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                <title>Health - Nirpakh Post</title>
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                <description>Health RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>&quot;बदलते मौसम में बार-बार हो रहा है जुकाम? दवाइयां छोड़ें और आजमाएं ये 5 अचूक घरेलू नुस्खे&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मौसम बदलते ही सर्दी, खांसी और बंद नाक की समस्या बेहद आम हो जाती है। यह न सिर्फ हमारे दैनिक कामकाज को प्रभावित करती है, बल्कि रात की नींद भी हराम कर देती है। हालांकि बाजार में कई दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन हमारे रसोई घर में ही कुछ ऐसे जादुई घरेलू उपाय छिपे हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के तुरंत राहत पहुंचाते हैं।</p>
<p>आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही असरदार और आसान घरेलू नुस्खों के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप मिनटों में राहत पा सकते हैं।</p>
<h2><strong>1. अदरक और शहद का जादुई मिश्रण</strong></h2>
<p>अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%A6%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%9B%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87%E0%A4%82/article-5978"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-05/untitled-3.jpg" alt=""></a><br /><p>मौसम बदलते ही सर्दी, खांसी और बंद नाक की समस्या बेहद आम हो जाती है। यह न सिर्फ हमारे दैनिक कामकाज को प्रभावित करती है, बल्कि रात की नींद भी हराम कर देती है। हालांकि बाजार में कई दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन हमारे रसोई घर में ही कुछ ऐसे जादुई घरेलू उपाय छिपे हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के तुरंत राहत पहुंचाते हैं।</p>
<p>आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही असरदार और आसान घरेलू नुस्खों के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप मिनटों में राहत पा सकते हैं।</p>
<h2><strong>1. अदरक और शहद का जादुई मिश्रण</strong></h2>
<p>अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो गले की खराश और सूजन को कम करते हैं। वहीं, शहद प्राकृतिक रूप से खांसी को दबाने का काम करता है।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>कैसे इस्तेमाल करें:</strong> एक चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच कच्चा शहद मिलाएं। इसे हल्का गुनगुना करके दिन में दो से तीन बार लें। यह गले में जमा कफ (बलगम) को साफ करने में मदद करता है।</p>
</li>
</ul>
<h2><strong><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-05/untitled-3.jpg" alt="Untitled-3" width="1200" height="800"></img></strong></h2>
<h2><strong>2. भाप लेना (Steam Inhalation) है सबसे बेस्ट</strong></h2>
<p>अगर आपकी नाक पूरी तरह से बंद है और सिर में भारीपन महसूस हो रहा है, तो भाप लेना सबसे कारगर उपाय है। यह नाक के रास्ते को तुरंत खोलता है।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>कैसे इस्तेमाल करें:</strong> एक बड़े बर्तन में पानी उबालें। इसमें आप चाहें तो विक्स (Vicks) या पुदीने के तेल (Peppermint Oil) की कुछ बूंदें मिला सकते हैं। सिर पर तौलिया ओढ़कर 5 से 10 मिनट तक गहरी सांसें लें।</p>
</li>
</ul>
<h2><strong>3. हल्दी वाला दूध (Golden Milk)</strong></h2>
<p>हल्दी को आयुर्वेद में एक शक्तिशाली एंटीबायोटिक माना गया है। इसमें मौजूद 'कर्क्यूमिन' तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाता है और संक्रमण से लड़ता है।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>कैसे इस्तेमाल करें:</strong> रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पिएं। यह न सिर्फ सर्दी-जुकाम ठीक करेगा बल्कि शरीर के दर्द से भी राहत देगा।</p>
</li>
</ul>
<h2><strong>4. नमक के पानी के गरारे (Salt Water Gargle)</strong></h2>
<p>गले की खिचखिच और सूखी खांसी के लिए यह नुस्खा सदियों से आजमाया जा रहा है। नमक का पानी गले के बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने में मदद करता है।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>कैसे इस्तेमाल करें:</strong> एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं। इस पानी से दिन में 3 से 4 बार गरारे करें। इससे गले के दर्द में तुरंत आराम मिलता है।</p>
</li>
</ul>
<h2><strong>5. तुलसी और काली मिर्च की कड़क चाय</strong></h2>
<p>तुलसी के पत्तों में एंटी-वायरल गुण होते हैं। काली मिर्च के साथ मिलकर यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और जुकाम को जड़ से खत्म करने का काम करती है।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>कैसे इस्तेमाल करें:</strong> एक कप पानी में 5-7 तुलसी के पत्ते, 2-3 कुटी हुई काली मिर्च और थोड़ा सा अदरक डालकर अच्छी तरह उबालें। जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर चाय की तरह धीरे-धीरे पिएं।</p>
</li>
</ul>
<h3><strong>कुछ अतिरिक्त और जरूरी टिप्स:</strong></h3>
<ul>
<li>
<p><strong>हाइड्रेटेड रहें:</strong> दिनभर गुनगुना पानी पीते रहें। इससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और कफ पतला होता है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>आराम करें:</strong> सर्दी-जुकाम के दौरान शरीर को वायरस से लड़ने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है, इसलिए पर्याप्त नींद लें।</p>
</li>
<li>
<p><strong>खट्टी चीजों से बचें:</strong> जुकाम के दौरान ठंडी और खट्टी चीजों (जैसे आइसक्रीम, दही, ठंडा पानी) से परहेज करें।</p>
</li>
</ul>
<blockquote>
<p><strong>नोट (Disclaimer):</strong> यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यदि आपकी खांसी या जुकाम 4-5 दिनों से अधिक समय तक ठीक नहीं होता है या तेज बुखार आता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B8%E0%A4%AE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%A6%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%9B%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87%E0%A4%82/article-5978</link>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 16:34:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाल झड़ने की समस्या से हैं परेशान? अपनाएं ये 5 आसान घरेलू उपाय, बाल बनेंगे लंबे, काले और घने</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आज के समय में खराब जीवनशैली, बढ़ता प्रदूषण, मानसिक तनाव और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का अत्यधिक इस्तेमाल बालों के झड़ने (Hair Fall) की एक मुख्य वजह बन चुका है। हर कोई चाहता है कि उसके बाल सुंदर, चमकदार और मजबूत हों, लेकिन सही देखभाल न मिलने के कारण बाल समय से पहले बेजान होकर टूटने लगते हैं।</p>
<p>यदि आप भी बालों के लगातार झड़ने से परेशान हैं और महंगे पार्लर ट्रीटमेंट के बजाय कोई सुरक्षित तरीका ढूंढ रहे हैं, तो आयुर्वेद और प्रकृति के पास इसका बेहतरीन इलाज है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही असरदार और कुदरती तरीकों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/6a0dd3f2b5b42/article-5977"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-05/untitled-2.jpg" alt=""></a><br /><p>आज के समय में खराब जीवनशैली, बढ़ता प्रदूषण, मानसिक तनाव और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का अत्यधिक इस्तेमाल बालों के झड़ने (Hair Fall) की एक मुख्य वजह बन चुका है। हर कोई चाहता है कि उसके बाल सुंदर, चमकदार और मजबूत हों, लेकिन सही देखभाल न मिलने के कारण बाल समय से पहले बेजान होकर टूटने लगते हैं।</p>
<p>यदि आप भी बालों के लगातार झड़ने से परेशान हैं और महंगे पार्लर ट्रीटमेंट के बजाय कोई सुरक्षित तरीका ढूंढ रहे हैं, तो आयुर्वेद और प्रकृति के पास इसका बेहतरीन इलाज है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही असरदार और कुदरती तरीकों के बारे में जो बालों का झड़ना रोककर उन्हें जड़ों से लंबा और घना बनाने में मदद करते हैं।</p>
<h2><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-05/untitled-2.jpg" alt="Untitled-2" width="1200" height="800"></img></h2>
<h2>1. प्याज का रस (Onion Juice): बालों का झड़ना रोके और नए बाल उगाए</h2>
<p>प्याज का रस बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें प्रचुर मात्रा में <strong>सल्फर</strong> पाया जाता है, जो स्कैल्प (सिर की त्वचा) के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और नए बालों को उगने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण स्कैल्प के इन्फेक्शन को भी दूर रखते हैं।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>इस्तेमाल का तरीका:</strong> एक बड़े प्याज को कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें। अब इस रस को रूई (Cotton) की मदद से अपने बालों की जड़ों में लगाएं। करीब 20 से 30 मिनट तक लगा रहने दें और फिर किसी माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैम्पू से बालों को धो लें। हफ्ते में दो बार ऐसा करने से बालों का टूटना काफी हद तक कम हो जाता है।</p>
</li>
</ul>
<h2>2. तेल की मालिश और हॉट ऑयल थेरेपी (Hot Oil Massage)</h2>
<p>बालों को सही पोषण देने के लिए ऑइलिंग यानी तेल लगाना सबसे जरूरी कदम है। जब आप हल्के गुनगुने तेल से सिर की मालिश करते हैं, तो बालों के रोम (Hair Follicles) सक्रिय हो जाते हैं, जिससे बालों की लंबाई तेजी से बढ़ती है।</p>
<div class="attachment-container search-images"></div>
<ul>
<li>
<p><strong>कौन सा तेल चुनें:</strong> आप नारियल का तेल (Coconut Oil), बादाम का तेल या अरंडी का तेल (Castor Oil) इस्तेमाल कर सकते हैं। अरंडी के तेल को हमेशा नारियल तेल के साथ मिलाकर लगाना चाहिए क्योंकि यह काफी गाढ़ा होता है और इसमें विटामिन-E भरपूर होता है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>इस्तेमाल का तरीका:</strong> तेल को हल्का गुनगुना करें और उंगलियों के पोरों से स्कैल्प पर 10-15 मिनट तक हल्की मालिश करें। इसे रातभर लगा रहने दें और अगली सुबह धो लें।</p>
</li>
</ul>
<h2>3. आंवला, रीठा और शिकाकाई का जादुई कॉम्बिनेशन</h2>
<p>यह सदियों पुराना पारंपरिक नुस्खा है जिसे हमारी दादी-नानी इस्तेमाल करती आ रही हैं। आंवला विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकता है। रीठा प्राकृतिक क्लीनर का काम करता है और शिकाकाई बालों को चमकदार व घना बनाती है।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>इस्तेमाल का तरीका:</strong> आंवला, रीठा और शिकाकाई के पाउडर को बराबर मात्रा में मिलाकर पानी के साथ एक पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को हेयर मास्क की तरह पूरे बालों और स्कैल्प पर लगाएं। आधे घंटे बाद सादे पानी से सिर धो लें। यह मिश्रण आपके बालों के लिए एक बेहतरीन नेचुरल कंडीशनर और शैम्पू का काम करता है।</p>
</li>
</ul>
<h2>4. मेथी के दाने (Fenugreek Seeds): डैंड्रफ और हेयर फॉल का काल</h2>
<p>मेथी के दानों में <strong>प्रोटीन</strong> और <strong>निकोटीनिक एसिड</strong> उच्च मात्रा में होते हैं, जो बालों को अंदरूनी मजबूती देते हैं और पतले बालों की समस्या को दूर कर उन्हें घना बनाते हैं। अगर आपको रूसी (Dandruff) की समस्या है, तो मेथी उसके लिए भी रामबाण है।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>इस्तेमाल का तरीका:</strong> दो चम्मच मेथी दानों को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इन्हें पीसकर एक महीन पेस्ट बना लें। इसमें एक चम्मच दही मिला लें और इस मास्क को बालों की जड़ों में लगाएं। 45 मिनट बाद बालों को धो लें। इससे बाल बेहद मुलायम और मजबूत हो जाते हैं।</p>
</li>
</ul>
<h2>5. एलोवेरा जेल (Aloe Vera): बालों को दे प्राकृतिक चमक और नमी</h2>
<p>एलोवेरा में ऐसे एंजाइम होते हैं जो स्कैल्प की मृत कोशिकाओं (Dead Skin Cells) को हटाने में मदद करते हैं। यह स्कैल्प के pH लेवल को संतुलित रखता है, जिससे बालों का झड़ना रुकता है और उनमें एक प्राकृतिक चमक आती है।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>इस्तेमाल का तरीका:</strong> एलोवेरा के पौधे से ताजा जेल निकालें और इसे सीधे अपने स्कैल्प और बालों की लंबाई पर लगाएं। इसे एक घंटे के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें। इसे आप हफ्ते में 3 बार आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।</p>
</li>
</ul>
<h2>कुछ जरूरी  टिप्स </h2>
<p>सिर्फ बाहरी उपाय ही काफी नहीं हैं, बालों को अंदरूनी पोषण मिलना भी उतना ही जरूरी है:</p>
<ul>
<li>
<p><strong>डाइट में सुधार करें:</strong> अपने भोजन में प्रोटीन, आयरन, और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें शामिल करें जैसे- पालक, अंडे, अखरोट, दालें और हरी सब्जियां।</p>
</li>
<li>
<p><strong>हाइड्रेटेड रहें:</strong> दिन में कम से कम 8-10 ग्लास पानी जरूर पिएं ताकि स्कैल्प में नमी बनी रहे।</p>
</li>
<li>
<p><strong>केमिकल और हीट से बचें:</strong> हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर और केमिकल वाले कलर का इस्तेमाल कम से कम करें।</p>
</li>
</ul>
<blockquote>
<p> बालों का झड़ना रातोंरात बंद नहीं होता। ये सभी प्राकृतिक और घरेलू उपाय पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन इनके बेहतर परिणाम देखने के लिए आपको कम से कम 4 से 6 हफ्ते तक इनका नियमित इस्तेमाल करना होगा। संयम रखें और अपनी सेहत का ध्यान रखें!</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/6a0dd3f2b5b42/article-5977</link>
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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 14:17:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेट की चर्बी और बढ़ते वजन से हैं परेशान? आजमाएं ये 5 आसान घरेलू नुस्खे, दिनों में दिखेगा असर! </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आज के समय में खराब लाइफस्टाइल, घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना और अनहेल्दी खान-पान के कारण मोटापा एक आम समस्या बन चुका है। लोग वजन घटाने और पेट की चर्बी (Belly Fat) को कम करने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाते हैं या फिर महंगी डाइट फॉलो करते हैं। लेकिन कई बार समय की कमी या सही जानकारी न होने के कारण मनमुताबिक रिजल्ट नहीं मिल पाता।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर आप भी बढ़ते वजन और पेट के आसपास जमा जिद्दी चर्बी से परेशान हैं, तो आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। हमारे किचन में ही कई ऐसी चीजें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82/article-5963"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-05/untitled-35.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आज के समय में खराब लाइफस्टाइल, घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना और अनहेल्दी खान-पान के कारण मोटापा एक आम समस्या बन चुका है। लोग वजन घटाने और पेट की चर्बी (Belly Fat) को कम करने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाते हैं या फिर महंगी डाइट फॉलो करते हैं। लेकिन कई बार समय की कमी या सही जानकारी न होने के कारण मनमुताबिक रिजल्ट नहीं मिल पाता।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर आप भी बढ़ते वजन और पेट के आसपास जमा जिद्दी चर्बी से परेशान हैं, तो आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। हमारे किचन में ही कई ऐसी चीजें मौजूद हैं, जो नेचुरल तरीके से वजन कम करने में मददगार साबित हो सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 आसान और असरदार घरेलू नुस्खों के बारे में, जो कुछ ही दिनों में आपके शरीर में विजिबल बदलाव दिखा सकते हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-05/untitled-35.jpg" alt="Untitled-35" width="1200" height="800"></img></h2>
<h2 style="text-align:justify;">1. सुबह खाली पेट पिएं गुनगुना नींबू-शहद पानी</h2>
<p style="text-align:justify;">वजन घटाने के लिए यह सबसे पुराना और सबसे असरदार नुस्खा माना जाता है। नींबू में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>कैसे करें इस्तेमाल:</strong> रोज सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर खाली पेट पिएं। यह शरीर से टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थों) को बाहर निकालने और फैट बर्न करने में मदद करता है।</p>
</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">2. जीरा और अजवाइन का जादुई पानी</h2>
<p style="text-align:justify;">जीरा और अजवाइन दोनों ही पेट की समस्याओं को दूर करने और पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के लिए जाने जाते हैं। जब पाचन अच्छा होता है, तो फैट जमा नहीं होता।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>कैसे करें इस्तेमाल:</strong> रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा और आधा चम्मच अजवाइन भिगोकर रख दें। सुबह इस पानी को उबाल लें, छानें और गुनगुना होने पर चाय की तरह पिएं। यह पेट के निचले हिस्से की चर्बी को तेजी से कम करता है।</p>
</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">3. मेटाबॉलिज्म बढ़ाए ग्रीन टी और दालचीनी</h2>
<p style="text-align:justify;">ग्रीन टी में 'कैटेशिन' नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो मेटाबॉलिज्म की रफ्तार को बढ़ाता है। अगर इसमें एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिला दिया जाए, तो यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के साथ-साथ फैट बर्निंग प्रोसेस को दोगुना कर देता है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>कैसे करें इस्तेमाल:</strong> दिन में दो बार (लंच और डिनर के आधे घंटे बाद) ग्रीन टी में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाकर पिएं।</p>
</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">4. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar) है मददगार</h2>
<p style="text-align:justify;">सेब का सिरका पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखने में मदद करता है, जिससे आप ओवरईटिंग (ज्यादा खाने) से बच जाते हैं। यह शरीर में फैट स्टोरेज को भी कम करता है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>कैसे करें इस्तेमाल:</strong> एक गिलास गुनगुने पानी में एक छोटा चम्मच सेब का सिरका (ACV) मिलाएं और इसे दोपहर या रात के खाने से 20 मिनट पहले पिएं। ध्यान रखें कि इसे कभी भी बिना पानी मिलाए (डायरेक्ट) न लें।</p>
</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">5. मेथी दाने का पानी</h2>
<p style="text-align:justify;">मेथी के दानों में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है। यह न सिर्फ डाइजेशन को सुधारता है बल्कि बॉडी के एक्स्ट्रा फैट को पिघलाने में भी मदद करता है।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>कैसे करें इस्तेमाल:</strong> एक चम्मच मेथी दानों को रातभर पानी में भिगोएं। सुबह पानी को छानकर पी लें और मेथी दानों को चबाकर खाएं।</p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">घरेलू नुस्खे तभी असर दिखाते हैं जब आप इनके साथ एक हेल्दी रूटीन फॉलो करें। दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं, चीनी और ऑयली फूड से दूरी बनाएं और रोजाना 20-30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज जरूर करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%86%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%8F%E0%A4%82/article-5963</link>
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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 14:36:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Diabetes Control: शुगर को जड़ से कंट्रोल करेंगे ये देसी घरेलू उपाय, आज से ही शुरू कर दें ये सख्त परहेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आज के समय में खराब जीवनशैली, मानसिक तनाव और अनियंत्रित खान-पान के कारण डायबिटीज (Diabetes) यानी शुगर की बीमारी एक महामारी का रूप ले चुकी है। यह एक ऐसी खामोश बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर के अन्य अंगों जैसे आँखें, किडनी और दिल को कमजोर करने लगती है। हालांकि, आयुर्वेद और हमारे घरेलू नुस्खों में शुगर को कंट्रोल करने के बेहद अचूक उपाय बताए गए हैं। अगर आप सही परहेज और देसी नुस्खों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो ब्लड शुगर लेवल को आसानी से सामान्य रखा जा सकता है।</p>
<p>आइए जानते हैं उन असरदार घरेलू उपायों और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/6a0d7150f3cde/article-5962"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-05/untitled-36.jpg" alt=""></a><br /><p>आज के समय में खराब जीवनशैली, मानसिक तनाव और अनियंत्रित खान-पान के कारण डायबिटीज (Diabetes) यानी शुगर की बीमारी एक महामारी का रूप ले चुकी है। यह एक ऐसी खामोश बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर के अन्य अंगों जैसे आँखें, किडनी और दिल को कमजोर करने लगती है। हालांकि, आयुर्वेद और हमारे घरेलू नुस्खों में शुगर को कंट्रोल करने के बेहद अचूक उपाय बताए गए हैं। अगर आप सही परहेज और देसी नुस्खों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो ब्लड शुगर लेवल को आसानी से सामान्य रखा जा सकता है।</p>
<p>आइए जानते हैं उन असरदार घरेलू उपायों और सख्त परहेजों के बारे में, जिन्हें आपको आज से ही शुरू कर देना चाहिए।</p>
<h2><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-05/untitled-36.jpg" alt="Untitled-36" width="1200" height="800"></img></h2>
<h2>शुगर कंट्रोल करने के रामबाण देसी घरेलू उपाय </h2>
<h3>1. मेथी दाने का जादुई पानी</h3>
<p>मेथी दाना शुगर के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो ग्लूकोज के अवशोषण (Absorption) को धीमा करता है।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>कैसे करें इस्तेमाल:</strong> रात को एक चम्मच मेथी दाना एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें। सुबह खाली पेट इस पानी को पिएं और मेथी दानों को चबाकर खा लें।</p>
</li>
</ul>
<h3>2. इंसुलिन बढ़ाने में मददगार करेले का जूस</h3>
<p>करेले में 'चैरेंटिन' और 'पॉलीपेप्टाइड-पी' नामक तत्व पाए जाते हैं, जो प्राकृतिक रूप से इंसुलिन की तरह काम करते हैं। रोज़ सुबह खाली पेट आधा कप करेले का जूस पीने से ब्लड शुगर तेजी से नीचे आता है।</p>
<h3>3. जामुन की गुठली का चूर्ण</h3>
<p>जामुन का सीजन न होने पर भी इसकी गुठली का पाउडर बेहद काम आता है। यह शरीर में स्टार्च को शुगर में बदलने से रोकता है। जामुन की गुठली के सूखे पाउडर को रोजाना सुबह गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच लें।</p>
<h3>4. दालचीनी का कमाल</h3>
<p>दालचीनी शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारती है। चाय या गुनगुने पानी में चुटकी भर दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से भोजन के बाद अचानक बढ़ने वाला शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।</p>
<h2>आज से ही शुरू करें ये सख्त परहेज (Dietary Precautions)</h2>
<p>डायबिटीज को सिर्फ दवा या नुस्खों से ठीक नहीं किया जा सकता, इसके लिए खान-पान पर सख्त लगाम लगाना बेहद जरूरी है:</p>
<ul>
<li>
<p><strong>सफेद चीजों से दूरी:</strong> मैदा, सफेद चावल, चीनी और आलू जैसी चीजों में सिंपल कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जो खून में तुरंत शुगर लेवल को स्पाइक करते हैं। इनकी जगह ब्राउन राइस, दलिया या ओट्स का इस्तेमाल करें।</p>
</li>
<li>
<p><strong>पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड:</strong> डिब्बाबंद जूस, कोल्ड ड्रिंक्स, चिप्स और बेकरी प्रोडक्ट्स का सेवन पूरी तरह बंद कर दें। इनमें छुपा हुआ शुगर (Hidden Sugar) और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं।</p>
</li>
<li>
<p><strong>ज्यादा मीठे फलों से परहेज:</strong> आम, चीकू, केला और अंगूर जैसे अत्यधिक मीठे फलों को खाने से बचें। इनकी जगह सेब, पपीता, अमरूद और जामुन खाएं।</p>
</li>
</ul>
<h2>लाइफस्टाइल में करें ये जरूरी बदलाव</h2>
<ul>
<li>
<p><strong>30 मिनट की वॉक:</strong> सुबह या शाम को कम से कम 30 मिनट तेज कदमों से चलें (Brisk Walking)। फिजिकल एक्टिविटी से कोशिकाएं इंसुलिन का बेहतर इस्तेमाल कर पाती हैं।</p>
</li>
<li>
<p><strong>तनाव मुक्त रहें और पूरी नींद लें:</strong> मानसिक तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है, जिससे शुगर लेवल अनियंत्रित होता है। रोज 7-8 घंटे की गहरी नींद लें और मेडिटेशन करें।</p>
</li>
<li>
<p><strong>हाइड्रेटेड रहें:</strong> दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। पानी शरीर से अतिरिक्त ग्लूकोज को यूरिन के रास्ते बाहर निकालने में मदद करता है।</p>
</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/6a0d7150f3cde/article-5962</link>
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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 14:18:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश को सीड कैपिटल के रूप में स्थापित करने के लिए पंजाब और इज़राइल करेंगे रणनीतिक कृषि साझेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 22 दिसंबर</strong><br /><br />पंजाब को वैश्विक सीड कैपिटल के रूप में स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अति-आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने हेतु इज़राइल के साथ रणनीतिक साझेदारी करने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में आज पंजाब भवन में पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने इज़राइल दूतावास के मंत्री, डिप्टी मिशन हेड श्री फारेस साएब के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की।<br /><br />स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि यह सहयोग चार मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिनमें इज़राइल को अनाज बीजों के निर्यात, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना और इज़राइली संस्थानों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/punjab-and-israel-to-forge-strategic-agricultural/article-4361"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-12/whatsapp-image-2025-12-22-at-5.54.45-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 22 दिसंबर</strong><br /><br />पंजाब को वैश्विक सीड कैपिटल के रूप में स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अति-आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने हेतु इज़राइल के साथ रणनीतिक साझेदारी करने पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में आज पंजाब भवन में पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने इज़राइल दूतावास के मंत्री, डिप्टी मिशन हेड श्री फारेस साएब के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की।<br /><br />स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि यह सहयोग चार मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिनमें इज़राइल को अनाज बीजों के निर्यात, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना और इज़राइली संस्थानों के बीच अकादमिक आदान-प्रदान, सिट्रस फलों का लेन-देन तथा उन्नत जल-प्रबंधन तकनीकों को अपनाना शामिल है।<br /><br />पंजाब के कृषि मंत्री ने बताया कि इस विचार-विमर्श के दौरान इज़राइल की प्रभावी ‘एन-ड्रिप’ सिंचाई प्रणाली के कार्यान्वयन पर विशेष चर्चा हुई, जो 70 प्रतिशत तक पानी की बचत करती है तथा ऊर्जा की खपत को भी काफी कम करती है। प्रदेश सरकार द्वारा इज़राइल के मॉडल, जिसके तहत 95 प्रतिशत संशोधित गंदे पानी को पुनः कृषि उद्देश्यों में उपयोग किया जाता है, की तर्ज पर सीवरेज तथा गांव के तालाबों के पानी को शुद्ध करके सिंचाई के लिए उपयोग करने हेतु इज़राइल की विशेषज्ञता को अपनाने संबंधी संभावनाओं की भी पड़ताल शामिल था।<br /><br />स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी पंजाब के किसान समुदाय के लिए लाभकारी एवं दूरंदेशी कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य इज़राइल की तकनीक एवं विशेषज्ञता को अपनी कृषि क्षमता से जोड़कर पानी के स्रोतों की सुरक्षा, किसानों का मुनाफा बढ़ाना तथा पंजाब को विश्व स्तर पर बीज उत्पादन एवं टिकाऊ प्रथाओं में अग्रणी बनाना है।<br /><br />कृषि अनुसंधान एवं विकास तथा संशोधित पानी की पुनर्वापसी में सहयोग को और मजबूत करने के लिए पंजाब से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को इज़राइल दौरे का निमंत्रण देते हुए श्री फारेस साएब ने पंजाब से अनाज बीजों के आयात में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि दिल्ली से इज़राइल के लिए सीधी हवाई उड़ान, जिससे यात्रा मात्र छह घंटे रह जाएगी, जनवरी 2026 में शुरू हो जाएगी।<br /><br />बैठक में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण श्री अर्शदीप सिंह थिंद, एमडी पंजाब एग्रो हरगुंजीत कौर, विशेष सचिव कृषि बलदीप कौर, निदेशक कृषि जसवंत सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                            <category>Politics</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/punjab-and-israel-to-forge-strategic-agricultural/article-4361</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 20:04:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कम नींद लेने की है आदत तो सांसों को हो जाएगी इतनी दिक्कत, ये बीमारियां बॉडी में बना लेंगी अपना 'घर'</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सबसे ज्यादा जिस चीज की कुर्बानी देते हैं, वह है नींद. देर रात तक मोबाइल चलाना, काम का दबाव, सोशल मीडिया या तनाव. ये सब हमारी नींद का सबसे बड़ा दुश्मन बन चुके हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद की कमी सिर्फ थकान ही नहीं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की जड़ है? मेडिकल रिसर्च बताती है कि पर्याप्त नींद न लेने वाले लोगों में हार्ट अटैक, डायबिटीज, मोटापा और मानसिक रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. आइए जानते हैं, नींद और बीमारियों का क्या है गहरा रिश्ता?</p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>नींद क्यों</strong></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%82%E0%A4%A6-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A4%A4-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B/article-2839"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/sleepiing-disorder.webp" alt=""></a><br /><p>आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सबसे ज्यादा जिस चीज की कुर्बानी देते हैं, वह है नींद. देर रात तक मोबाइल चलाना, काम का दबाव, सोशल मीडिया या तनाव. ये सब हमारी नींद का सबसे बड़ा दुश्मन बन चुके हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि नींद की कमी सिर्फ थकान ही नहीं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की जड़ है? मेडिकल रिसर्च बताती है कि पर्याप्त नींद न लेने वाले लोगों में हार्ट अटैक, डायबिटीज, मोटापा और मानसिक रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. आइए जानते हैं, नींद और बीमारियों का क्या है गहरा रिश्ता?</p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>नींद क्यों जरूरी है?</strong></span></p>
<p>जब हम सोते हैं, तो शरीर रिपेयर और रिकवरी का काम करता है. दिमाग दिनभर की जानकारी को प्रोसेस करता है, मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और हार्मोन संतुलन में आते हैं. American Academy of Sleep Medicine के अनुसार, एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए.</p>
<p><strong><span style="text-decoration:underline;">नींद की कमी से होने वाली बीमारियां</span></strong></p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>Journal of Clinical Sleep Medicine</strong></span> में प्रकाशित शोध के अनुसार, नींद की कमी कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा देती है:</p>
<p>हाई ब्लड प्रेशर: कम नींद से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है.<br />दिल की बीमारियां: रिसर्च बताती है कि जिन लोगों को कम नींद मिलती है, उनमें हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है.<br />डायबिटीज: नींद की कमी से शरीर में इंसुलिन का असर कम हो जाता है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है.<br />मोटापा: कम सोने से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन (घ्रेलिन) ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं, जिससे वजन बढ़ सकता है.<br />डिप्रेशन और चिंता: नींद की कमी से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है.<br />कितनी नींद जरूरी है?</p>
<p>रिसर्च के मुताबिक, वयस्क (18-60 साल) – 7-8 घंटे, बच्चे – 9-12 घंटे, टीनेजर्स – 8-10 घंटे कम से कम नींद लेना जरूरी है वरना उनको तमाम तरह की दिक्कतें होने लगती हैं. अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो आपके लाइफस्टाइल पर इसका गहरा असर पड़ता है. आप कोई काम कर रहे हैं , तो उसमें आपका ध्यान नहीं लगता है. </p>
<p><strong>     <span style="text-decoration:underline;">अच्छी नींद के लिए टिप्स</span></strong></p>
<ul style="list-style-type:square;">
<li>सोने और उठने का समय फिक्स करें.</li>
<li>सोने से पहले मोबाइल और टीवी से दूरी बनाएं.</li>
<li>कमरे का माहौल शांत और आरामदायक रखें.</li>
<li>कैफीन और स्मोकिंग से बचें, खासकर शाम के समय.</li>
</ul>
<p>नींद सिर्फ आराम का नाम नहीं है, यह हमारे शरीर और दिमाग की सेहत के लिए बेहद जरूरी है. नींद की कमी को हल्के में न लें क्योंकि यह गंभीर बीमारियों की शुरुआत हो सकती है. इसलिए समय पर सोना और पर्याप्त नींद लेना सेहतमंद जिंदगी के लिए जरूरी है.</p>
<p>Read also : <span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.nirpakhpost.in/national/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%82%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A1%E0%A4%A8%E0%A5%88%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B/article-2838">आरजू के साथ अपनी मर्जी से भागी हूं':किडनैपिंग का वीडियो आया था सामने, लड़की बोली- मां-पिता ने झूठ बोला</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%95%E0%A4%AE-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%82%E0%A4%A6-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%86%E0%A4%A6%E0%A4%A4-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B9%E0%A5%8B/article-2839</link>
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                <pubDate>Thu, 31 Jul 2025 14:04:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जालंधर सिविल अस्पताल ऑक्सीजन फॉल्ट पर कार्रवाई, तीन अधिकारी किए गए सस्पेंड, जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सिविल अस्पताल जालंधर में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से तीन मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही पाई गई है। उन्होंने कहा कि मरीजों की जान ऑक्सीजन की समय पर उपलब्धता और सही प्रबंधन से बचाई जा सकती थी, लेकिन मैनेजमेंट स्तर पर भारी चूक हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा- अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट में दो मशीनें और चार बैकअप सोर्स हैं, जो प्रेशर कम होने पर सप्लाई बनाए रखने के लिए हैं। बावजूद इसके प्रबंधन की खामियों के कारण हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%91%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%AB%E0%A5%89%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%8F/article-2818"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/download-(33).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सिविल अस्पताल जालंधर में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से तीन मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही पाई गई है। उन्होंने कहा कि मरीजों की जान ऑक्सीजन की समय पर उपलब्धता और सही प्रबंधन से बचाई जा सकती थी, लेकिन मैनेजमेंट स्तर पर भारी चूक हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा- अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट में दो मशीनें और चार बैकअप सोर्स हैं, जो प्रेशर कम होने पर सप्लाई बनाए रखने के लिए हैं। बावजूद इसके प्रबंधन की खामियों के कारण हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही अस्पताल को बिजली का हॉटलाइन कनेक्शन और पावर बैकअप के लिए फंड उपलब्ध करवा दिए थे, फिर भी ऐसी घटना होना असहनीय है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- प्रारंभिक जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। उन्होंने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राज कुमार, एसएमओ डॉ. सुरजीत सिंह और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सोनाक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. बलबीर सिंह ने कहा- टेक्निकल टीम और डिप्टी डायरेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर यदि दोष साबित हुआ तो इन्हें सेवा से बर्खास्त भी किया जाएगा। तीनों ने अगर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया तो उन्हें अपनी सारी जिंदगी के लिए नौकरी से निकाल दिया जाएगा। मौजूदा हाउस सर्जन डॉक्टर शमिंदर सिंह को सीधे तौर पर बर्खास्त किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ मौजूद था। 49 इंटरनल मेडिकल अधिकारी, 46 ट्रेनी डॉक्टर, 14 हाउस सर्जन और 17 मेडिकल अधिकारी इसके बावजूद यह घटना होना बेहद चिंताजनक है। मंत्री बलबीर सिंह ने कहा- अभी तक जांच में पता चला है कि सिर्फ इन अधिकारियों की गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण तीनों की जांच गई है। इसलिए ये कार्रवाई की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अस्पताल प्रशासन के अनुसार मृतकों का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया, क्योंकि यह पुलिस केस नहीं था और परिजन भी इसके लिए राज़ी नहीं थे। इस वजह से अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मौतें ऑक्सीजन की कमी से हुईं या मरीजों की गंभीर हालत के चलते। घटना के बाद सोमवार को ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत की गई और तकनीकी जांच जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-07/download-(33).jpeg" alt="download (33)" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">Read Also :<a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/under-the-guise-of-new-education-policy/article-2817">नयी शिक्षा नीति की आड़ में केंद्र राज्यों के अधिकार छीन रहा है - हरजोत बैंस</a></p>
<p style="text-align:justify;">सरकार द्वारा की गई कार्रवाई पर डॉक्टर राज कुमार ने कहा- जब ये घटना हुई, तब हाउस सर्जन डॉक्टर शमिंदर सिंह किसी को बिना बताए अस्पताल से चले गए थे। ये उनके द्वारा बड़ी लापरवाही बरती गई थी। उन्हें 6 माह के लिए बर्खास्त किया गया है। वहीं, उन्हें इसे लेकर कोई लिखित ऑर्डर नहीं दिया गया है। सरकार जो जांच करेगी, हम उसका सहयोग करेंगे। अगर हमें सरकार जांच में शामिल होने के लिए बुलाएगी तो हम जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Health</category>
                                            <category>Politics</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 18:00:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>क्यों खतरनाक होते हैं हिडन हार्ट अटैक, कैसे कर सकते हैं इनकी पहचान?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हार्ट अटैक के मामले पिछले कुछ साल में काफी तेजी से बढ़े हैं. हार्ट अटैक या मायोकार्डियल इंफार्क्शन (MI) तब होता है, जब हार्ट की मांसपेशियों तक ब्लड फ्लो कम हो जाता है या पूरी तरह रुक जाता है. यह स्थिति गंभीर होती है, क्योंकि ऑक्सीजन की कमी से हार्ट की कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं. आमतौर पर यह समस्या कोरोनरी आर्टरी में रुकावट के कारण होती है.</p>
<p>कई बार हार्ट अटैक बिना किसी बड़े लक्षण के भी हो सकता है, जिसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है. यह इतना खतरनाक है कि लोगों को अक्सर तब पता चलता है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A1%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%85%E0%A4%9F%E0%A5%88%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A5%87/article-2796"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/heart-attack.webp" alt=""></a><br /><p>हार्ट अटैक के मामले पिछले कुछ साल में काफी तेजी से बढ़े हैं. हार्ट अटैक या मायोकार्डियल इंफार्क्शन (MI) तब होता है, जब हार्ट की मांसपेशियों तक ब्लड फ्लो कम हो जाता है या पूरी तरह रुक जाता है. यह स्थिति गंभीर होती है, क्योंकि ऑक्सीजन की कमी से हार्ट की कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं. आमतौर पर यह समस्या कोरोनरी आर्टरी में रुकावट के कारण होती है.</p>
<p>कई बार हार्ट अटैक बिना किसी बड़े लक्षण के भी हो सकता है, जिसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है. यह इतना खतरनाक है कि लोगों को अक्सर तब पता चलता है जब वे ईसीजी या स्ट्रेस टेस्ट कराते हैं और डॉक्टर को हार्ट में हुए डैमेज के संकेत दिखाई देते हैं.</p>
<p>कैसे पहचानें साइलेंट हार्ट अटैक?</p>
<p>साइलेंट हार्ट अटैक में पारंपरिक लक्षण, जैसे तेज सीने में दर्द, हमेशा नहीं होते. इसके बजाय हल्की थकान, बदहजमी या थोड़ी देर के लिए सांस फूलना जैसे सामान्य संकेत दिख सकते हैं. लोग अक्सर इन्हें मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह गंभीर हो सकता है.</p>
<p>कौन लोग हैं सबसे ज्यादा जोखिम में?</p>
<p>2023 में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है, क्योंकि इनमें लक्षण ज्यादा नजर नहीं आते हैं.  उम्र संबंधित बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्ग भी डेंजर जोन में होते हैं. इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों की नसों में पहले से दिक्कत होती है, जिससे उन्हें भी खतरा रहता है. खून की कमजोर धमनियों की वजह से  हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को भी जल्दी दिक्कत हो सकती है.</p>
<p>कैसे करें बचाव?</p>
<p>हार्ट अटैक से बचने का सबसे अच्छा तरीका है समय रहते लाइफस्टाइल में बदलाव करना.</p>
<p>कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करें: लंबे समय तक हाई कोलेस्ट्रॉल धमनियों को ब्लॉक कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है.<br />संतुलित डाइट लें: अधिक फाइबर, कम ट्रांस फैट वाला खाना खाएं. ताजा सब्जियां, फल और प्रोटीन डाइट में शामिल करें.<br />फिजिकली एक्टिव रहें: रोजाना व्यायाम करें, वजन नियंत्रित रखें और धूम्रपान से बचें.<br />अल्कोहल कम करें: ज्यादा शराब से ब्लड प्रेशर और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं, जो हार्ट अटैक का रिस्क फैक्टर है.<br />नियमित हेल्थ चेकअप: ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें.<br />साइलेंट हार्ट अटैक के आंकड़े चौंकाने वाले</p>
<p>नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, कोरोनरी आर्टरी डिजीज वाले लोगों में 70 से 80 प्रतिशत इस्केमिक घटनाएं बिना लक्षण के होती हैं. मिडिल-एज ग्रुप में 2 से 4 प्रतिशत पुरुषों में ट्रेडमिल टेस्ट के दौरान साइलेंट इस्केमिया पाया गया है. कुल मायोकार्डियल इंफार्क्शन के 20 से 30 प्रतिशत मामले साइलेंट हार्ट अटैक के होते हैं. याद रखें हार्ट अटैक हमेशा अचानक नहीं आता, यह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें और नियमित चेकअप कराते रहें. आज से ही हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं, क्योंकि सावधानी ही सुरक्षा है.</p>
<p>Read also : <span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/health-minister-orders-inquiry/article-2794">स्वास्थ्य मंत्री ने जालंधर के सिविल अस्पताल के आई.सी.यू. में हुई मौतों की जांच के आदेश दिए</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Jul 2025 18:59:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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                <title>सिगरेट जितने खतरनाक हैं जलेबी, समोसा और लड्डू... हेल्थ मिनिस्ट्री ने जारी की डराने वाली एडवाइजरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>समोसा-जलेबी और लड्डू खाने के शौकीनों को अब अलर्ट मोड में आने की जरूरत है. दरअसल, अब खाने-पीने के हर आइटम पर एक वॉर्निंग स्लिप लगी होगी, जिस पर उस आइटम में मौजूद शुगर और ऑयल की जानकारी दी जाएगी. दरअसल, हेल्थ मिनिस्ट्री ने देशभर के सभी केंद्रीय संस्थानों को अहम निर्देश दिया है. इसमें कहा गया है कि वे फूड आइटम्स पर ऑयल और शुगर बोर्ड लगाएं, जिससे आपको नाश्ते में छिपे फैट और शुगर की सही जानकारी मिल सके. </p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>क्यों लिया गया यह फैसला?</strong></span></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक इंटरनल रिपोर्ट तैयार की है. इसमें सामने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%AC%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A5%82-%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A5-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-2584"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/jalebi-samosa-breakfast-on-choti-diwali-v0-cbz27yvraiv91.webp" alt=""></a><br /><p>समोसा-जलेबी और लड्डू खाने के शौकीनों को अब अलर्ट मोड में आने की जरूरत है. दरअसल, अब खाने-पीने के हर आइटम पर एक वॉर्निंग स्लिप लगी होगी, जिस पर उस आइटम में मौजूद शुगर और ऑयल की जानकारी दी जाएगी. दरअसल, हेल्थ मिनिस्ट्री ने देशभर के सभी केंद्रीय संस्थानों को अहम निर्देश दिया है. इसमें कहा गया है कि वे फूड आइटम्स पर ऑयल और शुगर बोर्ड लगाएं, जिससे आपको नाश्ते में छिपे फैट और शुगर की सही जानकारी मिल सके. </p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>क्यों लिया गया यह फैसला?</strong></span></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, हेल्थ मिनिस्ट्री ने एक इंटरनल रिपोर्ट तैयार की है. इसमें सामने आया है कि साल 2050 तक देश में 44.9 करोड़ लोग मोटापे या ज्यादा वजन की दिक्कत से पीड़ित होंगे. ऐसे में भारत अमेरिका के बाद दूसरा ऐसा देश बन जाएगा, जो मोटापे की समस्या से जूझ रहा है. वर्तमान हालात की बात करें तो भारत में इस वक्त हर पांच में से एक शख्स ओवरवेट की दिक्कत से जूझ रहा है. ऐसे में लोगों को जंक फूड के प्रति जागरूक करने के मकसद से यह कदम उठाने का फैसला लिया गया है, जिसे शुरुआत में सरकारी संस्थानों में लागू किया गया है. फूड आइटम्स पर ऑयल और शुगर के इन बोर्ड्स से लोगों को चेतावनी मिलेगी कि वह कितना अनहेल्दी फूड खा रहे हैं.</p>
<p><img src="https://i.pinimg.com/736x/26/ee/d4/26eed4c6f388b50cb27ac919a0955669.jpg" alt="Veg Samosa with Jalebi snack combination also called imarti and Sambusa  samusa | Premium Photo"></img></p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>भारत में कितने लोग मोटापे के शिकार?</strong></span></p>
<p>World Health Organization (WHO) की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 60 पर्सेंट से ज्यादा लोग मोटापे या अधिक वजन से प्रभावित हैं. वहीं, डायबिटीज के मामले 2030 तक 10 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकते हैं. यही वजह है कि हेल्थ मिनिस्ट्री ने खाद्य और औषधि प्रशासन (FSSAI) के साथ मिलकर नई नीति तैयार की है, जिसके तहत इन फूड आइटम्स की पैकेजिंग पर वॉर्निंग लेबल लगाना अनिवार्य किया गया है. </p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>सिगरेट जितने खतरनाक हैं लड्डू-जलेबी और समोसा?</strong></span></p>
<p>एम्स नागपुर के अधिकारियों ने बताया है कि हेल्थ मिनिस्ट्री से इस संबंध में आदेश मिला है. इसके बाद कैफेटेरिया और पब्लिश प्लेसेज पर वॉर्निंग बोर्ड्स लगाए जाएंगे. इसके अलावा जांच के दायरे में सिर्फ समोसा-जलेबी और लड्डू ही नहीं रहेंगे, बल्कि वड़ा पाव और पकौड़ों को भी इस लिस्ट में जोड़ा जाएगा. वहीं, कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया की नागपुर ब्रांच के चीफ डॉ. अमर आमले ने इस मसले पर चीजें क्लियर कीं. उन्होंने कहा कि शुगर और ट्रांस फैट नए जमाने की सिगरेट और तंबाकू हैं. शुगर और ऑयल की वजह से ये फूड आइटम्स स्मोकिंग और टोबैको जितने ही खतरनाक साबित हो रहे हैं. अब जो फूड आइटम्स जितना नुकसानदायक होगा, उस पर उतनी ही खतरनाक लेबलिंग की जाएगी. लोगों को यह पता होना चाहिए कि वे क्या खा रहे हैं.</p>
<p>Read also : <span style="text-decoration:underline;"><span style="color:rgb(224,62,45);text-decoration:underline;"><strong><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);text-decoration:underline;" href="https://www.nirpakhpost.in/sports/ind-vs-eng-3rd-test-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%A1-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%87-70/article-2582">IND vs ENG 3rd Test: 'इंग्लैंड की जीत के 70% चांस', इस पूर्व इंडियन क्रिकेटर का बयान वायरल</a></strong></span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%95-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%AC%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%A1%E0%A5%82-%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A5-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-2584</link>
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                <pubDate>Mon, 14 Jul 2025 15:31:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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                <title> हेल्थकेयर सेक्टर में अडानी की होगी एंट्री.!, तैयार होगा AI बेस्ड हॉस्पिटल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारत के हेल्थ सेक्टर में आपको आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव दिखने वाला है. अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी ने शुक्रवार को ऐलान किया है कि अडानी फैमिली अब स्किल डेवलपमेंट, एजुकेशन और हेल्थ सर्विसेज के लिए पहले से घोषित किए गए साठ हजार करोड़ का एक बड़ा हिस्सा देश के हेल्थकेयर सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए लगाया जाएगा.</p>
<p style="text-align:justify;">सर्जनों को मुंबई में संबोधित करते हुए गौतम अडानी ने कहा कि आज देश के अंदर लोगों में बैक लोअर पेन यानी रीढ़ की समस्या काफी बढ़ गई है, जिससे ये दिव्यांगता का बड़ा कारण बन रहा है. उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/-%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%AF%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%A1%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE/article-2544"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/gvjyqnkxcaac7v_.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत के हेल्थ सेक्टर में आपको आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव दिखने वाला है. अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी ने शुक्रवार को ऐलान किया है कि अडानी फैमिली अब स्किल डेवलपमेंट, एजुकेशन और हेल्थ सर्विसेज के लिए पहले से घोषित किए गए साठ हजार करोड़ का एक बड़ा हिस्सा देश के हेल्थकेयर सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए लगाया जाएगा.</p>
<p style="text-align:justify;">सर्जनों को मुंबई में संबोधित करते हुए गौतम अडानी ने कहा कि आज देश के अंदर लोगों में बैक लोअर पेन यानी रीढ़ की समस्या काफी बढ़ गई है, जिससे ये दिव्यांगता का बड़ा कारण बन रहा है. उन्होंने कहा कि जब लोग दर्द से नहीं खडे़ हो पाएंगे कि फिर ये देश कैसे उठ पाएगा.</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने अपने भविष्य का प्लान रखते हुए कहा कि अडानी ग्रुप की योजना मुंबई और अहमदाबाद से शुरुआात करते हुए अडानी हेल्थकेयर टैंपल्स नाम से बड़े अत्याधुनिक हॉस्पिटल बनाए जाएंगे. ये हॉस्पिटल एआई पर आधारित होगा और इसमें 1000 बेड होंगे. बकायदा इसके लिए अमेरिकी की फेमस मेयो क्लिनिक के साथ अडानी ग्रुप ने साझेदारी भी की है.</p>
<p style="text-align:justify;">गौतम अडानी ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले पांच वर्षों के दौरान देश में 100 अरब डॉलर निवश करने की है. उन्होंने आगे कहा कि ये हॉस्पिटल सिर्फ इलाज तक ही सीमित नहीं होंगे, बल्कि इसमें पढ़ाई और ट्रेनिंग से लेकर मेडिकल रिसर्च तक सारी सुविधाएं होंगी. इसके साथ ही, उनका ये कहना है कि उन अस्पतालों का मकसद मौजूदा हॉस्पिटल सिस्टम से प्रतिस्पर्धा का नहीं होगा बल्कि जिन जगहों पर ये सुविधाएं नहीं है, वहां पर काम करना है.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-07/gvjyqnkxcaac7v_.jpeg" alt="GvjyQNKXcAAC7V_" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read Also ; <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/tech/%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%86%E0%A4%88-%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B8/article-2543">करोड़ों मोबाइल यूज़र्स के लिए आई बुरी खबर, रिचार्ज प्लान्स को महंगा करने की तैयारी में हैं टेलीकॉम कंपनियां</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि उनकी कोशिश देश के अंदर एक ऐसा स्वास्थ्य इन्फ्रस्ट्रक्चर खड़ा करने की है जो सस्ता और टिकाऊ होने के साथ ही भविष्य में किसी भी तरह की महामारी की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो. अडानी ग्रुप के चेयरमैन ने आगे कहा कि उन्होंने इस हेल्थकेयर सेक्टर में इसलिए कदम रखा है क्योंकि इस क्षेत्र में गति पर्याप्त नहीं थी और ये एक बदलाव नहीं बल्कि क्रांति है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/-%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%AF%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%85%E0%A4%A1%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%8F%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE/article-2544</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Jul 2025 17:40:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खून देते ही क्यों आने लगते हैं चक्कर? जानिए वजह और बचाव के तरीके</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रक्तदान एक महान कार्य है, जो कई लोगों की जान बचाता है. लेकिन, कुछ लोग खून देते समय या उसके तुरंत बाद चक्कर आने, हल्कापन महसूस होने या बेहोशी जैसी शिकायत करते हैं. यह एक आम समस्या है और आमतौर पर चिंता का कोई बड़ा कारण नहीं होती. शरीर की कुछ सामान्य प्रतिक्रियाओं के कारण ऐसा हो सकता है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजहें और इससे बचने के उपाय.</p>
<p>चक्कर आने के मुख्य कारण</p>
<p>रक्तदान के दौरान चक्कर आने के पीछे कई शारीरिक और मानसिक कारण हो सकते हैं:</p>
<p>ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट: यह सबसे आम वजहों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/draft-add-your-t/article-2504"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/blood-donor-day-2022.webp" alt=""></a><br /><p>रक्तदान एक महान कार्य है, जो कई लोगों की जान बचाता है. लेकिन, कुछ लोग खून देते समय या उसके तुरंत बाद चक्कर आने, हल्कापन महसूस होने या बेहोशी जैसी शिकायत करते हैं. यह एक आम समस्या है और आमतौर पर चिंता का कोई बड़ा कारण नहीं होती. शरीर की कुछ सामान्य प्रतिक्रियाओं के कारण ऐसा हो सकता है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजहें और इससे बचने के उपाय.</p>
<p>चक्कर आने के मुख्य कारण</p>
<p>रक्तदान के दौरान चक्कर आने के पीछे कई शारीरिक और मानसिक कारण हो सकते हैं:</p>
<p>ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट: यह सबसे आम वजहों में से एक है. जब आपके शरीर से लगभग आधा लीटर खून निकाला जाता है, तो शरीर में खून की कुल मात्रा कुछ समय के लिए कम हो जाती है. इससे ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) अचानक गिर सकता है. दिमाग को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन न मिलने के कारण आपको चक्कर आ सकते हैं या हल्कापन महसूस हो सकता है.<br />घबराहट या तनाव की प्रतिक्रिया (वेसो-वैगल रिएक्शन): यह एक सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है जो तनाव, घबराहट या दर्द के कारण हो सकती है. खून या सुई देखकर कुछ लोगों को डर या चिंता महसूस होती है. इस मानसिक प्रतिक्रिया के कारण आपकी वेगस नस उत्तेजित हो जाती है, जिससे दिल की धड़कन धीमी हो जाती है और खून की नसें चौड़ी हो जाती हैं. इसके परिणामस्वरूप ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन दोनों गिर जाते हैं, जिससे दिमाग तक खून का बहाव कम हो जाता है और आपको चक्कर आ सकते हैं या आप बेहोश भी हो सकते हैं.<br />शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन): अगर आपने रक्तदान से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी या अन्य तरल पदार्थ नहीं पिए हैं, तो आपका शरीर पहले से ही कम पानी वाला हो सकता है. खून का एक बड़ा हिस्सा पानी ही होता है. ऐसे में, जब आप खून देते हैं, तो शरीर में तरल पदार्थ की और कमी हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर और भी नीचे गिर सकता है.<br />तेजी से उठना: रक्तदान के बाद तुरंत खड़े होने या तेज़ी से हिलने-डुलने से भी ब्लड प्रेशर में अचानक बदलाव आ सकता है, जिससे चक्कर आ सकते हैं. शरीर को नए खून की मात्रा के साथ तालमेल बिठाने के लिए कुछ समय चाहिए होता है.<br />चक्कर आने से कैसे बचें और क्या करें?</p>
<p>चक्कर आने की संभावना को कम करने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं:</p>
<p>रक्तदान से पहले खूब पानी पिएं: रक्तदान से 24 घंटे पहले से ही खूब पानी और अन्य तरल पदार्थ (जैसे जूस) का सेवन करें. रक्तदान के दिन भी अच्छी मात्रा में पानी पिएं.<br />पौष्टिक खाना खाएं: रक्तदान से पहले एक स्वस्थ और संतुलित भोजन करें. खाली पेट बिल्कुल न जाएं. अपने भोजन में आयरन से भरपूर चीजें (जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, सूखे मेवे) शामिल करें.<br />शांत रहें: अगर आपको सुई या खून से डर लगता है, तो रक्तदान के दौरान अपनी आंखें बंद कर लें, गहरी सांसें लें, या किसी और चीज़ पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें. रक्तदाता केंद्र का स्टाफ भी आपकी मदद कर सकता है.<br />रक्तदान के बाद आराम करें: खून देने के बाद कम से कम 10-15 मिनट तक कुर्सी पर लेटे या बैठे रहें. तुरंत उठने की कोशिश न करें.<br />हल्का नाश्ता लें: रक्तदान के बाद केंद्र पर मिलने वाला जूस और बिस्कुट या कोई हल्का स्नैक ज़रूर लें. यह आपके ब्लड शुगर और तरल पदार्थ के स्तर को सामान्य करने में मदद करेगा.<br />धीरे-धीरे उठें: जब आपको उठने के लिए कहा जाए, तो धीरे-धीरे उठें और कुछ देर के लिए कुर्सी के पास ही खड़े रहें, फिर चलना शुरू करें.</p>
<p>Read also :<strong> <span style="color:rgb(224,62,45);"><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.nirpakhpost.in/%E0%A4%B8%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-4-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%98%E0%A4%9F%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%86%E0%A4%9C/article-2503">सोने का 4 दिनों तक रेट घटने के बाद आज फिर हुआ महंगा, जानें 8 जुलाई 2025 को आपके शहर का भाव</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/draft-add-your-t/article-2504</link>
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                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 14:04:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्यों नहीं पिलाना चाहिए पानी? ये रहा जवाब। </title>
                                    <description><![CDATA[<p>  मिर्गी यानी एपिलेप्सी एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें मरीज को अचानक झटके आने लगते हैं. ये स्थिति देखने में भले ही डरावनी लगे, लेकिन इससे सही ढंग से निपटा जाए तो मरीज को सुरक्षित रखा जा सकता है. अक्सर लोग दौरा पड़ते ही घबराकर मरीज को पानी पिलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना जानलेवा भी हो सकता है? न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पवन शर्मा कहते हैं कि मिर्गी के दौरे के समय पानी पिलाना एक बहुत बड़ी भूल है, जो मरीज की जान को खतरे में डाल सकती है.</p>
<p>मिर्गी के दौरे के समय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%8C%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80/article-2473"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/6-2024-11-3cf127c99e5998262fd8a3b91dcbda9b-16x9.webp" alt=""></a><br /><p> मिर्गी यानी एपिलेप्सी एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें मरीज को अचानक झटके आने लगते हैं. ये स्थिति देखने में भले ही डरावनी लगे, लेकिन इससे सही ढंग से निपटा जाए तो मरीज को सुरक्षित रखा जा सकता है. अक्सर लोग दौरा पड़ते ही घबराकर मरीज को पानी पिलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना जानलेवा भी हो सकता है? न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पवन शर्मा कहते हैं कि मिर्गी के दौरे के समय पानी पिलाना एक बहुत बड़ी भूल है, जो मरीज की जान को खतरे में डाल सकती है.</p>
<p>मिर्गी के दौरे के समय पानी क्यों नहीं पिलाना चाहिए?</p>
<p>दौरे के दौरान गले की मांसपेशियां सुन्न हो जाती हैं</p>
<p>जब किसी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ता है, तो उसके गले और मुँह की मांसपेशियों पर नियंत्रण नहीं रहता. ऐसे में अगर आप उसे पानी पिलाने की कोशिश करते हैं, तो पानी सीधे श्वास नली में चला जा सकता है.</p>
<p>बेहोशी की अवस्था में पानी देना जोखिम भरा</p>
<p>मिर्गी के दौरान मरीज़ पूरी तरह होश में नहीं होता. इस स्थिति में पानी पिलाने से वह उसे न निगल सकता है न थूक सकता है, जिससे aspiration pneumonia जैसी खतरनाक स्थिति हो सकती है.</p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>दौरे के दौरान क्या करें?</strong></span></p>
<ul>
<li>व्यक्ति को ज़मीन पर लिटाएं और आसपास जगह खाली करें</li>
<li>सिर के नीचे कुछ नरम रखें (जैसे तकिया या रुमाल)</li>
<li>सिर को साइड में मोड़ दें, ताकि लार बाहर निकल सके</li>
<li>घड़ी देखना न भूलें, दौरा 5 मिनट से ज्यादा चले तो तुरंत डॉक्टर को बुलाएं</li>
<li>दौरे के दौरान मरीज़ को पकड़ने या झकझोरने की कोशिश न करें</li>
<li>पानी, दवा या खाना न दें, जब तक वह पूरी तरह होश में न आ जाए</li>
</ul>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>क्या नहीं करना चाहिए?</strong></span></p>
<ul>
<li>मुंह में चम्मच, उंगली या कोई वस्तु न डालें</li>
<li>मरीज को उठाकर जबरन खड़ा करने की कोशिश न करें</li>
<li>भीड़ न लगाएं, उसे खुली हवा और शांति दें</li>
<li>दौरे के तुरंत बाद सवाल-जवाब न करें</li>
</ul>
<p>मिर्गी का दौरा आने पर मरीज़ को संभालना जितना जरूरी है, उतना ही ज़रूरी है सही जानकारी होना. पानी पिलाना मदद नहीं, नुकसान बन सकता है. सही प्राथमिक उपचार से मरीज की हालत को सुरक्षित रखा जा सकता है. इसलिए अगर आपके आसपास किसी को मिर्गी का दौरा पड़े, तो घबराएं नहीं, सही कदम उठाएं और गलतियों से बचें.</p>
<p>Read also :<strong> <span style="text-decoration:underline;"><span style="color:rgb(224,62,45);text-decoration:underline;"><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);text-decoration:underline;" href="https://www.nirpakhpost.in/%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%B2-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2472">गुलाब की पंखुड़ियों से लेकर बोतल तक, जानिए कैसे तैयार होता है पतंजलि का शरबत</a></span></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%8C%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80/article-2473</link>
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                <pubDate>Sat, 05 Jul 2025 16:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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