जश्न पड़ा भारी! हार्दिक पंड्या के खिलाफ FIR की मांग; टी-20 वर्ल्ड कप जीत के बाद राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा को ठेस पहुँचाने का आरोप।
पुणे के वकील ने दर्ज कराई शिकायत; वर्ल्ड चैंपियन खिलाड़ी पर लगा ध्वज संहिता के उल्लंघन और राष्ट्रीय प्रतीकों के अनादर का गंभीर आरोप।
वर्ल्ड कप जश्न में तिरंगा अपमान के आरोप में हार्दिक पंड्या के खिलाफ पुणे में शिकायत दर्ज; बढ़ी उनकी कानूनी मुसीबत।
जश्न के बीच कानूनी विवाद में घिरे भारतीय ऑलराउंडर
पुणे/अहमदाबाद: भारत की टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार जीत के बाद जहाँ पूरा देश जश्न में डूबा है, वहीं टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या एक गंभीर कानूनी विवाद में घिर गए हैं। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल जीतने के बाद मैदान पर मनाए गए जश्न को लेकर पुणे के एक वकील ने हार्दिक पंड्या के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है पूरा मामला?
8 मार्च 2026 को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद हार्दिक पंड्या काफी भावुक नजर आए। मैदान पर जश्न मनाते हुए उन्होंने तिरंगे को अपने शरीर पर लपेटा था। विवाद तब शुरू हुआ जब उनकी कुछ तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, जिसमें वे तिरंगा ओढ़े हुए ही मैदान/पोडियम पर जमीन के सहारे लेटे हुए दिखाई दिए।
पुणे के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने वाले एडवोकेट वाजिद खान का आरोप है कि हार्दिक पंड्या का यह कृत्य राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के खिलाफ है। शिकायत में कहा गया है कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत तिरंगे को इस तरह जमीन से सटाना या उसे एक सामान्य कपड़े की तरह इस्तेमाल करना अपराध की श्रेणी में आता है।

कानूनी आधार और लगाए गए आरोप
शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में मुख्य रूप से 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) की धारा 2 का हवाला दिया है। उनके अनुसार:
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ध्वज संहिता का उल्लंघन: भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के अनुसार, तिरंगे का उपयोग किसी भी प्रकार के पोशाक या वर्दी के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, तिरंगा किसी भी स्थिति में जमीन या पानी को नहीं छूना चाहिए।
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अनादर का कृत्य: शिकायत में आरोप है कि हार्दिक ने जानबूझकर या अनजाने में तिरंगे को शरीर पर बांधकर जमीन पर लेटकर उसका अनादर किया है, जिससे करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को ठेस पहुँची है।
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FIR की मांग: एडवोकेट वाजिद खान ने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में हार्दिक पंड्या के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए और मामले की गहन जाँच हो।

अब आगे क्या होगा ?
पुणे पुलिस ने फिलहाल शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस मामले की विधिक जाँच कर रही है और कानूनी जानकारों से सलाह ले रही है कि क्या हार्दिक का कृत्य वास्तव में 'अपमान' की श्रेणी में आता है या यह केवल एक भावनात्मक अभिव्यक्ति थी।
हार्दिक पंड्या या बीसीसीआई (BCCI) की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


