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                <title>Breaking News - Nirpakh Post</title>
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                            <item>
                <title>आयुष्मान भारत योजना में शर्तें लागू, जबकि ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की गारंटी देती है, फर्क इरादे में है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 20 मार्च</strong><br /><br />‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला को जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्वास्थ्य क्षेत्र का चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इससे पहले कृषि और सिंचाई क्षेत्रों में ‘आप’ सरकार के कार्यों का विवरण दिया गया था। ‘शर्तों वाली’ आयुष्मान भारत योजना और ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को एक सार्वभौमिक और सुलभ स्वास्थ्य मॉडल बताया और जोर देकर कहा कि फर्क इरादे और क्रियान्वयन में है।<br /><br />डेटा-आधारित परिणाम प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/ayushman-bharat-scheme-has-conditions--while-aap-government-s-m/article-5320"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-20-at-5.29.09-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 20 मार्च</strong><br /><br />‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला को जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्वास्थ्य क्षेत्र का चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इससे पहले कृषि और सिंचाई क्षेत्रों में ‘आप’ सरकार के कार्यों का विवरण दिया गया था। ‘शर्तों वाली’ आयुष्मान भारत योजना और ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को एक सार्वभौमिक और सुलभ स्वास्थ्य मॉडल बताया और जोर देकर कहा कि फर्क इरादे और क्रियान्वयन में है।<br /><br />डेटा-आधारित परिणाम प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रही है। बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की गारंटी से लेकर एक ऐसी प्रणाली विकसित की जा रही है, जिस पर लोग भरोसा करते हैं और सक्रिय रूप से उसका उपयोग कर रहे हैं। गलत जानकारी फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में अफवाह फैलाने वाले पंजाब को स्वस्थ नहीं देखना चाहते।<br /><br />प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना सभी के कल्याण के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य योजना है और इसके बारे में अफवाह फैलाने वाले पंजाब के हित में नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने यह योजना खासकर कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण इलाज तक सीधी पहुंच देने के उद्देश्य से शुरू की है। उन्होंने आगे कहा, “यह देश की अपनी तरह की पहली योजना है, जो पंजाब के हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है।”<br /><br />इसे गर्व की बात बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ऐसा पहला भारतीय राज्य है जो व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान कर रहा है, जिससे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होने के साथ-साथ जनता पर आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो रहा है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि इस योजना का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और सभी नागरिकों को सुविधा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों या आधार अथवा वोटर कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर स्वास्थ्य कार्ड जारी करते हुए सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, “इस योजना को व्यापक समर्थन मिला है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे उन परिवारों को काफी राहत मिली है जिन्हें इलाज पर भारी खर्च करना पड़ता था।”<br /><br />अफवाहों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ पंजाब विरोधी ताकतें, जो नहीं चाहतीं कि लोग ऐसी सुविधाओं का लाभ उठाएं, इस योजना के बारे में गलत जानकारी फैला रही हैं। ऐसे तत्वों का उद्देश्य लोगों को इसके लाभ से वंचित करना है, जो अनुचित है।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने इस योजना के तहत अधिकांश निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है, जहां सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर लगभग 2600 बीमारियों का इलाज किया जा रहा है।<br /><br />केंद्र की आयुष्मान योजना से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना लोगों के लिए वरदान है, जबकि आयुष्मान केवल दिखावा है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि “केंद्र ने 140 करोड़ की आबादी के लिए केवल 9300 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जबकि पंजाब ने मात्र 3 करोड़ लोगों के लिए 2000 करोड़ रुपए निर्धारित किए हैं। इसका अर्थ है कि पंजाब प्रति व्यक्ति लगभग दस गुना अधिक खर्च कर रहा है। आयुष्मान के विपरीत हमारी योजना में कोई शर्त नहीं है।”<br /><br />इस योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब और चंडीगढ़ के लगभग 900 सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना के अंतर्गत शामिल किए गए हैं और 25 लाख लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 1.6 लाख से अधिक लोग इलाज प्राप्त कर चुके हैं।” उन्होंने आगे बताया, “वर्ष 2025-26 के लिए 1200 करोड़ रुपए और 2026-27 के लिए 2000 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। यह योजना 2,356 चिकित्सा एवं सर्जिकल प्रक्रियाओं को कवर करती है, जिसमें ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, हृदय, फेफड़े, गुर्दे की बीमारियां, कैंसर उपचार सहित कई अन्य सेवाएं शामिल हैं।”<br /><br />स्वास्थ्य विभाग का चार वर्ष का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब भर में 883 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं और 28 मार्च को 100 और क्लीनिक समर्पित किए जाएंगे। इसके अलावा 400 क्लीनिक निर्माणाधीन हैं। इन क्लीनिकों में 47 जांच और 107 दवाएं मुफ्त उपलब्ध हैं तथा मरीज संतुष्टि दर 94 प्रतिशत है।” उन्होंने आगे कहा, “ओपीडी संख्या 5 करोड़ को पार कर चुकी है और 1.69 करोड़ मरीजों का इलाज किया जा चुका है। यह मॉडल अब पूरे भारत में लोकप्रिय हो रहा है।”<br /><br />मानव संसाधनों में अधिक निवेश की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ने 2022 के बाद अपने इतिहास में डॉक्टरों की सबसे बड़ी भर्ती देखी है, जिसमें 948 जनरल डॉक्टर और 627 विशेषज्ञ शामिल हैं। यह पिछले 75 वर्षों में कुल सरकारी डॉक्टरों की भर्ती का लगभग 35 प्रतिशत है।” उन्होंने आगे कहा, “300 नर्सिंग स्टाफ और 250 फार्मासिस्ट भर्ती किए गए हैं तथा 672 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।”<br /><br />मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने कहा, “250 बिस्तरों की क्षमता वाले सात मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र निर्माणाधीन हैं और 17 मार्च को 30 बिस्तरों वाले धूरी केंद्र का उद्घाटन किया गया। अब सभी अस्पतालों में मुफ्त दवाएं उपलब्ध हैं।” उन्होंने आगे कहा कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करना प्राथमिकता है और सभी जिला अस्पतालों तथा 42 में से 33 सब-डिविजनल अस्पतालों में हॉटलाइन सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, “शेष अस्पताल अप्रैल-मई 2026 तक हॉटलाइन सेवाओं से जुड़ जाएंगे और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर 400 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं।”<br /><br />मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “50-50 बिस्तरों वाले 22 क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन हैं और डायग्नोस्टिक सेवाओं का महत्वपूर्ण विस्तार किया जा रहा है। अक्टूबर 2026 तक सभी जिला अस्पतालों में एमआरआई सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे 500 प्रतिशत वृद्धि होगी, जबकि सीटी स्कैन सेवाओं में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।” उन्होंने आगे कहा, “अमृतसर, फरीदकोट, मोहाली और पटियाला में पीईटी स्कैन सुविधाएं शुरू की जाएंगी और 200 से अधिक सूचीबद्ध निजी डायग्नोस्टिक केंद्र मुफ्त एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।”<br /><br />तकनीक के उपयोग पर उन्होंने कहा, “डायलिसिस सेवाओं का विस्तार किया गया है और क्षमता बढ़ाकर 4800 कर दी गई है, जिससे प्रतीक्षा समय कम हुआ है। देश में पहली बार सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 9,294 महिलाओं की स्तन कैंसर के लिए जांच की गई।” उन्होंने आगे कहा, “1.07 लाख लोगों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से 21,660 लोगों में समस्या पाई गई।”<br /><br />क्रिटिकल केयर पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मिशन अमृत के तहत पंजाब स्टेमी प्रोजेक्ट को दिल के दौरे के मरीजों की देखभाल के लिए 23 जिलों में लागू किया गया है। इसमें 29,000 मरीज दर्ज किए गए हैं और 1700 से अधिक मामलों की पहचान की गई है।” उन्होंने आगे कहा, “सीएमसी लुधियाना और मेडट्रॉनिक के सहयोग से ‘समर्थ पंजाब स्ट्रोक प्रोजेक्ट’ पहले ही 100 से अधिक मरीजों को लाभ पहुंचा चुका है।”<br /><br />उन्होंने आगे कहा, “अपनी तरह का पहला पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलेरी साइंसेज लोगों को बड़ी राहत दे रहा है।” उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री की योगशाला अभियान के तहत प्रतिदिन 8000 योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे लगभग 2 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।”<br /><br />चिकित्सा शिक्षा के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, “सात नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं, जिनसे 600 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ेंगी और पंजाब को चिकित्सा शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।” उन्होंने निष्कर्ष में कहा, “पंजाब सरकार आने वाले समय में राज्य को स्वस्थ और प्रगतिशील बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”<br /><br />इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 19:32:47 +0530</pubDate>
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                <title> पंजाब सरकार द्वारा पिछड़ी श्रेणियों के कल्याण हेतु 11 नए बोर्ड स्थापित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 20 मार्च:</strong><br /><br />पंजाब सरकार पिछड़ी श्रेणियों की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बात श्री मलकीत सिंह थिंद, चेयरमैन, पंजाब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने पंजाब भवन में पिछड़ी श्रेणियों के लिए नवगठित 11 बोर्डों के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्यों के साथ बैठक के दौरान कही। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग के सहयोग से पहले ही कई कल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं और अब नए बोर्डों की स्थापना से इन प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।<br /><br />बैठक के दौरान बैकफिंको के अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछड़ी श्रेणियों और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/punjab-government-establishes-1/article-5319"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-20-at-5.08.53-pm-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 20 मार्च:</strong><br /><br />पंजाब सरकार पिछड़ी श्रेणियों की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बात श्री मलकीत सिंह थिंद, चेयरमैन, पंजाब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने पंजाब भवन में पिछड़ी श्रेणियों के लिए नवगठित 11 बोर्डों के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्यों के साथ बैठक के दौरान कही। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग के सहयोग से पहले ही कई कल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं और अब नए बोर्डों की स्थापना से इन प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।<br /><br />बैठक के दौरान बैकफिंको के अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछड़ी श्रेणियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को स्व-रोजगार के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके तहत किराना दुकानों, डेयरी फार्मिंग जैसी गतिविधियों के लिए 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के पंजाब के निवासी पात्र हैं। इसके अलावा, NBCFDC की सहायता से विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण भी प्रदान किए जाते हैं।<br /><br />आशीर्वाद योजना के संबंध में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान 89 करोड़ रुपये जारी कर 17,533 लाभार्थियों को लाभ पहुंचाया गया है। इसी प्रकार, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (ओबीसी) के अंतर्गत 12.59 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है और NSP पोर्टल के माध्यम से 10,092 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं।<br /><br />उन्होंने यह भी बताया कि पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला में ओबीसी विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के निर्माण हेतु प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं और शीघ्र ही धनराशि प्राप्त होने की संभावना है। साथ ही, सरकारी नौकरियों और प्रवेशों में पिछड़ी श्रेणियों के लिए आरक्षण की सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।<br /><br />चेयरमैन श्री थिंद ने बोर्डों के सदस्यों को निर्देश दिए कि यदि किसी भी पात्र व्यक्ति को पिछड़ी श्रेणी का प्रमाण पत्र बनवाने में कोई कठिनाई आती है, तो उसे तुरंत संबंधित जिला अधिकारी के ध्यान में लाया जाए, ताकि आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।<br /><br />बैठक के दौरान श्री सुखविंदर सिंह, चेयरमैन, कंबोज कल्याण बोर्ड; श्री बारी सलमानी उर्फ अब्दुल बारी, चेयरमैन, पंजाब राज्य मुस्लिम भलाई बोर्ड; श्री राम कुमार मुकारी, चेयरमैन, सैनी भलाई बोर्ड; गुरमीत सिंह बावां, चेयरमैन, वैरागी भलाई बोर्ड; सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर राजकुमार, चेयरमैन, गुर्जर भलाई बोर्ड; केशव वर्मा, चेयरमैन, स्वर्णकार भलाई बोर्ड; मख्खन लाल, चेयरमैन, सैन समाज भलाई बोर्ड; डैनियल मसीह, चेयरमैन, मसीह भलाई बोर्ड; श्री सतपाल सिंह सोखी, चेयरमैन, रामगढ़िया भलाई बोर्ड; तथा श्री राजू कनोजिया, चेयरमैन, कनोजिया भलाई बोर्ड उपस्थित थे।<br /><br />इसके अतिरिक्त, सामाजिक न्याय विभाग के नोडल अधिकारी श्री सुखसागर सिंह और बैकफिंको के अधिकारी श्री सुखविंदर सिंह भी बैठक में मौजूद थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 19:21:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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                <title>पंजाब कृषि के बुनियादी ढांचे के विकास में देश भर में अग्रणी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 19 मार्च:</strong><br /><br />पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के के दौरान कृषि के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पंजाब देश भर में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। पंजाब के बागवानी विभाग द्वारा आज चंडीगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय एआईएफ सम्मेलन और सम्मान समारोह में बागवानी मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।<br /><br />इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए बागवानी मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने बताया कि ए.आई.एफ. के तहत परियोजनाओं की सर्वाधिक संख्या में पंजाब देश भर में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/-punjab-is-a-leader-in-the-country-in/article-5309"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-19-at-6.30.34-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 19 मार्च:</strong><br /><br />पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के के दौरान कृषि के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पंजाब देश भर में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। पंजाब के बागवानी विभाग द्वारा आज चंडीगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय एआईएफ सम्मेलन और सम्मान समारोह में बागवानी मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।<br /><br />इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए बागवानी मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने बताया कि ए.आई.एफ. के तहत परियोजनाओं की सर्वाधिक संख्या में पंजाब देश भर में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि बुनियादी ढांचा फंड योजना के तहत फरवरी-2026 तक 32,823 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, इन परियोजनाओं के लिए विभिन्न वित्तीय संस्थानों द्वारा 7,597 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं और 7,132 करोड़ रुपये लाभार्थियों को जारी किए गए हैं।<br /><br />उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सबसे अधिक परियोजनाएं स्वीकृत कराने वाले देश के शीर्ष जिलों में से 8 जिले पंजाब के हैं। इनमें लुधियाना (3,650 परियोजनाएं), संगरूर (3,155), बठिंडा (3,049), पटियाला (2,970), फाजिल्का (2,844), श्री मुक्तसर साहिब (2,246), मोगा (1,758) और फिरोजपुर (1,680) शामिल हैं।<br /><br />इसके अलावा उन्होंने बताया कि बागवानी क्षेत्र को संपन्न बनाने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जीका) के सहयोग से लगभग 1300 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिन्हें अगले 10 वर्षों के दौरान शुरू किया जाएगा।<br /><br />उन्होंने आगे बताया कि पंजाब ने सितंबर 2024 और जनवरी 2026 में सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में पुरस्कार प्राप्त किए हैं।<br />इस कार्यक्रम के दौरान सफलता की कहानियों पर आधारित एक महत्वपूर्ण पुस्तिका जारी की गई।<br /><br />इससे पहले बागवानी विभाग के प्रशासनिक सचिव श्री अर्शदीप सिंह थिंद और बागवानी निदेशक श्री मनीष कुमार ने भी एआईएफ योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की।<br /><br />इस अवसर पर एआईएफ योजना को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न जिलों के उपायुक्तों, उप निदेशक (बागवानी), लीड जिला प्रबंधक और जिला विकास प्रबंधक (नाबार्ड) को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।<br /><br /><br />इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सम्मानित किया गया, उसके बाद बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब ग्रामीण बैंक और एचडीएफसी बैंक शामिल रहे।<br /><br />इस समारोह के दौरान विभिन्न जिलों के उपायुक्त, बैंकिंग और ऋण देने वाली विभिन्न संस्थाओं के राज्य स्तरीय प्रतिनिधि, किसान और विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 19:35:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पंजाब द्वारा राजस्थान सरकार से दशकों से पानी के इस्तेमाल का 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया वसूला जायेगा - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 18 मार्च</strong><br />पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राजस्थान सरकार के पास दशकों से बिना भुगतान किए पानी के उपयोग के लिए 1.44 लाख करोड़ रुपये की वसूली का दावा पेश किया जाएगा। उन्होंने साथ ही कहा कि राजस्थान को या तो पंजाब के जायज बकाए जारी करने चाहिए या पानी लेना बंद कर देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को संचालित करने वाले वर्ष 1920 के ऐतिहासिक समझौते की समीक्षा करने की मांग की।<br /><br />मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "राजस्थान सरकार वर्ष 1960</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/punjab-to-recover-%E2%82%B91-44-lakh-crore-from-r/article-5299"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-18-at-5.52.25-pm.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़, 18 मार्च</strong><br />पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राजस्थान सरकार के पास दशकों से बिना भुगतान किए पानी के उपयोग के लिए 1.44 लाख करोड़ रुपये की वसूली का दावा पेश किया जाएगा। उन्होंने साथ ही कहा कि राजस्थान को या तो पंजाब के जायज बकाए जारी करने चाहिए या पानी लेना बंद कर देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को संचालित करने वाले वर्ष 1920 के ऐतिहासिक समझौते की समीक्षा करने की मांग की।<br /><br />मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "राजस्थान सरकार वर्ष 1960 से फिरोजपुर फीडर के जरिए निकाले गए पानी के लिए पंजाब को 1.44 लाख करोड़ रुपये की देनदार है, जिसके लिए एक पैसा भी अदा नहीं किया गया है। राजस्थान को या तो पंजाब का जायज बकाया जारी करना चाहिए या पानी लेना बंद करना चाहिए।"<br /><br />उन्होंने कहा कि साल 1920 के दशक में बीकानेर रियासत, साझा पंजाब और ब्रिटिश राज के बीच हुए एक समझौते के अनुसार राजस्थान प्रति एकड़ के आधार पर पानी का भुगतान करने के लिए सहमत हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा, "साल 1960 तक भुगतान किए जाते थे, लेकिन सिंधु जल समझौते के बाद राजस्थान ने लगातार 18,000 क्यूसेक पानी लेने के बावजूद भुगतान करना बंद कर दिया।"<br /><br />राजस्थान के रुख में विरोधाभास का जिक्र करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आज भी, राजस्थान 1920 के समझौते के तहत पानी ले रहा है, लेकिन जब बकाए के भुगतान की बात आती है तो यह 1960 के समझौते का सहारा ले लेता है।"<br /><br />उन्होंने आगे कहा, "उस समय की सरकारों ने 1960 में नई व्यवस्था में शामिल होते समय भुगतान का जिक्र नहीं किया, लेकिन उन्होंने 1920 के समझौते को भी कभी रद्द नहीं किया।"<br /><br />इस मामले में पिछले समय की कार्रवाइयों पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "समझौते में स्पष्ट रूप से हर 25 साल बाद समीक्षा को अनिवार्य किया गया था, लेकिन पिछली सरकारों ने कभी भी इस मुद्दे को नहीं उठाया और न ही पंजाब के जायज दावे की पैरवी की।"<br /><br />ऐतिहासिक संदर्भ को दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "वर्ष 1920 में ब्रिटिश राज के दौरान बीकानेर के साथ हुए एक समझौते के तहत 1960 तक पंजाब का 18,000 क्यूसेक पानी लगातार सप्लाई किया जाता रहा। हालांकि, सिंधु जल संधि के बाद इस समझौते का कोई जिक्र नहीं था। अगर हम 1960 से 2026 तक के बकाए का हिसाब लगाएं तो राजस्थान पंजाब का ₹1.44 लाख करोड़ बकाया है।"<br /><br />मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "हमने यह मुद्दा केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार, दोनों के पास उठाया है।" उन्होंने आगे कहा, "पंजाब सरकार ने राजस्थान सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बैठक की मांग करने के लिए एक पत्र भी लिखा है।"<br /><br />मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब इस मामले को मजबूती से आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार साल 1920 के समझौते की समीक्षा की मांग करती है ताकि पंजाब अपने जायज बकाए की वसूली कर सके। हम इस मुद्दे को सभी मंचों पर जोरदार तरीके से उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब को वह मिले, जो उसका हक है। हम इस पैसे की वसूली के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।" </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 18:57:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए छापेमारी का दूसरा दिन; व्यावसायिक स्थलों से 86 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[सभी एएफएसओ और डीएफएसओ फील्ड में डटे; गैस एजेंसियों के स्टॉक की भी जांच जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%8F%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A7-%E0%A4%86%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%9B%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE/article-5259"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-15-at-11.47.16-am-(1).jpeg" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;"><strong>पटियाला, 14 मार्च: मलिक सिंह घुमन (पटियाला)</strong></h6>
<div class="tw-target-rmn tw-ta-container tw-nfl"></div>
<p style="text-align:justify;">घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के अवैध उपयोग और कालाबाज़ारी के खिलाफ विशेष प्रवर्तन अभियान को जारी रखते हुए जिला प्रशासन की टीमों ने पटियाला जिले के विभिन्न स्थानों पर लगातार दूसरे दिन भी छापेमारी की।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया</strong> के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए सभी जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी (डीएफएसओ) और सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी (एएफएसओ) आज पूरे दिन फील्ड में तैनात रहे। उन्होंने गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर उनके स्टॉक की जांच की तथा उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडरों की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाओं का जायजा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-03/whatsapp-image-2026.jpeg" alt="WhatsApp Image 2026" width="1200" height="1309"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने दोहराया कि जिले में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य और पर्याप्त है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों के आधार पर घबराहट में अनावश्यक बुकिंग या जमाखोरी न करें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाज़ारी या अवैध उपयोग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि आने वाले दिनों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रखी जाएगी ताकि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग न हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान पटियाला की जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक डॉ. रविंदर कौर ने बताया कि गैस एजेंसियों के स्टॉक की विस्तृत जांच की गई है और जिले में एलपीजी की आपूर्ति फिलहाल पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि गैस एजेंसियों के निरीक्षण के साथ-साथ खाने-पीने के स्थानों, रेस्टोरेंटों और ढाबों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के अवैध उपयोग की जांच के लिए आज भी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी जारी रखी गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डीएफएससी</strong> ने आगे बताया कि सभी एएफएसओज और डीएफएसओज के अधीन गठित कुल आठ प्रवर्तन टीमों ने विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण किया। इन टीमों ने गैस एजेंसियों के साथ-साथ रेस्टोरेंटों, खाने-पीने के प्रतिष्ठानों और सड़क किनारे ढाबों की भी जांच की, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित एलपीजी सिलेंडरों के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-15-at-11.47.16-am-(1).jpeg" alt="WhatsApp Image 2026-03-15 at 11.47.16 AM (1)" width="740" height="1600"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डॉ. रविंदर कौर</strong> ने बताया कि इस अभियान के दौरान जिले भर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कुल 86 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। इनमें नाभा से 19, पातड़ां से 25, सनौर से 30 और राजपुरा से 12 सिलेंडर शामिल हैं, जो कि रेस्टोरेंटों और खाने-पीने के स्थानों पर अवैध रूप से उपयोग किए जा रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 12:03:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नेतन्याहू की हत्या के दावे को इजराइल ने बताया फर्जी, 6 उंगलियों वाला वीडियो भ्रामक</title>
                                    <description><![CDATA[नेतन्याहू की मौत की अफवाहों और 6 उंगलियों वाले वायरल वीडियो को इजराइल ने सिरे से खारिज कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%87%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AB%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A5%80/article-5258"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/172616-netanyahu3456.webp" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>नेतन्याहू की हत्या का दावा फर्जी: 6 उंगलियों वाले वीडियो और मौत की अटकलों का क्या है सच?</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>यरुशलम:</strong> इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों और दावों को इजराइल सरकार ने पूरी तरह से 'फर्जी खबर' (Fake News) करार दिया है। हाल ही में एक वीडियो सामने आने के बाद यह अफवाह तेजी से फैली थी, जिसमें कथित तौर पर नेतन्याहू के दाहिने हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही थीं। इस वीडियो के आधार पर दावा किया गया कि असल में नेतन्याहू की मौत हो चुकी है और सरकार जनता को गुमराह करने के लिए 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) से बनाए गए 'डीपफेक' (Deepfake) वीडियो का इस्तेमाल कर रही है।</span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>अफवाहों की शुरुआत कैसे हुई?</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब नेतन्याहू ने देश को संबोधित करते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो जारी किया। इस वीडियो के एक खास फ्रेम को सोशल मीडिया यूजर्स ने ज़ूम करके शेयर करना शुरू कर दिया। तस्वीर में एक अजीबोगरीब एंगल के कारण ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पोडियम पर इशारा करते समय उनके हाथ में छह उंगलियां हैं।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">चूंकि जेनरेटिव एआई (AI) टूल अक्सर इंसानी हाथों और उंगलियों को सटीक रूप से बनाने में गलतियां करते हैं, इसलिए इसी बात को आधार बनाकर लोगों ने दावा किया कि यह वीडियो 'सिंथेटिक' या एआई-जनरेटेड है। इसके साथ ही इंटरनेट पर कुछ ऐसी तस्वीरें भी वायरल होने लगीं, जिनमें कथित तौर पर नेतन्याहू को मलबे के बीच घायल अवस्था में लेटे हुए दिखाया गया था। देखते ही देखते एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर मौत की अफवाहें ट्रेंड करने लगीं।</span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>डिजिटल फॉरेंसिक और फैक्ट-चेक रिपोर्ट :</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">अंतरराष्ट्रीय फैक्ट-चेकिंग एजेंसियों और डिजिटल एनालिस्ट्स ने जब इन दावों की पड़ताल की, तो सच्चाई बिल्कुल उलट निकली।</span></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>ऑप्टिकल इल्यूजन (दृष्टिभ्रम):</strong> विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि 'छह उंगलियों' वाला दावा महज एक दृष्टिभ्रम (Optical Illusion) है। वीडियो के जिस फ्रेम को वायरल किया गया, वह दरअसल उनके हाथ मोड़ने, कैमरे के एंगल और मोशन ब्लर (Motion Blur) का नतीजा था। हकीकत में, नेतन्याहू के हाथों में आम इंसानों की तरह पांच-पांच उंगलियां ही हैं।</span></p>
</li>
<li>
<p><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>घायल होने की तस्वीरें:</strong> मलबे में घायल दिखने वाली तस्वीरें पूरी तरह से एआई द्वारा जनरेट की गई थीं। 'ग्रोक' (Grok) और अन्य डिजिटल वेरिफिकेशन टूल्स ने पुष्टि की है कि इन तस्वीरों में रोशनी, बनावट और त्वचा का रंग अस्वाभाविक है, जो एआई जनरेटेड तस्वीरों की स्पष्ट पहचान है।</span></p>
</li>
<li>
<p><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>आधिकारिक अकाउंट से डिलीट ट्वीट का दावा:</strong> कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया था कि इजराइल के आधिकारिक हैंडल ने नेतन्याहू की मौत का ट्वीट कर डिलीट कर दिया है। फैक्ट-चेकर्स ने पाया कि ऐसे स्क्रीनशॉट फोटोशॉप किए गए थे और ऐसा कोई बयान कभी जारी ही नहीं हुआ।</span><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-03/172616-netanyahu3456.webp" alt="172616-netanyahu3456" width="1280" height="720"></img></span></p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>युद्ध के बीच 'डीपफेक पैरानोइया' (Deepfake Paranoia) :</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">यह भ्रामक जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव अपने चरम पर है। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे मौजूदा भू-राजनीतिक संघर्ष के दौरान, सोशल मीडिया पर प्रोपेगैंडा और फर्जी खबरों की बाढ़ आ गई है। इस तनावपूर्ण माहौल में आम जनता किसी भी असामान्य विजुअल को संदेह की नजर से देख रही है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">युद्ध के दौरान दुश्मन देशों और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर ऐसी अफवाहें फैलाई जाती हैं ताकि जनता में घबराहट और राजनीतिक अस्थिरता पैदा की जा सके। इजरायली अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बिल्कुल सुरक्षित हैं और वह सक्रिय रूप से देश के सैन्य अभियानों का नेतृत्व कर रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि हाल ही में जारी किए गए उनके सभी वीडियो मूल और प्रामाणिक हैं।</span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>निष्कर्ष :</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">वर्तमान डिजिटल युग में, जहां एआई तकनीक बेहद उन्नत हो चुकी है, वहां किसी भी वायरल तस्वीर या वीडियो पर तुरंत विश्वास कर लेना खतरनाक साबित हो सकता है। नेतन्याहू के छह उंगलियों वाले वीडियो का मामला इस बात का सटीक उदाहरण है कि कैसे कैमरे के एक साधारण एंगल और युद्ध की घबराहट को मिलाकर एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय अफवाह खड़ी की जा सकती है। आधिकारिक बयानों और स्वतंत्र जांच ने यह साबित कर दिया है कि इजरायली प्रधानमंत्री सुरक्षित हैं और उनकी हत्या या एआई वीडियो से जुड़े सभी दावे पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।</span></p>
<hr />]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>World</category>
                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 11:49:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान की खुली चेतावनी: 'भारत से लौट रहे हमारे जंगी जहाज को डुबोने का अमेरिका से लेंगे बदला', 104 नौसैनिकों की मौत </title>
                                    <description><![CDATA[श्रीलंका के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत को डुबोया, जिसमें 104 नौसैनिकों की जान गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%9C%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A1%E0%A5%81%E0%A4%AC%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A5%A4/article-5238"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/456763707_918265877013776_1269052628668966265_n.jpg" alt=""></a><br /><div class="container">
<div class="markdown markdown-main-panel enable-updated-hr-color" dir="ltr">
<h5 style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>तेहरान/कोलंबो:</strong> </span></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अपने नौसैनिक युद्धपोत 'IRIS देना' (IRIS Dena) पर हुए जानलेवा अमेरिकी हमले का कड़ा और सीधा बदला लेगा। 4 मार्च को हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ने इस ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया था। इस विनाशकारी हमले में 104 ईरानी नौसैनिकों की मौत हो गई, जबकि 32 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">यह युद्धपोत भारत में आयोजित एक बहुराष्ट्रीय नौसैन्य अभ्यास से हिस्सा लेकर वापस अपने देश लौट रहा था। इस घटना ने मध्य पूर्व से लेकर हिंद महासागर तक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद किसी पनडुब्बी द्वारा युद्धपोत को डुबोने की यह दशकों में सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-03/456763707_918265877013776_1269052628668966265_n.jpg" alt="456763707_918265877013776_1269052628668966265_n" width="1200" height="550"></img></span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>हमला कब और कैसे हुआ?</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">ईरानी सेना और राज्य समाचार एजेंसी IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 मार्च को ईरानी नौसेना का फ्रिगेट 'IRIS देना' श्रीलंका के दक्षिणी तटीय शहर गाले (Galle) से लगभग 19 समुद्री मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहा था।</span></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>अमेरिकी पनडुब्बी का वार:</strong> इसी दौरान लॉस एंजिल्स श्रेणी की अमेरिकी पनडुब्बी 'USS चार्लोट' (USS Charlotte) ने युद्धपोत पर दो 'मार्क 48' टॉरपीडो दागे।</span></p>
</li>
<li>
<p><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>भयंकर विस्फोट:</strong> इनमें से एक टॉरपीडो युद्धपोत के पिछले हिस्से से टकराया, जिससे एक जोरदार धमाका हुआ और जहाज कुछ ही देर में हिंद महासागर में डूब गया।</span></p>
</li>
<li>
<p><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>बचाव अभियान:</strong> श्रीलंकाई नौसेना ने मदद का संकटकालीन (Distress) सिग्नल मिलने के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। उन्होंने समुद्र से 32 घायल ईरानी नौसैनिकों को निकाला और गाले के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया।</span></p>
</li>
</ul>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>भारत से लौट रहा था युद्धपोत :</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">यह घटना कूटनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है क्योंकि 'IRIS देना' भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित 'मिलन 2026' (MILAN Peace 2026) बहुराष्ट्रीय नौसैनिक युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के बाद स्वदेश लौट रहा था। ईरानी अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि यह युद्धपोत एक "शांति और प्रशिक्षण मिशन" पर था। ईरान के विदेश मंत्रालय का दावा है कि यह जहाज भारतीय नौसेना का मेहमान था और घटना के वक्त पूरी तरह से निहत्था था।</span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>ईरान का गुस्सा और 'बदले' की कसम :</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">इस हमले के बाद ईरान के भीतर भारी आक्रोश है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस हमले को 'समुद्र में किया गया एक क्रूर अत्याचार' और 'अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन' करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा: <em>"युद्धपोत 'देना' भारतीय नौसेना का मेहमान था, जिस पर ईरान के तटों से 2,000 मील दूर बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। अमेरिका को अपने द्वारा स्थापित की गई इस मिसाल पर बुरी तरह पछताना पड़ेगा।"</em> ईरानी सेना ने संकेत दिए हैं कि वह इसके जवाब में पूरे क्षेत्र में फैले अमेरिकी सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाएगी।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-03/milan-2026.webp" alt="milan-2026" width="900" height="600"></img></span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>अमेरिका ने की हमले की पुष्टि :</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि की है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे "शांत मौत" (Quiet Death) का नाम दिया और इसे अमेरिकी नौसेना की एक बड़ी सामरिक कार्रवाई बताया। अमेरिका ने ईरानी जहाज के निहत्थे होने के दावों को सिरे से खारिज किया है, हालांकि उन्होंने हमले के वक्त जहाज से किसी सीधे खतरे के प्रमाण सार्वजनिक नहीं किए हैं।</span></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>भारत और श्रीलंका पर बढ़ता कूटनीतिक दबाव :</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">इस हमले ने भारत और श्रीलंका के लिए गंभीर कूटनीतिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।</span></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>श्रीलंका का रुख:</strong> अमेरिका लगातार श्रीलंका पर दबाव बना रहा है कि वह बचाए गए 32 ईरानी सैनिकों को अमेरिका को सौंप दे ताकि उनसे पूछताछ की जा सके। हालांकि, श्रीलंका की एक स्थानीय अदालत ने आदेश दिया है कि मारे गए सभी 104 ईरानी नाविकों के शव सम्मानपूर्वक ईरानी दूतावास को सौंपे जाएं।</span></p>
</li>
<li>
<p><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;"><strong>भारत के लिए चिंता:</strong> एक ओर अमेरिका भारत का 'प्रमुख रक्षा भागीदार' है, तो दूसरी ओर ईरान भी भारत का अहम रणनीतिक साझेदार है। भारत के ठीक पड़ोस (हिंद महासागर) में युद्धपोत को डुबोए जाने की इस घटना ने भारत के लिए एक असहज स्थिति पैदा कर दी है।</span></p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:arial, helvetica, sans-serif;">फरवरी 2026 के अंत से अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच भड़की इस व्यापक जंग ने अब अपने पैर हिंद महासागर तक पसार लिए हैं। क्या इस हमले के बाद ईरान सीधे तौर पर अमेरिकी नौसेना पर कोई बड़ा पलटवार करेगा? इस सवाल ने पूरी दुनिया की धड़कनें तेज कर दी हैं।</span></p>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>World</category>
                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 17:21:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब में छाया एलपीजी संकट: किल्लत के बीच ₹4000 तक पहुँचा सिलेंडर, दिल्ली में कांग्रेस का 'चूल्हा मार्च'</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब में एलपीजी की भारी किल्लत से हाहाकार, कालाबाजारी में सिलेंडर के दाम दोगुने; विरोध में कांग्रेस का दिल्ली में प्रदर्शन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/delhi/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%8F%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E2%82%B94000-%E0%A4%A4%E0%A4%95/article-5220"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/2026_3image_11_02_494290346lpglucknow.jpg" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/चंडीगढ़:</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">देशभर में रसोई गैस (LPG) की किल्लत ने आम जनता की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। पंजाब से आ रही तस्वीरें बेहद चिंताजनक हैं, जहाँ लोग गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर लेकर भागते और लंबी कतारों में संघर्ष करते दिख रहे हैं। संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले सक्रिय हो गए हैं, जिसके चलते ₹2000 का सिलेंडर कथित तौर पर ₹4000 तक बेचा जा रहा है। इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए दिल्ली में 'मिट्टी के चूल्हे' जलाकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-03/2026_3image_11_02_494290346lpglucknow.jpg" alt="2026_3image_11_02_494290346lpglucknow" width="1200" height="675"></img></p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>पंजाब में 'गैस की लूट' जैसे हालात :</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के विभिन्न जिलों, विशेषकर लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है। सरकारी दावों के विपरीत, धरातल पर उपभोक्ताओं को 15 से 20 दिनों की लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर जब ट्रक गैस एजेंसी पहुँचते हैं, तो लोग आपाधापी में सिलेंडर खुद उठाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जो सिलेंडर सरकारी रेट पर उपलब्ध होना चाहिए, वह अब ब्लैक मार्केट में दोगुने से भी अधिक दामों पर मिल रहा है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अब खाना पकाना एक विलासिता जैसा हो गया है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली की सड़कों पर उतरी कांग्रेस :</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">इस संकट के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं और कई दिग्गज नेताओं ने सड़क पर बैठकर 'मिट्टी के चूल्हे' जलाए और उन पर रोटियां सेंकी। यह विरोध प्रदर्शन सांकेतिक रूप से यह दिखाने के लिए था कि मोदी सरकार के दौर में देश एक बार फिर "धुएँ वाले पुराने युग" में लौट रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 'उज्ज्वला योजना' के तहत दिए गए सिलेंडर अब खाली पड़े हैं क्योंकि आम आदमी के पास उन्हें भरवाने की हिम्मत नहीं बची है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>संकट का कारण: आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों और पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस संकट के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (विशेषकर मध्य-पूर्व का संघर्ष) और आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटें प्रमुख कारण हैं। हालांकि, सरकार ने हाल ही में घरेलू रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसका असर अभी तक बाजारों में नहीं दिख रहा है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>सियासी वार-पलटवार :</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जब देश में गैस और ईंधन की कमी थी, तब सरकार ने पहले से तैयारी क्यों नहीं की। दूसरी ओर, सरकार ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और 'पैनिक बाइंग' (जरूरत से ज्यादा खरीदारी) से बचें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्षी दलों पर भ्रम और डर फैलाने का आरोप लगाया है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>आम जनता पर दोहरी मार :</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आधिकारिक कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी के बाद अब किल्लत ने लोगों को पूरी तरह तोड़ दिया है। व्यावसायिक (Commercial) सिलेंडरों की किल्लत से छोटे ढाबे और होटल भी बंद होने की कगार पर हैं, जिससे बेरोजगारी का खतरा भी मंडरा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>World</category>
                                            <category>Delhi</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 15:26:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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                <title>होर्मुज जलडमरूमार्ग  में महायुद्ध की आहट: ईरान का जहाजों को 'संपर्क' करने का अल्टीमेटम, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमले का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को चेतावनी दी है और अमेरिकी युद्धपोत पर हमले का दावा किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/national/%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%9C-%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A7-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B9%E0%A4%9F-%E0%A4%88%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B/article-5218"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/hormuz_large_0940_21.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव अब एक पूर्ण विकसित युद्ध की कगार पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे सीधे सैन्य टकराव ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग—होर्मुज जलडमरूमध्य—को एक 'वॉर जोन' में तब्दील कर दिया है। ईरानी नौसेना ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए साफ कर दिया है कि इस खाड़ी से गुजरने वाले किसी भी जहाज को अब सीधे तौर पर उनसे संपर्क साधना होगा और अपनी पहचान स्पष्ट करनी होगी। इस बीच, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर मिसाइल हमले के दावों ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की चिंताएं बढ़ा दी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ईरानी नौसेना की चेतावनी:</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>"हमसे बात करें, वरना..."</strong> ईरानी सशस्त्र बलों की केंद्रीय संचालन कमान 'खातम अल-अनबिया' और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सरकारी टेलीविजन पर एक कड़ा बयान जारी किया है। ईरान का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल या उनके किसी भी सहयोगी देश के जहाज, या वह जहाज जो इनका तेल ले जा रहे हैं, उन्हें अब एक "वैध सैन्य लक्ष्य" माना जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरानी नौसेना ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी रेडियो फ्रीक्वेंसी पर जवाब देना होगा। इसके पीछे ईरान की मंशा इस क्षेत्र पर अपना पूर्ण नियंत्रण जताना और अमेरिका द्वारा बनाए जा रहे दबाव का कूटनीतिक और सैन्य जवाब देना है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चुनौती देते हुए कहा है कि यह जलडमरूमध्य इजरायल और अमेरिका की शत्रुतापूर्ण नीतियों का परिणाम भुगतेगा और वे जरूरत पड़ने पर इस रास्ते को पूरी तरह से ब्लॉक कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-03/hormuz_large_0940_21.webp" alt="hormuz_large_0940_21" width="1200" height="705"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>रोजाना 130 जहाजों की आवाजाही: दुनिया की जीवनरेखा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'एनर्जी चोकपॉइंट' है। आंकड़ों के अनुसार, यहां से हर रोज औसतन 130 व्यापारिक और तेल से लदे जहाज गुजरते हैं। वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) और भारी मात्रा में लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) इसी रास्ते से होकर जाती है। ईरान की धमकी का सीधा अर्थ है—पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई को बंधक बनाना। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मार्ग कुछ हफ्तों के लिए भी बाधित होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर मिसाइल अटैक का दावा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">तनाव के इस माहौल में सबसे चौंकाने वाली खबर अमेरिकी नौसैनिक बेड़े पर हमले की है। ईरानी सेना और उनके समर्थित विद्रोही गुटों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर और होर्मुज के आसपास तैनात अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर (जिसमें यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन का नाम उछाला गया है) को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और कामिकेज (Kamikaze) ड्रोन दागे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरानी जनसंपर्क कार्यालय के मुताबिक, उनके मिसाइल और ड्रोन हमलों के खौफ से अमेरिकी युद्धपोतों को अपनी जगह बदलने पर मजबूर होना पड़ा है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने इस हमले में अपने किसी भी एयरक्राफ्ट कैरियर को गंभीर नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं की है। अमेरिका का कहना है कि उनके उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान द्वारा दागी गई अधिकतर मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अमेरिका का पलटवार और माइन-लेइंग जहाजों का खात्मा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">ईरान की इन आक्रामक गतिविधियों को देखते हुए अमेरिका ने भी अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में 'डेथ वैली' बनाने की साजिश रच रहा है। सैटेलाइट इमेज और खुफिया रिपोर्ट्स में यह खुलासा हुआ कि ईरानी नौसेना छोटी नावों (USVs) का उपयोग करके समुद्र के नीचे भारी मात्रा में 'सी-माइंस' (समुद्री बारूदी सुरंगें) बिछा रही है ताकि अमेरिकी और व्यापारिक जहाजों को डुबाया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">जवाब में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए ईरान के 10 से 16 इनएक्टिव माइन-लेइंग (बारूदी सुरंग बिछाने वाले) जहाजों को मिसाइल स्ट्राइक से पूरी तरह तबाह कर दिया है। अमेरिका ने ईरान को खुली चेतावनी दी है कि वह वैश्विक ऊर्जा सप्लाई मार्ग को बाधित करने की कोई भी कोशिश न करे। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि आतंकवादियों और उपद्रवियों को दुनिया के व्यापार को बंधक बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अब आगे क्या होगा ?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा हालात बता रहे हैं कि कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है। ईरान पहली बार होर्मुज में ड्रोन बोट (USV) और अंडरवाटर हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है, जो कम लागत में भारी तबाही मचाने में सक्षम हैं। दूसरी ओर, अमेरिका किसी भी कीमत पर इस 'चोकपॉइंट' को खुला रखना चाहता है। यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रह गई है; यह एक ऐसा भू-राजनीतिक संकट है जो यूरोप से लेकर एशिया तक के देशों की अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। आने वाले दिनों में अगर कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकाला गया, तो यह संघर्ष एक विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Politics</category>
                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 13:30:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एलपीजी संकट का हाहाकार: दिल्ली में सुलगते चूल्हे, मध्य प्रदेश में ठप बुकिंग और पंजाब की कतार में टूटी सांसें</title>
                                    <description><![CDATA[देशभर में एलपीजी किल्लत से हाहाकार; दिल्ली में प्रदर्शन, एमपी में बुकिंग ठप और पंजाब में बुजुर्ग की दुखद मौत।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%8F%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%9A%E0%A5%82%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B9%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6/article-5216"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/448-252-26225235-thumbnail-16x9-cylinder.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश भर में एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है। एक तरफ जहां रसोई गैस की बढ़ती कीमतें पहले ही लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थीं, वहीं अब इसकी भयंकर अनुपलब्धता ने हालात को बद से बदतर कर दिया है। यह स्थिति अब केवल घर-गृहस्थी की असुविधा तक सीमित नहीं रह गई है; यह एक गहरे मानवीय, प्रशासनिक और राजनीतिक संकट का रूप ले चुकी है। देश के विभिन्न हिस्सों से आ रही खबरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि बुनियादी जरूरतों के लिए आम जनमानस किस कदर जद्दोजहद कर रहा है। हाल ही में दिल्ली, मध्य प्रदेश और पंजाब से सामने आए तीन अलग-अलग घटनाक्रम इस गैस संकट की बेहद भयावह और दुखद तस्वीर पेश करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-03/448-252-26225235-thumbnail-16x9-cylinder.jpg" alt="448-252-26225235-thumbnail-16x9-cylinder" width="598" height="337"></img></p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली: सड़कों पर उतरे चूल्हे और राजनीतिक आक्रोश</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">राजधानी दिल्ली में इस गैस किल्लत ने राजनीतिक पारे को चरम पर पहुंचा दिया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रशासनिक विफलता को घेरने के लिए सड़क पर उतरकर एक अनूठा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। दिल्ली की सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता अपने सिरों और हाथों में पारंपरिक मिट्टी के 'चूल्हे' लेकर उतरे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक विरोध मात्र नहीं था, बल्कि यह उस कड़वी सच्चाई का प्रतीक था जहां 'डिजिटल इंडिया' और 'आधुनिकता' के दावों के बीच आम आदमी को वापस लकड़ियों और धुएं भरे चूल्हों की तरफ धकेला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने खाली गैस सिलेंडरों को गले में लटकाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका सीधा आरोप है कि 'उज्ज्वला योजना' जैसे बड़े-बड़े दावों की पोल इस किल्लत ने पूरी तरह से खोल दी है। महिलाओं का आक्रोश यह बता रहा था कि बिना गैस के रसोई चलाना अब कितना असंभव हो गया है। दिल्ली की सड़कों पर सुलगते ये चूल्हे सत्ताधारी दल के लिए एक स्पष्ट संदेश हैं कि महंगाई और किल्लत की यह दोहरी मार जनता के सब्र का बांध तोड़ रही है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>मध्य प्रदेश: सिस्टम 'आउट ऑफ स्टॉक', बुकिंग पूरी तरह ठप</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">अगर दिल्ली में राजनीतिक उबाल देखने को मिल रहा है, तो मध्य प्रदेश (MP) में भयंकर प्रशासनिक और ढांचागत विफलता का आलम है। राज्य के कई छोटे-बड़े शहरों और ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर की बुकिंग लगभग ठप पड़ गई है। स्थिति इतनी खराब है कि उपभोक्ता जब गैस एजेंसियों पर जाते हैं या अपने मोबाइल फोन से ऑनलाइन बुकिंग का प्रयास करते हैं, तो उन्हें घंटों सर्वर एरर या 'आउट ऑफ स्टॉक' जैसे निराशाजनक संदेशों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा प्रतीत होता है जैसे पूरे राज्य की एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला ही चरमरा गई है। बुकिंग न होने के कारण लोगों के घरों में चूल्हे ठंडे पड़े हैं। कई जगहों से तो यह भी गंभीर शिकायतें आ रही हैं कि इस भारी किल्लत का फायदा उठाकर गैस माफिया और बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। सिलेंडरों की धड़ल्ले से कालाबाजारी की जा रही है और मजबूरी में फंसे लोगों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। जो गैस सिलेंडर पहले एक फोन कॉल पर घर के दरवाजे पर पहुंच जाया करता था, आज उसके लिए लोगों को अपना काम-काज छोड़कर कई दिनों तक गैस एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। प्रशासन और तेल कंपनियों की ओर से तकनीकी खराबी या सप्लाई चेन में दिक्कत का हवाला देकर आश्वासन तो दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत पर मध्य प्रदेश की जनता को कोई फौरी राहत नजर नहीं आ रही है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>पंजाब: एक कतार, जो जिंदगी की आखिरी लाइन बन गई</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे गैस संकट का सबसे दुखद, अमानवीय और हृदय विदारक पहलू पंजाब से सामने आया है। इस घटना ने साबित कर दिया है कि सिस्टम की नाकामी किस तरह एक आम इंसान की जान ले सकती है। पंजाब में एलपीजी सिलेंडर पाने की जद्दोजहद में घंटों से कतार में लगे एक बुजुर्ग की हार्ट अटैक (हृदय गति रुकने) से तड़पकर मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना सिर्फ एक मौत का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह हमारे सिस्टम के मुंह पर एक बहुत बड़ा तमाचा है। घंटों तक चिलचिलाती धूप या अव्यवस्था के बीच अपनी बुनियादी जरूरत के लिए लाइन में लगना किसी भी नागरिक के लिए सम्मानजनक नहीं है, और उम्रदराज तथा बीमार लोगों के लिए तो यह सीधे तौर पर जानलेवा साबित हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुजुर्ग काफी देर से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, गैस एजेंसी के बाहर भारी भीड़ थी और धक्का-मुक्की का माहौल था। इसी तनाव और शारीरिक थकावट के बीच उनके सीने में दर्द उठा और अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। यह घटना सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर हम किस सदी में जी रहे हैं, जहां एक नागरिक को अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए सड़क पर अपनी जान गंवानी पड़ती है।</p>
<h6 style="text-align:justify;"><strong>निष्कर्ष: समाधान की तत्काल आवश्यकता</strong></h6>
<p style="text-align:justify;">निष्कर्ष के तौर पर देखा जाए तो दिल्ली का राजनीतिक प्रदर्शन, मध्य प्रदेश का ठप पड़ा सिस्टम और पंजाब में हुई एक निर्दोष बुजुर्ग की मौत—ये तीनों घटनाएं अलग-अलग राज्यों की होते हुए भी एक ही कहानी बयां करती हैं: 'आम आदमी की बेबसी और व्यवस्था की विफलता।'</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार, प्रशासन और संबंधित तेल कंपनियों को तुरंत अपनी नींद से जागकर इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। आपूर्ति श्रृंखला की खामियों को दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाने की आवश्यकता है। ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम कसने के लिए सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और एजेंसियों पर कतारों के प्रबंधन (विशेषकर बुजुर्गों के लिए होम डिलीवरी सुनिश्चित करना) के कड़े निर्देश जारी होने चाहिए। भोजन पकाने के लिए सुरक्षित ईंधन एक बुनियादी जरूरत है, और इसे पाने के लिए किसी भी देशवासी को न तो जलालत झेलनी चाहिए और न ही अपनी जान की कीमत चुकानी चाहिए। यदि समय रहते इस एलपीजी संकट का समाधान नहीं किया गया, तो जनता का यह आक्रोश एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Politics</category>
                                            <category>World</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 12:29:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>$100 के पार कच्चा तेल: ऊर्जा संकट के बीच रूसी तेल खरीद पर अमेरिका की 30 दिन की मोहलत</title>
                                    <description><![CDATA["रूस-यूक्रेन युद्ध: कच्चा तेल $100 पार। बाजार बचाने हेतु अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर 30 दिन की मोहलत दी।"]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/100-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%BE-%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%8A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8%E0%A5%80/article-5214"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/untitled-design-2026-03-13t074553.472.webp" alt=""></a><br /><p>रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। इस जंग का सबसे गहरा और सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं और 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने एक अहम कूटनीतिक फैसला लेते हुए दुनिया भर के देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की विशेष छूट (Grace Period) दी है।</p>
<p><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-03/untitled-design-2026-03-13t074553.472.webp" alt="Untitled-design-2026-03-13T074553.472" width="1200" height="675"></img></p>
<p>यहाँ इस पूरे घटनाक्रम का विस्तार से विश्लेषण किया गया है:</p>
<ol>
<li><strong>अमेरिका की 30 दिन की छूट का क्या मतलब है? </strong>अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए उस पर कई कड़े प्रतिबंध (Sanctions) लगाए हैं। इनमें रूस के बैंकों को 'स्विफ्ट' (SWIFT) इंटरनेशनल पेमेंट सिस्टम से बाहर करना भी शामिल है। हालांकि, अमेरिका ने रणनीतिक तौर पर ऊर्जा क्षेत्र को तत्काल प्रतिबंधों से बाहर रखा है।</li>
</ol>
<ul>
<li>
<p><strong>ग्लोबल पैनिक से बचाव:</strong> अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने दुनिया भर के देशों और ऊर्जा कंपनियों को यह इजाजत दी है कि वे अगले 30 दिनों तक रूस से तेल और गैस की खरीद जारी रख सकते हैं।</p>
</li>
<li>
<p><strong>वैकल्पिक व्यवस्था का समय:</strong> यह मोहलत इसलिए दी गई है ताकि यूरोपीय देश और अन्य राष्ट्र, जो रूसी ऊर्जा पर अत्यधिक निर्भर हैं, अपनी आपूर्ति के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें।</p>
</li>
<li>
<p><strong>बाजार को स्थिर रखना:</strong> अगर रूसी तेल को रातों-रात बाजार से हटा दिया जाता, तो दुनिया में तेल की भारी किल्लत हो जाती और सिस्टम पूरी तरह चरमरा जाता।</p>
</li>
</ul>
<p><strong>2. कच्चे तेल में ऐतिहासिक उछाल: $100 के पार</strong> लंबे समय के बाद (विशेषकर 2014 के बाद के सबसे बड़े संकट के रूप में) कच्चे तेल की कीमतों ने 100 डॉलर का आंकड़ा पार किया है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) और WTI क्रूड दोनों ही रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>आपूर्ति में बाधा का डर:</strong> रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक और दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस निर्यातक है। निवेशकों को डर है कि युद्ध के कारण ब्लैक सी (Black Sea) से होने वाली सप्लाई लाइनें कट सकती हैं।</p>
</li>
<li>
<p><strong>महामारी के बाद की मांग:</strong> कोरोना महामारी के प्रतिबंध हटने के बाद से ही दुनिया भर में तेल की मांग तेजी से बढ़ी है। मांग और आपूर्ति के इस अंतर ने पहले से ही तेल की कीमतों को बढ़ा रखा था; युद्ध ने इसमें आग में घी का काम किया है।</p>
</li>
</ul>
<p><strong>3. वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा</strong> तेल की कीमतों में यह बेतहाशा वृद्धि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है, जो अभी कोरोना महामारी के असर से उबर ही रही थी।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>महंगाई का बम:</strong> पेट्रोल और डीजल महंगे होने से परिवहन (Transport) की लागत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों, लॉजिस्टिक्स और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर पड़ेगा।</p>
</li>
<li>
<p><strong>औद्योगिक उत्पादन पर असर:</strong> कारखाने चलाने और माल ढुलाई की लागत बढ़ने से कंपनियों का मुनाफा कम होगा, जिससे वे छंटनी कर सकती हैं या उत्पादों के दाम बढ़ा सकती हैं।</p>
</li>
<li>
<p><strong>शेयर बाजार में हाहाकार:</strong> अनिश्चितता के माहौल में दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। निवेशक सुरक्षित निवेश (जैसे सोना और डॉलर) की तरफ भाग रहे हैं।</p>
</li>
</ul>
<p><strong>4. भारत के लिए इसके क्या मायने हैं?</strong> भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात (Import) करता है। ऐसे में यह स्थिति भारत के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है।</p>
<ul>
<li>
<p><strong>आयात बिल में वृद्धि:</strong> 100 डॉलर के पार का कच्चा तेल भारत के आयात बिल में अरबों डॉलर का इजाफा करेगा। इससे चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) बढ़ेगा और भारतीय रुपये पर भारी दबाव आएगा।</p>
</li>
<li>
<p><strong>घरेलू मोर्चे पर महंगाई:</strong> अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से घरेलू स्तर पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर के दाम बढ़ना तय है। इससे आम आदमी का बजट बुरी तरह बिगड़ेगा।</p>
</li>
<li>
<p><strong>कूटनीतिक संतुलन:</strong> अमेरिका की 30 दिन की छूट भारत के लिए एक कूटनीतिक अवसर भी है। भारत इस दौरान अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रूस के साथ रियायती दरों (Discounted Price) पर तेल खरीदने का समझौता कर सकता है। भारत को अमेरिका के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों और रूस के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों के बीच एक बहुत ही बारीक संतुलन बनाकर चलना होगा।</p>
</li>
</ul>
<p><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-03/indian-stock-market-us-iran-war-2026-03-4efb4c5a58178c097341e611d8d73152-1200x800.jpg" alt="Indian-stock-market-US-Iran-war-2026-03-4efb4c5a58178c097341e611d8d73152-1200x800" width="1200" height="675"></img></p>
<p><strong>निष्कर्ष</strong> रूस-यूक्रेन संकट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था कितनी आपस में जुड़ी हुई है। अमेरिका द्वारा दी गई 30 दिन की मोहलत एक 'शॉक एब्जॉर्बर' की तरह काम कर रही है, लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है। अगर यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें 120 या 150 डॉलर तक भी जा सकती हैं। ऐसे में दुनिया के सभी देशों को ऊर्जा के वैकल्पिक और नवीकरणीय (Renewable) स्रोतों की तरफ अपनी निर्भरता तेजी से बढ़ानी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 11:14:47 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रोहतक नगर निगम में 'महासंग्राम' : 'बिकाऊ' शब्द सुनते ही आपा खो बैठे वाइस चेयरमैन, महिला मेयर के सामने पार्षद को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा; वीडियो वायरल</title>
                                    <description><![CDATA[रोहतक नगर निगम : 'बिकाऊ' कहने पर वाइस चेयरमैन ने पार्षद को दौड़ाकर पीटा, वीडियो वायरल। मेयर के सामने मर्यादा हुई तार-तार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%AE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%8A-%E0%A4%B6%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%A6-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%80/article-5201"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2026-03/whatsappvideo2026-03-12at131308-ezgifcom-resize_1773302742.gif" alt=""></a><br /><p><strong>सदन की गरिमा तार-तार :</strong></p>
<p>हरियाणा के रोहतक में नगर निगम की बैठक उस समय किसी अखाड़े जैसी नजर आने लगी जब शहर के विकास पर चर्चा करने के बजाय जनप्रतिनिधि आपस में ही भिड़ गए। मंगलवार को आयोजित इस बजट बैठक में मर्यादा की सारी सीमाएं तब टूट गईं जब नगर निगम के वाइस चेयरमैन ने एक पार्षद पर हमला कर दिया। यह हमला केवल मौखिक बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सदन के भीतर ही पार्षद को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह सब कुछ सदन की लेडी चेयरमैन (मेयर) और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ।</p>
<p><strong>विवाद का मुख्य कारण: एक शब्द और भड़का आक्रोश</strong></p>
<p>जानकारी के अनुसार, बैठक की शुरुआत सामान्य ढंग से हुई थी। एजेंडे के मुताबिक विकास कार्यों और बजट आवंटन पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान वार्ड के मुद्दों को लेकर वाइस चेयरमैन और एक पार्षद के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान पार्षद ने वाइस चेयरमैन के लिए <strong>'बिकाऊ'</strong> शब्द का इस्तेमाल कर दिया। यह शब्द सुनते ही वाइस चेयरमैन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने न आव देखा न ताव, और सीधे अपनी सीट से उठकर पार्षद की ओर लपके।</p>
<p><strong>सरेआम पिटाई और गाली-गलौज</strong></p>
<p>वाइस चेयरमैन ने आव देखा न ताव और पार्षद का कॉलर पकड़ लिया। सदन के भीतर ही गंदी-गंदी गालियां दी जाने लगीं। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि वाइस चेयरमैन पार्षद को मारने के लिए उनके पीछे दौड़ पड़े। पार्षद अपनी जान बचाने के लिए सदन की कुर्सियों के बीच से भागते नजर आए, लेकिन वाइस चेयरमैन ने उन्हें पकड़ लिया और उनके साथ हाथापाई की। लेडी चेयरमैन बीच-बचाव की कोशिश करती दिखीं, लेकिन वाइस चेयरमैन का गुस्सा इतना ज्यादा था कि वे किसी की सुनने को तैयार नहीं थे।</p>
<p><strong>अधिकारियों और महिला मेयर की मौजूदगी</strong></p>
<p>यह पूरी घटना उस समय हुई जब मंच पर लेडी चेयरमैन और निगम के बड़े अधिकारी बैठे हुए थे। सदन में मौजूद अन्य पार्षदों ने जब यह मंजर देखा तो वे सन्न रह गए। कुछ पार्षदों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन तब तक सदन की गरिमा को भारी ठेस पहुंच चुकी थी। सरकारी दफ्तर के भीतर इस तरह की गुंडागर्दी ने कानून-व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p><strong>आगे की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया</strong></p>
<p>इस घटना के बाद पीड़ित पार्षद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने और उच्चाधिकारियों से वाइस चेयरमैन की बर्खास्तगी की मांग करने की बात कही है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरना शुरू कर दिया है। उनका तर्क है कि अगर सदन के भीतर ही जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं हैं और इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा?</p>
<p><strong><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2026-03/whatsappvideo2026-03-12at131308-ezgifcom-resize_1773302742.gif" alt="whatsappvideo2026-03-12at131308-ezgifcom-resize_1773302742" width="500" height="375"></img></strong></p>
<p><strong>निष्कर्ष</strong></p>
<p>नगर निगम जैसी संस्थाएं लोकतंत्र की बुनियादी इकाइयां होती हैं, जहाँ शिष्टाचार और संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान होना चाहिए। रोहतक की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि जब अहंकार और व्यक्तिगत आक्षेप हावी हो जाते हैं, तो लोकतांत्रिक मर्यादाएं गौण हो जाती हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस हिंसक आचरण पर क्या सख्त कदम उठाता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Haryana</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 17:50:32 +0530</pubDate>
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