवाह के मामलों को त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलतापूर्वक रोका गया है।<br /><br />इस संबंध में और जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2022 में 31, वर्ष 2023 में 20, वर्ष 2024 में 42 और वर्ष 2025 में अब तक 26 बाल विवाह के मामले रोके जा चुके हैं। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि पंजाब सरकार बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही है।<br /><br />डॉ. कौर ने कहा, “पंजाब सरकार बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए गांवों से लेकर शहरों तक जागरूकता अभियान चला रही है।” उन्होंने जिला टीमों और सहयोगी अधिकारियों की सराहना करते हुए बताया कि सरपंचों, पंचों और गांवों की अन्य प्रमुख हस्तियों के साथ निरंतर संपर्क करके बाल विवाह की घटनाओं को समय रहते रोका जा रहा है।<br /><br />प्रसिद्ध बाल अधिकार कार्यकर्ता भुवन ऋभु ने भी अपने ट्वीट में डॉ. बलजीत कौर की प्रशंसा करते हुए उन्हें “असली हीरो” कहा और लिखा कि पंजाब बाल विवाह की बुराई को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुका है।<br /><br />डॉ. बलजीत कौर ने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति बाल सुरक्षा और बाल अधिकारों का उल्लंघन करेगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव और कस्बों में जागरूकता अभियानों के ज़रिए लोगों को शिक्षित किया जाए और बाल विवाह कराने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई व सख्त सज़ाओं की जानकारी दी जाए।<br /><br />अंत में, डॉ. बलजीत कौर ने लोगों से अपील की कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को सामूहिक प्रयासों से जड़ से खत्म करने के लिए सरकार का पूर्ण सहयोग करें। उन्होंने कहा, “कोई भी कार्य जनता की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। हम सभी मिलकर पंजाब को बाल विवाह मुक्त राज्य बनाएंगे।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 20:03:37 +0530</pubDate>
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                <title>मान सरकार के प्रयासों से सुल्तानपुर लोधी शहर की बदलेगी सूरत: डॉ. रवजोत सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 8 जुलाई:</strong><br /><br />पंजाब की मान सरकार के प्रयासों से सुल्तानपुर लोधी शहर की सूरत बदल जाएगी और शहर में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह घोषणा करते हुए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि 240 करोड़ रुपये के 23 प्रोजेक्ट शहर के जीवन स्तर को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे, शहरी चुनौतियों का समाधान करेंगे और एक उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे।<br /><br />आज यहां सचिवालय में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित जिला अधिकारियों के साथ की गई समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. रवजोत सिंह ने सुल्तानपुर लोधी शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट अंतर्गत कार्यों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/sultanpur-lodhi-to-undergo-major/article-2511"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/pic-(1)2.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 8 जुलाई:</strong><br /><br />पंजाब की मान सरकार के प्रयासों से सुल्तानपुर लोधी शहर की सूरत बदल जाएगी और शहर में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह घोषणा करते हुए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि 240 करोड़ रुपये के 23 प्रोजेक्ट शहर के जीवन स्तर को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे, शहरी चुनौतियों का समाधान करेंगे और एक उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे।<br /><br />आज यहां सचिवालय में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित जिला अधिकारियों के साथ की गई समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. रवजोत सिंह ने सुल्तानपुर लोधी शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट अंतर्गत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से सुल्तानपुर लोधी की सूरत बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट सुल्तानपुर लोधी को एक आधुनिक, सक्षम और रहने योग्य शहर में बदल देगा, जिससे हमारे नागरिकों को लाभ होगा और विकास होगा।<br /><br />सुल्तानपुर लोधी के बुनियादी ढांचे में क्रांति लाने की घोषणा करते हुए स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि 29.57 करोड़ रुपये के 6 प्रोजेक्ट, जिनमें जल आपूर्ति और सीवरेज, जब्बोवाल में 4 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एस.टी.पी.), बिजली बचाने के लिए सरकारी इमारतों पर सोलर पावर प्लांट, शिक्षा प्रणाली को बढ़ाने के लिए स्मार्ट प्राइमरी स्कूल पहले ही पूरे हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, 106.71 करोड़ रुपये के 12 प्रोजेक्ट लागू किए जा रहे हैं।<br /><br />डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि जल आपूर्ति और सीवरेज के साथ 100 प्रतिशत कवरेज, अर्बन एस्टेट में 1 एमएलडी एस.टी.पी., स्मार्ट लड़कों और लड़कियों के स्कूल, किला सराय का संरक्षण, डडविंडी से सुल्तानपुर लोधी (6 किलोमीटर) और कपूरथला-सुल्तानपुर लोधी से फत्तू ढींगा सड़क (17.40 किलोमीटर) तक स्मार्ट सड़क को चार मार्गी करने की पहल की जा रही है ताकि सुचारु संपर्क सुनिश्चित किया जा सके और यातायात प्रणाली में सुधार किया जा सके। उन्होंने बताया कि अग्निशमन प्रणाली को मजबूत बनाने, जब्बोवाल और बस स्टैंड में 4 एमएलडी एस.टी.पी. पर छत वाले सोलर प्लांट, 2 ओ.एच.एस.आर आदि स्थापित किए जा रहे हैं।<br /><br />स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि सुल्तानपुर लोधी में 78.43 करोड़ रुपये के 5 प्रोजेक्ट, जिनमें काली वेईं का चैनलाइजेशन और सार्वजनिक स्थल बनाना, सड़कों की मरम्मत, मल्टीपरपज़ एकीकृत खेल स्टेडियम, बढ़ी हुई निगरानी और सुरक्षा के लिए एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर, और चार मार्गी स्मार्ट सड़कों के साथ स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग शामिल हैं, जो शहर की स्थिरता में बेमिसाल योगदान देंगी।<br /><br />इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य सचिव तेजवीर सिंह, पीएमआईडीसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीप्ति उप्पल, डिप्टी कमिश्नर कपूरथला अमित कुमार पंचाल और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/sultanpur-lodhi-to-undergo-major/article-2511</link>
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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 18:45:24 +0530</pubDate>
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                <title>प्रगतिशील नीतियों के कारण ऐतिहासिक औद्योगिक क्रांति का साक्षी बन रहा है पंजाब: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 23 जून</strong><br /><br />पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की प्रगतिशील औद्योगिक विकास नीतियों के परिणामस्वरूप प्रदेश आज एक ऐतिहासिक औद्योगिक क्रांति का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए इस समय कई नई पहलकदमियां प्रक्रिया में हैं।<br /><br />एच.एम.टी. इंडस्ट्रियल पार्क और माया गार्डन ग्रुप द्वारा गत सायं संयुक्त रूप से आयोजित व्यापार मेले को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाल ही में लागू किए गए फास्ट ट्रैक सिंगल विंडो सिस्टम पर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-is-witnessing-a-historic-industrial/article-2293"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/pic-(2)-(4).jpeg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 23 जून</strong><br /><br />पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की प्रगतिशील औद्योगिक विकास नीतियों के परिणामस्वरूप प्रदेश आज एक ऐतिहासिक औद्योगिक क्रांति का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए इस समय कई नई पहलकदमियां प्रक्रिया में हैं।<br /><br />एच.एम.टी. इंडस्ट्रियल पार्क और माया गार्डन ग्रुप द्वारा गत सायं संयुक्त रूप से आयोजित व्यापार मेले को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाल ही में लागू किए गए फास्ट ट्रैक सिंगल विंडो सिस्टम पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह नवाचारी प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि आवश्यक परियोजनाओं की स्वीकृतियां 45 दिनों के भीतर प्रदान कर दी जाएं। यदि इस समय सीमा के भीतर स्वीकृतियां नहीं दी जातीं तो इसे स्वयं स्वीकृत मान लिया जाएगा और इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी।<br /><br />राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने रजिस्टर्ड सेल डीड जारी करने के लिए रंगीन कोडेड स्टाम्प पेपर भी लागू किया है, जिसमें अब पहले से ही चेंज ऑफ लैंड यूज (सी.एल.यू.) स्वीकृति शामिल होती है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत छह मुख्य विभाग - राजस्व, आवास एवं शहरी विकास, स्थानीय सरकारें, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन एवं वन्य जीव, तथा श्रम एवं फैक्ट्रियां द्वारा निर्धारित समय-सीमाओं के भीतर सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से पूर्व-स्वीकृतियों की प्रक्रिया कुशलतापूर्वक पूरी की जाती है।<br /><br />वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार ने पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम के माध्यम से प्लॉटों के क्लबिंग और डी-क्लबिंग के लिए एक व्यापक नीति को स्वीकृति दी है, जो भूमि उपयोग दक्षता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों द्वारा लंबे समय से की जा रही मांगों को पूरा करेगा, जिसमें परियोजनाओं के विस्तार के लिए साथ लगते प्लॉटों को मिलाने या बांटने की सहूलियत शामिल है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार लीजहोल्ड प्लॉटों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए एक नीति लाने की योजना बना रही है।<br /><br />सी.एल.यू. प्रक्रिया को सरल बनाने के राज्य सरकार के प्रयासों पर बल देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि स्टैंडअलोन उद्योगों के लिए अनुमत क्षेत्रों में सी.एल.यू. स्वीकृतियां प्राप्त करने की शर्त हटा दी गई है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण बदलाव ने राज्यभर में नए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में हो रही देरी और जटिलता को काफी हद तक कम कर दिया है।<br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार की औद्योगिक विकास को अधिकतम प्रोत्साहन देने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले दो महीनों के दौरान ही औद्योगिक क्षेत्र को 180 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न केवल मौजूदा उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि राज्य के औद्योगिक वातावरण को मजबूत बनाते हुए नए उद्यमों को आकर्षित करने के लिए भी लगातार प्रयासरत है।<br /><br />राज्य सरकार की इन पहलकदमियों के लिए धन्यवाद करते हुए एच.एम.टी. समूह के सी.एम.डी. श्री मेघराज गर्ग ने कहा कि "रेड ज़ोन" में स्थित एच.एम.टी. इंडस्ट्रियल पार्क हर प्रकार के उद्योगों की स्थापना की अनुमति देता है। उन्होंने औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने और समय पर परियोजना स्वीकृतियों को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार की सराहना की।<br /><br />उल्लेखनीय है कि लालड़ू स्थित एच.एम.टी. इंडस्ट्रियल पार्क उभरते उद्योगों के लिए एक हब के रूप में कार्य कर रहा है और एनएच 22, एनएच 72 और एनएच 73 से बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करता है।<br /><br />इस अवसर पर उपस्थित अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में एच.एम.टी. के निदेशक सुदर्शन सिंगला और माया गार्डन समूह के सी.एम.डी. सतीश जिंदल भी शामिल थे।</div>
<div style="text-align:justify;">----------</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-is-witnessing-a-historic-industrial/article-2293</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 18:16:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मान सरकार बाल संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध; बाल भिक्षावृत्ति के खात्मे के लिए सख्त कार्रवाई, बैगरी एक्ट में होगा संशोधन: डॉ. बलजीत कौर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 21 जून:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाल संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और बच्चों को भिक्षावृत्ति की सामाजिक बुराई से बचाने के लिए संवेदनशील और सख्त रवैया अपना रही है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने घोषणा की है कि पंजाब बैगरी एक्ट (1971) में संशोधन किए जाएंगे। इन संशोधनों के माध्यम से ट्रैफिक लाइटों और चौराहों पर बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोहों, माता-पिता या अभिभावकों के खिलाफ सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा।<br /><br /><br />इस संबंधी ओर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/mann-government-committed-to-child/article-2281"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/whatsapp-image-2025-06-21-at-5.41.12-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 21 जून:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाल संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और बच्चों को भिक्षावृत्ति की सामाजिक बुराई से बचाने के लिए संवेदनशील और सख्त रवैया अपना रही है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने घोषणा की है कि पंजाब बैगरी एक्ट (1971) में संशोधन किए जाएंगे। इन संशोधनों के माध्यम से ट्रैफिक लाइटों और चौराहों पर बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोहों, माता-पिता या अभिभावकों के खिलाफ सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा।<br /><br /><br />इस संबंधी ओर जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री<br />डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार ने राज्य के विभिन्न शहरों और कस्बों में ट्रैफिक लाइटों और चौराहों पर बच्चों से भीख मंगवाने वाले आपराधिक गिरोहों का पता लगाने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष टीमें बनाने का फैसला किया है। ये टीमें बच्चों को बचाकर उनके पुनर्वास के लिए सरकारी योजनाओं के तहत उचित इलाज, शिक्षा और आवास उपलब्ध कराएंगी।<br /><br /><br />कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिए कि यदि कोई भी व्यक्ति, माता-पिता या अभिभावक बच्चों से भीख मंगवाते हुए पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ जे.जे. एक्ट  के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे व्यक्ति सजा के पात्र होंगे।<br /><br /><br />डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि जुलाई 2024 से राज्य के सभी जिलों में जे.जे. एक्ट के तहत 'प्रोजेक्ट जीवनजोत' चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 286 बच्चे बचाए गए हैं। इन बच्चों को हर तरह की सुरक्षा और देखभाल संबंधी सेवाएं प्रदान की जाती हैं।<br /><br /><br />डॉ. बलजीत कौर ने यह भी जानकारी दी कि इस साल पंजाब राज्य के 5 बड़े शहरों - अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) और बठिंडा में एक पायलट प्रोजेक्ट ('प्रोजेक्ट स्माइल') की शुरुआत की जाएगी। इसके माध्यम से सड़कों और बाजारों में भीख मांगते बच्चों की पहचान कर उनके डी.एन.ए. टेस्ट करवाए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे बच्चे किस परिवार से संबंधित हैं और बाल तस्करी या मानव व्यापार के मामलों को रोका जा सके।<br /><br />भी अपील की कि वे भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने और बच्चों का सुनहरा भविष्य बनाने में सरकार का अधिक से अधिक सहयोग करने के लिए आगे आएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/mann-government-committed-to-child/article-2281</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Jun 2025 21:09:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों की भलाई मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: डॉ. बलजीत कौर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़, 18 जून:</strong><br /><br />समाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार हर वर्ग विशेषकर महिलाओं, बुज़ुर्गों और बच्चों की भलाई के लिए गंभीर और निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उस समाज के गरीब, बुज़ुर्ग और नारी वर्ग की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा पर निर्भर करती है। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ ज़रूरतमंद लोगों तक पारदर्शिता से और समयबद्ध रूप से पहुँचाया जाए।<br /><br />आज यहाँ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/another-step-in-the-war-against/article-2222"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/whatsapp-image-2025-06-18-at-5.49.19-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>चंडीगढ़, 18 जून:</strong><br /><br />समाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार हर वर्ग विशेषकर महिलाओं, बुज़ुर्गों और बच्चों की भलाई के लिए गंभीर और निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उस समाज के गरीब, बुज़ुर्ग और नारी वर्ग की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा पर निर्भर करती है। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ ज़रूरतमंद लोगों तक पारदर्शिता से और समयबद्ध रूप से पहुँचाया जाए।<br /><br />आज यहाँ किसान भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. बलजीत कौर ने आंगनवाड़ी केंद्रों, ‘अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन’, मिशन वात्सल्य के तहत चलाई जा रही बाल भिक्षावृत्ति मुक्ति मुहिम, पोषण ट्रैकर कार्य, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की रिक्त पदों की स्थिति, मगनरेगा के तहत आंगनवाड़ी भवनों और शौचालयों के निर्माण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष आंगनवाड़ी केंद्रों और शौचालयों का कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।<br /><br />डॉ. बलजीत कौर ने आदेश दिए कि आंगनवाड़ी केंद्रों की दैनिक मॉनिटरिंग करना प्रत्येक ज़िला अधिकारी की ज़िम्मेदारी है। जो केंद्र नियमित रूप से नहीं खुल रहे हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने पोषण ट्रैकर ऐप के अधूरे कार्य को जल्द पूरा करके लागू करने और आंगनवाड़ी केंद्रों के उन्नयन में गति लाने के निर्देश भी दिए।<br /><br />मंत्री ने मिशन वात्सल्य के तहत चल रही बाल भिक्षावृत्ति मुक्ति और पुनर्वास मुहिम का नेतृत्व निजी तौर पर करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य में कार्यरत स्पेशलाइज़्ड अडॉप्शन एजेंसियों के  काम की समीक्षा करते हुए पिछले तीन वर्षों में हुई अडॉप्शन  की विस्तृत जानकारी भी ली।<br /><br />बैठक के दौरान डॉ. बलजीत कौर ने विभाग के निदेशक को निर्देश दिए कि जो अधिकारी अपनी ज़िम्मेदारियों का उत्कृष्ट निर्वहन कर रहे हैं, उन्हें विभाग की ओर से प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य अधिकारियों में भी उत्साह बढ़े। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि जिन ज़िला अधिकारियों का कार्य प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई अवश्य की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई लापरवाही न रह जाए।<br /><br />डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार महिला सशक्तिकरण, बुज़ुर्गों की देखभाल और बाल विकास के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास समृद्ध पंजाब के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।<br /><br />इस बैठक में विभाग की विशेष मुख्य सचिव श्रीमती राजी.पी. श्रीवास्तव, निदेशक डॉ. शेना अग्रवाल, विशेष सचिव केशव हिंगोनिया, अतिरिक्त सचिव विम्मी भुल्लर, संयुक्त सचिव आनंद सागर शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Jun 2025 21:35:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मान सरकार द्वारा नशा विरोधी जंग के दौरान सख्त कार्रवाई: नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर एक-एक करके चलाया बुलडोजर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/लुधियाना, 15 जून:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर शुरू की गई नशा विरोधी मुहिम 'युद्ध नशों विरुद्ध' के दौरान पंजाब सरकार द्वारा नशा तस्करी और अवैध कमाई के खिलाफ अपनाई गई जीरो  सहनशीलता नीति के तहत, आज लुधियाना में दो बदनाम नशा तस्करों की संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया गया है। यह ऑपरेशन नगर निगम लुधियाना के अधिकारियों के नेतृत्व में लुधियाना कलेक्टर पुलिस के सहयोग से चलाया गया।<br /><br />स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल डीजीपी) कानून और व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने बताया कि यह आपरेशन पंजाब सरकार द्वारा नार्को नेटवर्कों के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/mann-government-strikes-hard-in-drug-war-illegal-assets-of/article-2171"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/pic-(5)-(7).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/लुधियाना, 15 जून:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर शुरू की गई नशा विरोधी मुहिम 'युद्ध नशों विरुद्ध' के दौरान पंजाब सरकार द्वारा नशा तस्करी और अवैध कमाई के खिलाफ अपनाई गई जीरो  सहनशीलता नीति के तहत, आज लुधियाना में दो बदनाम नशा तस्करों की संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया गया है। यह ऑपरेशन नगर निगम लुधियाना के अधिकारियों के नेतृत्व में लुधियाना कलेक्टर पुलिस के सहयोग से चलाया गया।<br /><br />स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल डीजीपी) कानून और व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने बताया कि यह आपरेशन पंजाब सरकार द्वारा नार्को नेटवर्कों के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई का हिस्सा था, जिसमें अपराधियों को पकड़ने के साथ-साथ उनकी अवैध रूप से प्राप्त संपत्तियों को भी ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन दोनों संपत्तियों को ध्वस्त करने के साथ, 1 मार्च, 2025 से अब तक नशा तस्करों द्वारा अवैध कमाई से बनाई गईं 126 संपत्तियां ध्वस्त की गई हैं।<br /><br />पहले आपरेशन के दौरान, लुधियाना के अमरपुरा, गली नंबर 2 में स्थित बदनाम नशा तस्कर गुरपाल के घर पर बुलडोजर चलाया गया। यह ऑपरेशन पुलिस कमिश्नर (सीपी) लुधियाना स्वप्न शर्मा, डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (डीसीपी) इन्वेस्टिगेशन हरपाल सिंह, एडिशनल डीसीपी जॉन-1 समीऱ वर्मा और सीनियर टाउन प्लानर (एटीपी) जॉन-बी कुलजीत सिंह मांगट की अगुवाई में भारी पुलिस तैनाती के तहत चलाया गया।<br /><br />विवरण साझा करते हुए सीपी स्वप्न शर्मा ने कहा कि दोषी गुरपाल, जिसका घर ध्वस्त किया गया है, अपराधी पृच्छभूमि वाला अभियुक्त है और उसके खिलाफ लुधियाना के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि इलाके में नशीले पदार्थ बेचने के लिए बदनाम उक्त दोषी 2014 से नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए निर्णायक युद्ध के चलते अपराधी हिमाचल प्रदेश भाग गया है।<br /><br />दूसरे आपरेशन के दौरान, लुधियाना के लोहारां गांव के हीरो सुमन नगर में गली नंबर 9 में स्थित महिला नशा तस्कर राजिंदर कौर उर्फ़ रोजी के घर को बुलडोजर के साथ ध्वस्त कर दिया गया है। यह ऑपरेशन सीपी लुधियाना स्वप्न शर्मा, डीसीपी इन्वेस्टिगेशन हरपाल सिंह, एडिसीपी जोन-2 करणवीर सिंह, नायब तहसीलदार साहनेवाल हरकिरत सिंह और सीनियर टाउन प्लानर (एटीपी) जोन- सी नवनीत सिंह की अगुवाई में भारी पुलिस तैनाती के तहत चलाया गया।<br /><br />इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी साझा करते हुए सीपी स्वप्न शर्मा ने बताया कि कुछ वर्षों पहले इस क्षेत्र में रहने आई दोषी राजिंदर कौर उर्फ़ रोजी ने धीरे-धीरे अपना घर बना लिया था। उन्होंने बताया कि उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत दो आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह इस समय जेल में बंद है।<br /><br />सीपी ने कहा कि दोनों ऑपरेशनों को सभी नियमों और कानूनों का पालन करते हुए अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों ऑपरेशनों को दोनों क्षेत्रों के निवासी के सहयोग से सुचारू रूप से संपन्न किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Jun 2025 20:13:16 +0530</pubDate>
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                <title>मान सरकार ने रचा इतिहास: पंजाब में पहली बार बरसात से पहले गांवों के 15,000 तालाबों की होगी साफ-सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 26 मई:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा गांवों के कायाकल्प और पुनरुद्धार मिशन के नतीजे सामने आने शुरू हो गए हैं। गांवों के सरपंचों का कहना है कि 'आप सरकार' गांवों में वास्तविक बदलाव ला रही है।<br /><br />स्थानीय पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि गांवों की सूरत सुधारने के लिए स्थायी विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए पंजाब सरकार ने गांवों में 15,000 तालाबों की साफ़-सफाई के लिए एक बड़े पैमाने पर पहल शुरू की है। यह मिशन पंजाब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/mann-government-creates-history/article-1882"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-05/pic-(1)-(52).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 26 मई:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा गांवों के कायाकल्प और पुनरुद्धार मिशन के नतीजे सामने आने शुरू हो गए हैं। गांवों के सरपंचों का कहना है कि 'आप सरकार' गांवों में वास्तविक बदलाव ला रही है।<br /><br />स्थानीय पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि गांवों की सूरत सुधारने के लिए स्थायी विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए पंजाब सरकार ने गांवों में 15,000 तालाबों की साफ़-सफाई के लिए एक बड़े पैमाने पर पहल शुरू की है। यह मिशन पंजाब के 154 ब्लॉकों में चरणबद्ध तरीके से और लोगों के सहयोग से सफलतापूर्वक चल रहा है।<br /><br />उन्होंने बताया कि अब तक 3973 तालाबों से पानी निकालने का काम पूरा हो गया है और 6,606 तालाबों में पानी निकालने का काम पूरा होने के करीब है। सभी तालाबों और टोबों से पानी निकालने की कार्रवाई 30 मई 2025 तक पूरी हो जाएगी।<br /><br />उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब सभी गांवों के तालाबों की साफ़-सफाई बरसात के मौसम से पहले हो जाएगी।<br /><br />उन्होंने आगे बताया कि 1223 तालाबों से गाद निकालने का काम भी पूरा हो गया है और 3267 तालाबों से गाद निकालने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले चरण में 5000 थापर मॉडल बनाए जा रहे हैं।<br /><br />प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूपनगर जिले के गांव बूरमाजरा और खैराबाद की सरपंच हरप्रीत कौर और हरदीप कौर और फतेहगढ़ जिले के गांव सानीपुर के सरपंच इंदरदीप सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि गांवों का कायापलट करने के लिए जो काम 'आप सरकार' ने किए हैं, वह कोई और सरकार नहीं कर सकी।<br /><br />गांवों की सफल कहानियां:<br /><br />गांव बूरमाजरा में पहली बार बड़े पैमाने पर तालाब की सफाई की जा रही है। गांव का तालाब जो कि 1.5 एकड़ में फैला है, उसमें से पानी और गाद निकालने का काम किया जा रहा है। पानी निकालने का काम पूरा हो गया है और गाद निकालने का काम भी 80 फीसदी पूरा हो गया है और बहुत तेजी से काम चल रहा है।<br /><br />गौरतलब है कि तालाब से निकाली गई गाद का उपयोग गांव के खेल मैदान के लिए और तालाब के किनारों को ऊंचा उठाने के लिए किया जा रहा है। अगले 10 दिनों में तालाब के पानी को ट्रीट करने के लिए थापर/सीचेवाल मॉडल का उपयोग किया जाएगा जिससे पानी और साफ़ तथा गंदगी रहित होना शुरू हो जाएगा। इस कार्य के लिए गांववासी, खासकर सरपंच और पंच साहिबान बहुत खुश हैं और पूरा समर्थन दे रहे हैं।<br /><br />इसी तरह गांव खैराबाद के तालाब को 10 साल से भी अधिक समय से साफ़ नहीं किया गया था। यह गंदे पानी से भरा हुआ था और अक्सर ओवरफ्लो हो जाता था। इस साल, आप की सरकार द्वारा आखिर तालाब को साफ़ किया गया है और गाद निकाली गई है। इस तालाब का आकार 1 एकड़ है और अब यह पूरी तरह साफ़ है। इस समय यह सूखा है।<br /><br />किसान अब सिंचाई के लिए तालाब के साफ़ पानी का उपयोग करने में सक्षम होंगे। तालाब से निकलने वाली मिट्टी का उपयोग तालाब के उपयुक्त किनारे बनाने के लिए किया गया है, जिससे अब इसके आस-पास चलना आसान हो गया है। इस गांव की आबादी 2,100 है और हर कोई तालाब की सफ़ाई वाले काम से खुश नज़र आ रहा है। अब गांववासियों ने भी तालाब को साफ़ और कूड़ा-करकट मुक्त रखने की शपथ ली है। यह इस बात का एक बढ़िया उदाहरण है कि कैसे "बदलता गांव, बदलता पंजाब" मिशन गांवों के जीवन को बेहतर बना रहा है।<br /><br />सानीपुर गांव में पहली बार कई सालों की उपेक्षा के बाद तालाब की सफाई आप सरकार ने की है। 3,000 लोगों की आबादी वाले गांव के तालाब को कभी भी साफ़ नहीं किया गया था। अब तक तालाब में से पानी नहीं निकाला गया था और कभी गाद भी नहीं निकाली गई थी। अब पानी निकालने का काम किया गया है और गाद निकालने का काम भी 60 फीसदी पूरा हो गया है। बाकी काम एक हफ़्ते के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।<br /><br />एक एकड़ का यह तालाब, जो कभी बदबूदार, रुके हुए पानी से भरा होता था, स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया था। तालाब में गंदे पानी के कारण मच्छर पैदा होते थे। लेकिन अब तालाब को नई रंगत दी गई है। गाद का उपयोग गांव के खेल मैदानों को समतल करने के लिए किया जा रहा है और गांववासी खुद इसे अपने खेतों में उपयोग करने के लिए ले जा रहे हैं। थापर/सीचेवाल मॉडल के माध्यम से जून के पहले हफ़्ते में तालाब के पानी को शुद्ध करने का काम शुरू किया जाएगा।<br /><br />तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि पंजाब के गांववासी वास्तव में अब कहीं जाकर गांवों की तरक्की और वास्तविक बदलाव देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अगले दिनों में पंजाब को और भी बुलंदी पर लेकर जाने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/mann-government-creates-history/article-1882</link>
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                <pubDate>Mon, 26 May 2025 18:57:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मान सरकार बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल न्याय को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><br />चंडीगढ़, 20 मई:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल न्याय को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सामाजिक सुरक्षा, स्त्री और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने "बाल अपराध और संस्थागत ढांचा: पंजाब में बाल न्याय (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) अधिनियम, 2015 के तहत बहाली विधियों का मूल्यांकन" शीर्षक के तहत एक व्यापक शोध रिपोर्ट जारी की।<br /><br />इस कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा, स्त्री और बाल विकास विभाग के विशेष मुख्य सचिव श्रीमती राजी पी. श्रीवास्तव, पंजाब राज्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/mann-government-committed-to/article-1782"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-05/pic-(1)-(48).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><br />चंडीगढ़, 20 मई:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाल अधिकारों की सुरक्षा और बाल न्याय को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सामाजिक सुरक्षा, स्त्री और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने "बाल अपराध और संस्थागत ढांचा: पंजाब में बाल न्याय (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) अधिनियम, 2015 के तहत बहाली विधियों का मूल्यांकन" शीर्षक के तहत एक व्यापक शोध रिपोर्ट जारी की।<br /><br />इस कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा, स्त्री और बाल विकास विभाग के विशेष मुख्य सचिव श्रीमती राजी पी. श्रीवास्तव, पंजाब राज्य बाल अधिकार सुरक्षा कमीशन के चेयरपर्सन श्री कंवरदीप सिंह, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के वाइस चांसलर प्रो. करमजीत सिंह, सामाजिक सुरक्षा, स्त्री और बाल विकास विभाग के डायरेक्टर डॉ. शेना अग्रवाल, पंजाब राज्य बाल अधिकार सुरक्षा कमीशन के सचिव श्रीमती विम्मी भुल्लर, और संयुक्त डायरेक्टर स. राजविंदर सिंह गिल विशेष रूप से उपस्थित थे।<br /><br />कैबिनेट मंत्री ने बताया कि यह शोध प्रोजेक्ट पंजाब राज्य बाल अधिकार सुरक्षा कमीशन द्वारा पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला को सौंपा गया था। जिसका उद्देश्य बाल न्याय अधिनियम के तहत पुनर्स्थापन विधियों और संस्थागत प्रतिक्रियाओं का राज्यव्यापी मूल्यांकन करना था।<br /><br />मंत्री ने आगे बताया कि यह रिपोर्ट, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गौतम सूद द्वारा लिखी गई जिसमें जेंडर माहिर डॉ. प्रेरणा सिंह और शोध सहायक श्रीमती जसमीन कौर का योगदान शामिल है, एक गहराई से किए गए, राज्य-व्यापी अध्ययन का परिणाम है जो कानून के टकराव वाले बच्चों के लिए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत उपलब्ध संस्थागत ढांचों और बहाली विधियों का गहराई से मूल्यांकन करती है।<br /><br />इस मौके पर बोलते हुए डॉ. बलजीत कौर ने पंजाब सरकार की बाल सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की और रिपोर्ट की मुख्य सिफारिशों पर राज्य सरकार के दृढ़ इरादे को दोहराया।<br /><br />मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने अपने संबोधन में कहा कि, "यह अध्ययन हमारी किशोर न्याय प्रणाली के अंदरूनी अंतराल और संभावनाओं पर बहुत जरूरी ध्यान केंद्रित करता है। यह शोध पंजाब में किशोर अपराध के प्रति पुनर्वास और बहाली प्रतिक्रियाओं को बढ़ाने में हमारी अगुवाई करेंगे।"<br /><br />अध्ययन के मुख्य बिंदु प्रस्तुत करते हुए, डॉ. गौतम सूद ने क्षमता निर्माण, सेवाओं के अभिसरण और हितधारकों की संवेदनशीलता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि "यह मूल्यांकन संस्थागत तालमेल, समुदाय-आधारित हस्तक्षेप और कानून के टकराव वाले बच्चों को सचमुच सुधारने में बहाली न्याय के मूल्य की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।"<br /><br />चेयरपर्सन श्री कंवरदीप सिंह ने शोध टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट बच्चों के अधिकारों को न्याय प्रणाली से और गहराई से जोड़ने की आवश्यकता को उजागर करती है। उन्होंने बताया कि हर बच्चे, भले ही वह किसी न्यायिक कार्यवाही में हो, उसके अधिकारों की पूरी रक्षा होनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 May 2025 18:55:32 +0530</pubDate>
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