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                <title>Punjab - Nirpakh Post</title>
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                <description>Punjab RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरकार का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाना : डॉ. रवजोत सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">होशियारपुर, 1 अगस्त। कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आज शामचौरासी विधानसभा क्षेत्र के गांव बूरे राजपूतां में आयोजित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान 'मुख्यमंत्री मेरी रसोई योजना' के अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों को स्मार्ट कार्ड और राशन किट वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने गांव वासियों की समस्याएं भी सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को उनका शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।<br />कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में जनकल्याण के लिए ऐतिहासिक फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद परिवार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/the-government-s-objective-is/article-6754"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-08/1-(7).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">होशियारपुर, 1 अगस्त। कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आज शामचौरासी विधानसभा क्षेत्र के गांव बूरे राजपूतां में आयोजित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान 'मुख्यमंत्री मेरी रसोई योजना' के अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों को स्मार्ट कार्ड और राशन किट वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने गांव वासियों की समस्याएं भी सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को उनका शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।<br />कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में जनकल्याण के लिए ऐतिहासिक फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति स्वयं को असहाय या उपेक्षित महसूस न करे। उन्होंने कहा कि 'मुख्यमंत्री मेरी रसोई योजना' आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रही है और इसके माध्यम से हजारों परिवारों को राहत मिल रही है।<br />डॉ. रवजोत सिंह ने पंजाब सरकार तथा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की जनहितैषी नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, पानी और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में सरकार लगातार जनहित में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शामचौरासी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता है।<br />उन्होंने कहा कि 'लोक मिलनी' कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को उनके घर के निकट सुनकर उनका समाधान करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा लोगों की प्रत्येक मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।<br /><br />इस अवसर पर आम आदमी पार्टी महिला विंग की शामचौरासी हलका प्रभारी रजवंत कौर धामी, सरपंच रविंदर कौर सहित बड़ी संख्या में गांव वासी उपस्थित थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 20:38:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विश्व फेफड़ा कैंसर दिवस के अवसर पर भगवंत मान सरकार ने मुफ्त कैंसर उपचार और रोकथाम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 1 अगस्त:</strong><br /><br />विश्व फेफड़ा कैंसर दिवस के अवसर पर भगवंत मान सरकार ने एक सरल लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति केवल इस कारण से फेफड़ों के कैंसर के खिलाफ जंग न हारे क्योंकि वह उपचार का खर्च वहन नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (MMSY) के माध्यम से राज्य सरकार न केवल जीवन-रक्षक उपचार का खर्च उठा रही है, बल्कि बीमारी होने से पहले ही इसकी रोकथाम के लिए भी लगातार काम कर रही है।<br /><br />आंकड़े बताते हैं कि यह प्रतिबद्धता अब लोगों के लिए वास्तविक सहारा बन रही है। अब तक योजना के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/on-the-occasion-of-world-lung/article-6753"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-08/dr.-balbir-singh-1-1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 1 अगस्त:</strong><br /><br />विश्व फेफड़ा कैंसर दिवस के अवसर पर भगवंत मान सरकार ने एक सरल लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति केवल इस कारण से फेफड़ों के कैंसर के खिलाफ जंग न हारे क्योंकि वह उपचार का खर्च वहन नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (MMSY) के माध्यम से राज्य सरकार न केवल जीवन-रक्षक उपचार का खर्च उठा रही है, बल्कि बीमारी होने से पहले ही इसकी रोकथाम के लिए भी लगातार काम कर रही है।<br /><br />आंकड़े बताते हैं कि यह प्रतिबद्धता अब लोगों के लिए वास्तविक सहारा बन रही है। अब तक योजना के तहत 708 फेफड़ा कैंसर रोगियों को पूरी तरह से कैशलेस उपचार प्रदान किया गया है, जिसके लिए 3.43 करोड़ रुपये के क्लेम मंजूर किए जा चुके हैं। इससे सैकड़ों परिवारों को अस्पताल के खर्चों की चिंता से मुक्ति मिली है और वे अपने परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित कर सके हैं।<br /><br />इस अवसर पर पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डा. बलबीर सिंह ने कहा कि फेफड़ों का कैंसर दुनिया के सबसे घातक कैंसरों में से एक है, लेकिन यह ऐसी बीमारी भी है जिसमें परहेज और समय पर इलाज से परिणामों में बड़ा सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों को इलाज के खर्च की चिंता किए बिना समय पर इलाज मिले। हमारी जिम्मेदारी केवल उपचार प्रदान कराने तक सीमित नहीं है। हम यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लोग समय पर अस्पताल पहुंचें और किसी भी मरीज के लिए मानक स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए आर्थिक तंगी कोई बाधा न बने।"<br /><br />तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य ने पूरे देश के लिए एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा, "विश्व फेफड़ा कैंसर दिवस पर राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) द्वारा भारत में सबसे कम तम्बाकू सेवन वाले राज्य के रूप में पंजाब को मिली मान्यता हमारी निरंतर जागरूकता अभियानों, प्रभावी तम्बाकू नियंत्रण उपायों और लोगों की सक्रिय भागीदारी की सफलता का प्रतीक है। यह उपलब्धि हमारे इस विश्वास को और मजबूत करती है कि फेफड़ों के कैंसर के खिलाफ रोकथाम ही सबसे प्रभावी हथियार है। मैं हर नागरिक से अपील करता हूं कि वह तम्बाकू से दूर रहे, स्वस्थ जीवन शैली अपनाए और स्वस्थ, कैंसर-मुक्त पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दे।"<br /><br />विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार फेफड़ा कैंसर आज भी विश्व स्तर पर कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है और तम्बाकू का सेवन इसका सबसे बड़ा कारक बना हुआ है। भारत में भी तम्बाकू की बढ़ती खपत और बीमारी की देर से पहचान के कारण इसका बोझ लगातार बढ़ रहा है। ऐसे हालातों में रोकथाम, जागरूकता और समय पर जांच पहले से भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।<br /><br />पंजाब राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले 708 मरीजों में से 413 पुरुष हैं, जिनके उपचार पर 1,89,68,865 रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि 295 महिलाओं को 1,53,19,215 रुपये की लागत वाला कैशलेस उपचार प्रदान किया गया है।<br /><br />उम्र के अनुसार विश्लेषण बताता है कि सबसे अधिक 286 लाभार्थी 61 से 75 वर्ष आयु वर्ग से संबंधित हैं, जिनके उपचार पर 1,34,56,310 रुपये खर्च किए गए। इसके बाद 46 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 247 मरीजों को 1,24,83,240 रुपये का उपचार प्रदान किया गया। योजना के तहत 31 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 100, 19 से 30 वर्ष आयु वर्ग के 9 और 13 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 2 किशोर मरीजों को भी सहायता मिली है, जो यह दर्शाते हैं कि फेफड़ा कैंसर विभिन्न आयु वर्गों के लोगों को प्रभावित कर सकता है।<br /><br />जिला-वार आंकड़ों के अनुसार बठिंडा में सबसे अधिक 179 मरीजों को 1,46,02,300 रुपये की लागत से उपचार मिला। इसके बाद संगरूर में 163 मरीजों के उपचार के लिए 56,62,600 रुपये और फरीदकोट में 149 मरीजों के उपचार के लिए 37,85,760 रुपये के क्लेम मंजूर किए गए। इसके अलावा अमृतसर (55 मरीज), जालंधर (42), पटियाला (20), एस.ए.एस. नगर (19), लुधियाना (11), फतेहगढ़ साहिब (1) और पठानकोट (1) के मरीजों ने भी इस योजना का लाभ लिया। इन जिलों में कुल 640 लाभार्थियों को 3,17,04,235 रुपये का उपचार प्रदान किया गया।<br /><br />डा. बलबीर सिंह ने लोगों से अपील की कि वे हर प्रकार के तम्बाकू से दूर रहें, लगातार खांसी, सीने में दर्द, बिना किसी कारण वजन घटना और सांस लेने में तकलीफ जैसे चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें और ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय पर बीमारी की पहचान होने से मरीज के बचने की संभावना और उपचार के परिणामों में काफी सुधार होता है।<br /><br />स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि भगवंत मान सरकार कैंसर की स्क्रीनिंग को और मजबूत करने, गुणवत्तापूर्ण उपचार तक पहुंच का विस्तार करने और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "योजना के तहत मंजूर किया गया हर दावा एक ऐसे मरीज का प्रतिनिधित्व करता है जिसे जीवन का दूसरा मौका मिला है और ऐसे परिवार की भी, जिसे इलाज के भारी खर्च के बोझ से राहत मिली है।"<br /><br />इसके अलावा, पंजाब सरकार स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने वाली समग्र पहुंचों को भी प्रोत्साहित कर रही है। वर्ष 2023 के दौरान 'कैंसर नर्सिंग' में प्रकाशित एक अध्ययन (PubMed) में पाया गया कि योग से संबंधित सांस लेने के व्यायाम फेफड़ा कैंसर की सर्जरी के बाद मरीजों में लक्षणों को कम करने और स्वास्थ्य की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक साबित होते हैं। पंजाब सरकार की 'सीएम की योगशाला' पहल का उद्देश्य नियमित योग और ध्यान को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित करके लोगों की शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती को बेहतर बनाना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 20:28:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'युद्ध नशों  विरुद्ध' के 17 महीने: 3472 किलोग्राम हेरोइन सहित 75 हजार से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 1 अगस्त:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर छेड़ी गई नशों के विरुद्ध निर्णायक जंग 'युद्ध नशों  विरुद्ध' के 17 महीने पूरे होने के साथ, पंजाब पुलिस ने 1 मार्च, 2025 से अब तक 54,916 एफआईआर दर्ज कर 75,102 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिसके परिणामस्वरूप 3472 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है।<br /><br />इस नशा विरोधी अभियान की शुरुआत से ही पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के दिशा-निर्देशों के तहत पंजाब पुलिस द्वारा राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में प्रतिदिन एक साथ अभियान चलाए जा रहे हैं।<br /><br />विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) प्रवीण सिन्हा ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/17-months-of-the--war-against-drug/article-6752"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-08/xpunjab-police.jpg.pagespeed.ic_.wzafs8tzi2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 1 अगस्त:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर छेड़ी गई नशों के विरुद्ध निर्णायक जंग 'युद्ध नशों  विरुद्ध' के 17 महीने पूरे होने के साथ, पंजाब पुलिस ने 1 मार्च, 2025 से अब तक 54,916 एफआईआर दर्ज कर 75,102 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिसके परिणामस्वरूप 3472 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है।<br /><br />इस नशा विरोधी अभियान की शुरुआत से ही पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के दिशा-निर्देशों के तहत पंजाब पुलिस द्वारा राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में प्रतिदिन एक साथ अभियान चलाए जा रहे हैं।<br /><br />विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) प्रवीण सिन्हा ने बताया कि 3472 किलोग्राम हेरोइन की बड़ी बरामदगी के अलावा पुलिस ने अब तक 871 किलोग्राम अफीम, 425 क्विंटल भुक्की, 86 किलोग्राम चरस, 1193 किलोग्राम गांजा, 60 किलोग्राम आईसीई, 60.78 लाख नशीली गोलियां/कैप्सूल तथा 21.64 करोड़ रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की है।<br /><br />518वें दिन पंजाब पुलिस ने आज 91 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 20.3 किलोग्राम हेरोइन, 15,249 नशीली गोलियां/कैप्सूल तथा 3800 रुपये की ड्रग मनी बरामद की है। नशा मुक्ति अभियान के हिस्से के रूप में पंजाब पुलिस ने आज 11 व्यक्तियों को नशा छोड़ने तथा पुनर्वास उपचार लेने के लिए राजी किया।<br /><br />इसके अलावा पुलिस टीमों ने 193वें दिन भी 'गैंगस्टरां ते वार' अभियान जारी रखते हुए 586 छापेमारियां कर चार हथियारों सहित 350 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जबकि 230 व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियाती कार्रवाई की तथा चार भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया। उल्लेखनीय है कि लोग वांछित अपराधियों एवं गैंगस्टरों से संबंधित जानकारी तथा अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों के संबंध में अपने सुझाव पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर गोपनीय रूप से दे सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 20:19:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भगवंत मान सरकार प्राइवेट स्कूलों की फीस को स्थायी रूप से विनियमित करने के लिए मानसून सत्र के दौरान विधान सभा में लाएगी बिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़; 01 अगस्त:</strong><br /><br />वर्षों से पंजाब के प्राइवेट स्कूल अपनी मर्जी से फीस बढ़ाते आ रहे थे और इस संबंध में अब तक अभिभावकों के पास कोई विकल्प या सुरक्षा नहीं थी, जिसके चलते मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार अब इस प्रचलन पर पूरी तरह रोक लगाने जा रही है। 13 जुलाई, 2026 से लागू ऑर्डिनेन्स को स्थायी कानूनी मान्यता देने के लिए पंजाब विधान सभा के मानसून सत्र के दौरान 'द पंजाब रेगुलेशन ऑफ फी ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया जाएगा, जो निजी स्कूलों के फीस ढांचे को सख्ती से विनियमित करने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/a-bill-will-be-introduced-in-th/article-6751"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-08/pic-(59).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़; 01 अगस्त:</strong><br /><br />वर्षों से पंजाब के प्राइवेट स्कूल अपनी मर्जी से फीस बढ़ाते आ रहे थे और इस संबंध में अब तक अभिभावकों के पास कोई विकल्प या सुरक्षा नहीं थी, जिसके चलते मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार अब इस प्रचलन पर पूरी तरह रोक लगाने जा रही है। 13 जुलाई, 2026 से लागू ऑर्डिनेन्स को स्थायी कानूनी मान्यता देने के लिए पंजाब विधान सभा के मानसून सत्र के दौरान 'द पंजाब रेगुलेशन ऑफ फी ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया जाएगा, जो निजी स्कूलों के फीस ढांचे को सख्ती से विनियमित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को मनमाने ढंग से फीस वृद्धि के बोझ से सुरक्षा प्रदान करेगा।<br /><br />*32 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगी राहत*<br /><br />पंजाब के 7,800 से अधिक निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों को इस फैसले का लाभ मिलेगा, जिसे देश के सबसे सख्त फीस नियंत्रण ढांचों में से एक माना जा रहा है। भगवंत मान सरकार ने वार्षिक फीस वृद्धि पर सख्त रोक लगाई है, अतिरिक्त वसूली गई फीस की वापसी को अनिवार्य बनाया है और अधिकारियों को स्कूली खातों का फोरेंसिक ऑडिट करने का अधिकार दिया है, जो केवल कागजी निर्देशों की बजाय वास्तविक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।<br /><br />*बिल के मुख्य प्रावधान*<br /><br />निजी स्कूल अब अपने स्तर पर वार्षिक 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। इससे अधिक फीस वृद्धि के लिए जिला रेग्युलेटरी बॉडी से पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा, जो स्कूल के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद ही दी जाएगी।<br /><br />यदि पिछले तीन वर्षों के दौरान किसी स्कूल की कुल फीस वृद्धि 15 प्रतिशत से अधिक रही है तो अतिरिक्त वसूली गई राशि विद्यार्थियों और अभिभावकों को वापस करनी होगी, जिसमें कोई छूट नहीं होगी। फीस वृद्धि की सीमा की गणना के समय सभी अनिवार्य शुल्कों को एक साथ जोड़ा जाएगा, ताकि स्कूल विभिन्न मदों के तहत फीस को बांटकर निर्धारित सीमा से परे न जा सकें। यह कानून किसी भी रूप में मुनाफाखोरी और कैपिटेशन फीस पर भी पूरी तरह रोक लगाता है।<br /><br />*पारदर्शी रेग्युलेटरी प्रणाली*<br /><br />इसके सख्त कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए, प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में एक जिला रेग्युलेटरी बॉडी का गठन किया गया है। प्रत्येक निजी स्कूल के लिए निर्धारित समय के भीतर शिक्षा विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पिछले चार वर्षों के फीस रिकॉर्ड अपलोड करना अनिवार्य है।<br /><br />रेग्युलेटरी बॉडी को अपने स्तर पर या अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर स्कूल के खातों का फोरेंसिक ऑडिट करवाने का अधिकार है। अभिभावकों या विद्यार्थियों द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायतों की जांच और निर्णय एक निर्धारित समय के भीतर किया जाएगा, जिससे पहले संबंधित स्कूल को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।<br /><br />*उल्लंघन पर सख्त जुर्माना*<br /><br />इस कानून में सख्त जुर्माने का प्रावधान है। पहली बार उल्लंघन करने पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि दूसरी बार उल्लंघन करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना होगा। बार-बार उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ स्कूल की मान्यता या एफिलिएशन रद्द की जा सकती है।<br /><br />*विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए स्थायी कानूनी सुरक्षा*<br /><br />पारित होने के बाद, यह विधेयक वर्तमान अध्यादेश को पंजाब विधान सभा के एक स्थायी कानून में बदल देगा। पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों से फीस रिकॉर्ड एकत्र करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है और इन रिकॉर्डों की जांच जारी है। अब तक 6,500 से अधिक स्कूल अपने रिकॉर्ड जमा करवा चुके हैं। जांच पूरी होने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों से अतिरिक्त वसूली गई फीस की वापसी के आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे।<br /><br />इस बारे में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "पंजाब ने देश के सबसे सख्त निजी स्कूल फीस नियंत्रण ढांचों में से एक फ्रेमवर्क लागू किया है, जिसमें केवल कागजी दिशा-निर्देश नहीं बल्कि सही मायने में फीस वृद्धि पर सख्त सीमा, अनिवार्य रिफंड और फोरेंसिक ऑडिट के प्रावधान शामिल हैं। 32 लाख से अधिक विद्यार्थी और उनके परिवार इस ऐतिहासिक सुधार का लाभ उठाएंगे। अध्यादेश 13 जुलाई, 2026 से लागू है, जिसका मतलब है कि स्कूल 5 प्रतिशत फीस वृद्धि की सीमा और रिफंड की शर्तों से पहले ही बंधे हुए हैं। अभिभावकों को विधेयक के पारित होने का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। पंजाब विधान सभा द्वारा पारित होने के बाद, यह विधेयक अध्यादेश को स्थायी कानूनी ताकत देगा। हमारी सरकार का रुख स्पष्ट है: शिक्षा एक लोक सेवा है, न कि कोई व्यावसायिक संस्थान जिसे मुनाफा कमाने के लिए चलाया जाए।" </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 20:10:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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                <title>नवांशहर में जन्मी 27 सप्ताह की बच्ची ने 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के तहत मिली 50 दिनों की विशेष एनआईसीयू देखभाल के बाद मौत को दी मात</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़; 1 अगस्त</strong><br /><br />भगवंत मान सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' (एमएमएसवाई) ने नवांशहर में समय से लगभग तीन महीने पहले जन्मी एक बच्ची की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई है। गर्भावस्था के केवल 27वें सप्ताह में और मात्र 700 ग्राम वजन वाली इस बच्ची को एक सूचीबद्ध निजी अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में 50 दिनों तक विशेष इलाज दिया गया। लगभग 3 लाख रुपये की लागत वाला सारा इलाज योजना के तहत पूरी तरह से कैशलेस मुहैया करवाया गया।<br /><br />पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह मामला दर्शाता है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/no-family-will-be-forced-to-r/article-6750"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-08/pic-(58).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़; 1 अगस्त</strong><br /><br />भगवंत मान सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' (एमएमएसवाई) ने नवांशहर में समय से लगभग तीन महीने पहले जन्मी एक बच्ची की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई है। गर्भावस्था के केवल 27वें सप्ताह में और मात्र 700 ग्राम वजन वाली इस बच्ची को एक सूचीबद्ध निजी अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में 50 दिनों तक विशेष इलाज दिया गया। लगभग 3 लाख रुपये की लागत वाला सारा इलाज योजना के तहत पूरी तरह से कैशलेस मुहैया करवाया गया।<br /><br />पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह मामला दर्शाता है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना हर परिवार को इलाज के खर्च की चिंता के बिना उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रही है। उन्होंने कहा, "किसी भी परिवार को जान बचाने और इलाज के लिए पैसे इकट्ठे करने के बीच चयन करने की जरूरत नहीं है। हर मां सुरक्षित प्रसव की हकदार है और हर नवजात शिशु को जीवन जीने का पूरा मौका मिलना चाहिए।"<br /><br />स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, "यह मामला पंजाब में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं और नवजात शिशुओं के इलाज में मुख्यमंत्री सेहत योजना के बढ़ते उपयोग को भी दर्शाता है। आंकड़े बताते हैं कि उच्च जोखिम वाले प्रसवों से संबंधित दावों में सबसे बड़ा हिस्सा नवजात शिशुओं की देखभाल का है। पिछले सात महीनों के दौरान 'स्पेशल नियोनेटल केयर पैकेज' के तहत 1,869 नवजात शिशुओं को 2.50 करोड़ के दावों का लाभ मिला है, जबकि 'इंटेंसिव नियोनेटल केयर पैकेज' के तहत 1,719 नवजात शिशुओं के इलाज के लिए 3.78 करोड़ रुपये के क्लेम स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, 'एडवांस्ड नियोनेटल केयर पैकेज' के तहत 434 और 'क्रिटिकल केयर नियोनेटल पैकेज' के तहत 382 मामलों को भी योजना का लाभ मिला है, जिससे गंभीर जटिलताओं के साथ पैदा हुए शिशुओं को जीवन-रक्षक इलाज मुहैया करवाया गया। मुख्यमंत्री सेहत योजना न केवल लोगों की जान बचा रही है, बल्कि उनके इलाज का आर्थिक बोझ भी कम कर रही है।"<br /><br />यह बच्ची 9 जून 2026 को नवांशहर के शिव शंकर मोहल्ला निवासी सूरज और उनकी पत्नी के घर जन्मी थी। जन्म के तुरंत बाद फेफड़े पूरी तरह से विकसित न होने के कारण उसे सांस लेने में गंभीर समस्या हो गई। डॉक्टरों ने तुरंत उसे एनआईसीयू में भर्ती करके वेंटिलेटर पर रखा और अगले 50 दिनों तक उसकी लगातार निगरानी और इलाज किया।<br /><br />अपनी मेडिकल टीम के साथ मिलकर बच्ची का इलाज करने वाले डॉ. हरतेश सिंह पाहवा ने बताया कि इतनी कम गर्भावधि में जन्म लेने वाले शिशु बहुत नाजुक होते हैं और उन्हें चौबीसों घंटे विशेष चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, "उन्नत नियोनेटल उपचार, उचित पोषण, संक्रमण नियंत्रण और लगातार निगरानी की बदौलत बच्ची की हालत धीरे-धीरे सुधरती गई और आखिरकार उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लगभग 3 लाख रुपये के पूरे इलाज का खर्च उठाया गया, जिससे परिवार अस्पताल के बिलों की चिंता करने की बजाय अपनी बेटी के ठीक होने पर ध्यान केंद्रित कर सका।"<br /><br />अपनी भावनाएं साझा करते हुए बच्ची के पिता सूरज ने कहा कि उनके परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि का प्रबंध करना असंभव था। उन्होंने कहा, "कई ऐसे पल आए जब हमें लगा कि हम अपनी बेटी को खो देंगे। डॉक्टरों ने हमें उम्मीद दी और सरकार की इस योजना ने हमें कभी भी पैसों की चिंता नहीं करने दी। आज हम अपनी बेटी को घर ले जा रहे हैं क्योंकि मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से, पंजाब सरकार हमारे सबसे मुश्किल समय में हमारे साथ खड़ी रही।"<br /><br />राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं से संबंधित 474 माताओं को भी लाभ मिला है। इनमें मां और गर्भ में पल रहे शिशु से संबंधित गंभीर स्थितियां, समय से पहले प्रसव के 70 मामले, गंभीर खून की कमी के 45 मामले, गंभीर प्री-एक्लेम्पसिया/एक्लेम्पसिया के 19 मामले और भ्रूण की गंभीर जन्मजात विकृतियों के दो मामले शामिल हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार समय पर कैशलेस इलाज मुहैया करवाकर माताओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 20:03:25 +0530</pubDate>
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                <title>नशा तस्करी एवं संगठित आपराधिक गठजोड़ का एक गुर्गा अमृतसर में गिरफ्तार; 20 किलो हेरोइन बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/अमृतसर, 01 अगस्त:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के मद्देनजर चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने सीमा पार से नशा तस्करी और संगठित अपराध को अंजाम देने वाले गठजोड़ के एक गुर्गे को 20 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार कर इस गठजोड़ का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज यहां दी।<br /><br />गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान ओम शर्मा निवासी अमृतसर रोड, झबाल, तरनतारन के रूप में हुई है। हेरोइन की बड़ी खेप बरामद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/operative-of-a-drug-smuggling-an/article-6749"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-08/pic-(57).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/अमृतसर, 01 अगस्त:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के मद्देनजर चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने सीमा पार से नशा तस्करी और संगठित अपराध को अंजाम देने वाले गठजोड़ के एक गुर्गे को 20 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार कर इस गठजोड़ का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज यहां दी।<br /><br />गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान ओम शर्मा निवासी अमृतसर रोड, झबाल, तरनतारन के रूप में हुई है। हेरोइन की बड़ी खेप बरामद करने के अलावा पुलिस टीमों ने तस्करी की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जा रही उसकी होंडा सिटी कार (पीबी 46एजे 6021) को भी जब्त किया है।<br /><br />डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी सीमा पार के तस्करों से जुड़े एक विदेशी हैंडलर के इशारे पर काम कर रहा था। उन्होंने बताया कि आरोपी को सीमावर्ती क्षेत्र में हेरोइन की खेप प्राप्त करके पूरे पंजाब में आगे सप्लाई करने का काम सौंपा गया था।<br /><br />ऑपरेशन संबंधी विवरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सी.आई. अमृतसर को पुख्ता सूचना मिली थी कि विदेशी हैंडलर के साथी नशा तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल हैं और जिला अमृतसर के अजनाला सीमावर्ती क्षेत्र में अपने पाकिस्तानी साथियों द्वारा ड्रोन के माध्यम से भेजी गई हेरोइन की खेपें प्राप्त करके अपने एक अन्य साथी ओम शर्मा तक पहुंचाते हैं, जो उन खेपों को राज्य में आगे अन्य लोगों तक डिलीवरी करता है।<br /><br />जानकारी से यह भी पता चला है कि संदिग्ध ओम को हाल ही में हेरोइन की एक बड़ी खेप प्राप्त हुई है और वह इस खेप को आगे किसी अन्य पक्ष को डिलीवरी करने के लिए अमृतसर के फतेहगढ़ चूड़ियाँ रोड पर स्थित सोहियाँ कलाँ के क्षेत्र में आ रहा है। उन्होंने कहा कि सूचना पर तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने छापामारी की और सोहियाँ कलाँ में दाना मंडी के पास से ओम शर्मा को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से 20 किलो हेरोइन बरामद की।<br /><br />डीजीपी ने कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के संबंध स्थापित किए जा रहे हैं और पूरे नेटवर्क की पहचान करने तथा पहले से उजागर किए जा चुके अन्य नशा तस्करी मॉड्यूलों से इस गिरोह के संभावित संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।<br /><br />इस संबंध में एफआईआर नंबर 48 दिनांक 31/07/2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25 और 29 के तहत पुलिस थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में मामला दर्ज किया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/operative-of-a-drug-smuggling-an/article-6749</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 19:57:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंजाब के कुल जी.एस.टी. राजस्व में 20 प्रतिशत की वृद्धि, आंकड़ा 10,447 करोड़ रुपये पर पहुँचा: हरपाल सिंह चीमा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 1 अगस्त, 2026:<br /></strong><br />पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि बेहतर कर अनुपालन, खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाइयों और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन के बल पर आबकारी एवं कर विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों के दौरान कुल जी.एस.टी. राजस्व में 20 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है। विभाग ने पिछले वर्ष के 8,708.48 करोड़ रुपये की तुलना में 10,447.9 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है।<br /><br />यहां जारी एक प्रेस बयान में यह जानकारी साझा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया, "केवल जुलाई 2026</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-s-total-gst-revenue/article-6748"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-08/pic-(56).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 1 अगस्त, 2026:<br /></strong><br />पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि बेहतर कर अनुपालन, खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाइयों और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन के बल पर आबकारी एवं कर विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों के दौरान कुल जी.एस.टी. राजस्व में 20 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है। विभाग ने पिछले वर्ष के 8,708.48 करोड़ रुपये की तुलना में 10,447.9 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है।<br /><br />यहां जारी एक प्रेस बयान में यह जानकारी साझा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया, "केवल जुलाई 2026 महीने के दौरान ही राज्य ने 2,614.45 करोड़ रुपये का कुल जी.एस.टी. राजस्व दर्ज किया है, जो वर्ष-दर-वर्ष के आधार पर 8.31 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसके साथ ही फर्जी बिलिंग नेटवर्कों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और पुराने कर बकायों की वसूली के बल पर एस.जी.एस.टी. कैश वृद्धि में 16.23 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो देशभर में सबसे अधिक है।"<br /><br />इन वित्तीय उपलब्धियों का श्रेय विभाग के सुव्यवस्थित रोडमैप को देते हुए वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य ने बेहतर कर अनुपालन, खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाइयों और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन के माध्यम से जी.एस.टी. संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज कर चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अपने मजबूत राजस्व प्रदर्शन को बनाए रखा है। उन्होंने बताया, "जुलाई 2026 के दौरान पंजाब ने 2,614.45 करोड़ रुपये का कुल जी.एस.टी. संग्रह किया, जबकि जुलाई 2025 के दौरान यह 2,413.91 करोड़ रुपये था, जो 200.54 करोड़ रुपये (8.31%) की वृद्धि दर्शाता है। इस महीने के प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण पहलू एस.जी.एस.टी. कैश संग्रह में वृद्धि रही है, जो जुलाई 2025 के 815.84 करोड़ रुपये से बढ़कर जुलाई 2026 में 948.29 करोड़ रुपये हो गया है, जो 132.45 करोड़ रुपये (16.23%) की वृद्धि को दर्शाता है।"<br /><br />एस.जी.एस.टी. में वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री ने कहा, "पंजाब ने 16.23 प्रतिशत से अधिक की एस.जी.एस.टी. कैश वृद्धि दर्ज की है, जो देश में सबसे अधिक दरों में से एक है। एस.जी.एस.टी. कैश प्राप्तियों में वृद्धि राज्य में कारोबार कर रहे उद्योगों द्वारा स्वैच्छिक अनुपालन में सुधार और वास्तविक कर भुगतानों का एक प्रमुख संकेत है।"<br /><br />पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान इस गति को बनाए रखने के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि राज्य ने वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों के दौरान भी मजबूत राजस्व वृद्धि बनाए रखी है। उन्होंने आगे बताया, "अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान पंजाब ने 10,447.9 करोड़ रुपये का कुल जी.एस.टी. संग्रह किया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 8,708.48 करोड़ रुपये था, जो 1,739.42 करोड़ रुपये (20%) की वृद्धि दर्शाता है।"<br /><br />राज्य की करदाता-केंद्रित पहलों पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, "कारोबार को सुगम बनाने और ईमानदार करदाताओं की सहायता करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए पंजाब सरकार ने वैध जी.एस.टी. रिफंडों की समय पर स्वीकृति और वितरण सुनिश्चित किया है। जुलाई 2026 के दौरान 200 करोड़ रुपये से अधिक के जी.एस.टी. रिफंड मंजूर किए गए। यह फर्जी दावों के विरुद्ध सख्त निगरानी रखते हुए ईमानदार करदाताओं को तुरंत रिफंड जारी कर सुविधा प्रदान करने की सरकारी नीति को दर्शाता है। सरकार एक पारदर्शी, विश्वसनीय और करदाता-पक्षीय प्रशासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करता है और कारोबारी विश्वास को मजबूत करता है।"<br /><br />आबकारी एवं कर मंत्री चीमा ने कर चोरों के विरुद्ध की गई सख्त कार्रवाइयों का विवरण भी दिया। उन्होंने कहा, "विभाग ने कर चोरी और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाइयों को काफी तेज कर दिया है। केवल जुलाई 2026 के दौरान ही राज्यभर में की गई कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप 200 करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने लगाए गए हैं। विभाग ने कर चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट नेटवर्कों का पता लगाने के लिए डेटा एनालिटिक्स और रिस्क प्रोफाइलिंग का उपयोग करते हुए खुफिया जानकारी-आधारित दृष्टिकोण अपनाया है। इस महीने के दौरान की गई एक बड़ी कार्रवाई में जालंधर में लगभग 55.35 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग घोटाले के संबंध में एक एफ.आई.आर. दर्ज की गई और पंजाब जी.एस.टी. अधिनियम की धाराओं के तहत मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।"<br /><br />पंजीकरण के दुरुपयोग को रोकने और पुराने बकायों की वसूली के लिए किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री चीमा ने कहा, "विभाग ने नियम 14ए के प्रावधानों का दुरुपयोग करके प्राप्त किए गए फर्जी पंजीकरणों के विरुद्ध भी एक विशेष अभियान चलाया है। व्यापक जांच और फील्ड सत्यापन के परिणामस्वरूप 100 से अधिक जी.एस.टी. पंजीकरण रद्द किए गए हैं, जिससे जी.एस.टी. पंजीकरण ढांचे के दुरुपयोग को रोका गया है और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने तथा आगे हस्तांतरित करने पर रोक लगी है।"<br />उन्होंने बताया कि वैट के लंबे समय से लंबित बकायों की वसूली पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा, "वैट के पुराने डिफॉल्टरों की संपत्तियों को कुर्क करने और नीलाम करने के माध्यम से विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 12.39 करोड़ रुपये की वसूली की है और सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए कानून के अनुसार सभी डिफॉल्टर डीलरों के विरुद्ध वसूली अभियान जारी रहेगा।"<br /><br />राजस्व संग्रह के लिए पंजाब सरकार की नीति को दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "पंजाब की जी.एस.टी. प्राप्तियों में उत्साहजनक वृद्धि करदाताओं की सुविधाओं, प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन और कर चोरी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पर आधारित संतुलित रणनीति का परिणाम है। जहां सरकार तरलता में सुधार करने और कारोबार को सुगम बनाने के लिए ईमानदार करदाताओं के वैध रिफंडों की तुरंत स्वीकृति सुनिश्चित कर रही है, वहीं फर्जी बिलिंग, फर्जी पंजीकरणों और कर धोखाधड़ी के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है। एस.जी.एस.टी. कैश संग्रह में महत्वपूर्ण वृद्धि, कुल जी.एस.टी. राजस्व में लगातार बढ़ोतरी, पुराने वैट बकायों की वसूली, फर्जी जी.एस.टी. पंजीकरणों को रद्द करना तथा जुलाई के दौरान की गई सख्त प्रवर्तन कार्रवाइयां राज्य सरकार की सार्वजनिक राजस्व की रक्षा करने और एक निष्पक्ष तथा पारदर्शी कर वातावरण सृजित करने की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।"<br /><br />सभी करदाताओं से पूर्ण रूप से नियमों का पालन करने का आह्वान करते हुए तथा प्रत्येक वास्तविक करदाता को विभाग की ओर से पूर्ण सुविधा और सहयोग का भरोसा दिलाते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा, "राज्य में पारदर्शिता, जवाबदेही और कारोबार को सुगम बनाना सुनिश्चित करते हुए राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से आबकारी एवं कर विभाग उन्नत एनालिटिक्स, लक्षित प्रवर्तन, डिजिटल गवर्नेंस और करदाता-केंद्रित पहलों के माध्यम से कर अनुपालन को मजबूत करना जारी रखेगा।" </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 19:53:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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                <title>भगवंत मान सरकार ने 35.5 लाख महिलाओं के खातों में मासिक वित्तीय सहायता राशि डाली</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>पठानकोट, 1 अगस्त:<br /></strong><br />भगवंत सिंह मान सरकार ने आज 'मावां-धियां सत्कार योजना' के तहत 35.5 लाख महिलाओं के खातों में मासिक वित्तीय सहायता राशि स्थानांतरित की, जिससे अब तक लाभार्थियों की कुल संख्या 68.5 लाख हो गई है। पठानकोट में इस योजना के तहत आयोजित वित्तीय सहायता वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि पंजाब भर की महिलाओं को इस योजना के तहत 3000 रुपये और 4,500 रुपये के रूप में तीन महीने की संयुक्त किस्तें मिल रही हैं, जबकि विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन लेने वाली महिलाओं को राज्य में पहली बार अलग से 1000</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/the-bhagwant-mann-governme/article-6747"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-08/whatsapp-image-2026-08-01-at-5.51.45-pm-(2).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पठानकोट, 1 अगस्त:<br /></strong><br />भगवंत सिंह मान सरकार ने आज 'मावां-धियां सत्कार योजना' के तहत 35.5 लाख महिलाओं के खातों में मासिक वित्तीय सहायता राशि स्थानांतरित की, जिससे अब तक लाभार्थियों की कुल संख्या 68.5 लाख हो गई है। पठानकोट में इस योजना के तहत आयोजित वित्तीय सहायता वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि पंजाब भर की महिलाओं को इस योजना के तहत 3000 रुपये और 4,500 रुपये के रूप में तीन महीने की संयुक्त किस्तें मिल रही हैं, जबकि विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन लेने वाली महिलाओं को राज्य में पहली बार अलग से 1000 या 1500 रुपये की यह सम्मान राशि दी जा रही है।<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सात दिनों के दौरान अन्य 5 लाख महिलाओं ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है, जिससे कुल पंजीकरण 73.5 लाख हो गया है और राज्य भर में पात्र लाभार्थियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया अभी भी जारी है।<br /><br />सभा की कुछ झलकियाँ साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने 'एक्स' हैंडल पर लिखा: ''पंजाब की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमने आज एक और महत्वपूर्ण वादा पूरा कर दिया है।'' उन्होंने कहा कि 1 जुलाई को 33 लाख महिलाओं को मानदेय स्थानांतरित करने के बाद हमने आज अन्य 35.5 लाख महिलाओं के खातों में पैसे डाल दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिन बहनों ने बाद में फॉर्म जमा कराए हैं, उन्हें भी तीन महीने की किस्तें एक साथ मिलेंगी।<br /><br />मुख्यमंत्री ने पोस्ट के अंत में लिखा, ''यह आपका वैध अधिकार है। अब से आपको अपनी या अपने बच्चों की जरूरतें पूरी करने के लिए किसी और पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आम आदमी पार्टी जो वादा करती है, उसे पूरा करती है और अपनी गारंटियों को हकीकत में बदलती है। इंकलाब जिंदाबाद।''<br /><br />समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने राज्य के लोगों से किए गए सभी वादे और गारंटियाँ पूरी कर दी हैं। उन्होंने कहा, ''अब मैंने राज्य की माताओं-बहनों से किया अपना वादा पूरा कर दिया है। यह आपका पैसा है और इसे खर्च करने या उपयोग करने से पहले आपको किसी से पूछने की जरूरत नहीं है। पिछले जुलाई महीने में मैंने 33 लाख माताओं-बहनों को यह तोहफा दिया था और आज 35.5 लाख और माताओं-बहनों को ये पैसे उनके खातों में स्थानांतरित कर दिए गए हैं।'' उन्होंने बताया कि पिछले सात दिनों में ही पाँच लाख और महिलाओं ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है।<br /><br />मुख्यमंत्री ने समारोह से पहले के पलों को याद करते हुए कहा, ''यहाँ आते समय एक बहन ने मुझे राखी बाँधी और कहा कि मेरा भाई आज मुझे शगुन देगा। हमारी पार्टी के सभी नेता आम लोग थे, लेकिन राज्य के लोगों ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया।'' उन्होंने कहा कि यहाँ मैं आपसे बात कर रहा हूँ और वहाँ लाभार्थियों के खातों में पैसे जमा भी हो चुके होंगे।<br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पैसे ट्रांसफर करने संबंधी सूचना लाभार्थियों को पहले ही उनके मोबाइल फोन पर प्राप्त हो रही थी। उन्होंने कहा, ''मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पैसे लाभार्थियों के खातों में जमा हों। मैंने लोगों से किए गए सभी वादे और गारंटियाँ पूरी की हैं। मैं सिर्फ वही कहता हूँ, जो किया जा सकता है, और कुछ नहीं।''<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थी अपनी जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ''आप इस पैसे का उपयोग किसी भी जरूरत के लिए कर सकते हैं, चाहे आपके पोते-पोतियों के लिए खिलौने खरीदने के लिए, शगुन देने के लिए या फिर फीस अदा करने के लिए हो। आप इस पैसे को किसी भी तरीके से खर्च कर सकते हैं। आज 35.5 लाख और माताओं को वही राशि मिल रही है, जो पहली जुलाई को प्राप्त हुई थी।''<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 73 लाख से अधिक माताओं और बहनों को इस योजना के तहत लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, ''यह मेरी सभी माताओं और बहनों का सम्मान करने का महज एक तरीका है और कुछ नहीं। पंजाब की हर माँ और बहन को तीन महीने की किस्तों के रूप में 3000 रुपये एक साथ प्राप्त हुए हैं, जबकि अनुसूचित जाति श्रेणी से संबंधित माताओं और बहनों को जुलाई, अगस्त और सितंबर के लिए तीन महीने की किस्तों के रूप में 4500 रुपये एक साथ प्राप्त हुए हैं।''<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पात्र लाभार्थी महिला को इस योजना के तहत लाभ मिलेगा, भले ही उसने अपना पंजीकरण कब पूरा किया हो। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ''जो भी अब भी फॉर्म भरता है, उसे 1 जुलाई, 2026 से पैसे मिल जाएंगे, इसलिए इस बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि आपके हितों की रक्षा के लिए आपका भाई डटकर खड़ा है। फंड सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं और पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। पंजाब में लगभग 97 फीसदी महिलाओं को इस योजना के तहत लाभ मिलने की उम्मीद है और हमारी सरकार ने बजट में 9300 करोड़ आवंटित किए हैं।''<br /><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं के लिए उचित सम्मान और स्वाभिमान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, ''यह योजना भले ही महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह उन्हें सम्मान और स्वाभिमान जरूर देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे जीवन की शुरुआत हैं और माताओं और बहनों का आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को जीतने में मदद कर सकता है। घरेलू कल्याण को बेहतर बनाने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक और आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना बहुत जरूरी है।''<br /><br />वरिष्ठ 'आप' नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा, ''मुख्यमंत्री पहले ही राज्य के लोगों से किए गए हर वादे को पूरा कर चुके हैं और यह कोई अपवाद नहीं है। भगवंत सिंह मान सबसे अधिक स्वीकार्य मुख्यमंत्री हैं और समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।''<br /><br />वरिष्ठ 'आप' नेता मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, डॉ. बलजीत कौर और लाल चंद कटारूचक ने इस अवसर पर महिलाओं के लिए सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए इस प्रयास के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की।<br /><br />*मावां-धियां सत्कार योजना के बारे में:*<br /><br />मावां-धियां सत्कार योजना पंजाब भर की महिलाओं को बैंक खातों में सीधे भुगतान के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत पंजाब की हर महिला को प्रति माह 1000 रुपये प्राप्त होते हैं, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये प्राप्त होते हैं। मौजूदा वितरण में प्रत्येक लाभार्थी को जुलाई, अगस्त और सितंबर के लिए तीन महीने की किस्तों के रूप में 3000 रुपये और अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को 4500 रुपये प्राप्त हो रहे हैं।<br /><br />सहायता सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से पैसे सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा किए जाते हैं ताकि मध्यस्थों के बिना पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। विधवा, दिव्यांग या वृद्धावस्था पेंशन लेने वाली महिलाओं को अलग से ये पैसे मिल रहे हैं क्योंकि यह योजना सामाजिक सुरक्षा की एक अतिरिक्त सहायता के रूप में काम करती है। राज्य भर के आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकरण खुले हैं और नए प्रमाणित आवेदकों को अगले चरण में शामिल किया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 19:47:03 +0530</pubDate>
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                <title>अमृतसर में पुलिस चौकी चमियारी पर हुए हमले में शामिल नाबालिग सहित चार आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><br />चंडीगढ़/अमृतसर, 31 जुलाई:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर देहाती पुलिस ने थाना अजनाला की पुलिस चौकी चमियारी पर हुए हमले में शामिल एक नाबालिग सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने दी।<br /><br />गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान करनबीर सिंह उर्फ गोरा, मनीदीप सिंह (दोनों निवासी गांव हरड़ खुर्द, अमृतसर), परदीप सिंह उर्फ लव (निवासी गुज्जरपुरा, अमृतसर) और एक नाबालिग के रूप में हुई है।<br /><br />डी.जी.पी. गौरव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/four-accused--including-a-minor--arreste/article-6744"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-07/xpunjab-police.jpg.pagespeed.ic_.wzafs8tzi213.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><br />चंडीगढ़/अमृतसर, 31 जुलाई:</strong><br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर देहाती पुलिस ने थाना अजनाला की पुलिस चौकी चमियारी पर हुए हमले में शामिल एक नाबालिग सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने दी।<br /><br />गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान करनबीर सिंह उर्फ गोरा, मनीदीप सिंह (दोनों निवासी गांव हरड़ खुर्द, अमृतसर), परदीप सिंह उर्फ लव (निवासी गुज्जरपुरा, अमृतसर) और एक नाबालिग के रूप में हुई है।<br /><br />डी.जी.पी. गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से आई.एस.आई. द्वारा प्रायोजित हैंडलर के संपर्क में थे और उन्हें इस हमले को अंजाम देने के लिए धन प्राप्त हुआ था।<br /><br />डी.जी.पी. ने कहा कि इस मामले में पूरे नेटवर्क की पहचान करने और फंडिंग चैनलों का पर्दाफाश करने के लिए आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने हेतु आगे की जांच की जा रही है।<br /><br />उल्लेखनीय है कि 21 और 22 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात को मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने पुलिस चौकी चमियारी पर कोई विस्फोटक सामग्री फेंकी थी।<br /><br />ऑपरेशन का विवरण साझा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एस.एस.पी.) अमृतसर देहाती कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि इस घटना के तुरंत बाद मामले को सुलझाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था।<br /><br />उन्होंने बताया कि मानवीय स्रोतों और तकनीकी पड़तालों के आधार पर दोषियों की पहचान की गई और आगे की जांच के परिणामस्वरूप चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।<br /><br />एस.एस.पी. ने बताया कि आरोपी मनीदीप और परदीप ने रेकी की और योजना बनाई, जबकि करनबीर ने अपने नाबालिग साथी के साथ मिलकर पुलिस चौकी चमियारी पर हमले को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल अभी बरामद की जानी बाकी है।<br /><br />उन्होंने बताया कि प्रारंभिक निष्कर्षों से यह भी संकेत मिले हैं कि आई.एस.आई. हैंडलर सीमावर्ती राज्य में देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए 15-25 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगार युवाओं को भर्ती करने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की कथित कोशिश कर रहे हैं।<br /><br />इस संबंध में थाना अजनाला में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 109, 326-बी, 221, 132, 48, 111, 113, 61(2) और 3(5) के तहत एफ.आई.आर. संख्या 250 पहले ही दर्ज की जा चुकी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/four-accused--including-a-minor--arreste/article-6744</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:57:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओटीएस-2025 को मिला शानदार प्रतिसाद; अब तक 167.23 करोड़ रुपये जमा और 534.54 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई: हरपाल सिंह चीमा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 31 जुलाई 2026:<br /></strong><br />पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को घोषणा की कि जीएसटी (GST) से पूर्व के कर बकायों के निपटारे के लिए शुरू की गई पंजाब एकमुश्त निपटान (ओटीएस-2025) योजना को करदाताओं से अत्यंत उत्साहजनक प्रतिसाद मिला है। योजना के अंतर्गत अब तक करदाताओं द्वारा 167.23 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं, जबकि सरकार ने कर, ब्याज और जुर्माने में 534.54 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है।<br />करदाताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार पात्र करदाताओं को लंबे समय से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/overwhelming-response-to-ots-2025--%E2%82%B91/article-6742"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-07/pic-(55).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 31 जुलाई 2026:<br /></strong><br />पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को घोषणा की कि जीएसटी (GST) से पूर्व के कर बकायों के निपटारे के लिए शुरू की गई पंजाब एकमुश्त निपटान (ओटीएस-2025) योजना को करदाताओं से अत्यंत उत्साहजनक प्रतिसाद मिला है। योजना के अंतर्गत अब तक करदाताओं द्वारा 167.23 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं, जबकि सरकार ने कर, ब्याज और जुर्माने में 534.54 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की है।<br />करदाताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार पात्र करदाताओं को लंबे समय से लंबित कर विवादों का समाधान करने तथा व्यापक कानूनी राहत प्राप्त करने का एक अंतिम अवसर दे रही है। इसी उद्देश्य से ओटीएस-2025 की अवधि 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी गई है।<br /><br />जारी प्रेस बयान में योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि 30 जुलाई 2026 तक आबकारी एवं कराधान विभाग को 9,782 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 437.51 करोड़ रुपये की कुल कर मांग शामिल है। इन आवेदनों के विरुद्ध करदाताओं ने 167.23 करोड़ रुपये जमा किए हैं, जबकि राज्य सरकार ने 534.54 करोड़ रुपये की कर राहत प्रदान की है।<br />उन्होंने कहा कि ये आंकड़े राज्य सरकार की पारदर्शी, उद्योग-अनुकूल और व्यापार समर्थक नीतियों में करदाताओं के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। सरकार का उद्देश्य पुराने कर विवादों का समाधान कर स्थानीय उद्योगों एवं व्यापारियों को नई शुरुआत का अवसर प्रदान करना है।<br /><br />आबकारी एवं कराधान मंत्री ने कहा कि जहां राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने हेतु प्रतिबद्ध है, वहीं लगातार कर बकाया रखने वालों के विरुद्ध भी समान रूप से कठोर रुख अपनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने वैट के पुराने बकायेदारों के विरुद्ध संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई तेज कर दी है।<br />इन सख्त कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप 12.39 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कई करदाताओं ने अपने विरुद्ध कार्रवाई या नीलामी शुरू होते ही ओटीएस योजना के तहत अपने बकायों का निपटारा करना उचित समझा।<br /><br />शेष रहते 9,386 पात्र करदाताओं से अपील करते हुए मंत्री ने कहा कि वे 30 सितंबर 2026 से पहले योजना का लाभ अवश्य उठाएं ताकि उन्हें ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट के साथ-साथ अपनी निर्धारित स्लैब के अनुसार मूल कर में भी पर्याप्त राहत प्राप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वैच्छिक कर निपटान कारोबारियों के लिए सबसे किफायती और लाभकारी विकल्प है।<br />उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना की अवधि में किया गया यह विस्तार अंतिम है और इसके बाद किसी प्रकार की अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद विभाग कर कानूनों तथा पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम के अंतर्गत बैंक खाते सील करने, संपत्तियों की कुर्की एवं नीलामी जैसी कठोर वसूली कार्रवाइयों को तेज करेगा।<br /><br />मंत्री ने बताया कि विभाग ने अगस्त 2026 के दौरान लगभग 48.48 करोड़ रुपये के बकाया की वसूली के लिए 13 नीलामी प्रक्रियाएं निर्धारित की हैं। संबंधित करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे नीलामी की तिथि से पहले ओटीएस योजना के तहत अपने मामलों का निपटारा कर लें।<br />वित्त मंत्री ने आगे कहा कि विभाग माननीय सर्वोच्च न्यायालय के ‘समाधान’ अभियान से भी सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। इसके अंतर्गत अब तक 12 बड़े कर विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा चुका है तथा चार अन्य विवाद भी समाधान के अंतिम चरण में हैं।<br />उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक विवाद निपटान और कठोर प्रवर्तन कार्रवाई की यह दोहरी नीति पंजाब सरकार की व्यापार-अनुकूल वातावरण, उत्तरदायी प्रशासन और राज्य के राजस्व की सुरक्षा के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/overwhelming-response-to-ots-2025--%E2%82%B91/article-6742</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:47:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पंजाब में घरेलू एवं सजावटी पेंटों को लेड मुक्त बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 31 जुलाई:</strong><br /><br />जनस्वास्थ्य की रक्षा करने और पर्यावरण नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने "घरेलू और सजावटी पेंट नियमों में लेड सामग्री का विनियमन, 2016" को सख्ती से लागू करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत सभी संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों को तत्काल प्रभाव से सहमति प्रक्रिया में लेड सामग्री के अनुपालन से संबंधित विशिष्ट शर्तों को शामिल करने की आवश्यकता है।<br /><br />पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ये नियम 90 पार्ट्स प्रति मिलियन से अधिक लेड वाले घरेलू और सजावटी पेंट्स के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-pollution-control-board-i/article-6741"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-07/pic-(54).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 31 जुलाई:</strong><br /><br />जनस्वास्थ्य की रक्षा करने और पर्यावरण नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने "घरेलू और सजावटी पेंट नियमों में लेड सामग्री का विनियमन, 2016" को सख्ती से लागू करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत सभी संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों को तत्काल प्रभाव से सहमति प्रक्रिया में लेड सामग्री के अनुपालन से संबंधित विशिष्ट शर्तों को शामिल करने की आवश्यकता है।<br /><br />पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ये नियम 90 पार्ट्स प्रति मिलियन से अधिक लेड वाले घरेलू और सजावटी पेंट्स के निर्माण, व्यापार, आयात और निर्यात पर रोक लगाते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी देश भर में प्रभावी कार्यान्वयन की सुविधा के लिए अनुपालन और परीक्षण प्रक्रियाएं निर्धारित की हैं।<br /><br />पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों के तहत, पेंट निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि घरेलू और सजावटी पेंट्स में लेड की मात्रा 90 पीपीएम की निर्धारित सीमा के भीतर रहे। निर्माताओं को निर्धारित मानकों के अनुपालन की पुष्टि करने वाली मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं या एजेंसियों से प्रमाणीकरण भी प्राप्त करना होगा और नियामक अधिकारियों द्वारा सत्यापन की सुविधा के लिए डीलरों और खुदरा विक्रेताओं को ऐसे प्रमाणपत्रों की प्रतियां प्रदान करनी होंगी। जहाँ भी लागू हो, ये शर्तें अब सहमति तंत्र का एक अभिन्न अंग होंगी।<br /><br />पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरपर्सन सुश्री रीना गुप्ता ने कहा कि लेड के संपर्क में आना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर लेकिन रोके जा सकने वाले खतरे के रूप में बना हुआ है, विशेष रूप से बच्चों के लिए, जो इसके हानिकारक प्रभावों के प्रति काफी अधिक संवेदनशील हैं। लेड के संपर्क का निम्न स्तर भी न्यूरोलॉजिकल विकास, सीखने की क्षमता और समग्र स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, जिससे सख्त नियामक अनुपालन आवश्यक हो जाता है।<br /><br />विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा लेड को विश्व स्तर पर प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता वाले रसायनों में से एक के रूप में पहचाना गया है। अध्ययन बताते हैं कि लेड के संपर्क का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है, और बच्चे वयस्कों की तुलना में काफी अधिक दर पर लेड को अवशोषित करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क के विकास और अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर अपरिवर्तनीय प्रभाव पड़ता है।<br /><br />पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दोहराया कि नवीनतम निर्देशों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर मजबूत नियामक निगरानी के माध्यम से मौजूदा कानूनी ढांचे का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है। इन अनुपालन आवश्यकताओं को सहमति प्रक्रिया में एकीकृत करके, बोर्ड का लक्ष्य नियामक अनुपालन में सुधार करना, जिम्मेदार विनिर्माण प्रथाओं को प्रोत्साहित करना और पूरे पंजाब में सुरक्षित, लेड-मुक्त पेंट की ओर संक्रमण का समर्थन करते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है।<br />——— </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-pollution-control-board-i/article-6741</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:44:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आम आदमी पार्टी सरकार देश के लिए महान बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुनाम ऊधम सिंह वाला, 31 जुलाई</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत देश को ब्रिटिश साम्राज्यवाद की गुलामी से मुक्त कराने के लिए महान बलिदान देने वाले देशभक्तों के सपनों को साकार किया जा रहा है।<br />सुनाम में शहीद ऊधम सिंह के 87वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महान क्रांतिकारी की अद्वितीय देशभक्ति और अतुलनीय बलिदान आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित करता रहेगा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/the-aap-government-is-fully-committed/article-6740"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-3.52.53-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुनाम ऊधम सिंह वाला, 31 जुलाई</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत देश को ब्रिटिश साम्राज्यवाद की गुलामी से मुक्त कराने के लिए महान बलिदान देने वाले देशभक्तों के सपनों को साकार किया जा रहा है।<br />सुनाम में शहीद ऊधम सिंह के 87वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महान क्रांतिकारी की अद्वितीय देशभक्ति और अतुलनीय बलिदान आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित करता रहेगा तथा देश इस महान शहीद का सदैव ऋणी रहेगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने शहीद ऊधम सिंह की स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।</p>
<p style="text-align:justify;">शहीद ऊधम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, "जलियांवाला बाग हत्याकांड का प्रतिशोध लेने वाले महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह जी के शहीदी दिवस पर मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूँ। देश की आन, बान और शान के लिए उनका अद्वितीय बलिदान हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।"</p>
<p style="text-align:justify;">जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "शहीद ऊधम सिंह जी ने देश की आज़ादी के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। इस महान शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करने के इस पवित्र अवसर का हिस्सा बनना मेरे लिए अत्यंत गर्व और संतोष की बात है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में देश के असंख्य वीर सपूतों और वीरांगनाओं ने अपने प्राणों का बलिदान दिया, ताकि देश को आज़ादी दिलाकर कमजोर और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए समानता पर आधारित समाज की स्थापना की जा सके।"</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा, "आज हम सभी यहाँ शहीद ऊधम सिंह जी के शहीदी दिवस पर इस महान देशभक्त के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं। उन्होंने तत्कालीन ब्रिटिश शासन द्वारा जलियांवाला बाग में किए गए नरसंहार का बदला लिया, जहाँ पंजाब के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ'डायर के आदेश पर सैकड़ों निहत्थे और निर्दोष भारतीयों की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। शहीद ऊधम सिंह ने लंदन के कैक्सटन हॉल में माइकल ओ'डायर को उसके अपराध की सज़ा देकर न्याय सुनिश्चित किया था।"<br />स्टेडियम स्थित शहीद ऊधम सिंह स्मारक पर महान शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उनके सम्मान में पुष्पचक्र अर्पित किया।<br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह एक पवित्र धरती है, जहाँ देश-विदेश से लोग शहीद ऊधम सिंह जी के अद्वितीय जीवन से प्रेरणा लेने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने आते हैं। मातृभूमि के इस सच्चे सपूत ने जलियांवाला बाग नरसंहार के मुख्य दोषी माइकल ओ'डायर का अंत करके अद्वितीय साहस और वीरता का परिचय दिया था।"<br />उन्होंने आगे कहा, "राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में मातृभूमि के इस वीर सपूत द्वारा दिए गए महान बलिदान ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद को उखाड़ फेंकने के भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत किया। शहीद ऊधम सिंह जी का बलिदान हमारे युवाओं को निस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा। हमारा देश इस महान शहीद का सदैव ऋणी रहेगा, जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।"</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:28:34 +0530</pubDate>
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